गया में मंदिर-मठों की जमीन होगी पूरी तरह सुरक्षित, अवैध कब्जा और फर्जी जमाबंदी पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएम
गया जिले के मंदिरों और मठों की भूमि की सुरक्षा और विधिवत अभिलेखीकरण को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंतों, पुजारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विशेष सर्वेक्षण के दौरान मंदिर एवं मठों की सभी भूमि का सही पंजीकरण सुनिश्चित करना तथा अतिक्रमण और अवैध जमाबंदी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करना था।
बैठक में डीएम ने कहा कि मंदिर एवं मठों की भूमि धार्मिक और सार्वजनिक संपत्ति है, इसलिए उसका विधिवत रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है। उन्होंने सभी महंतों और पुजारियों से अपने संस्थानों से संबंधित सभी उपलब्ध अभिलेख, खाता, खेसरा, थाना, मौजा एवं अन्य भूमि विवरण शीघ्र जिला बंदोबस्त कार्यालय में जमा कराने की अपील की, ताकि विशेष सर्वेक्षण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि कई स्थानों से मंदिर और मठों की जमीन पर अवैध कब्जे तथा निजी व्यक्तियों के नाम पर जमाबंदी की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों की विधिक समीक्षा कर अपर समाहर्ता (राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा और नियमानुसार अवैध जमाबंदी रद्द कराने की कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर एवं मठों की सभी भूमि का बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड में विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
बैठक में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी ने जानकारी दी कि पूर्ववर्ती सर्वे में मंदिर या मठ के नाम दर्ज भूमि को वर्तमान विशेष सर्वेक्षण में भी उसी नाम से दर्ज किया जाएगा। यदि किसी भूमि को लेकर विवाद लंबित है तो संबंधित मंदिर या मठ को नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाएगा। बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारी, जिला बंदोबस्त कार्यालय के पदाधिकारी तथा जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंत और पुजारी उपस्थित रहे।



गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत कठौतिया केवाल पंचायत के रघुनाथ नगर गांव में गुरुवार शाम करीब तीन वर्षीय पीयूष कुमार (पिता–दिनेश कुमार) खेलते-खेलते लगभग 30 से 35 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रशासन ने तत्काल बोरवेल में पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई, ताकि बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहे। वहीं पटना से एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम और एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू अभियान में जुट गई। करीब सात घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के दौरान प्रशासन, आपदा राहत बल और स्थानीय लोगों के समन्वय से आखिरकार मासूम पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने प्रशासन व रेस्क्यू टीम का आभार जताया।




मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई करीब 14.87 किलोग्राम सोने की चर्चित बैंक लूट की जांच अब बिहार के गया जिले तक पहुंच गई है। लूटे गए सोने की तलाश में मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष टीम गुरुआ प्रखंड में डेरा डाले हुए है। टीम ने कई ज्वेलरी दुकानों पर पहुंचकर खरीद-बिक्री के रजिस्टर, बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की। साथ ही कारोबारियों से भी सोने के लेन-देन को लेकर पूछताछ की गई।

