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गया में बिजली विभाग की बड़ी गड़बड़ी उजागर, रिश्वत लेने के आरोप में JE समेत 5 पर कार्रवाई टोका लगाकर बिजली चोरी का आरोप पड़ा फर्जी, जांच में UPI से 20 हजार लेने का मिला सबूत

गया जिले के इमामगंज प्रखंड के मंझौली गांव स्थित एक आइस फैक्ट्री में कथित बिजली चोरी के मामले की जांच में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर गया डीएम शशांक शुभंकर ने JE समेत पांच लोगों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है।

मंझौली निवासी उमेश साव ने जिला पदाधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि उनकी आइस फैक्ट्री में बिजली विभाग की टीम ने छापेमारी कर टोका फंसाकर मशीन चलाने का आरोप लगाया, जबकि ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मामले को रफा-दफा करने के बदले JE सचिन कुमार ने अवैध राशि की मांग की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने इसकी विस्तृत जांच के लिए शेरघाटी SDO को अधिकृत किया। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि कनीय अभियंता सचिन कुमार के कहने पर बिजली विभाग के लेखापाल रंजीत कुमार के बैंक खाते में UPI के माध्यम से 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। वहीं शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि 50 हजार रुपये नकद भी अवैध रूप से लिए गए।
अनुमंडल पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने कनीय अभियंता सचिन कुमार, सहायक अभियंता राजीव झा, लेखापाल रंजीत कुमार, मानव बल संजय पासवान तथा सुपरवाइजर विक्रम सिंह के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश अधीक्षण अभियंता को दिया है।

इसके अलावा डीएम ने कनीय अभियंता सचिन कुमार के निलंबन की अनुशंसा करते हुए विभाग को पत्र भेजने का निर्देश भी दिया है।