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बोधगया के बौद्ध मठों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, भिक्षुओं के खिलाफ केस खारिज

पटना हाईकोर्ट ने बोधगया के विभिन्न बौद्ध मंदिरों और मठों के प्रभारी भिक्षुओं के खिलाफ दायर मामलों को खारिज कर दिया। कोर्ट रूम नंबर-11 में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई की। बोधगया होटल एसोसिएशन के सचिव सुदामा कुमार की ओर से मठों और भिक्षु प्रभारियों के खिलाफ मामले दायर किए गए थे।
बोधगया मठ संघ के अध्यक्ष भिक्षु प्रियपाल ने बताया कि बुधवार को सुनवाई के दौरान उन्हें और अन्य बौद्ध भिक्षुओं को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। न्यायालय ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना। वहीं, सुनवाई के दौरान बोधगया होटल एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता ने मठों और मंदिरों के प्रभारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए।

बोधगया होटल एसोसिएशन ने वर्ष 2017 में पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि बोधगया के कई बौद्ध मठों में बिना स्वीकृत नक्शे के भवन निर्माण कर गेस्ट हाउस, दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। एसोसिएशन का दावा था कि ऐसी गतिविधियों से स्थानीय होटल कारोबार प्रभावित हो रहा है। हाईकोर्ट के ताजा आदेश से मामले में मठ प्रबंधन से जुड़े पक्षों को राहत मिली है।

नेपाल की भीषण आपदा के बाद बोधगया पहुंचे पर्यटकों में डर, बोले—भगवान बुद्ध से प्रार्थना है, फिर कभी न आए ऐसी तबाही

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया पहुंचे नेपाली पर्यटकों में अपने देश और वहां रह रहे परिवारों को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। बोधगया घूमने पहुंचे पर्यटकों ने नेपाल में हुई तबाही को बेहद दर्दनाक बताते हुए कहा कि उनके मन में अभी भी डर बना हुआ है कि पहाड़ी क्षेत्रों में कब क्या हो जाए, कोई नहीं कह सकता है। पर्यटकों ने भगवान बुद्ध से नेपाल की सुख-शांति और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।

नेपाल के विराटनगर से बोधगया पहुंचे पर्यटक शिव नारायण ने बुधवार को बताया कि 26 अगस्त की सुबह नेपाल के कई इलाकों में अचानक आई तेज बाढ़ ने भारी तबाही मचाई।बताया कि उस समय अधिकांश लोग अपने घरों में थे, कुछ लोग भोजन कर रहे थे तो कई लोग कार्यालय जाने की तैयारी में थे। अचानक आई बाढ़ से भारी जान-माल की क्षति हुई। आपदा का मंजर बेहद भयावह था और इसे देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।

नेपाली पर्यटक ने बताया कि बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का बोधगया आने का कार्यक्रम आपदा से पहले ही तय था, इसलिए वे लोग भगवान बुद्ध के दर्शन के लिए यहां पहुंचे हैं। लेकिन नेपाल में हुई तबाही के बाद भी उनके मन में लगातार भय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और प्राकृतिक परिस्थितियों को लेकर लोगों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना है।

पर्यटक ने भारत द्वारा नेपाल को दी जा रही सहायता का भी जिक्र करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में मानवीय मदद बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार भी आपदा से निपटने के लिए सहयोग का स्वागत कर रही है।

महिला पर्यटक ने नेपाल में हुई घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि नेपाल के लोगों की सुरक्षा और आपदा से राहत के लिए वे भगवान बुद्ध से प्रार्थना कर रही हैं। महिला पर्यटक ने आशंका जताई कि प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए लोगों के बीच आगे भी बाढ़ का डर बना हुआ है।

बोधगया की सड़कों और पर्यटन स्थलों पर घूमते नेपाली पर्यटक भले ही भगवान बुद्ध के दर्शन के लिए पहुंचे हैं, लेकिन उनके चेहरों पर अपने देश में आई आपदा की चिंता साफ दिखाई दे रही है। सभी ने एक स्वर में प्रार्थना की कि नेपाल को जल्द इस संकट से राहत मिले और भविष्य में ऐसी विनाशकारी आपदा दोबारा न आए।

