भैंस किसकी? अब DNA टेस्ट खोलेगा मालिकाना हक का राज, IG विकास वैभव ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
गया के अतरी थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव में भैंस के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद अब वैज्ञानिक जांच तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने भैंस के वास्तविक मालिक की पहचान के लिए DNA जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल को मामले की जांच तेज करते हुए निष्पक्ष तरीके से सभी तथ्यों की पड़ताल करने को कहा गया है।
मामले को लेकर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण नौरंगा पहुंचे और प्रकाश मांझी के परिजनों सहित ग्रामीणों से पूरे विवाद की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मंगलवार को ग्रामीणों के साथ आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की।
बताया गया कि मोहड़ा के सेवतर निवासी सूरज यादव की भैंस कुछ दिन पहले कहीं चली गई थी। बाद में भैंस अतरी के उपथू महाचक गांव पहुंची, जहां नौरंगा टोली में प्रकाश मांझी ने उसे अपने पास रखा। जानकारी मिलने पर सूरज यादव भैंस को लेने पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मालिकाना हक को लेकर विवाद शुरू हो गया।
मामले में अतरी थाना में भैंस चोरी की शिकायत भी दर्ज कराई गई। पुलिस ने भैंस को थाना लाकर बाद में सूरज यादव को सौंप दिया। वहीं, प्रकाश मांझी पक्ष की ओर से दावा किया गया कि यह वही भैंस है, जो करीब चार वर्ष पहले चोरी हुई थी। इसी दावे के कारण विवाद और गहरा गया।

