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पितृपक्ष मेले से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान, 21 कोषांग गठित; जानिए क्या-क्या होगा..?

पितृपक्ष मेला-2026 को सुरक्षित, स्वच्छ और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए गया जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले मेले के सफल संचालन को लेकर 21 कोषांगों का गठन किया गया है। प्रत्येक कोषांग में वरीय नोडल पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी और सदस्यों की नियुक्ति कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
जिला परिषद सभागार में आयोजित पहली समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने की। बैठक में समाजसेवियों, पंडा-पुरोहितों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सुझाव लिए गए। डीएम ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी मेले को और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने जिलेवासियों से भी सुझाव आमंत्रित करते हुए ppmhasangam@gmail.com पर अपने सुझाव भेजने की अपील की।

प्रशासन ने आवास, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, यातायात, सुरक्षा, सूचना प्रबंधन और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया है। होटल, धर्मशाला, विद्यालयों सहित अन्य भवनों में आवास की व्यवस्था की जाएगी, वहीं जरूरत पड़ने पर टेंट सिटी भी विकसित होगी। हर 200 से 500 मीटर पर पेयजल, पर्याप्त शौचालय और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी।

विष्णुपद मंदिर और प्रमुख घाटों पर 24 घंटे स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस और चिकित्सकों की तैनाती रहेगी। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी, अस्थायी पुलिस शिविर और व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वेबसाइट, मोबाइल ऐप, हेल्प डेस्क, खोया-पाया केंद्र और 24×7 कॉल सेंटर भी संचालित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा में सभी तैयारियां पूरी कर पितृपक्ष मेला-2026 को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाया जाए।

दिल छू लेने वाली कहानी; 25 साल तक भीख मांगकर गुजारा, अपनों ने छोड़ा तो वेदा बनी सहारा

कहते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है, और इसका एक मार्मिक उदाहरण बोधगया में देखने को मिला। पिछले करीब 25 वर्षों से शहर के बाजारों में भीख मांगकर जीवन यापन करने वाली एक वृद्ध महिला को आखिरकार सुरक्षित आश्रय मिल गया। उम्र और बीमारी के कारण जब उनका शरीर जवाब देने लगा तो अपने भी उनसे दूर हो गए। वह सड़क किनारे लावारिस और असहाय अवस्था में पड़ी मिलीं।
इसकी सूचना मिलने पर वेदा ओल्ड एज होम की संचालिका वेदा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और वृद्ध महिला को अपने संरक्षण में लिया। महिला की तबीयत खराब होने के कारण पहले उनका चिकित्सकीय उपचार कराया जाएगा, इसके बाद उन्हें ओल्ड एज होम में रखा जाएगा, जहां उनके भोजन, इलाज और देखभाल की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
वेदा ने बताया कि उनका संस्थान पिछले लगभग 20 वर्षों से गया जिले में बेसहारा, अनाथ और उपेक्षित वृद्ध महिला-पुरुषों की सेवा कर रहा है। बोधगया वर्तमान में ओल्ड एज होम में 23 वृद्धजन रह रहे हैं, जिनकी भोजन, दवा और अन्य आवश्यक जरूरतों का नियमित रूप से ध्यान रखा जाता है।

उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कई बुजुर्ग हैं, जिन्हें परिवार का साथ नहीं मिल पाता और वे मजबूरी में सड़क पर जीवन बिताने को विवश हो जाते हैं। ऐसे लोगों को सम्मानजनक जीवन देना ही संस्था का उद्देश्य है। उन्होंने समाज के लोगों को यह संदेश दिया कि अपने बुजुर्ग परिवार की देखभाल करने की अपील की है।कई ऐसे परिजन है जिन्होंने अपने वृद्ध मां पिया को घर से निकाल दिया है।जिन्हें ओल्ड एज होम का सहारा लेना पड़ रहा है।

बोधगया की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब अपने साथ छोड़ देते हैं, तब भी संवेदनशील लोग और सामाजिक संस्थाएं किसी की जिंदगी में उम्मीद की नई किरण बन सकती हैं।

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बोधगया के मोचारीम में रोक के बावजूद धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू उठाव, ग्रामीणों ने जताया हादसे का खतरा

