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. दुर्गापूजा में जाम से बचना है तो जान लें गया का ट्रैफिक प्लान, 17 से 21 अक्टूबर तक विशेष व्यवस्था

गया में दुर्गापूजा (दशहरा) मेला-2026 के अवसर पर श्रद्धालुओं, आम नागरिकों एवं मेला घूमने आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गया एवं बोधगया शहर में सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात संचालन के लिए विशेष यातायात योजना निर्धारित की गई है। इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, गया द्वारा वाहन परिचालन हेतु निर्धारित मार्ग एवं समय, रूट लाइनिंग, एकल मार्ग, पार्किंग स्थल तथा ड्रॉप गेट से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्धारित यातायात योजना 17 अक्टूबर 2026 से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों के प्रवेश एवं परिचालन को निर्धारित समय के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा। आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्गों एवं यातायात नियमों का पालन करें तथा यातायात पुलिस को सहयोग दें।

1. गया शहर में वाहन परिचालन हेतु निर्धारित मार्ग एवं समय

2.दुर्गापूजा मेला के दौरान गया शहर में बड़े मालवाहक एवं भारी वाहनों के प्रवेश पर निर्धारित समयावधि में प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त भीड़-भाड़ वाले प्रमुख मार्गों पर दोपहर 13:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया है।

● प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था निम्नवत रहेगी—
■ *गया शहर में बड़े वाहनों का प्रवेश:* सुबह 06:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ सिकड़िया मोड़: सिकड़िया मोड़ से सभी प्रकार के बड़े वाहनों का गया शहर में प्रवेश सुबह 06:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
■ काशीनाथ मोड़ से समाहरणालय गोलंबर: समाहरणालय गोलंबर होते हुए केदारनाथ मार्केट, जीबी रोड एवं रमना रोड की ओर दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ नादरागंज से पीरमंसूर मोड़: कोठवारा की ओर से नादरागंज होते हुए पीरमंसूर मोड़ जाने वाले मार्ग पर दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ पीरमंसूर चौक: पीरमंसूर चौक से केदारनाथ मार्केट, जीबी रोड एवं रमना रोड की ओर दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ किरानीघाट: किरानीघाट से दुःखहरणी मंदिर एवं रमना रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ रामशिला मोड़: रामशिला मोड़ से टेकारी पंचानन मार्ग में प्रवेश कर गया शहर की ओर आने वाले वाहनों का प्रवेश दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
■ मुफस्सिल मोड़: मुफस्सिल मोड़ से किरानीघाट की तरफ बड़े वाहनों का प्रवेश सुबह 06:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
■ बाटा मोड़: बाटा मोड़ से टेकारी रोड की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ जीबी रोड एवं रमना रोड: दिनांक 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रत्येक दिन दोपहर 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक मोटरसाइकिल, चारपहिया एवं टेम्पू सहित सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

