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. दुर्गापूजा में जाम से बचना है तो जान लें गया का ट्रैफिक प्लान, 17 से 21 अक्टूबर तक विशेष व्यवस्था

गया में दुर्गापूजा (दशहरा) मेला-2026 के अवसर पर श्रद्धालुओं, आम नागरिकों एवं मेला घूमने आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गया एवं बोधगया शहर में सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात संचालन के लिए विशेष यातायात योजना निर्धारित की गई है। इस संबंध में पुलिस उपाधीक्षक, यातायात, गया द्वारा वाहन परिचालन हेतु निर्धारित मार्ग एवं समय, रूट लाइनिंग, एकल मार्ग, पार्किंग स्थल तथा ड्रॉप गेट से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्धारित यातायात योजना 17 अक्टूबर 2026 से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों के प्रवेश एवं परिचालन को निर्धारित समय के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा। आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मार्गों एवं यातायात नियमों का पालन करें तथा यातायात पुलिस को सहयोग दें।

1. गया शहर में वाहन परिचालन हेतु निर्धारित मार्ग एवं समय

2.दुर्गापूजा मेला के दौरान गया शहर में बड़े मालवाहक एवं भारी वाहनों के प्रवेश पर निर्धारित समयावधि में प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त भीड़-भाड़ वाले प्रमुख मार्गों पर दोपहर 13:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया है।

● प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था निम्नवत रहेगी—
■ *गया शहर में बड़े वाहनों का प्रवेश:* सुबह 06:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ सिकड़िया मोड़: सिकड़िया मोड़ से सभी प्रकार के बड़े वाहनों का गया शहर में प्रवेश सुबह 06:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
■ काशीनाथ मोड़ से समाहरणालय गोलंबर: समाहरणालय गोलंबर होते हुए केदारनाथ मार्केट, जीबी रोड एवं रमना रोड की ओर दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ नादरागंज से पीरमंसूर मोड़: कोठवारा की ओर से नादरागंज होते हुए पीरमंसूर मोड़ जाने वाले मार्ग पर दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ पीरमंसूर चौक: पीरमंसूर चौक से केदारनाथ मार्केट, जीबी रोड एवं रमना रोड की ओर दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ किरानीघाट: किरानीघाट से दुःखहरणी मंदिर एवं रमना रोड की तरफ जाने वाले मार्ग पर दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ रामशिला मोड़: रामशिला मोड़ से टेकारी पंचानन मार्ग में प्रवेश कर गया शहर की ओर आने वाले वाहनों का प्रवेश दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
■ मुफस्सिल मोड़: मुफस्सिल मोड़ से किरानीघाट की तरफ बड़े वाहनों का प्रवेश सुबह 06:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
■ बाटा मोड़: बाटा मोड़ से टेकारी रोड की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ जीबी रोड एवं रमना रोड: दिनांक 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रत्येक दिन दोपहर 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक मोटरसाइकिल, चारपहिया एवं टेम्पू सहित सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

