‘जीरो टॉलरेंस’ का असर: रिश्वतखोरी के आरोप में चंदौती थाना के दारोगा निलंबित,आईजी विकास वैभव ने की कार्रवाई
मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने चंदौती थाना में दर्ज एक मारपीट मामले की जांच में अनियमितता और रिश्वत मांगने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। चंदौती थाना में पदस्थापित अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक ललन प्रसाद साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
चंदौती थाना कांड संख्या 221/26 की जांच के दौरान अनुसंधानकर्ता पर शिकायतकर्ता से पैसे मांगने का आरोप लगा था। आईओ ललन प्रसाद साह ने अभियुक्तों को राहत देने के नाम और प्रति अभियुक्त 2000 रुपए के अनुसार 6 अभियुक्तों के लिए 12 हजार रुपए की मांग की गई थी। इस मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की गई, जिसमें संबंधित पुलिसकर्मी और अन्य व्यक्तियों के बीच कथित बातचीत सामने आई।
आईजी मगध क्षेत्र के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की प्रारंभिक जांच के बाद आरोपों को गंभीर मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।
मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और आम नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार के प्रति विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

