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गया में चलती ट्रेन से उतरते समय फिसला यात्री, RPF जवानों ने मौत के मुंह से खींच निकाला; CCTV फुटेज आया सामने

गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर चलती ट्रेन से उतरने के दौरान संतुलन बिगड़ने से एक यात्री प्लेटफॉर्म और पटरी के बीच गिरने ही वाला था, लेकिन मौके पर मौजूद RPF जवानों ने दौड़कर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है।
रेलवे सुरक्षा बल के सहायक उप निरीक्षक पवन कुमार, प्रधान आरक्षी वशिष्ठ यादव और आरक्षी राकेश कुमार सिंह सादे लिबास में स्टेशन पर आपराधिक एवं संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान गाड़ी संख्या 13305 अप धनबाद–सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित ठहराव के बाद प्लेटफॉर्म संख्या-1 से रवाना होने लगी।

ट्रेन खुलने के दौरान एक यात्री जल्दबाजी में उतरने लगा। इसी क्रम में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच बने गैप की ओर गिरने लगा। यह दृश्य देखते ही RPF के तीनों जवान बिना समय गंवाए उसकी ओर दौड़े और उसे पटरी की ओर गिरने से पहले ही पकड़कर सुरक्षित प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया।

बचाए गए यात्री की पहचान रवि कुमार (56 वर्ष), पिता दद्दू प्रसाद, निवासी सिवान (बिहार) के रूप में हुई। उनके पास पहाड़पुर से गया तक का वैध यात्रा टिकट भी मिला।

RPF इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने जवानों की बहादुरी और त्वरित निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ से एक अमूल्य जीवन बचाया जा सका। RPF ने यात्रियों से अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास कभी न करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। सुरक्षित यात्रा के लिए हमेशा ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ें या उतरें।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर गया में जश्न, छात्रों ने बताई संघर्ष की जीत, समर्थकों ने बांटी मेलोडी चॉकलेट

नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद गया में अलग-अलग संगठनों ने अपने-अपने अंदाज में जश्न मनाया। छात्र संगठन आइसा (AISA) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के कार्यकर्ताओं ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताते हुए मिठाई बांटी, वहीं कॉकरोज जनता पार्टी के समर्थकों ने मेलोडी चॉकलेट वितरित कर खुशी जाहिर की।

गया में आयोजित कार्यक्रम में छात्र नेताओं ने कहा कि यह किसी व्यक्ति की हार नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और लोकतांत्रिक आंदोलन की सफलता है। उनका कहना था कि यदि सरकार शुरुआत में ही छात्रों से संवाद करती और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करती, तो आंदोलन इतना लंबा नहीं चलता। इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य उपाध्यक्ष तारिक अनवर ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को चीन या पाकिस्तान से जोड़ना पूरी तरह गलत था। छात्रों की मांग केवल निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था की थी।
छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि नए शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं पर छात्रों का भरोसा फिर से मजबूत हो सके।

वहीं कॉकरोज जनता पार्टी के समर्थकों ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर गांधी मैदान में मेलोडी चॉकलेट बांटकर जश्न मनाया। समर्थकों ने इसे शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में छात्रों के हित में प्रभावी निर्णय लिए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण माहौल रहा और दोनों पक्षों ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

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छात्रों के संभावित आंदोलन को लेकर गया प्रशासन हाई अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा

छात्रों के संभावित आंदोलन को देखते हुए गया जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए समाहरणालय, वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी उपद्रव या अव्यवस्था की स्थिति पर तत्काल नियंत्रण करना है।

इसी क्रम में शुक्रवार को वरीय पुलिस अधीक्षक, गया ने पुलिस केंद्र में पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ विशेष ब्रीफिंग की। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। एसएसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता बरतें, संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखें और किसी भी परिस्थिति से विधिसम्मत एवं शांतिपूर्ण तरीके से निपटें।
ब्रीफिंग में अधिकारियों को आमजन के साथ संयमित, शालीन और संवेदनशील व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों पर नजर रखने तथा किसी भी स्थिति में धैर्य और अनुशासन के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सभी पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति एवं सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी भ्रामक सूचना को साझा करने से बचें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है

गया में 40 लाख की निवेश धोखाधड़ी का आरोप, पैसा मांगने पर किया रंगदारी केस दर्ज

गया शहर के गौड़िया मठ निवासी अमित कुमार ने विकास कुमार पर अपार्टमेंट निर्माण में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। अमित कुमार का कहना है कि गजाधर टॉवर अपार्टमेंट निर्माण परियोजना में निवेश के लिए विकास कुमार ने उन्हें 40 प्रतिशत मुनाफा और एक फ्लैट देने का वादा किया था। इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच लिखित एग्रीमेंट भी कराया गया था।
पीड़ित के अनुसार, तय समय के बाद जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी तो विकास कुमार ने भुगतान करने के बजाय उनके और अन्य लोगों के खिलाफ रंगदारी मांगने का मामला दर्ज करा दिया। अमित कुमार का आरोप है कि झूठे मुकदमे के माध्यम से उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
अमित कुमार ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, एग्रीमेंट और वित्तीय लेनदेन की जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस करते पीड़ित अमित कुमार 
चतरा में एसपी आवास के बाहर दिनदहाड़े हत्या, बेलागंज विधायक के पुत्र रॉकी यादव के बॉडीगार्ड ने साथी को मारी गोली