● *2. रूट लाइनिंग एवं वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था*
शहर में जाम की समस्या से बचने तथा वाहनों का सुचारु परिचालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मार्गों पर रूट लाइनिंग निर्धारित की गई है।
■ पटना की ओर से आने वाले मालवाहक ट्रक एवं पिकअप वाहन: रामशिला मोड़ से कुजापी नवादा मोड़ होते हुए मेहता पेट्रोल पंप एवं सिटी पब्लिक स्कूल के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।
■ समाहरणालय गोलंबर: समाहरणालय गोलंबर के आगे जीबी रोड में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश नहीं होगा।
■ सिकड़िया मोड़ से रेलवे स्टेशन जाने वाली टेम्पू: सिकड़िया मोड़ से गया कॉलेज मोड़, गोवाल बिगहा मोड़, काशीनाथ मोड़, नगमतिया मोड़ से बाएं मुड़कर रेलवे अस्पताल, एक नंबर गुमटी होते हुए सीधे रेलवे स्टेशन जाएगी।
■ रेलवे स्टेशन से सिकड़िया मोड़ जाने वाली टेम्पू: रेलवे स्टेशन से जीआरपी मोड़ पर बाएं मुड़कर बाटा मोड़, स्वरानपुरी रोड, काशीनाथ मोड़ एवं गोवाल बिगहा मोड़ होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएगी।
■ मुफस्सिल से स्टेशन जाने वाली टेम्पू: मुफस्सिल से लखीबाग मोड़, किरानी घाट पेट्रोल पंप, जनता कोल्ड स्टोरेज, गुरुद्वारा एवं डोमटोली चौक होते हुए मालगोदाम से स्टेशन की ओर जाएगी।
■ राजेंद्र आश्रम से स्टेशन जाने वाली टेम्पू: राजेंद्र आश्रम से चौपड़ा एजेंसी, काशीनाथ मोड़ एवं नगमतिया मोड़ से बाएं मुड़कर रेलवे अस्पताल तथा एक नंबर गुमटी होते हुए स्टेशन जाएगी।
■ बाईपास से स्टेशन जाने वाली टेम्पू: मंगला गौरी, गोदावरी रोड, शहीद तकिया मोड़, गोवाल बिगहा मोड़, काशीनाथ मोड़, नगमतिया मोड़ एवं रेलवे अस्पताल होते हुए एक नंबर गुमटी से सीधे स्टेशन जाएगी।
■ स्टेशन से बाईपास की ओर जाने वाली टेम्पू: रेलवे स्टेशन से बाटा मोड़, स्वरानपुरी रोड, काशीनाथ मोड़, एपीआरओ मोड़, आईएमए हॉल, डिग्घी तालाब मोड़, कोइबारी, टिल्हा धर्मशाला एवं चांद चौरा होते हुए बाईपास जाएगी।
■ चेरकी रोड एवं चंदौती मोड़: चेरकी रोड में चंदौती मोड़ से सिकड़िया मोड़ की ओर सभी प्रकार के बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
■ गोवाल बिगहा से बाईपास जाने वाली टेम्पू: गोवाल बिगहा से शहीद तकिया मोड़, चांद चौरा, बंगाली आश्रम एवं विष्णुपद थाना होते हुए बाईपास जाएगी।
■ गया शहर में आने वाले छोटे निजी वाहन: पांच नंबर गेट, ओटीए एवं सिकड़िया मोड़ होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे।

● 3. एकल मार्ग व्यवस्था
यातायात के दबाव को कम करने तथा जाम की स्थिति से बचने के लिए शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर एकल मार्ग व्यवस्था निर्धारित की गई है।
गया रेलवे स्टेशन की तरफ से आने वाले वाहन बाटा मोड़ होते हुए स्वरानपुरी रोड से जाएंगे।
शहीद तकिया मोड़ से गोदावरी रोड एवं मंगला गौरी की तरफ सीधे कोई वाहन नहीं जाएगा।
शहीद तकिया मोड़ से चांद चौरा पश्चिमी, नारायण चुआं मोड़, बंगाली आश्रम एवं ब्रह्मसत तालाब होते हुए बाईपास मार्ग से पुनः मंगला गौरी रोड की ओर वाहन जा सकेंगे।
वाहन चालकों को निर्देशित किया गया है कि वे एकल मार्ग व्यवस्था का पालन करें तथा विपरीत दिशा से वाहन चलाने से बचें।
● 4. पार्किंग की विस्तृत व्यवस्था
मेला घूमने आने वाले लोगों एवं शहर में विभिन्न कार्यों से आने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े करने की व्यवस्था की गई है।
*दिनांक 17 अक्टूबर 2026 से मेला समाप्ति तक प्रत्येक दिन दोपहर 13:00 बजे के बाद शहर में सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग किया जाएगा।*