रिपोर्ट:– सुदीप्तो नाग

बरसात के मौसम में बालू खनन और उठाव पर रोक के बावजूद बोधगया थाना क्षेत्र के मोचारीम महादलित टोला के समीप नदी से अवैध बालू खनन और परिवहन धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक निगरानी के अभाव में बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और रात होते ही जेसीबी मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन कर ट्रैक्टरों के जरिए परिवहन किया जा रहा है।
ग्रामीण शांति देवी, रूबी देवी, शीतल देवी और नवल किशोर ने बताया कि बरसात के दौरान बालू उठाव पर रोक लागू होने के बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि अवैध खनन के कारण नदी में कई स्थानों पर बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। अब बारिश के कारण नदी में पानी भरने से ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे लोगों के डूबने का खतरा बढ़ गया है। पूर्व में भी ऐसे गड्ढों में डूबने से कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद अवैध बालू उठाव पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से नियमित निगरानी नहीं होने के कारण बालू माफिया बेखौफ होकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि मोचारीम क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही रात के समय विशेष निगरानी, छापेमारी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन नहीं रोका गया तो बरसात के दौरान किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

Investment Scam के नाम पर 2.91 करोड़ की साइबर ठगी, गया से 47 सिम कार्ड के साथ 1 आरोपी गिरफ्तार

गया पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निवेश (इन्वेस्टमेंट) स्कैम से जुड़े मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 47 सिम कार्ड बरामद किए हैं। यह कार्रवाई NCRP पोर्टल पर दर्ज 22 साइबर शिकायतों की जांच के दौरान की गई, जिनमें कुल 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया था।
एसएसपी के निर्देश पर साइबर थाना गया और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार पटना की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर डोभी थाना क्षेत्र के अमारूत गांव में छापेमारी कर आरोपी गौतम कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 11 मोबाइल नंबर एक पीओएस एजेंट के माध्यम से जारी किए गए थे।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और कम शिक्षित लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी कराता था। इसके बाद उनकी जानकारी और सहमति के बिना एक सिम के स्थान पर 2 से 3 अतिरिक्त सिम भी सक्रिय करा देता था। इन अतिरिक्त सिम कार्डों को साइबर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन ठगी में किया जाता था।

पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी के दौरान 43 नए एयरटेल सिम, 2 नए जियो सिम और 2 पुराने जियो सिम समेत कुल 47 सिम कार्ड बरामद किए। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 103/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।वहीं गिरोह के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

Gaya News: घर में चोरी, पुल की चोरी के बाद अब एक रात में छह ट्रांसफॉर्मर और लाखों की चोरी! सिंचाई पर पड़ा संकट

गया जिले के टिकारी अनुमंडल क्षेत्र में चोरों ने एक ही रात में छह कृषि बिजली ट्रांसफॉर्मरों को निशाना बनाकर बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। बदमाश ट्रांसफॉर्मरों को पोल से उतारकर उनमें लगी तांबे की क्वायल और तेल निकाल ले गए। इस वारदात से किसानों के खेतों तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे सिंचाई कार्य प्रभावित हो गया।
पंचानपुर थाना क्षेत्र के सवासिन, सहबाजपुर और रूपन बिगहा गांव के बधार तथा टिकारी थाना क्षेत्र के पंचदेवता गांव में कृषि फीडर के तहत लगाए गए ट्रांसफॉर्मरों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। सुबह जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो इलाके में हड़कंप मच गया।

इस चोरी से करीब साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही पंचानपुर एसएचओ पद्माकर उपाध्याय और टिकारी थाना के प्रभारी एसएचओ हिमांशु पप्पू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थलों का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। दोनों थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

कनीय विद्युत अभियंता हिमांशु कुमार ने टिकारी और पंचानपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, ट्रांसफॉर्मर लगाने वाली एजेंसी ने भी एक ट्रांसफॉर्मर से क्वायल और तेल चोरी होने के मामले में अलग से मामला दर्ज कराया है। बिजली विभाग ने पुलिस से जल्द चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।
एक माह पहले पुरा थाना क्षेत्र के मुसी गुलरियाचक गांव में भी कृषि ट्रांसफॉर्मर से तेल और तांबे की क्वायल चोरी की इसी तरह की वारदात हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से किसानों में चिंता और विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल बढ़ गए हैं।

