गया में ‘हेल्थ वॉर’! दो अस्पताल आमने-सामने, फर्जी डिग्री से लेकर इस्तीफे तक के दावों ने बढ़ाया विवाद
पटना में दो कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब गया में दो अस्पतालों के बीच टकराव सुर्खियों में है।
गया के एपी कॉलोनी स्थित अर्श सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ. नवनीत निश्चल और कविता निश्चल ने संयुक्त रूप से मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उसके हीं अस्पताल में काम करने वाले डॉ टी शर्मा का डिग्री फर्जी है।यह जानकारी अस्पताल को छोड़ने के बाद हुई है। वह पिछले 3 वर्षों से वहां कार्यरत थे। मरीजों का इलाज कर रहे थे।जब डॉक्टर टी शर्मा ने कथित रूप से भागने के बाद अस्पताल प्रबंधन को यह जानकारी हुई कि डिग्री फर्जी है। डॉ नवनीत निश्चल ने विदेश से डिग्री लेने पर सवाल उठाया है। फेक FMG का डिग्री बताया है।अर्श हॉस्पिटल के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है कि फर्जी डिग्री धारक को डॉक्टर के रूप में कार्य किया है। हॉस्पिटल के दुष्प्रचार के लिए मरीज के साथ छेड़खानी कराने का आरोप लगाया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
कविता निश्चल ने बताया कि नए डॉक्टर के आने पर उन्हें धमकी दी जा रही है। डॉ टी शर्मा को फर्जी डॉक्टर बताते हुए कहा कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। ऑनलाइन एमबीबीएस का कोई कोर्स नहीं होता है।इसी दौरान सोशल मीडिया पर प्रिस्क्रिप्शन वायरल होने लगा।अस्पताल की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया।संबंधित डिग्री की मांग करने के बाद वह यहां से भाग गए।मरीज की मौत हुई थी जिसमें मरीज के परिजनों को अपस्ताल प्रबंधन के खिलाफ भड़काया गया।मरीज की मौत में अस्पताल के द्वारा कोई लापरवाही नहीं थी।
वहीं डॉ टी शर्मा ने अर्श सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन के द्वारा लगाए गए आरोप को निराधार बताया है।कहा कि अगर हमारी डिग्री फर्जी है तो हमसे ज्यादा अस्पताल प्रबंधन दोषी है। सीईओ के रूप में नियुक्त थे।हजारों मरीजों की जान बचाई है।एक महिला मरीज की मौत के पूर्व हीं इस्तीफा दे चुके है।इसकी जानकारी नहीं है।उस वक्त कौन कौन डॉक्टर थे यह जांच का विषय है।छेड़खानी मामले में मरीज के परिजन ने खुद स्वीकार किया कि मारपीट कर जबरदस्ती थाना में आवेदन दिया गया है। दिल्ली मेडिकल काउंसिल से डिग्री की सत्यापन कराई जा चुकी है। दूसरा अस्पताल नहीं खुले इसे लेकर धमकी दी जा रही है।झूठा केस में फंसाने की धमकी को लेकर जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारी को आवेदन दे चुके है।कविता निश्चल की अपनी लोकल कंपनी की दवाई का प्रयोग करने के लिए हमेशा दवाब बनाया जाता था।कई डॉक्टरों ने अस्पताल प्रबंधन के इस रवैये से छोड़ चुके है।जिला प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटी है।जांच में सच सामने आएगा।