● *2. रूट लाइनिंग एवं वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था*
शहर में जाम की समस्या से बचने तथा वाहनों का सुचारु परिचालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मार्गों पर रूट लाइनिंग निर्धारित की गई है।
■ पटना की ओर से आने वाले मालवाहक ट्रक एवं पिकअप वाहन: रामशिला मोड़ से कुजापी नवादा मोड़ होते हुए मेहता पेट्रोल पंप एवं सिटी पब्लिक स्कूल के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।
■ समाहरणालय गोलंबर: समाहरणालय गोलंबर के आगे जीबी रोड में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश नहीं होगा।
■ सिकड़िया मोड़ से रेलवे स्टेशन जाने वाली टेम्पू: सिकड़िया मोड़ से गया कॉलेज मोड़, गोवाल बिगहा मोड़, काशीनाथ मोड़, नगमतिया मोड़ से बाएं मुड़कर रेलवे अस्पताल, एक नंबर गुमटी होते हुए सीधे रेलवे स्टेशन जाएगी।
■ रेलवे स्टेशन से सिकड़िया मोड़ जाने वाली टेम्पू: रेलवे स्टेशन से जीआरपी मोड़ पर बाएं मुड़कर बाटा मोड़, स्वरानपुरी रोड, काशीनाथ मोड़ एवं गोवाल बिगहा मोड़ होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएगी।
■ मुफस्सिल से स्टेशन जाने वाली टेम्पू: मुफस्सिल से लखीबाग मोड़, किरानी घाट पेट्रोल पंप, जनता कोल्ड स्टोरेज, गुरुद्वारा एवं डोमटोली चौक होते हुए मालगोदाम से स्टेशन की ओर जाएगी।
■ राजेंद्र आश्रम से स्टेशन जाने वाली टेम्पू: राजेंद्र आश्रम से चौपड़ा एजेंसी, काशीनाथ मोड़ एवं नगमतिया मोड़ से बाएं मुड़कर रेलवे अस्पताल तथा एक नंबर गुमटी होते हुए स्टेशन जाएगी।
■ बाईपास से स्टेशन जाने वाली टेम्पू: मंगला गौरी, गोदावरी रोड, शहीद तकिया मोड़, गोवाल बिगहा मोड़, काशीनाथ मोड़, नगमतिया मोड़ एवं रेलवे अस्पताल होते हुए एक नंबर गुमटी से सीधे स्टेशन जाएगी।
■ स्टेशन से बाईपास की ओर जाने वाली टेम्पू: रेलवे स्टेशन से बाटा मोड़, स्वरानपुरी रोड, काशीनाथ मोड़, एपीआरओ मोड़, आईएमए हॉल, डिग्घी तालाब मोड़, कोइबारी, टिल्हा धर्मशाला एवं चांद चौरा होते हुए बाईपास जाएगी।
■ चेरकी रोड एवं चंदौती मोड़: चेरकी रोड में चंदौती मोड़ से सिकड़िया मोड़ की ओर सभी प्रकार के बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
■ गोवाल बिगहा से बाईपास जाने वाली टेम्पू: गोवाल बिगहा से शहीद तकिया मोड़, चांद चौरा, बंगाली आश्रम एवं विष्णुपद थाना होते हुए बाईपास जाएगी।
■ गया शहर में आने वाले छोटे निजी वाहन: पांच नंबर गेट, ओटीए एवं सिकड़िया मोड़ होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे।

● 3. एकल मार्ग व्यवस्था
यातायात के दबाव को कम करने तथा जाम की स्थिति से बचने के लिए शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर एकल मार्ग व्यवस्था निर्धारित की गई है।
गया रेलवे स्टेशन की तरफ से आने वाले वाहन बाटा मोड़ होते हुए स्वरानपुरी रोड से जाएंगे।
शहीद तकिया मोड़ से गोदावरी रोड एवं मंगला गौरी की तरफ सीधे कोई वाहन नहीं जाएगा।
शहीद तकिया मोड़ से चांद चौरा पश्चिमी, नारायण चुआं मोड़, बंगाली आश्रम एवं ब्रह्मसत तालाब होते हुए बाईपास मार्ग से पुनः मंगला गौरी रोड की ओर वाहन जा सकेंगे।
वाहन चालकों को निर्देशित किया गया है कि वे एकल मार्ग व्यवस्था का पालन करें तथा विपरीत दिशा से वाहन चलाने से बचें।
● 4. पार्किंग की विस्तृत व्यवस्था
मेला घूमने आने वाले लोगों एवं शहर में विभिन्न कार्यों से आने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े करने की व्यवस्था की गई है।
*दिनांक 17 अक्टूबर 2026 से मेला समाप्ति तक प्रत्येक दिन दोपहर 13:00 बजे के बाद शहर में सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग किया जाएगा।*

