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साड़ी में दौड़ी कविता तो गया में इमामगंज विधायक दीपा कुमारी ने किया सलाम, बोलीं- महिलाएं दुर्गा और लक्ष्मी का रूप

रामगढ़ में होमगार्ड बहाली के ट्रायल में साड़ी पहनकर 1600 मीटर दौड़ लगाने वाली महिला अभ्यर्थी कविता महतो का जज्बा चर्चा में है। नंगे पांव और बिना किसी खास स्पोर्ट्स ड्रेस के साड़ी संभालते हुए दौड़ पूरी करने वाली कविता की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इमामगंज विधायक दीपा कुमारी ने भी कविता के हौसले की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है।

विधायक दीपा कुमारी ने बुधवार को कहा कि महिलाएं मां दुर्गा और लक्ष्मी का रूप होती हैं। ऐसी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ सम्मान भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल कई लड़कियां साड़ी में असहज महसूस करने की बात कहती हैं और शूट, जींस सहित दूसरी पोशाक को ज्यादा सुविधाजनक मानती हैं। लेकिन कविता ने साड़ी पहनकर 1600 मीटर की दौड़ पूरी कर यह दिखा दिया कि हौसले के आगे पोशाक कोई बाधा नहीं है।
कविता के

पति का निधन हो चुका है। वह दो बच्चों और सास-ससुर की जिम्मेदारी संभालने के लिए ईंट-भट्ठे में मजदूरी करती हैं। परिवार पर कर्ज है। ट्रायल के दिन वह भूखे पेट ही दौड़ने पहुंची थीं। होमगार्ड बनने के लिए वह कई दिनों से सुबह चार बजे उठकर दौड़ का अभ्यास कर रही थीं।

जी राम जी योजना के तहत निजी जमीन पर पौधारोपण, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति,IG को दिया आवेदन

गया जिले के छकरबंधा पंचायत के केनुआटांड़ गांव में निजी जमीन पर बिना अनुमति जी राम जी योजना के तहत पौधारोपण और जमीन की घेराबंदी को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने वर्तमान मुखिया इम्तियाज अहमद पर उनकी निजी जमीन में बिना सूचना और अनुमति के पौधे लगवाने, विरोध करने पर महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों के अनुसार, विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (VB-G RAMG) योजना के तहत उनकी जमीन पर जबरन पौधे लगाए गए। घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया तो उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया गया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की गई। आरोप है कि विरोध के बावजूद अब जमीन की घेराबंदी के लिए खंभे और कंटीले तार भी गिरा दिए गए हैं।
ग्रामीण जीतन भुइयां, रामवृक्ष भुइयां, कृत भुइयां और शिवन भुइयां का कहना है कि वे मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद सभी घर लौटे और मुखिया से जमीन पर घेराबंदी नहीं करने को कहा। आरोप है कि इस पर मुखिया ने कथित तौर पर कहा कि जहां जाना है जाइए, देख लेंगे।

ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास जमीन से संबंधित परवाना और रसीद समेत अन्य कागजात मौजूद हैं। शिकायत में खाता संख्या 521, प्लॉट संख्या 3963 तथा जमाबंदी संख्या 124, 125, 126 और 127 का उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक जमीन खाली नहीं कराई गई है। फसल लगाने का समय नजदीक होने के कारण परिवारों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से जमीन की जांच कराकर कार्रवाई और फसल लगाने के लिए जमीन खाली कराने की मांग की है।इसे लेकर मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के जनता दरबार में न्याय की मांग को लेकर आवेदन दिया है।

गया में बाला साहेब ठाकरे का पिंडदान: बहू स्मिता ठाकरे ने किया श्राद्ध-तर्पण, बोलीं—समाजसेवा करना हमारे हाथ में

पितृपक्ष मेला के दौरान शिवसेना के संस्थापक स्व. बाला साहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे गया पहुंचीं। उन्होंने अपने ससुर बाला साहेब ठाकरे और पिता का विधि-विधान से श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया। उन्होंने कहा कि गया की पावन धरती पर आकर पितरों का स्मरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। लंबे समय से गया आने की इच्छा थी, जो गुरु के आशीर्वाद से पूरी हुई।
पिंडदान के बाद मीडिया से बातचीत में स्मिता ठाकरे भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पितरों को याद करते हुए कई बार हम कुछ पितरों को भूल जाते हैं। गया में पूजा के माध्यम से सभी पितरों को स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति की कामना की गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं के पिंडदान को लेकर उनके मन में पहले संकोच था, लेकिन गुरु से माता सीता की गया में पिंडदान की कथा सुनने के बाद उन्हें विश्वास मिला।
राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति में आना-जाना हमारे हाथ में नहीं है, समाजसेवा करना हमारे हाथ में है। उन्होंने कहा कि वे समाजसेवा और हिंदुत्व के प्रचार का कार्य करती रहेंगी।

SC/ST सांसदों को संसद में कम मिलता है बोलने का समय,केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सांसदों को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। यह जानकारी मांझी ने शनिवार को गया के गोदावरी स्थित अपने आवास पर दी।

