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गया में घूसखोर चौकीदार पर विजिलेंस का शिकंजा: ₹9 हजार लेते रंगेहाथ दबोचा, बेलागंज थाना में मचा हड़कंप

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निगरानी विभाग की टीम ने गया जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बेलागंज थाना में पदस्थापित एक चौकीदार को ₹9 हजार रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद बेलागंज थाना परिसर में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

गिरफ्तार चौकीदार की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो बेलागंज थाने में पदस्थापित है। निगरानी विभाग की टीम ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत जाल बिछाकर उसे रिश्वत की रकम लेते समय धर दबोचा है।
मामला वर्ष 2023 के एक पुराने केस से जुड़ा है। आरोप है कि चौकीदार मनीष कुमार मामले में मदद करने, केस डायरी से संबंधित कार्य कराने और पैरवी करने के नाम पर शिकायतकर्ता से पैसे की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने निगरानी विभाग से इसकी लिखित शिकायत की।

शिकायत की सत्यता की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई और बुधवार को आरोपी को ₹9 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस की इस कार्रवाई से बेलागंज थाना परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निगरानी विभाग की टीम आरोपी चौकीदार को हिरासत में लेकर पटना मुख्यालय के लिए रवाना हो गई, जहां उससे पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार चौकीदार की तस्वीर
सांप ने काटा तो डॉक्टर नहीं, झाड़-फूंक के भरोसे रहे परिजन; तीन घंटे की देरी ने ले ली महिला की जान

गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के मंझयावा गांव में अंधविश्वास एक महिला की मौत का कारण बन गया। सांप के डंसने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए तांत्रिक के पास ले गए। करीब तीन घंटे तक तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का दौर चलता रहा, लेकिन महिला की हालत बिगड़ती गई। जब अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।

मृतका की पहचान मंझयावा गांव निवासी मंजीत यादव की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। प्रियंका मंगलवार की देर शाम घर के पास खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान जहरीले सांप ने पैर में डंस लिया। शुरुआत में उसने इसे सामान्य कीड़े के काटने की घटना समझकर नजरअंदाज कर दिया।
तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल नहीं, तांत्रिक के पास पहुंचे।

परिजनों ने पैर में सांप के काटने जैसे निशान देखे, लेकिन उसे सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए एक तांत्रिक के पास पहुंच गए।
तीन घंटे तक चलता रहा झाड़-फूंक का दौर चलता रहा।इस दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही। जब स्थिति गंभीर हो गई, तब तांत्रिक ने ही उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।

इसके बाद परिजन प्रियंका को फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गईं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

गया में ‘लुटेरी दुल्हन’ का खेल: सात फेरे के बाद जेवर और नकदी लेकर फरार

गया में लुटेरी दुल्हन ने धोखाधड़ी कर हैरान कर दिया है। जिसे सुनकर हर कोई दंग और अचंभित है। बेलागंज थाना क्षेत्र में लुटेरी दुल्हन ने शादी का झांसा देकर राजस्थान के एक युवक और उसके पूरे परिवार को बुलाकर लाखों रुपये और जेवर लूट लिए ।लुटेरी दुल्हन के पूरे गैंग ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की सारी रस्में पूरी कराई, सिंदूरदान हुआ, लेकिन इसके ठीक बाद दुल्हन अपने परिवार के साथ गहने और कैश लेकर फरार हो गई। पीड़ित दूल्हा गणेश साव ने बेलागंज थाना में लिखित शिकायत का आवेदन दिया है। इस अनोखी लूट की घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

दूल्हा गणेश साव और उसका परिवार शादी के लिए राजस्थान से दो गाड़ियों में सवार होकर बेलागंज के दरियापुर गांव आया था। यहाँ गांव में लुटेरी दुल्हन ने पूरी योजना बना डाली थी। शादी का पूरा तामझाम तैयार किया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश की शादी लक्ष्मी नाम की लड़की से कराई गई। शादी संपन्न के बाद विदाई की तैयारी चल रही थी, तभी दुल्हन लक्ष्मी ने कहा कि वह कपड़े बदलकर आती है। घर के अंदर गई और फिर पीछे के रास्ते से सोने-चांदी के गहने और शादी के लिए दिए गए पैसे समेटकर फरार हो गई।

