लाखों खर्च, न रोशनी मिली न साफ पानी; रामसागर तालाब का सोलर प्लांट बेकार, जिम्मेदार कौन..?
गया शहर के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक रामसागर तालाब में जल स्तर बनाए रखने और रात में रंग-बिरंगी रोशनी से तालाब को आकर्षक बनाने के लिए करीब छह साल पहले करीब

45 लाख रुपये की लागत से सोलर प्लांट लगाया गया था। लेकिन यह महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू होने के महज चार-पांच महीने बाद ही ठप्प पड़ गई। अब तालाब के चारों ओर लगे सोलर पैनल और मोटर पंप रखरखाव के अभाव में कबाड़ होते जा रहे हैं।
परियोजना का उद्देश्य सोलर ऊर्जा से मोटर पंप चलाकर तालाब के पानी को स्वच्छ रखना, जलस्तर नियंत्रित करना और परिसर में लगी सजावटी लाइटों को रोशन करना था। मगर वर्षों से बंद पड़े इस सिस्टम की सुध लेने वाला कोई नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को इसका लाभ नहीं मिल सका।
इस मामले पर गया नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने कहा कि उन्हें हाल ही में इसकी जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पहले यह जांच कराई जाएगी कि सोलर प्लांट किस कंपनी ने लगाया था। यदि कंपनी इसे ठीक नहीं करती है तो नगर निगम अपने स्तर से मरम्मत कराएगा। इसके लिए एक टीम गठित कर तकनीकी जांच कराई जाएगी।
नगर आयुक्त ने कहा कि गया एक प्रमुख पर्यटन नगरी है और इसे विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