कहा कि एनडीए सांसद समूह संवाद बैठक में सांसदों ने यह समस्या उठाई थी। उन्होंने बताया कि बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होती है और संबंधित मंत्रालयों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जाते हैं। इसी क्रम में SC-ST सांसदों को संसद में बोलने का कम समय मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा।
मांझी ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, बल्कि बैठक में सांसदों की ओर से समस्या रखी गई थी। समूह के नेता होने के नाते उन्होंने इस विषय को आगे बढ़ाया है।

आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर मांझी ने SC आरक्षण में क्रीमी लेयर और वर्गीकरण की समीक्षा की अपनी मांग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कैबिनेट की बैठक में भी अपनी बात रखी थी। मांझी के मुताबिक, प्रस्ताव पर सरकार ने आगे कार्रवाई नहीं की, लेकिन अपनी बात रखना उनका अधिकार और जिम्मेदारी थी।
उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले सामूहिक उत्तरदायित्व के तहत होते हैं। कैबिनेट में अलग-अलग मत रखे जा सकते हैं, लेकिन निर्णय होने के बाद सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी रहती है। उन्होंने इस मुद्दे पर इस्तीफे की मांग या राजनीति किए जाने को उचित नहीं बताया।

SIR पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी बोले- गलत मतदाताओं का होगा शुद्धिकरण, छेड़खानी पर कार्रवाई का भरोसा

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को गया में बिहार में हाल के दिनों में सामने आई छेड़खानी की घटनाओं पर कहा कि लोग ठहरें और धैर्य रखें। उन्होंने कहा कि मामले में कार्रवाई होगी। जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं को लेकर उनसे सवाल किया गया था। समस्तीपुर की घटना के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

SIR को लेकर मांझी ने कहा कि यह किसी के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य गलत तरीके से मतदाता सूची में शामिल लोगों की पहचान कर सूची को संशोधित और शुद्ध करना है। उन्होंने कहा कि जो लोग गलत मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतते रहे हैं, उन्हें ही इससे परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत का नागरिक नहीं चाहता कि बाहर से आकर कोई व्यक्ति यहां मतदाता बने और राजनीति को प्रभावित करे। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में भी बाहरी लोगों के माध्यम से राजनीति प्रभावित किए जाने की बात कही।
इंडिया गठबंधन की ओर से बिहार, बंगाल और हरियाणा के चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग पर मांझी ने कहा कि पहले SIR की प्रक्रिया पूरी होने दी जाए। इसके बाद देखा जाएगा कि इसका चुनाव पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस विषय पर सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम हैं।
जमुई की पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर किए जाने और मुख्यमंत्री की ओर से तस्वीर साझा किए जाने के सवाल पर मांझी ने कहा कि इस विषय पर उन्हें कुछ नहीं कहना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया और यूट्यूबरों को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही। मांझी ने कहा कि कुछ यूट्यूबर ठीक हैं, लेकिन संख्या बहुत बढ़ने पर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
जमुई में कार्रवाई और समस्तीपुर में कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह दाल-भात का कोरमा नहीं है कि तुरंत तैयार हो जाए। प्रक्रिया चल रही है और कोई नहीं बचेगा।

स्मार्ट क्लास में ‘गोली चोली’ का गाना और छात्रों का डांस, वायरल वीडियो ने मचाई हलचल

बिहार में सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास के जरिए बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। इसी बीच गया जिले के वजीरगंज प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय जमुआवा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्कूल के स्मार्ट क्लास में लगे टीवी पर भोजपुरी गाना चलता दिखाई दे रहा है और कुछ छात्र उसके सामने डांस करते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो में टीवी स्क्रीन पर भोजपुरी गाना ‘गोली चोली पर चलतों’ बजता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद छात्र स्मार्ट क्लास के अंदर ही गाने पर डांस करते नजर आते हैं। वीडियो बुधवार की शाम से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। यह वीडियो कब का है और किस परिस्थिति में बनाया गया था, इसकी भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

महाबोधि मंदिर के बाहर अचानक क्यों पैसा मांगने लगे विदेशी पर्यटक? बम्बू बैंक में जुटा रहे थे ये रकम

बोधगया के महाबोधि मंदिर के बाहर शनिवार को विदेशी पर्यटकों का एक अलग ही रूप देखने को मिला। मलेशिया ,ताइवान सहित कई देशों से आए पर्यटक हाथों में ‘बम्बू बैंक’ लेकर खड़े थे और लोगों से नेपाल में आए बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सहयोग मांग रहे थे। विदेशी पर्यटकों को इस तरह हाथ में बांस से बने बंबू बैंक लेकर खड़ा देखकर मंदिर के बाहर आने-जाने वाले लोगों की नजरें भी उन पर रुक गईं।