● *पार्किंग के लिए निर्धारित प्रमुख स्थल निम्नलिखित हैं—*
■ चाकंद की तरफ से आने वाले छोटे वाहन: डोमटोली से मुरली पहाड़ी होते हुए रेलवे स्टेशन परिसर के पार्किंग स्थल में वाहन खड़े करेंगे।
■ मुफस्सिल की तरफ से आने वाले वाहन: रेलवे स्टेशन परिसर स्थित निर्धारित पार्किंग स्थल में वाहन पार्क करेंगे।
■ बाईपास की तरफ से आने वाले वाहन: कॉटनलारा अस्पताल के मैदान एवं गया जिला स्कूल, गया के मैदान में वाहन पार्क करेंगे।
■ मिर्जागंज, डेल्हा एवं टेकारी की तरफ से आने वाले वाहन: गया कॉलेज खेल परिसर में वाहन पार्क करेंगे।
■ कोठवारा, चांद चौरा एवं नूतन नगर की ओर से आने वाले वाहन: गया जिला स्कूल के मैदान में वाहन पार्क करेंगे।
■ सिकड़िया मोड़ की तरफ से आने वाले वाहन: गया कॉलेज खेल परिसर में वाहन पार्क करेंगे।
आम नागरिकों से अनुरोध है कि वे सड़क किनारे अथवा प्रतिबंधित स्थलों पर वाहन खड़े नहीं करें। निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें, ताकि सड़क पर यातायात बाधित न हो।
● 5. ड्रॉप गेट की व्यवस्था
यातायात नियंत्रण एवं भीड़ प्रबंधन के लिए गया शहर में विभिन्न प्रमुख स्थानों पर ड्रॉप गेट की व्यवस्था की गई है। इन स्थानों पर यातायात पुलिस द्वारा वाहनों के प्रवेश एवं परिचालन को नियंत्रित किया जाएगा।
■ *ड्रॉप गेट के प्रमुख स्थान निम्नलिखित हैं—*
★ गया कॉलेज खेल परिसर (पार्किंग स्थल)।
★ समाहरणालय गोलंबर के पास केदारनाथ मार्केट की ओर जाने वाले रास्ते में।
★ पीरमंसूर चौक के पास जीबी रोड एवं मित्तल मार्केट की ओर।
★ किरानी घाट, दुःखहरणी मंदिर एवं रमना रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर।
★ बाटा मोड़, पूर्वी टेकारी रोड में।
★ नगमतिया मोड़ के पास।
★ काशीनाथ मोड़ यातायात पोस्ट के पास, डीएम गोलंबर जाने वाले रास्ते में।
★ मुसुंडा मोड़, मुफस्सिल।
★ घुघड़ीटांड़ मोड़, मंगला गौरी की ओर जाने वाले रास्ते में।
★ सिकड़िया मोड़।
★ रामशिला मोड़।
★ बुनियादगंज बाईपास मोड़।
★ रेलवे बस स्टैंड के पास नगर निगम कार्यालय के आगे।
ड्रॉप गेट पर तैनात कर्मियों के निर्देशों का पालन करना सभी वाहन चालकों के लिए आवश्यक होगा।

● 6. बोधगया शहर में यातायात व्यवस्था
दुर्गापूजा मेला-2026 के दौरान बोधगया शहर में भी यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे। यह व्यवस्था 17 अक्टूबर 2026 से 21 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।
*बोधगया शहर में बड़े वाहनों का परिचालन सुबह 06:00 बजे से अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। *
■ महामाया होटल से बोधगया शहर की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ दोमुहान से बोधगया शहर की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ राजापुर पुल से बोधगया शहर की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
■ गांधी चौक से बोधगया शहर की तरफ दिन में 13:00 बजे के बाद अगले दिन सुबह 03:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

● 7. आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील
जिला प्रशासन एवं यातायात पुलिस, गया द्वारा आम नागरिकों, श्रद्धालुओं, मेला घूमने आने वाले लोगों तथा वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित यातायात योजना, रूट लाइनिंग, एकल मार्ग, पार्किंग व्यवस्था एवं ड्रॉप गेट से संबंधित निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
मेला अवधि में अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का उपयोग करने से बचें तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें। निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करें और प्रतिबंधित मार्गों में प्रवेश न करें।
प्रशासन का उद्देश्य दुर्गापूजा (दशहरा) मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।