● *पार्किंग के लिए निर्धारित प्रमुख स्थल निम्नलिखित हैं—*
■ चाकंद की तरफ से आने वाले छोटे वाहन: डोमटोली से मुरली पहाड़ी होते हुए रेलवे स्टेशन परिसर के पार्किंग स्थल में वाहन खड़े करेंगे।
■ मुफस्सिल की तरफ से आने वाले वाहन: रेलवे स्टेशन परिसर स्थित निर्धारित पार्किंग स्थल में वाहन पार्क करेंगे।
■ बाईपास की तरफ से आने वाले वाहन: कॉटनलारा अस्पताल के मैदान एवं गया जिला स्कूल, गया के मैदान में वाहन पार्क करेंगे।
■ मिर्जागंज, डेल्हा एवं टेकारी की तरफ से आने वाले वाहन: गया कॉलेज खेल परिसर में वाहन पार्क करेंगे।
■ कोठवारा, चांद चौरा एवं नूतन नगर की ओर से आने वाले वाहन: गया जिला स्कूल के मैदान में वाहन पार्क करेंगे।
■ सिकड़िया मोड़ की तरफ से आने वाले वाहन: गया कॉलेज खेल परिसर में वाहन पार्क करेंगे।
आम नागरिकों से अनुरोध है कि वे सड़क किनारे अथवा प्रतिबंधित स्थलों पर वाहन खड़े नहीं करें। निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें, ताकि सड़क पर यातायात बाधित न हो।
● 5. ड्रॉप गेट की व्यवस्था
यातायात नियंत्रण एवं भीड़ प्रबंधन के लिए गया शहर में विभिन्न प्रमुख स्थानों पर ड्रॉप गेट की व्यवस्था की गई है। इन स्थानों पर यातायात पुलिस द्वारा वाहनों के प्रवेश एवं परिचालन को नियंत्रित किया जाएगा।
■ *ड्रॉप गेट के प्रमुख स्थान निम्नलिखित हैं—*
★ गया कॉलेज खेल परिसर (पार्किंग स्थल)।
★ समाहरणालय गोलंबर के पास केदारनाथ मार्केट की ओर जाने वाले रास्ते में।
★ पीरमंसूर चौक के पास जीबी रोड एवं मित्तल मार्केट की ओर।
★ किरानी घाट, दुःखहरणी मंदिर एवं रमना रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर।
★ बाटा मोड़, पूर्वी टेकारी रोड में।
★ नगमतिया मोड़ के पास।
★ काशीनाथ मोड़ यातायात पोस्ट के पास, डीएम गोलंबर जाने वाले रास्ते में।
★ मुसुंडा मोड़, मुफस्सिल।
★ घुघड़ीटांड़ मोड़, मंगला गौरी की ओर जाने वाले रास्ते में।
★ सिकड़िया मोड़।
★ रामशिला मोड़।
★ बुनियादगंज बाईपास मोड़।
★ रेलवे बस स्टैंड के पास नगर निगम कार्यालय के आगे।
ड्रॉप गेट पर तैनात कर्मियों के निर्देशों का पालन करना सभी वाहन चालकों के लिए आवश्यक होगा।

● 6. बोधगया शहर में यातायात व्यवस्था
दुर्गापूजा मेला-2026 के दौरान बोधगया शहर में भी यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे। यह व्यवस्था 17 अक्टूबर 2026 से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
*बोधगया शहर में बड़े वाहनों का परिचालन सुबह 06:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। *
■ महामाया होटल से बोधगया शहर की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ दोमुहान से बोधगया शहर की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ राजापुर पुल से बोधगया शहर की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ गांधी चौक से बोधगया शहर की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

● 7. आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील
जिला प्रशासन एवं यातायात पुलिस, गया द्वारा आम नागरिकों, श्रद्धालुओं, मेला घूमने आने वाले लोगों तथा वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित यातायात योजना, रूट लाइनिंग, एकल मार्ग, पार्किंग व्यवस्था एवं ड्रॉप गेट से संबंधित निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
मेला अवधि में अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का उपयोग करने से बचें तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करें और प्रतिबंधित मार्गों में प्रवेश न करें।
प्रशासन का उद्देश्य दुर्गापूजा (दशहरा) मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।

स्वास्तिक-ॐ और दीपों से सजा देवघाट, पितरों के सम्मान में हुआ दीपदान, मनाई गई पितृदिपावली