बोधगया के प्राचीन काली मंदिर में गूंजेगा ‘जय कन्हैया लाल की’, जन्माष्टमी पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब

बोधगया के प्राचीन काली मंदिर परिसर में आगामी 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव श्रद्धा और भक्ति के माहौल में मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर आनंद वन काली मंदिर समिति के द्वारा तैयारी को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें आयोजन को भव्य और सफल बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में उपस्थित समिति सदस्यों ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बताया कि 5 सितंबर को राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी यात्रा निकाली जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा तथा रात में भक्ति कार्यक्रमों के बीच रात्रि जागरण होगा। आयोजन समिति ने बताया कि झांकी और धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।
जन्माष्टमी उत्सव में बोधगया और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा, पूजा व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति सदस्यों ने कहा कि इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है।

बोधगया के पर्यटन विकास का बनेगा नया रोडमैप, लेजर शो से एयर कनेक्टिविटी तक पर मंथन

संसदीय पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी स्थायी समिति के सदस्यों ने बोधगया का दौरा कर स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों और हितधारकों के साथ संवाद किया। बैठक में बोधगया को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने, पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार करने और आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। समिति के अध्यक्ष संजय कुमार झा एवं सांसद राजीव प्रताप रुडी को विभिन्न स्थानीय एसोसिएशनों की ओर से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
बैठक में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय पर्यटन व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर सुझाव लिए गए। हितधारकों ने बोधगया में भगवान बुद्ध के जीवन पर आधारित लेजर शो शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा गया एयरपोर्ट का विकास व्यापारिक दृष्टिकोण से करने तथा मुंबई, चेन्नई और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ हवाई कनेक्टिविटी बेहतर करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि महाबोधि मंदिर आने वाले पर्यटकों को आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए महाबोधि मंदिर के करीब पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का सुझाव दिया गया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।


बैठक में रणविजय सिंह, राहुल केशव, रंजन कुमार, मृत्युंजय राय, राजीव रंजन और अरुण रजा सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधि एवं हितधारक मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बोधगया के पर्यटन विकास को गति देने तथा सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।

बिहार पर्यटन को देशभर में नई पहचान दिलाने की पहल, 50 ट्रैवल पार्टनर्स ने जाना गया-बोधगया का आध्यात्मिक वैभव

बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं देशभर के ट्रैवल पार्टनर्स को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से ABTO (Association of Buddhist Tour Operators) द्वारा बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से 18 से 20 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय FAM Trip का सफल आयोजन किया गया।

इस FAM Trip में भारत के विभिन्न राज्यों से आए करीब 50 टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल पार्टनर्स ने भाग लिया। प्रतिभागियों को बोधगया, गया, राजगीर और नालंदा के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया गया तथा बिहार के पर्यटन की संभावनाओं से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का विशेष उद्देश्य आगामी पितृपक्ष मेला को सफल बनाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आए ट्रैवल पार्टनर्स को गया-बोधगया की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता, पर्यटन सुविधाओं और स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी देना था।

कार्यक्रम को सफल बनाने में ABTO के General Secretary  कौलेश कुमार , कार्यक्रम संयोजक रामजी शर्मा, सुदामा प्रसाद , मनीष मिश्रा , अरुण राजा , राहुल कश्यप , मृत्युंजय कुमार , सहेंद्र जी , वैभव जी , धीरज जी एवं ABTO बिहार के सदस्यों एवं बिहार के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पूरे कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग दिया।

इसके अलावा बिहार पर्यटन विभाग, बोधगया के श्री मनमोहन जी, बोधगया के 10 से अधिक होटल एवं करीब 15 ट्रैवल पार्टनर्स ने भी आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

ABTO के पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह के FAM Trip के माध्यम से देशभर के ट्रैवल एजेंट एवं टूर ऑपरेटर्स को बिहार के पर्यटन स्थलों की वास्तविक जानकारी मिलती है, जिससे आने वाले समय में बिहार में घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