सीज़िप्स-2026 में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर मंथन, देशभर के 500 विशेषज्ञ जुटे

सीज़िप्स-2026 में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर मंथन, देशभर के 500 विशेषज्ञ जुटे
आईजी विकास वैभव बोले- मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भ्रांतियां दूर करना जरूरी, सम्मेलन को मिला 12 सीएमई क्रेडिट घंटे का अनुमोदन
बोधगया।ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के 51वें वार्षिक सम्मेलन ‘सीज़िप्स-2026’ का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को बोधगया स्थित आईटीसी वेलकम के सभागार में हुआ। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय अकादमिक सम्मेलन में देशभर से करीब 500 मनोचिकित्सक, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता और युवा चिकित्सक शामिल हुए। सम्मेलन में मानसिक स्वास्थ्य की बदलती चुनौतियों, आधुनिक उपचार पद्धतियों और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव, डॉ. टीएसएस राव, ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा, मानद सचिव डॉ. रंजन भट्टाचार्य, आयोजन अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह और आयोजन सचिव डॉ. निस्का सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘द मेडिकल माइंडस्केप–माइंड बियॉन्ड माइंड’ रखी गई है।

इस अवसर पर आईजी विकास वैभव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व दिया जाना चाहिए। समाज में मानसिक बीमारियों को लेकर व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। लोगों को मानसिक परेशानियों के प्रति जागरूक करने के साथ जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन नई जानकारियों के आदान-प्रदान और बेहतर उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नशे की लत से लेकर सिजोफ्रेनिया तक पर चर्चा

आयोजन सचिव डॉ. निस्का सिन्हा ने बताया कि सम्मेलन में युवाओं में नशे की लत, नशामुक्ति उपचार में नई प्रगति, एडीएचडी, प्रसवोत्तर मानसिक बीमारियों की शुरुआत एवं पुनरावृत्ति तथा मनोविकृति और सिजोफ्रेनिया के सटीक उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। सम्मेलन के अंतिम दिन जैव-चिह्नों के आधार पर सटीक मनोचिकित्सा, न्यूरोमॉड्यूलेशन और तंत्रिका-विज्ञान एवं मनोचिकित्सा के आधुनिक संबंधों पर भी चर्चा होगी।
डॉ. तनमैनी दास बनीं नई अध्यक्ष
सम्मेलन के दौरान ओडिशा की डॉ. तनमैनी दास को ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी का नया अध्यक्ष चुना गया। निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने उन्हें मेडल पहनाकर बधाई दी।

12 सीएमई क्रेडिट घंटे की मिली मान्यता

डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार चिकित्सा पंजीकरण परिषद ने सीज़िप्स-2026 को 12 सीएमई क्रेडिट घंटे की मान्यता दी है। यह मान्यता एक अक्टूबर 2026 को जारी आदेश संख्या 6158 के तहत प्रदान की गई है। इससे पात्र चिकित्सकों को निरंतर चिकित्सा शिक्षा के निर्धारित क्रेडिट घंटे प्राप्त होंगे। सम्मेलन का समापन सम्मान समारोह, पुरस्कार वितरण और समापन कार्यक्रम के साथ होगा।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सैकड़ों डॉक्टरों ने निकाली पदयात्रा, जागरूकता का दिया संदेश

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार की सुबह बोधगया में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पदयात्रा निकाली गई। ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के सम्मेलन के तहत आयोजित इस पदयात्रा में आईआईएम बोधगया का सहयोग रहा। पदयात्रा आईआईएम बोधगया से शुरू होकर महाबोधि मंदिर तक पहुंची। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर करीब दो किलोमीटर की दूरी तय की।

पदयात्रा में मनोचिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सम्मेलन के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। सभी ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने और मानसिक समस्याओं को लेकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया।

ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. यू.के. सिन्हा ने कहा कि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना और इस विषय पर खुलकर बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए शरीर के साथ-साथ मन का स्वस्थ रहना भी जरूरी है। मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पर सभी को ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता, काम का दबाव और पारिवारिक समस्याएं लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसके बावजूद सामाजिक झिझक और लोगों की प्रतिक्रिया के डर से कई लोग अपनी परेशानियां साझा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में जागरूकता फैलाना और लोगों को सहज माहौल उपलब्ध कराना आवश्यक है।

डॉ. टीएसएस राव ने कहा कि मानसिक परेशानियों को कमजोरी समझने के बजाय उन्हें समझकर उचित समाधान तलाशना चाहिए। परिवार, मित्रों और विशेषज्ञों से बातचीत करना मददगार हो सकता है। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. निष्का सिन्हा ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और जरूरतमंद लोगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने पर जोर दिया।

पदयात्रा के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि मानसिक समस्याओं को छिपाने के बजाय समय पर विशेषज्ञों से परामर्श लें और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।

स्वास्तिक-ॐ और दीपों से सजा देवघाट, पितरों के सम्मान में हुआ दीपदान, मनाई गई पितृदिपावली

पितृपक्ष मेले के दौरान गुरुवार की शाम विष्णुपद के देवघाट पर पितृ दीपावली मनाई गई। फल्गु नदी के किनारे स्थित देवघाट पर श्रद्धालुओं ने पितरों की स्मृति और उनकी आत्मशांति की कामना को लेकर घी के सैकड़ों-हजारों दीप जलाए। दीपों की रोशनी से पूरा घाट जगमगा उठा और माहौल भक्तिमय हो गया।
पितृपक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पितृ दीपावली मनाने की परंपरा है। मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर गया आते हैं। उनके सम्मान में दीपदान करने से उनके लिए मोक्ष और स्वर्ग की राह प्रकाशमय होती है। इसी आस्था के साथ देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने देवघाट पर विधि-विधान से दीप जलाकर पितरों को नमन किया।
दीयों से सजे घाट पर श्रद्धालुओं ने स्वास्तिक और ॐ के प्रतीक भी बनाए। एक साथ जलते दीपों की कतारों ने देवघाट और फल्गु नदी के तट को आकर्षक बना दिया। विष्णुपद मंदिर का आसपास का क्षेत्र भी रोशनी से नहाया नजर आया।
पितृ दीपावली के दौरान पितरों की स्मृति में दीपदान के साथ पटाखे छोड़ने की भी परंपरा रही है। देर शाम तक देवघाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। दीपों की रोशनी, आस्था और फल्गु नदी का शांत तट लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

बैग में 120 नशीली गोलियां, प्लेटफॉर्म पर बैठा था शिकार की तलाश में; गया में नशाखुरानी गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

गया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को नशा खिलाकर सामान चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। उसके बैग की तलाशी में 120 नशीली टैबलेट, छह स्मार्टफोन, नशीला पदार्थ जैसा पाउडर, थ्रेड कटर, सोने जैसा धातु का लॉकेट और रेलवे टिकट समेत कई सामान बरामद किए गए।
गया रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने बुधवार को बताया कि गया जंक्शन के दिल्ली छोर स्थित प्लेटफॉर्म संख्या 1सी पर आरपीएफ, सीपीडीएस, अपराध आसूचना शाखा और जीआरपी की टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान दिल्ली इंड की ओर एक व्यक्ति ग्रे और ब्लैक रंग का पिठ्ठु बैग लेकर संदिग्ध हालत में बैठा मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम रमेश कुमार (55), निवासी बकरा, थाना बिन्द, जिला नालंदा बताया।
संदेह होने पर पुलिस टीम ने उसके बैग की तलाशी ली। बैग से एटीवान 2 एमजी की 120 टैबलेट, छह मोबाइल फोन, नशीला पदार्थ जैसा पाउडर, बिस्किट के पैकेट, दो लोहे के थ्रेड कटर, एक लॉकेट और दूसरे व्यक्ति के नाम का एसबीआई डेबिट कार्ड बरामद हुआ।
आरोपी ने बताया कि वह ट्रेन में यात्रियों को नशीली गोलियां खिलाकर बेहोश करता था और इसके बाद उनका सामान चोरी कर ट्रेन से उतर जाता था। पुलिस ने बरामद सामान जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आगे की कार्रवाई के लिए उसे जीआरपी गया को सौंप दिया गया है।