पितृपक्ष मेले के दौरान गुरुवार की शाम विष्णुपद के देवघाट पर पितृ दीपावली मनाई गई। फल्गु नदी के किनारे स्थित देवघाट पर श्रद्धालुओं ने पितरों की स्मृति और उनकी आत्मशांति की कामना को लेकर घी के सैकड़ों-हजारों दीप जलाए। दीपों की रोशनी से पूरा घाट जगमगा उठा और माहौल भक्तिमय हो गया।
पितृपक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पितृ दीपावली मनाने की परंपरा है। मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर गया आते हैं। उनके सम्मान में दीपदान करने से उनके लिए मोक्ष और स्वर्ग की राह प्रकाशमय होती है। इसी आस्था के साथ देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने देवघाट पर विधि-विधान से दीप जलाकर पितरों को नमन किया।
दीयों से सजे घाट पर श्रद्धालुओं ने स्वास्तिक और ॐ के प्रतीक भी बनाए। एक साथ जलते दीपों की कतारों ने देवघाट और फल्गु नदी के तट को आकर्षक बना दिया। विष्णुपद मंदिर का आसपास का क्षेत्र भी रोशनी से नहाया नजर आया।
पितृ दीपावली के दौरान पितरों की स्मृति में दीपदान के साथ पटाखे छोड़ने की भी परंपरा रही है। देर शाम तक देवघाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। दीपों की रोशनी, आस्था और फल्गु नदी का शांत तट लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

‘हिना’, ‘दिलवाले’ और ‘दुश्मन’ जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले करण राजदान ने गया में किया पिंडदान

पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के दौरान प्रसिद्ध अभिनेता, लेखक एवं निर्देशक करण राजदान गया पहुंचे। उन्होंने गया में पिंडदान और तर्पण किया। विष्णुपद मंदिर के गर्भ गृह में विशेष पूजा अर्चना की है।इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और सुगम आवागमन के लिए गया पुलिस की ओर से किए गए प्रबंधों की सराहना की।
करण राजदान हिंदी फिल्म और टेलीविजन जगत में अभिनेता के साथ-साथ लेखक एवं निर्देशक के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने चर्चित फिल्म ‘हिना’ के लेखन से विशेष पहचान बनाई। इसके अलावा ‘दिलवाले’, ‘दुश्मन’, ‘गुनाह’ और ‘ऐसी भी क्या जल्दी है’ जैसी फिल्मों से भी उनका नाम जुड़ा रहा है। उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी कई फिल्मों और टेलीविजन परियोजनाओं पर काम किया है।
गया पहुंचने पर करण राजदान ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था चुनौतीपूर्ण होती है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किए गए इंतजाम सराहनीय हैं। उन्होंने गया की

धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता की भी प्रशंसा की।

AI की नजर से नहीं बच पाए चोर, पितृपक्ष मेला में 44 मोबाइल के साथ 8 गिरफ्तार,SSP ने किया खुलासा

गया में आयोजित पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर मोबाइल और पर्स उड़ाने वाले गिरोह पर गया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। AI आधारित सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने एक नाबालिग समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी के 44 स्मार्टफोन, 34 हजार रुपये नकद, चाकू, पिलास, हथौड़ी और डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है।
गया एसएसपी सुशील कुमार ने शुक्रवार को विष्णुपद मंदिर परिसर स्थित अस्थायी थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पितृपक्ष मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की विशेष तैनाती की गई है। साथ ही AI आधारित सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
AI तकनीकी टीम और गया पुलिस की तकनीकी टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों को फॉलो किया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में सचिन कुमार शर्मा, प्रताप नोनिया, करण नोनिया, संतोष नोनिया, रौशन कुमार, गणेश नोनिया और संजय साव शामिल हैं। एक नाबालिग को भी विधि विरुद्ध निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। बरामद मोबाइलों के मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।

गया में बाला साहेब ठाकरे का पिंडदान: बहू स्मिता ठाकरे ने किया श्राद्ध-तर्पण, बोलीं—समाजसेवा करना हमारे हाथ में

