‘न सोना है, न सोने देना है’, 90% अपराधी भागे; CCC के खिलाफ सम्राट का अभियान
गया जिले के खिजरसराय में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, सुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए अब आराम का समय समाप्त हो गया है। दूसरे राज्यों से 15 साल का अंतर खत्म करने के लिए 24 घंटे में 20 घंटे काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता के खिलाफ सरकार की लड़ाई जारी रहेगी तथा तय समय सीमा में जनता के कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कहा कि यह उनके लिए हर्ष का विषय है कि एक ही दिन में गया में टेक्नोलॉजी सेंटर, आरा में एक्वा पार्क और पटना में डेयरी क्षेत्र से जुड़े एक कार्यालय का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि बिहार को लगातार विकास परियोजनाओं की सौगात मिल रही है
बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी। पहले बिहार में एमएसएमई क्षेत्र में सीमित काम होता था, लेकिन पिछले चार वर्षों में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की संख्या छह लाख से बढ़कर 47 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिहार में विकास नहीं होने की बात करते हैं, जबकि आंकड़े खुद इसकी सच्चाई बता रहे है।
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि बिहार को बदलने के लिए भ्रष्टाचार से लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति साफ है—न खाना है और न किसी को खाने देना है। क्राइम, कम्यूनलिज्म और करप्शन को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है। सुशासन तभी स्थापित होगा जब अपराधियों का या तो पिंडदान गयाजी में होगा या वे गया जेल में रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत अपराधी बिहार छोड़ चुके हैं और जो बचे हैं, उनके खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि किसी भी चुनौती का जवाब 48 घंटे के भीतर दिया जाए।
प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सहयोग कार्यक्रम में आने वाले आवेदनों पर 10 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को 11 वें दिन नोटिस दिया जाएगा। 21 और 25 दिनों पर क्रमशः दूसरा और तीसरा नोटिस जारी होगा। यदि 30 दिनों में भी काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया जाएगा।उन्होंने यह भी घोषणा की कि उद्योग लगाने के लिए यदि 30 दिनों में एनओसी जारी नहीं हुई तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर स्वतः एनओसी प्रदान कर दी जाएगी। कहा कि जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। साथ ही सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं। इन स्कूलों में रात आठ बजे तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी ताकि विद्यार्थियों की निजी कोचिंग पर निर्भरता कम हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फल्गु नदी के पुनर्जीवन के लिए सरकार गंभीर है। इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाणसागर समझौते के तहत उपलब्ध जल को फल्गु नदी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने क्षेत्र में खेल स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा करते हुए कहा कि यदि 30 से 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाती है तो बिहार सरकार आधुनिक खेल स्टेडियम बनाने के लिए तैयार है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के करीब एक करोड़ लोग देश के विभिन्न हिस्सों में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपने राज्य लौटकर विकसित बिहार के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रतिभा पूरे देश में अपनी पहचान बना चुकी है और अब समय है कि इसी क्षमता का उपयोग राज्य के विकास में किया जाए।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि अतरी में स्थापित टेक्नोलॉजी सेंटर को बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण संस्थान बताते हुए कहा कि यहां हजारों युवक-युवतियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कभी जिस इलाके को लोग जंगल कहकर उपेक्षित मानते थे, आज वहीं विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।

