मगध मेडिकल की बदहाल व्यवस्था पर डीएम सख्त, छह मैनेजरों का वेतन बंद करने का निर्देश
मगध मेडिकल अस्पताल की व्यवस्था में सुधार को लेकर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बुधवार को अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई, जलजमाव, प्रकाश, दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के भोजन, चिकित्सकों की उपस्थिति और वार्डों की स्थिति का जायजा लिया। सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल में कार्यरत सभी छह हॉस्पिटल एवं हेल्थ मैनेजर से स्पष्टीकरण मांगने और तत्काल प्रभाव से उनका वेतन बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही 10 दिनों में व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के प्रवेश द्वार पर बारिश का पानी जमा मिला। डीएम ने तत्काल जल निकासी कराने और प्रवेश द्वार के आसपास पेवर ब्लॉक बिछाने का निर्देश दिया। इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड के खराब पंखे व एसी तथा एमसीएच वार्ड के खराब एसी को दुरुस्त कराने को कहा गया। अस्पताल परिसर के ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था करने और सभी तकनीकी कमियों को सात दिनों में दूर करने का निर्देश दिया।
अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़े मिलने पर डीएम ने आपत्ति जताते हुए इनके प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया। एसडीओ सदर और नगर डीएसपी को अभियान चलाकर निजी एंबुलेंस हटाने और नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।
डीएम ने मरीजों के लिए आवश्यक
बेसिक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्धारित कलर कोड के अनुसार प्रतिदिन बेडशीट बदलने का निर्देश दिया। शौचालयों की सफाई का भी उन्होंने स्वयं निरीक्षण किया। डॉक्टरों की रोस्टर आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने और रात्रि में औचक निरीक्षण की व्यवस्था करने को कहा। मरीजों के भोजन की गुणवत्ता में 24 घंटे के भीतर सुधार का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