झारखंड के चतरा जिला मुख्यालय में मंगलवार की दोपहर एसपी कार्यालय एवं आवास के बाहर दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से सनसनी फैल गई। एक निजी बॉडीगार्ड ने अपने ही साथी को सिर में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हथियार सहित मौके से गिरफ्तार कर लिया।

मृतक की पहचान बिहार के बक्सर निवासी अतुल कुमार के रूप में हुई है, जबकि गिरफ्तार आरोपी बलवीर सिंह भी बिहार का रहने वाला बताया गया है। दोनों बिहार के बेलागंज की विधायक मनोरमा यादव के पुत्र एवं ठेकेदार रॉकी यादव के निजी सुरक्षा कर्मी थे।
रॉकी यादव की निर्माण कंपनी रमिया कंस्ट्रक्शन चतरा बाईपास का निर्माण कार्य करा रही है। इसी सिलसिले में रॉकी यादव पुलिस अधीक्षक से मिलने उनके आवास पहुंचे थे। इस दौरान दोनों बॉडीगार्ड बाहर वाहन में बैठे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि बलवीर सिंह ने अपनी लाइसेंसी हथियार से अतुल कुमार के सिर में गोली मार दी। जिसमें अतुल की मौके पर ही मौत हो गई।

गोली चलने की आवाज सुनते ही एसपी आवास के बाहर तैनात पुलिसकर्मी और आसपास मौजूद लोग घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या में प्रयुक्त हथियार जब्त कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
प्रारंभिक जांच में दोनों के बीच आपसी विवाद की बात सामने आई है। हालांकि हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

सीएम हाउस उड़ाने की धमकी के बाद गया में पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, अलर्ट पर प्रशासन; डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता ने की जांच

पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद गया जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। धमकी भरे ईमेल में गया प्रधान डाकघर परिसर स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को भी आईईडी से उड़ाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई तथा पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर सघन जांच अभियान शुरू किया गया।
पटना पासपोर्ट के रिजनल कार्यालय से धमकी भरा ईमेल सर्किल स्तर से गया डाकघर प्रशासन को प्राप्त हुआ। इसके बाद वरीय डाकपाल ने तत्काल स्थानीय पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और प्रधान डाकघर एवं पासपोर्ट सेवा केंद्र के आसपास के पूरे परिसर की जांच की गई। सुरक्षा के मद्देनजर पासपोर्ट कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

सिविल लाइन थानाध्यक्ष शमीम अहमद ने बताया कि पोस्टऑफिस से बम से उड़ाने की धमकी की सूचना मिली थी।जिसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम के साथ छानबीन की जा रही है।

दाखिल-खारिज से ई-नापी तक लापरवाही, बोधगया के तत्कालीन सीओ पर गिरी गाज,डीएम ने अनुशासनिक कार्रवाई की कि अनुशंसा

गया डीएम शशांक शुभंकर द्वारा बोधगया के तत्कालीन अंचल अधिकारी श्री चंद्र शेखर के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों, राजस्व कार्यों के निष्पादन में लगातार लापरवाही तथा लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण में विफल रहने के आरोपों के आधार पर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को आरोप पत्र भेजा गया है। बताया कि बोधगया अंचल में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-नापी, अभियान बसेरा-2, आरओआर (ROR) सहित अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन में लगातार शिथिलता बरती गई। इस संबंध में जिला पदाधिकारी द्वारा कई बार पत्राचार कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि विभिन्न तिथियों को आयोजित जिला एवं विभागीय समीक्षा बैठकों में भी अंचल अधिकारी को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कार्यों में संतोषजनक प्रगति नहीं पाई गई, जिससे प्रशासनिक कार्यों के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही परिलक्षित हुई।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि बोधगया अंचल में बड़ी संख्या में राजस्व संबंधी आवेदन लंबित हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दाखिल-खारिज के 2666 आवेदन लंबित हैं, जिनमें 860 आवेदन 120 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। इसके अतिरिक्त परिमार्जन लेफ्ट आउट के 2277, परिमार्जन प्लस के 1943, ई-नापी के 143, सहयोग पोर्टल के 156 तथा जन शिकायत के 124 मामले भी लंबित पाए गए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि आम नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा सरकारी कार्यों में शिथिलता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’—ऑनलाइन डिमांड से लेकर दाखिल-खारिज तक गड़बड़ी, DM ने गठित किया आरोप पत्र