पितृपक्ष मेला के दौरान शिवसेना के संस्थापक स्व. बाला साहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे गया पहुंचीं। उन्होंने अपने ससुर बाला साहेब ठाकरे और पिता का विधि-विधान से श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया। उन्होंने कहा कि गया की पावन धरती पर आकर पितरों का स्मरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। लंबे समय से गया आने की इच्छा थी, जो गुरु के आशीर्वाद से पूरी हुई।
पिंडदान के बाद मीडिया से बातचीत में स्मिता ठाकरे भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पितरों को याद करते हुए कई बार हम कुछ पितरों को भूल जाते हैं। गया में पूजा के माध्यम से सभी पितरों को स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति की कामना की गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं के पिंडदान को लेकर उनके मन में पहले संकोच था, लेकिन गुरु से माता सीता की गया में पिंडदान की कथा सुनने के बाद उन्हें विश्वास मिला।
राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति में आना-जाना हमारे हाथ में नहीं है, समाजसेवा करना हमारे हाथ में है। उन्होंने कहा कि वे समाजसेवा और हिंदुत्व के प्रचार का कार्य करती रहेंगी।

पिंडदान करने आए तीर्थयात्री की कार का शीशा तोड़कर चोरी बैग-पर्स ले उड़े चोर, चार हजार कैश और जरूरी दस्तावेज गायब

पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के दौरान गयाजी में पिंडदान करने आए मध्य प्रदेश के बांदा निवासी कुलदीप सिंह चौहान की कार से चोरी का मामला सामने आया है। सीताकुंड में पिंडदान करने पहुंचे तीर्थयात्री की कार का शीशा तोड़कर चोर बैग और पर्स लेकर फरार हो गए। पर्स में करीब चार हजार रुपये नकद के अलावा एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड समेत कई जरूरी दस्तावेज थे।
कुलदीप सिंह चौहान अपने पितरों का पिंडदान करने के लिए गयाजी पहुंचे हैं और बोधगया में ठहरे हुए हैं। सोमवार सुबह उन्होंने बाईपास मंदिर के पास अपनी कार खड़ी की थी। इसके बाद वे सीताकुंड में पिंडदान करने चले गए। पिंडदान की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब वापस कार के पास पहुंचे तो कार का शीशा टूटा मिला। अंदर रखा बैग और पर्स गायब था।
पीड़ित के अनुसार, जिस स्थान पर उन्होंने कार खड़ी की थी, वहां से करीब 500 मीटर की दूरी पर पुलिसकर्मी भी तैनात थे। इसके बावजूद कार का शीशा तोड़कर चोरी की घटना हो गई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।

विश्व पर्यटन दिवस पर बोधगया में पर्यटन जागरूकता का संदेश, गुलाब से हुआ पर्यटकों का स्वागत

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को महाबोधि मंदिर परिसर में पर्यटन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान देश-विदेश से बोधगया पहुंचे पर्यटकों का गुलाब का फूल और पानी भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के जरिए पर्यटकों के बीच बोधगया की आतिथ्य परंपरा और पर्यटन जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन IITTM, बोधगया कैंप की ओर से किया गया। इस दौरान महाबोधि मंदिर परिसर में पहुंचने वाले पर्यटकों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। आयोजकों ने कहा कि बोधगया सिर्फ धार्मिक और आध्यात्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और बौद्ध श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस अवसर पर महाबोधि मंदिर के केयरटेकर डॉ. दिनानंद Read More विश्व पर्यटन दिवस पर बोधगया में पर्यटन जागरूकता का संदेश, गुलाब से हुआ पर्यटकों का स्वागत

बोधगया में पर्यटन बढ़ाने पर मंथन, बुद्धिस्ट सर्किट को नई पहचान दिलाने पर जोर, विश्व पर्यटन दिवस पर ABTO की पहल, गया-नालंदा के पर्यटन हितधारकों ने साझा किए सुझाव

