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गया में 43 डिग्री पार,ANMMCH के इमरजेंसी में स्ट्रेचर और टेबल पर की जा रही इलाज,लगाया गया स्लाइन
गया जिला में पड़ रही भीषण गर्मी ने स्वास्थ्य व्यवस्था को चरमरा कर रख दिया है गया जिला का तापमान 45 डिग्री पहुंचते ही गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। और हालत ऐसे हो गए है की गया शहर के सबसे बड़े अस्पताल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह से भर चूका है और अस्पताल में मरीजों का आने का सिलसिला रुकने का नाम भी नहीं ले रहा है और अब अस्पताल के इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड में लगे स्ट्रेचर और कुर्सियों पर लेटाकर इलाज करने को मजबूर पड़ रहा है। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने वाले मरीजों को जहा जगह मिल रहा है डॉक्टर उस मरीज का इलाज वही सुरु कर दे रहे है और इमरजेंसी वार्ड में कई मरीजों को स्ट्रेचर और कुर्सियों पर लेटाकर सलाईन चढ़ाई जा रही है।  जबकि कुछ मरीजों का इलाज टेबल पर भी लेटाकर किया जा रहा है।अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बेड की कमी के कारण व्यवस्था चरमराती हुई नजर आ रही है।  गया में भीषण गर्मी के कारण अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं,
अधीक्षक ने बताया 

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ के के सिन्हा ने बताया की अभी गया जिला का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है और अस्पताल में दो तीन दिनों से हीट वेव के मरीज आना सुरु हो गए है और आज के तारीख में हमारे अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में हीट वेव के तीन मरीज भर्ती है जिसमे एक मरीज पलामू का है दूसरा मरीज गुरुआ का है और तीसरा मरीज इमामगंज का है और सभी मरीजों का इलाज चल रहा है अभी हीट वेव से पीड़ित मरीजों का स्थित्ति पहले से बहुत अच्छा है और एक मरीज जब हमारे अस्पताल में आया था तो उसकी तबियत बहुत ज्यादा ही ख़राब थी मगर धीरे -धीरे वह भी अच्छा हो गया है और हमारे हीट वेव वार्ड के जो नोडल पदाधिकारी है उन्होंने ने कहा है की हीट वेव के भर्ती तीन मरीजों में से दो मरीजों को आज डिस्चार्ज करने की संभावना है मगर अभी हमारे अस्पताल में हीट वेव के टीम मरीज है। वंही अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर,टेबल और कुर्सी पर मरीजों को लिटाकर इलाज किए जाने के सवाल पर कहा कि इमरजेंसी का जगह थोड़ा छोटा है मैनेज करने की कोशिश कर रहे है।चुकी दोपहर से लेकर सुबह तक जो इमरजेंसी में आते है उन्हें बेड मिलने से पहले वहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को ट्रांजिट करना पड़ता है।तो थोड़ी परेशानी होती है।इमरजेंसी में इस तरह की समस्या को दूर करने के लिए मैनेज करने का प्लान कर रहे है।

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