साड़ी में दौड़ी कविता तो गया में इमामगंज विधायक दीपा कुमारी ने किया सलाम, बोलीं- महिलाएं दुर्गा और लक्ष्मी का रूप

रामगढ़ में होमगार्ड बहाली के ट्रायल में साड़ी पहनकर 1600 मीटर दौड़ लगाने वाली महिला अभ्यर्थी कविता महतो का जज्बा चर्चा में है। नंगे पांव और बिना किसी खास स्पोर्ट्स ड्रेस के साड़ी संभालते हुए दौड़ पूरी करने वाली कविता की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इमामगंज विधायक दीपा कुमारी ने भी कविता के हौसले की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है।

विधायक दीपा कुमारी ने बुधवार को कहा कि महिलाएं मां दुर्गा और लक्ष्मी का रूप होती हैं। ऐसी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ सम्मान भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल कई लड़कियां साड़ी में असहज महसूस करने की बात कहती हैं और शूट, जींस सहित दूसरी पोशाक को ज्यादा सुविधाजनक मानती हैं। लेकिन कविता ने साड़ी पहनकर 1600 मीटर की दौड़ पूरी कर यह दिखा दिया कि हौसले के आगे पोशाक कोई बाधा नहीं है।
कविता के

पति का निधन हो चुका है। वह दो बच्चों और सास-ससुर की जिम्मेदारी संभालने के लिए ईंट-भट्ठे में मजदूरी करती हैं। परिवार पर कर्ज है। ट्रायल के दिन वह भूखे पेट ही दौड़ने पहुंची थीं। होमगार्ड बनने के लिए वह कई दिनों से सुबह चार बजे उठकर दौड़ का अभ्यास कर रही थीं।

‘हिना’, ‘दिलवाले’ और ‘दुश्मन’ जैसी फिल्मों से पहचान बनाने वाले करण राजदान ने गया में किया पिंडदान

पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के दौरान प्रसिद्ध अभिनेता, लेखक एवं निर्देशक करण राजदान गया पहुंचे। उन्होंने गया में पिंडदान और तर्पण किया। विष्णुपद मंदिर के गर्भ गृह में विशेष पूजा अर्चना की है।इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और सुगम आवागमन के लिए गया पुलिस की ओर से किए गए प्रबंधों की सराहना की।
करण राजदान हिंदी फिल्म और टेलीविजन जगत में अभिनेता के साथ-साथ लेखक एवं निर्देशक के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने चर्चित फिल्म ‘हिना’ के लेखन से विशेष पहचान बनाई। इसके अलावा ‘दिलवाले’, ‘दुश्मन’, ‘गुनाह’ और ‘ऐसी भी क्या जल्दी है’ जैसी फिल्मों से भी उनका नाम जुड़ा रहा है। उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी कई फिल्मों और टेलीविजन परियोजनाओं पर काम किया है।
गया पहुंचने पर करण राजदान ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था चुनौतीपूर्ण होती है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किए गए इंतजाम सराहनीय हैं। उन्होंने गया की

धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता की भी प्रशंसा की।

जी राम जी योजना के तहत निजी जमीन पर पौधारोपण, ग्रामीणों ने जताई आपत्ति,IG को दिया आवेदन