ये विदेशी पर्यटक बोधगया की सुची फाउंडेशन संस्था से जुड़े हैं। संस्था की ओर से नेपाल में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए यह अनोखी पहल शुरू की गई है। पर्यटक लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार छोटी-छोटी रकम देने की अपील कर रहे थे। उनका कहना था कि किसी एक व्यक्ति का दिया हुआ एक रुपया भी महत्वपूर्ण है। जब बड़ी संख्या में लोग सहयोग करते हैं तो छोटी-छोटी रकम मिलकर एक बड़ी सहायता राशि बन जाती है।

महाबोधि मंदिर के बाहर इस मुहिम में सिर्फ पर्यटक ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग भी आगे आते दिखाई दिए। यहां तक कि वहां मंदिर के बाहर रहे स्थानीय भिखारियों ने भी अपनी क्षमता के अनुसार बम्बू बैंक में पैसे डाल नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए खासा भावुक करने वाला रहा।

नेपाल त्रासदी के मृतकों की आत्मशांति को लेकर बोधगया मठ में जले हजारों दीप, विदेशी श्रद्धालुओं ने की विशेष प्रार्थना

नेपाल में हुई त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मशांति के लिए बोधगया मठ परिसर में सोमवार को विशेष प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया।जिसमे ताइवान, थाईलैंड और जापान से पहुंचे विदेशी श्रद्धालुओं के द्वारा हजारों दीप प्रज्वलित कर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मठ परिसर में विद्वानों के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत हवन किया गया। इस दौरान वातावरण मंत्रोच्चारण और प्रार्थना से आध्यात्मिक हो उठा। विशेष पूजा में विभिन्न देशों से आए बौद्ध भिक्षुओं के साथ सनातन धर्म के संत और बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु शामिल हुए।
श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर नेपाल त्रासदी में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति मिलने की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बौद्ध और सनातन परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

‘ठेकेदारी और रंगदारी से व्यवस्था नहीं बदलती’, गया में कृषि मंत्री विजय सिन्हा का मनोरमा देवी पर तंज

गया में आयोजित इंफ्रा बिल्ट एक्सपो कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, बेलागंज विधायक मनोरमा देवी समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में मनोरमा देवी ने मंच से कहा कि ठेकेदारी की वजह से ही आज वह इस मुकाम पर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदारी नहीं होती तो आज मनोरमा देवी भी खड़ी नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तन, मन और धन से मजबूत होना जरूरी है।

मनोरमा देवी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि ठेकेदारी और रंगदारी से व्यवस्था नहीं बदली जा सकती। व्यवस्था लोगों से सरोकार और ईमानदारी से बदलती है। उन्होंने कहा कि हमलोगों को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। हर तरह के व्यापार का सम्मान होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने अपने मंत्री और उपमुख्यमंत्री रहने का भी जिक्र किया। तभी मनोरमा देवी ने बीच में कहा- “मेरे कहने का मतलब वह नहीं था सर।”
कृषि मंत्री ने डेवलपरों से कहा कि पश्चिमी देशों की नकल करने के बजाय स्थानीय प्रकृति और जरूरतों को समझना होगा। भारत की जमीन और प्रकृति को ध्यान में रखकर विकास किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ विकास का तालमेल होने पर ही व्यवस्था सुंदर और टिकाऊ बनेगी।

मगध मेडिकल की बदहाल व्यवस्था पर डीएम सख्त, छह मैनेजरों का वेतन बंद करने का निर्देश

मगध मेडिकल अस्पताल की व्यवस्था में सुधार को लेकर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बुधवार को अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई, जलजमाव, प्रकाश, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के भोजन, चिकित्सकों की उपस्थिति और वार्डों की स्थिति का जायजा लिया। सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल में कार्यरत सभी छह हॉस्पिटल एवं हेल्थ मैनेजर से स्पष्टीकरण मांगने और तत्काल प्रभाव से उनका वेतन बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही 10 दिनों में व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रवेश द्वार पर बारिश का पानी जमा मिला। डीएम ने तत्काल जल निकासी कराने और प्रवेश द्वार के आसपास पेवर ब्लॉक बिछाने का निर्देश दिया। इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड के खराब पंखे व एसी तथा एमसीएच वार्ड के खराब एसी को दुरुस्त कराने को कहा गया। अस्पताल परिसर के ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था करने और सभी तकनीकी कमियों को सात दिनों में दूर करने का निर्देश दिया।

अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़े मिलने पर डीएम ने आपत्ति जताते हुए इनके प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया। एसडीओ सदर और नगर डीएसपी को अभियान चलाकर निजी एंबुलेंस हटाने और नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
डीएम ने मरीजों के लिए आवश्यक बेसिक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित कलर कोड के अनुसार प्रतिदिन बेडशीट बदलने का निर्देश दिया। शौचालयों की सफाई का भी उन्होंने स्वयं निरीक्षण किया। डॉक्टरों की रोस्टर आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने और रात्रि में औचक निरीक्षण की व्यवस्था करने को कहा। मरीजों के भोजन की गुणवत्ता में 24 घंटे के भीतर सुधार का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।