तीन दिवसीय इस आयोजन ने न केवल ट्रैवल इंडस्ट्री के लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर दिया, बल्कि बिहार पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत तरीके से प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

जीवक क्लीनिक में हर्षोल्लास से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, एकता–अखंडता का दिया संदेश

बोधगया के मस्तीपुर स्थित जीवक क्लीनिक में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डेंटल सर्जन डॉ. मंजीत प्रकाश द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प लिया।

समारोह में जीवक क्लीनिक से जुड़े बौद्ध भिक्षु दीनानंद, बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह सहित कई समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। झंडोत्तोलन के बाद परेड की सलामी ली गई। कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्राओं ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है।
कार्यक्रम के अंत में बौद्ध भिक्षु दीनानंद ने स्कूली छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुरस्कार मिलने पर छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। समारोह में शामिल लोगों ने देश की प्रगति, शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान जीवक क्लीनिक परिसर में उत्सव और राष्ट्रभक्ति का माहौल बना रहा।

जनता के विश्वास के साथ मां मंगलागौरी का आशीर्वाद, जीत की कामना में जन सुराज का हवन

गया के प्रसिद्ध मां मंगलागौरी मंदिर परिसर में मंगलवार को जन सुराज के द्वारा विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की जीत की कामना को लेकर कार्यकर्ताओं ने मां मंगलागौरी के दरबार में माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा संगठन की सफलता के लिए प्रार्थना की।

कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन संपन्न कराया गया। हवन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने आहुति देकर चुनाव में विजय के लिए मां मंगलागौरी का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना कर सकारात्मक चुनावी परिणाम की कामना की।
जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव में जनता का आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत होता है, लेकिन मां मंगलागौरी की कृपा भी उनके लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसी भावना के साथ सभी कार्यकर्ता मां के दरबार में पहुंचकर विशेष पूजा और हवन में शामिल हुए। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का समर्थन और मां मंगलागौरी का आशीर्वाद जन सुराज के पक्ष में सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। कहा कि बांकीपुर से प्रशांत किशोर का जीत तय है।

गया में मंदिर-मठों की जमीन होगी पूरी तरह सुरक्षित, अवैध कब्जा और फर्जी जमाबंदी पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएम

गया जिले के मंदिरों और मठों की भूमि की सुरक्षा और विधिवत अभिलेखीकरण को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंतों, पुजारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विशेष सर्वेक्षण के दौरान मंदिर एवं मठों की सभी भूमि का सही पंजीकरण सुनिश्चित करना तथा अतिक्रमण और अवैध जमाबंदी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करना था।

बैठक में डीएम ने कहा कि मंदिर एवं मठों की भूमि धार्मिक और सार्वजनिक संपत्ति है, इसलिए उसका विधिवत रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है। उन्होंने सभी महंतों और पुजारियों से अपने संस्थानों से संबंधित सभी उपलब्ध अभिलेख, खाता, खेसरा, थाना, मौजा एवं अन्य भूमि विवरण शीघ्र जिला बंदोबस्त कार्यालय में जमा कराने की अपील की, ताकि विशेष सर्वेक्षण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि कई स्थानों से मंदिर और मठों की जमीन पर अवैध कब्जे तथा निजी व्यक्तियों के नाम पर जमाबंदी की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों की विधिक समीक्षा कर अपर समाहर्ता (राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा और नियमानुसार अवैध जमाबंदी रद्द कराने की कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर एवं मठों की सभी भूमि का बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड में विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
बैठक में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी ने जानकारी दी कि पूर्ववर्ती सर्वे में मंदिर या मठ के नाम दर्ज भूमि को वर्तमान विशेष सर्वेक्षण में भी उसी नाम से दर्ज किया जाएगा। यदि किसी भूमि को लेकर विवाद लंबित है तो संबंधित मंदिर या मठ को नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाएगा। बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारी, जिला बंदोबस्त कार्यालय के पदाधिकारी तथा जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंत और पुजारी उपस्थित रहे।

बोधगया का जीवक क्लिनिक बना गरीबों के लिए उम्मीद की किरण, सैकड़ों मरीजों का मुफ्त इलाज और दवा वितरण