गया जिले के छकरबंधा पंचायत के केनुआटांड़ गांव में निजी जमीन पर बिना अनुमति जी राम जी योजना के तहत पौधारोपण और जमीन की घेराबंदी को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने वर्तमान मुखिया इम्तियाज अहमद पर उनकी निजी जमीन में बिना सूचना और अनुमति के पौधे लगवाने, विरोध करने पर महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों के अनुसार, विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (VB-G RAMG) योजना के तहत उनकी जमीन पर जबरन पौधे लगाए गए। घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया तो उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया गया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की गई। आरोप है कि विरोध के बावजूद अब जमीन की घेराबंदी के लिए खंभे और कंटीले तार भी गिरा दिए गए हैं।
ग्रामीण जीतन भुइयां, रामवृक्ष भुइयां, कृत भुइयां और शिवन भुइयां का कहना है कि वे मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद सभी घर लौटे और मुखिया से जमीन पर घेराबंदी नहीं करने को कहा। आरोप है कि इस पर मुखिया ने कथित तौर पर कहा कि जहां जाना है जाइए, देख लेंगे।

ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास जमीन से संबंधित परवाना और रसीद समेत अन्य कागजात मौजूद हैं। शिकायत में खाता संख्या 521, प्लॉट संख्या 3963 तथा जमाबंदी संख्या 124, 125, 126 और 127 का उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक जमीन खाली नहीं कराई गई है। फसल लगाने का समय नजदीक होने के कारण परिवारों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से जमीन की जांच कराकर कार्रवाई और फसल लगाने के लिए जमीन खाली कराने की मांग की है।इसे लेकर मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के जनता दरबार में न्याय की मांग को लेकर आवेदन दिया है।

AI की नजर से नहीं बच पाए चोर, पितृपक्ष मेला में 44 मोबाइल के साथ 8 गिरफ्तार,SSP ने किया खुलासा

गया में आयोजित पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर मोबाइल और पर्स उड़ाने वाले गिरोह पर गया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। AI आधारित सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने एक नाबालिग समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी के 44 स्मार्टफोन, 34 हजार रुपये नकद, चाकू, पिलास, हथौड़ी और डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है।
गया एसएसपी सुशील कुमार ने शुक्रवार को विष्णुपद मंदिर परिसर स्थित अस्थायी थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पितृपक्ष मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की विशेष तैनाती की गई है। साथ ही AI आधारित सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
AI तकनीकी टीम और गया पुलिस की तकनीकी टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों को फॉलो किया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में सचिन कुमार शर्मा, प्रताप नोनिया, करण नोनिया, संतोष नोनिया, रौशन कुमार, गणेश नोनिया और संजय साव शामिल हैं। एक नाबालिग को भी विधि विरुद्ध निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। बरामद मोबाइलों के मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।

गया में बाला साहेब ठाकरे का पिंडदान: बहू स्मिता ठाकरे ने किया श्राद्ध-तर्पण, बोलीं—समाजसेवा करना हमारे हाथ में

पितृपक्ष मेला के दौरान शिवसेना के संस्थापक स्व. बाला साहेब ठाकरे की बहू स्मिता ठाकरे गया पहुंचीं। उन्होंने अपने ससुर बाला साहेब ठाकरे और पिता का विधि-विधान से श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया। उन्होंने कहा कि गया की पावन धरती पर आकर पितरों का स्मरण करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। लंबे समय से गया आने की इच्छा थी, जो गुरु के आशीर्वाद से पूरी हुई।
पिंडदान के बाद मीडिया से बातचीत में स्मिता ठाकरे भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पितरों को याद करते हुए कई बार हम कुछ पितरों को भूल जाते हैं। गया में पूजा के माध्यम से सभी पितरों को स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति की कामना की गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं के पिंडदान को लेकर उनके मन में पहले संकोच था, लेकिन गुरु से माता सीता की गया में पिंडदान की कथा सुनने के बाद उन्हें विश्वास मिला।
राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति में आना-जाना हमारे हाथ में नहीं है, समाजसेवा करना हमारे हाथ में है। उन्होंने कहा कि वे समाजसेवा और हिंदुत्व के प्रचार का कार्य करती रहेंगी।