विश्व पर्यटन दिवस पर बोधगया के होटल एम के प्लाजा में एसोसिएशन ऑफ बुद्धिस्ट टूर ऑपरेटर्स (ABTO) की ओर से पर्यटन दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गया और नालंदा के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एक-दूसरे को खादा पहनाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में आगामी पर्यटन सीजन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। खासकर बुद्धिस्ट सर्किट सहित बिहार के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाने को लेकर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने अपने सुझाव रखे। वक्ताओं ने कहा कि बोधगया आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ बिहार के अन्य पर्यटन स्थलों से भी जोड़ने की जरूरत है।
ABTO से जुड़े लोगों ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद यात्रा का अनुभव देना भी जरूरी है। पर्यटक बोधगया पहुंचने से लेकर अन्य स्थलों का भ्रमण कर वापस लौटने तक खुद को सुरक्षित और सहज महसूस करें, इसके लिए पर्यटन से जुड़े सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
कार्यक्रम में पर्यटन सीजन में बेहतर समन्वय और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

इस मौके पर सर्वसम्मति से दीपक कुमार को नव नियुक्त अध्यक्ष बनाया गया।इस अवसर पर एबीटीओ के फाउंडर मेंबर रणविजय सिंह,पूर्व अध्यक्ष मनीष कुमार मिश्रा,महासचिव कौलेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे

पितृपक्ष मेला: महाबोधि मंदिर के पास बीटीएमसी ने लगाया मेडिकल कैंप, श्रद्धालुओं को मिलेगी तत्काल स्वास्थ्य सुविधा

पितृपक्ष मेला 2026 में गया-बोधगया पहुंचने वाले देश-विदेश के तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधा को लेकर बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) ने महाबोधि मंदिर के समीप मेडिकल कैंप शुरू किया है। कैंप में श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मेडिकल कैंप में डॉक्टर और चिकित्सा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। किसी श्रद्धालु की अचानक तबीयत खराब होने, थकान, कमजोरी या अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्या होने पर मौके पर ही प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता दी जा रही है। कैंप में जरूरी दवाइयों की भी व्यवस्था की गई है।

पितृपक्ष मेला के दौरान गया और बोधगया में देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान महाबोधि मंदिर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर के समीप मेडिकल कैंप शुरू होने से तीर्थयात्रियों को जरूरत पड़ने पर तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
बीटीएमसी की ओर से प्रत्येक वर्ष महाबोधि मंदिर के समीप श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस तरह की स्वास्थ्य व्यवस्था की जाती है। इस वर्ष भी पितृपक्ष मेला को देखते हुए मेडिकल कैंप में आवश्यक संसाधन, दवाइयां और चिकित्सा कर्मियों की व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन और बीटीएमसी की ओर से पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन, स्वच्छता, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। मेडिकल कैंप इसी व्यवस्था का हिस्सा है। इससे महाबोधि मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक परेशानी में आसपास ही प्राथमिक चिकित्सा मिल सकेगी।

‘डायन’ कौन? पता लगाने के लिए गांव में हुआ तंत्र-मंत्र, पुलिस पहुंची तो मच गया हड़कंप

गया। बांकेबाजार थाना क्षेत्र के कुंडिल गांव में अंधविश्वास का मामला सामने आया है। गांव में कुछ लोगों की अचानक मौत के बाद ग्रामीणों के बीच एक महिला को कथित तौर पर ‘डायन’ बताने की अफवाह फैल गई। इसके बाद ग्रामीणों ने करीब 50 हजार रुपये चंदा जुटाकर झारखंड के चतरा जिले के पत्थलगड़ा से तीन महिला भगतन को बुलाया।
बुधवार को देवी मंदिर के पास सामुदायिक भवन में कथित तांत्रिक क्रिया शुरू हुई। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। सूचना पर बांकेबाजार थानाध्यक्ष पवन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तांत्रिक क्रिया बंद करा दी। पुलिस ने तीनों भगतन समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार मामले में 15 नामजद समेत 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हिरासत में लिए गए पांच लोगों को पांच-पांच लाख रुपये के बॉन्ड पर छोड़ा गया। पुलिस ने कहा कि अंधविश्वास फैलाने और भीड़ जुटाने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।