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NEET UG 2026 री–एग्जाम को लेकर गया प्रशासन अलर्ट, 13 केंद्रों पर कड़ी निगरानी,हर केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर डीएम शशांक शुभंकर एवं एसएसपी सुशील कुमार की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था एवं विधि-व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।
डीएम ने बताया कि गया जिले में परीक्षा के लिए 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे तथा उनके साथ-साथ परीक्षा केंद्रों के आसपास की फोटोकॉपी दुकानों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

बैठक में अधिकारियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा अवधि में लगातार भ्रमणशील रहने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचने को कहा गया है।

परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए शुद्ध पेयजल, वेटिंग एरिया, मेडिकल सुविधा, एंबुलेंस, ORS एवं अन्य आवश्यक दवाओं की व्यवस्था सभी केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। भीषण गर्मी को देखते हुए अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों से 100 मीटर दूर छायादार स्थान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार के आदेशानुसार नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को BSRTC बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
डीएम ने बताया कि परीक्षा के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना 0631-2222253 पर दी जा सकती है।

गया में एंबुलेंस ने दिया धोखा, अस्पताल पहुंचने से पहले मासूम की मौत; स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक 11 वर्षीय छात्र को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज में देरी के कारण मासूम की जान चली गई।
मृतक की पहचान उज्ज्वल कुमार (11 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पलामू जिले के नौडीहा थाना क्षेत्र के तरीडीह गांव निवासी दामोदर मेहता का पुत्र था। वह इमामगंज थाना क्षेत्र के पाकरडीह गांव में अपनी मौसी के घर रहकर पढ़ाई करता था।

बताया जाता है कि उज्ज्वल क्रिकेट खेलकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में मिट्टी लदे एक ट्रैक्टर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने घायल छात्र को तत्काल एंबुलेंस की मदद से शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। सभी को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच जाएगी। तभी बांके बाजार के समीप पहुंचते ही एंबुलेंस अचानक खराब हो गई। वाहन बंद पड़ने के कारण अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो गई। इस दौरान घायल छात्र की हालत लगातार बिगड़ती रही। परिवार का आरोप है कि यदि एंबुलेंस तकनीकी रूप से सही हालत में होती और समय पर अस्पताल पहुंच जाती तो उज्ज्वल की जान बच सकती थी।
इस घटना ने एक बार फिर जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महाबोधी मंदिर पहुंचे पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, कहा- आत्मिक सुख की हुई अनुभूति,की पूजा अर्चना

बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को बोधगया पहुंचे। जहां भगवान बुद्ध के दर्शन कर राज्य व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर यहां की व्यवस्थाओं और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।

महाबोधि मंदिर पहुंचने पर BTMC के सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी ने खादा भेंट कर पर्यटन मंत्री का स्वागत किया।

इसके बाद मंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलित कर प्रार्थना की। इस दौरान उपस्थित बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ एवं मंगलकामना की। मंत्री ने कहा कि महाबोधि मंदिर के पवित्र वातावरण में उन्हें आत्मिक शांति और आध्यात्मिक सुख की अनुभूति हुई।
मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधि वृक्ष के दर्शन के दौरान उन्होंने इसके धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। साथ ही आगंतुक सुविधाओं, परिसर की देखरेख और पर्यटन विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि बोधगया और गया को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने प्रस्तावित महाबोधि कॉरिडोर परियोजना को क्षेत्र के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।कहा कि महाबोधि मंदिर विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसके विकास से बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

इस मौके पर बीटीएमसी की ओर से उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किया गया, बोधि वृक्ष का पत्ता, महाबोधि महाविहार की स्थापत्य एवं मूर्तिकला विरासत पर आधारित पुस्तक तथा अन्य प्रकाशन स्मृति चिन्ह में शामिल था।

गया में बिजली विभाग की बड़ी गड़बड़ी उजागर, रिश्वत लेने के आरोप में JE समेत 5 पर कार्रवाई टोका लगाकर बिजली चोरी का आरोप पड़ा फर्जी, जांच में UPI से 20 हजार लेने का मिला सबूत