दुल्हन के अंदर काफी देर तक जब कोई वापस नहीं लौटा। तो बाहर इंतजार कर रहे दूल्हे और उसके परिवार को शक हुआ। जब उन्होंने घर के अंदर जाकर देखा तो वहां सन्नाटा पसरा था और लड़की पक्ष के सभी लोग फरार थे।बताया जा रहा है कि किसी बिचौलिए के चक्कर में हुई इस शादी में लड़के वालों को लड़की के पिता का असली नाम तक नहीं मालूम था। बेलागंज थाना पुलिस ने पीड़ित दूल्हे के आवेदन पर जांच शुरू कर दी है और लुटेरी दुल्हन की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है।घटना सोमवार की है।रात 11 बजे शादी शुरू हुई 2 बजे तक पूरी रस्में हुई और फिर दुल्हन फरार हो गई।

लव मैरिज के बाद बढ़ा विवाद, बोधगया में युवती के घर पर फिल्मी अंदाज में की 6 राउंड फायरिंग,वीडियो आया सामने

गया जिले के बोधगया थाना क्षेत्र के हथियार गांव में मंगलवार को फिल्मी अंदाज में ताबड़तोड़ फायरिंग का वीडियो सामने आया है। घटना के पीछे लव मैरिज का विवाद सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में प्रेम विवाह करने वाले युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवती के परिजनों को निशाना बनाते हुए फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया।

हथियार गांव निवासी राम पुकार चौधरी के पुत्र मुकेश कुमार को निशाना बनाकर हथियारबंद बदमाशों ने 3 से 4 राउंड गोली चलाईं। हालांकि मुकेश कुमार इस हमले में बाल-बाल बच गए। घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल है।

मुकेश कुमार ने बताया कि चारपहिया वाहन पर सवार होकर पांच युवक गांव पहुंचे थे। प्रेम विवाह किया करने वाला युवक मेराज उर्फ रिंकू घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया है। विवाह के बाद युवती पक्ष खुश नहीं थे।

गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। भागने से पहले एक बदमाश जमीन पर गिरे खोखों को उठाते हुए देखा गया।

घटना की सूचना मिलते ही बोधगया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

लापता युवक शंकर मांझी की बरामदगी की मांग को लेकर गांधी मैदान धरना स्थल पर प्रदर्शन, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

मगध विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सर्वोदयपुरी निवासी लापता युवक शंकर मांझी की बरामदगी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मंगलवार को परिजनों एवं ग्रामीणों ने गया के गांधी मैदान स्थित धरना स्थल पर धरना-प्रदर्शन दिया है।
धरने पर बैठे परिजनों ने बताया कि शंकर मांझी पिछले18 मई को अपने तीन दोस्तों के साथ रोजगार के लिए तमिलनाडु जाने की बात कहकर घर से निकला था। कुछ दिनों बाद उसके साथ गए तीनों दोस्त वापस लौट आए, लेकिन शंकर मांझी अब तक घर नहीं पहुंचा है। उसके संबंध में कोई जानकारी भी नहीं मिल सकी है।

परिजनों का आरोप है कि युवक के लापता होने की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। शंकर के लंबे समय से लापता रहने के कारण परिवार के लोगों ने उसके साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें हत्या की आशंका है और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

धरना के दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने तथा शंकर मांझी की बरामदगी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय दिलाने की अपील की है।

मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद गया में फायर विभाग एक्शन मोड में,चलाया स्पेशल ड्राइव , 42 होटल-हॉस्पिटल को भेजा गया नोटिस

मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद बिहार अग्निशमन विभाग पूरे राज्य में अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में मंगलवार को गया जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमन कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिले में चलाए जा रहे विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जिले में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी ऑडिट की जा रही है। अभियान के पहले चरण में अस्पतालों और होटलों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसके बाद सिनेमा हॉल, अपार्टमेंट, पेट्रोल पंप तथा अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि इसके लिए स्पेशल ड्राइव चलाया जा रहा है। अब तक जिले के 73 अस्पतालों और 86 होटलों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया जा चुका है। जांच के दौरान 42 अस्पताल और होटल ऐसे पाए गए हैं, जहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन नहीं हो रहा है।
इन संस्थानों को निर्धारित अवधि के अंदर फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए संबंधित संस्थानों को प्रपत्र-‘स’ जारी किया गया है। सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के अंदर संस्थान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए भवन को सील करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल कानूनी आवश्यकता नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए सभी संस्थानों को नियमों का पालन करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा।

MLC बनाने का झांसा देकर शिक्षिका से कथित दुष्कर्म, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर 14.81 लाख की ठगी

गया की एक शिक्षिका को राजनीति में ऊंचा मुकाम दिलाने का सपना दिखाकर कथित तौर पर शोषण और ठगी का शिकार बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक साथी शिक्षक ने पहले उसे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी बनवाने का भरोसा दिलाया, फिर नशीला पदार्थ देकर उसका यौन शोषण किया और अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठ लिए। कोर्ट के आदेश पर अब कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