गया डीएम शुभंकर ने नगर अंचल, गया के राजस्व अधिकारी राम कुमार रमन के विरुद्ध राजस्व कार्यों में गंभीर लापरवाही, लंबित मामलों के निष्पादन में उदासीनता तथा विभिन्न प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए आरोप पत्र गठित कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेज दिया है।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि राजस्व अधिकारी द्वारा राजस्व प्रशासन से संबंधित कार्यों के निष्पादन में गंभीर लापरवाही बरती गई है। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) वाद उनके लॉगिन में अनावश्यक रूप से लंबित रखे गए। इसके अतिरिक्त आम-खास सूचना से संबंधित 213 आवेदन तथा 120 दिनों से अधिक समय से लंबित कुल 388 आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं किया गया, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दाखिल-खारिज के कई मामलों में त्रुटिपूर्ण आदेश पारित किए गए, जो राजस्व मामलों के निष्पादन में अपेक्षित सतर्कता एवं विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने को दर्शाता है।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी, सदर द्वारा कराई गई जांच में भी राजस्व अधिकारी के स्तर पर भूमि संबंधी अनेक मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने तथा तथ्यों के अनुरूप जांच नहीं किए जाने की पुष्टि हुई है। जांच प्रतिवेदन में कई मामलों में गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
इसके अतिरिक्त जांच में राजस्व पदाधिकारी स्तर पर ऑनलाइन डिमांड में हेराफेरी का मामला भी प्रकाश में आया। यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में जमाबंदी रद्द होने के बावजूद डिमांड को कायम रखा गया, जो राजस्व अभिलेखों के संधारण में गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच प्रतिवेदनों के आधार पर संबंधित राजस्व अधिकारी की गंभीर लापरवाही प्रमाणित हुई। इसी आधार पर उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई हेतु राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेज दिया गया है।

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि राजस्व कार्यों में लापरवाही, अनियमितता एवं आम जनता के कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। ज़िला प्रशासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध राजस्व प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

गुरारू में बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की जिला बैठक, पत्रकार कल्याण ट्रस्ट गठन और राष्ट्रीय आयोजनों पर बनी रणनीति

बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, गया जिला इकाई की आम बैठक रविवार को गुरारू के डीहा स्टेडियम परिसर में जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पत्रकारों ने संगठन विस्तार, पत्रकार हितों की सुरक्षा और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रशासन और पत्रकारों के बीच मैत्री क्रिकेट मैच का भी आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बना दिया।
बैठक में सदस्यता अभियान को प्रखंड स्तर तक मजबूत करने, पत्रकारों की एकजुटता बढ़ाने और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। साथ ही गया में राष्ट्रीय सेमिनार, राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक और पत्रकारिता से जुड़े बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिए पहल करने का निर्णय लिया गया।
बैठक का प्रमुख विषय पत्रकार कल्याण ट्रस्ट और पत्रकार कोष का गठन रहा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि आर्थिक संकट, दुर्घटना, बीमारी या अन्य आपात स्थितियों में पत्रकारों और उनके परिवारों की सहायता के लिए स्थायी कोष की आवश्यकता है। सदस्यों ने ट्रस्ट के गठन और उसकी कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति जताई।
बैठक के अंत में पत्रकारों के प्रशिक्षण, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी पर भी चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा ने सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन की आगामी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। कार्यक्रम में जिले के बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

‘दीनानाथ’ कौन हैं, जिनसे मांगा गया स्पष्टीकरण? महाबोधि महाविहार में ‘दीनानाथ’ की तलाश!

विश्व धरोहर महाबोधि महाविहार मंदिर में केयरटेकर को लेकर नया विवाद सामने आया है। मामला उस स्पष्टीकरण नोटिस से जुड़ा है, जिसमें बीटीएमसी (बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति) के अध्यक्ष सह गया जिलाधिकारी द्वारा बिना अनुमति विदेश यात्रा करने के आरोप में “दीनानाथ” नामक केयरटेकर से जवाब मांगा गया है। हालांकि, इस नोटिस के बाद संबंधित नाम को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बीटीएमसी और महाबोधि महाविहार में “दीनानाथ” नाम का कोई कर्मचारी या केयरटेकर कार्यरत नहीं है।महाबोधी महाविहार में “दीनानंद” नाम के एक बौद्ध भिक्षु केयरटेकर के रूप में कार्यरत हैं, जिनकी जिम्मेदारी मंदिर परिसर की देखरेख करना है। भिक्षु दीनानंद ने घुटने के इलाज के लिए विदेश जाने से पहले बीटीएमसी के सचिव को अवकाश का आवेदन दिया था। आवेदन पर सचिव स्तर से अनुमति मिलने के बाद वे इलाज के लिए विदेश गए और उपचार पूरा होने के बाद वापस महाबोधि महाविहार लौट आए। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि यदि यात्रा की अनुमति पहले ही दी जा चुकी थी, तो फिर बिना अनुमति विदेश जाने का आरोप लगाते हुए स्पष्टीकरण क्यों मांगा गया।स्पष्टीकरण नोटिस ने कई सवाल खड़े कर दिए है जब अवकाश पर भिक्षु दिनानंद तो स्पष्टीकरण दीनानाथ से क्यों.?अब बीटीएमसी भिक्षु दीनानाथ की तलाश में है।

इस पूरे मामले को लेकर यह भी चर्चा है कि नोटिस में नाम “दीनानाथ” दर्ज होने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। बीटीएमसी के द्वारा अवकाश की स्वीकृति दी गई थी।