गया जिले के इमामगंज प्रखंड के मंझौली गांव स्थित एक आइस फैक्ट्री में कथित बिजली चोरी के मामले की जांच में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर गया डीएम शशांक शुभंकर ने JE समेत पांच लोगों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है।

मंझौली निवासी उमेश साव ने जिला पदाधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि उनकी आइस फैक्ट्री में बिजली विभाग की टीम ने छापेमारी कर टोका फंसाकर मशीन चलाने का आरोप लगाया, जबकि ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मामले को रफा-दफा करने के बदले JE सचिन कुमार ने अवैध राशि की मांग की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने इसकी विस्तृत जांच के लिए शेरघाटी SDO को अधिकृत किया। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि कनीय अभियंता सचिन कुमार के कहने पर बिजली विभाग के लेखापाल रंजीत कुमार के बैंक खाते में UPI के माध्यम से 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे। वहीं शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि 50 हजार रुपये नकद भी अवैध रूप से लिए गए।
अनुमंडल पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने कनीय अभियंता सचिन कुमार, सहायक अभियंता राजीव झा, लेखापाल रंजीत कुमार, मानव बल संजय पासवान तथा सुपरवाइजर विक्रम सिंह के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश अधीक्षण अभियंता को दिया है।

इसके अलावा डीएम ने कनीय अभियंता सचिन कुमार के निलंबन की अनुशंसा करते हुए विभाग को पत्र भेजने का निर्देश भी दिया है।

लाखों खर्च, न रोशनी मिली न साफ पानी; रामसागर तालाब का सोलर प्लांट बेकार, जिम्मेदार कौन..?

गया शहर के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक रामसागर तालाब में जल स्तर बनाए रखने और रात में रंग-बिरंगी रोशनी से तालाब को आकर्षक बनाने के लिए करीब छह साल पहले करीब

धूल फांकते सोलर प्लांट

45 लाख रुपये की लागत से सोलर प्लांट लगाया गया था। लेकिन यह महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू होने के महज चार-पांच महीने बाद ही ठप्प पड़ गई। अब तालाब के चारों ओर लगे सोलर पैनल और मोटर पंप रखरखाव के अभाव में कबाड़ होते जा रहे हैं।

परियोजना का उद्देश्य सोलर ऊर्जा से मोटर पंप चलाकर तालाब के पानी को स्वच्छ रखना, जलस्तर नियंत्रित करना और परिसर में लगी सजावटी लाइटों को रोशन करना था। मगर वर्षों से बंद पड़े इस सिस्टम की सुध लेने वाला कोई नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को इसका लाभ नहीं मिल सका।

इस मामले पर गया नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने कहा कि उन्हें हाल ही में इसकी जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पहले यह जांच कराई जाएगी कि सोलर प्लांट किस कंपनी ने लगाया था। यदि कंपनी इसे ठीक नहीं करती है तो नगर निगम अपने स्तर से मरम्मत कराएगा। इसके लिए एक टीम गठित कर तकनीकी जांच कराई जाएगी।
नगर आयुक्त ने कहा कि गया एक प्रमुख पर्यटन नगरी है और इसे विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

घर से नहीं, हॉस्टल से भागे थे बच्चे! गया जंक्शन पर RPF ने किया रेस्क्यू

गया रेलवे जंक्शन पर RPF की टीम ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत तीन नाबालिग लड़कों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्प लाइन को सौंप दिया। तीनों बच्चे बिना अभिभावक के प्लेटफॉर्म पर अकेले बैठे मिले थे।
आरपीएफ को चाइल्ड हेल्प लाइन के केस वर्कर मकसूद आलम ने सूचना दी कि गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर मिडिल फुट ओवरब्रिज के नीचे तीन नाबालिग बच्चे अकेले बैठे हुए हैं। सूचना मिलते ही सहायक उप निरीक्षक मृत्युंजय कुमार अकेला, उप निरीक्षक मोनिका कुमारी और आरक्षी ओम प्रकाश मौके पर पहुंचे।

पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे नवादा जिले के रहने वाले हैं और एक आवासीय स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते हैं। तीनों ने बताया कि वे सुबह करीब चार बजे हॉस्टल से भागकर ट्रेन के जरिए गया जंक्शन पहुंच गए थे।जिसे सुरक्षित रेस्क्यू किया है। मानव तस्करी या किसी अन्य अनहोनी की आशंका को देखते हुए आवश्यक सतर्कता बरती गई।

दाखिल-खारिज में लापरवाही पड़ी भारी, मानपुर CO और राजस्व कर्मचारी पर गिरी गाज

गया जिले में दाखिल-खारिज वादों के निष्पादन में लापरवाही को लेकर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। गया डीएम शुभंकर ने बताया कि मानपुर के अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मचारी प्रहलाद कुमार के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) सदर से कराई गई थी।
जांच के दौरान दाखिल-खारिज वाद के निष्पादन में लापरवाही के आरोप सही पाए गए। इसके बाद दोनों अधिकारियों से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर अंचल अधिकारी मानपुर एवं राजस्व कर्मचारी प्रहलाद कुमार के विरुद्ध विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही और अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

‘रविवार है तो क्या हुआ?’ अफसर पर भड़के विधायक, जनसभा में मर्यादा भूले विधायक? अफसर के लिए अभद्र भाषा का किया इस्तेमाल

गया जिले के वजीरगंज के भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विधायक एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान परियोजना इंजीनियर के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। 24 मई को वजीरगंज प्रखंड के बैरिया गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नाली निर्माण कार्य और रसलपुर गुमटी ओवरब्रिज परियोजना में हो रही देरी का मुद्दा उठा। इस दौरान विधायक ने कहा कि उन्होंने संबंधित परियोजना इंजीनियर को स्थिति स्पष्ट करने के लिए बुलाया था, लेकिन अधिकारी ने रविवार होने और सरकारी अवकाश का हवाला देकर आने से इनकार कर दिया।
इसी बात से नाराज विधायक ने मंच से संबोधित करते हुए अधिकारी पर तीखी टिप्पणी की और कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।भीड़ में विधायक बीरेंद्र सिंह ने गाली दी है।जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर गुरुवार को तेजी से वायरल हो रहा है।

“खरीद-फरोख्त और धर्म की राजनीति के सहारे चल रही भाजपा सरकार”–कहा कुमार सर्वजीत

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 20 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं और राबड़ी आवास खाली कराने के मुद्दे पर बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि टीएमसी के टूटने का सवाल नहीं है, बल्कि भाजपा विपक्षी दलों के नेताओं को खरीदने की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धनबल, सत्ता बल और हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों के सहारे राजनीति करती है।कहा कि यदि भाजपा इन मुद्दों का सहारा नहीं ले तो एक दिन भी देश में सरकार नहीं चला पाएगी।
राबड़ी आवास खाली कराने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार सर्वजीत ने कहा कि “मुद्दों से भटकाना भाजपा का परमसिद्ध अधिकार बन गया है। जनता के असली सवालों से ध्यान हटाने और सच्चाई को सामने नहीं आने देने के लिए भाजपा हमेशा लालू-राबड़ी का नाम उछालती रहती है।”

कुमार सर्वजीत बोधगया विधायक
गया में SSP का मिडनाइट एक्शन: सिविल लाइन थाना और रात्रि गश्ती का किया औचक निरीक्षण, दिए सख्त निर्देश

गया जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गया एसएसपी सुशील कुमार ने बुधवार की देर रात सिविल लाइन थाना एवं थाना क्षेत्र में रात्रि गश्ती व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान SSP ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर थाना के अभिलेखों, ड्यूटी व्यवस्था तथा विधि-व्यवस्था से संबंधित तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने थाना में मौजूद पुलिस पदाधिकारियों से विभिन्न मामलों की जानकारी ली और कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद SSP ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र में चल रही रात्रि गश्ती ड्यूटी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान गश्ती में तैनात पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति, सतर्कता और कार्यशैली की जांच की गई। उन्होंने अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
SSP ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि रात्रि गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि अपराध पर अंकुश लगाया जा सके तथा जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था कायम रहे।