चाकंद क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित शिक्षिका ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसकी पहचान बक्सर निवासी शिक्षक प्रकाश से हुई थी। प्रकाश ने उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा और दावा किया कि उसकी पहुंच राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी ऊपर तक है। उसने शिक्षिका को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी बनवाने का भरोसा दिलाया और इसी बहाने उसे अपने संपर्क में रखा।

शिकायत के अनुसार फरवरी 2024 में संघ की बैठक के नाम पर शिक्षिका को वाराणसी बुलाया गया। वहां संगठन की जरूरतों का हवाला देते हुए उससे 1.50 लाख रुपये मांगे गए। भरोसा कर वह नकदी लेकर वाराणसी पहुंची। आरोप है कि होटल में ठहराने के बाद उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसी दौरान उसके साथ यौन शोषण किया गया और सहयोगियों की मदद से आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया गया।

पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद विरोध करने पर उसे जान से मारने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। इसके बाद लगातार उसे ब्लैकमेल किया जाता रहा। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी उसे अलग-अलग जगहों पर बुलाकर दबाव बनाते रहे और इसी दौरान उससे करीब 14 लाख 81 हजार रुपये वसूल लिए गए। इस घटनाक्रम से वह मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुई है।

इस मामले में न्यायालय के निर्देश के बाद कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बक्सर निवासी प्रकाश, गंगाराम और कृष्णा को नामजद आरोपी बनाया है। कोतवाली थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर कुमारी मनीषा सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चलती ट्रेन में मां से बिछड़ी 2 साल की नन्ही बच्ची, गया जंक्शन पर RPF ने किया रेस्क्यू; ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ बना सहारा

कभी-कभी कुछ क्षणों की लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, लेकिन समय पर की गई सतर्कता एक मासूम की जिंदगी को सुरक्षित भी कर देती है। ऐसा ही एक भावुक मामला गया जंक्शन पर सामने आया। जहां चलती ट्रेन में अपनी मां से बिछड़ गई दो वर्षीय नन्ही बच्ची को RPF ने सुरक्षित रेस्क्यू किया है।

शेखपुरा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन में यात्रा के दौरान तिलैया स्टेशन पर एक महिला अपना सामान उतार रही थी। इसी बीच ट्रेन खुल गई और महिला प्लेटफॉर्म पर ही रह गई, जबकि उसकी करीब दो साल की बच्ची ट्रेन में ही छूट गई। बच्ची इतनी छोटी थी कि वह अपना नाम और परिजनों की कोई जानकारी नहीं बता पा रही थी।
ट्रेन के गया पहुंचते ही RPF अधिकारियों और जवानों ने बच्ची को रेस्क्यू किया है।RPF की टीम ने रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द किया है।

रेलवे ट्रैक पर मिला शिक्षक का शव, दोनों पैर बंधे मिले; हत्या कर सबूत मिटाने की आशंका

गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में एक सरकारी शिक्षक की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। बेलागंज और चाकंद रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के समीप शिक्षक का शव मिलने के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। शव के दोनों पैर गमछे से बंधा मिला है।
रविवार सुबह रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की स्थिति संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है।

मृतक की पहचान बुनियादगंज थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव निवासी मोहम्मद खैरूउद्दीन (36 वर्ष) के रूप में हुई है। वह शिक्षा विभाग में शिक्षक थे और नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-48 स्थित पठान टोली प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने पहले शिक्षक की हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है

 

AIआधारित तस्वीर

गयाजी एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने पहुंचा RPF जवान, स्कैनर ने खोल दी पोल; बैग से मिले कारतूस

गयाजी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार को सुरक्षा जांच के दौरान एक RPF जवान के बैग से दो जिंदा कारतूस बरामद होने से हड़कंप मच गया। जवान इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली जाने की तैयारी में था, तभी स्कैनिंग के दौरान उसके बैग में संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।
सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत बैग की तलाशी ली, जिसमें दो जिंदा कारतूस मिले। इसके बाद जवान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। घटना की सूचना मगध मेडिकल थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम एयरपोर्ट पहुंची और मामले की जांच में जुट गई।
कारतूस जवान के निजी बैग से बरामद हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कारतूस बैग में कैसे पहुंचे और उन्हें ले जाने का उद्देश्य क्या था।

मगध मेडिकल थाना पुलिस ने जवान को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद कारतूसों की वैधता और उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

AI आधारित तस्वीर