बोधगया के कटोरवा रोड स्थित जीवक क्लिनिक जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण साबित हो रहा है। यहां प्रतिदिन दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को नि:शुल्क चिकित्सा और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शुक्रवार को भी क्लिनिक में बाराचट्टी, डोभी, मोहनपुर और बोधगया प्रखंड के सैकड़ों मरीज इलाज कराने पहुंचे। चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच कर उन्हें मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराईं।

जीवक क्लिनिक के चेयरमैन भंते डॉ. दीनानंद ने बताया कि जीवक क्लिनिक का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज के अभाव में किसी भी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े। मरीजों को जांच के बाद आवश्यक दवाइयां भी बिना किसी शुल्क के दी जाती हैं। साथ ही आपातकालीन स्थिति के लिए 24 घंटे एंबुलेंस सेवा भी संचालित है।

भंते डॉ. दीनानंद ने बताया कि क्लिनिक का नाम बौद्धकालीन महान आयुर्वेदाचार्य एवं शल्य चिकित्सक आचार्य जीवक के नाम पर रखा गया है। बौद्ध ग्रंथों में उनकी चिकित्सा पद्धति का विस्तृत वर्णन मिलता है। उन्होंने मगध सम्राट बिंबिसार की अनुमति से भगवान बुद्ध तथा अवंति नरेश चंद्रप्रयोत का भी उपचार किया था। आचार्य जीवक कभी किसी मरीज से शुल्क नहीं लेते थे। उसी सेवा और मानवता की भावना को आगे बढ़ाते हुए जीवक क्लिनिक में गरीबों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जीवक क्लिनिक आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां मिलने वाली मुफ्त चिकित्सा, दवा और एंबुलेंस सुविधा से सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।

“जिस बोधि वृक्ष के नीचे मिला था ज्ञान, उसकी सुरक्षा में जुटे FRI के वैज्ञानिक”

विश्व धरोहर महाबोधि महाविहार मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधि वृक्ष की सुरक्षा और दीर्घकालिक संरक्षण के लिए बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) ने गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की। बरसात के मौसम से पहले देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान (FRI) के वैज्ञानिकों की देखरेख में पवित्र बोधि वृक्ष और उसके समीप स्थित पेड़ पर पर्यावरण-अनुकूल कीट नियंत्रण (इको-फ्रेंडली) स्प्रे का छिड़काव किया गया।

नियमित वैज्ञानिक निरीक्षण के दौरान एफआरआई के वैज्ञानिक शैलेश पांडे और संतान भरथावल ने बोधि वृक्ष पर मिलीबग का हल्का संक्रमण पाया। जिसके संक्रमण के कारण कुछ पत्तियां पीली पड़ने लगी थीं। उन्होंने बताया कि यह समस्या मॉनसून के दौरान बढ़ सकती है, इसलिए समय रहते पर्यावरण-अनुकूल स्प्रे का उपयोग कर संक्रमण को फैलने से रोकने का निर्णय लिया गया। एहतियात के तौर पर पास के पेड़ पर भी स्प्रे किया गया, ताकि कीटों का प्रसार न हो।
यह अभियान एफआरआई के वैज्ञानिकों की निगरानी में चलाया गया। इस दौरान बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी, सदस्य डॉ. अरविंद कुमार सिंह, किरण लामा, महाबोधि महाविहार मंदिर के मुख्य भिक्षु भिक्खु चलिंदा, वरिष्ठ भिक्षु डॉ. मनोज, निवासी भिक्षु निमा लामा, मंदिर पर्यवेक्षक शिव शंकर सिंह सहित समिति के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
बीटीएमसी ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया केवल एक बचावकारी और वैज्ञानिक उपाय है। इसका उद्देश्य मॉनसून के दौरान कीटों के संक्रमण को रोकते हुए भगवान बुद्ध से जुड़े इस ऐतिहासिक एवं पवित्र बोधि वृक्ष की जीवन-शक्ति, हरियाली और दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित करना है। वृक्ष का नियमित वैज्ञानिक परीक्षण आगे भी जारी रहेगा, ताकि इसकी सुरक्षा और देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जा सके।