बोधगया में रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइकें, एक की मौत, चार घायल

रिपोर्ट:- पुरुषोत्तम कुमार, बोधगया: गया जिले के बोधगया थाना क्षेत्र स्थित रिवर साइड रोड पर शनिवार की दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। केन्दुई गांव के समीप बैंक ऑफ इंडिया के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकों पर सवार लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक की पहचान मगध विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के हरदासपुर निवासी बबन मिस्त्री के पुत्र प्रकाश मिस्त्री के रूप में हुई है। हालांकि परिजनों ने बताया कि प्रकाश मूल रूप से मुकरी गांव का रहने वाला था और इन दिनों अपने ननिहाल आया हुआ था।

घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष के सदस्य अशोक शर्मा ने बताया कि प्रकाश अपने दो साथियों के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर खिरियामा की ओर से बोधगया आ रहा था। जैसे ही उनकी बाइक बैंक ऑफ इंडिया के पास पहुंची, सामने से तेज रफ्तार में आ रही दूसरी बाइक ने सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्रकाश को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है।
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने खिरियामा गांव के समीप मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

सड़क जाम की सूचना मिलते ही मगध मेडिकल थाना पुलिस और चंदौती प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। काफी मशक्कत के बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात सामान्य हो सका।

प्रशासन ने पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक के परिजनों को तत्काल 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है।

100 फास्ट ट्रैक कोर्ट, 7 मिनट में पुलिस रिस्पॉन्स और हर महीने सहयोग शिविर,सीएम सम्राट चौधरी ने किए बड़े ऐलान

बोधगया में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित होगा। इसमें उन लोगों की शिकायतों पर सुनवाई होगी, जिनके आवेदनों का निस्तारण प्रखंड स्तर पर हो चुका है, लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं, पहले और तीसरे मंगलवार को प्रखंड स्तर पर सहयोग कार्यक्रम जारी रहेगा तथा 30 दिनों में आवेदन का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में कानून का राज और मजबूत होगा। न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बेहतर समन्वय से समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानूनों के क्रियान्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। राज्य के थानों को आधुनिक संसाधनों, सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से सुसज्जित किया जा रहा है। फॉरेंसिक लैब और मोबाइल फॉरेंसिक वैन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि 112 आपातकालीन सेवा का औसत रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट से घटाकर 7–8 मिनट करने का लक्ष्य तय किया गया है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्पीडी ट्रायल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से बिहार में सुशासन और कानून का राज और अधिक मजबूत होगा।

फर्जी नौकरी का जाल बेनकाब: सीएचसी में भर्ती का सपना दिखाकर ठगी की साजिश, दो शातिर दबोचे

गया जिले के बोधगया में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को जाल में फंसाने वाले गिरोह की एक और करतूत सामने आई है। बोधगया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फाइल मेंटेनेंस के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने की कोशिश कर रहे दो युवकों को डायल-112 पुलिस ने रंगेहाथ हिरासत में ले लिया। आरोपियों के पास से बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के नाम का एक संदिग्ध फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है।

हिरासत में लिए गए दोनों युवक मधेपुरा जिले के खालपाड़ा थाना क्षेत्र के बाभनगामा गांव के रहने वाला हैं। वहीं पीड़ित युवक कैमूर जिले का निवासी है और वर्तमान में महाराष्ट्र के कल्याण में निजी कंपनी में कार्यरत है। उसे एक निजी एजेंसी के माध्यम से सीएचसी बोधगया में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था।
पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1,160 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद जॉइनिंग के बाद 35 हजार रुपये देने की शर्त रखी गई और बदले में 22 हजार रुपये मासिक वेतन वाली सरकारी नौकरी का दावा किया गया। निर्धारित तिथि पर जब पीड़ित सीएचसी पहुंचा और अस्पताल कर्मियों से जानकारी ली, तब उसे पूरे मामले पर संदेह हुआ। उसने तत्काल डायल-112 को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। तलाशी के दौरान बरामद फर्जी पहचान पत्र की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं और क्या इससे पहले भी युवाओं को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया गया है। संबंधित एजेंसी की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गरीबों का राशन गोदाम में ही ‘हजम’! पीडीएस डीलर को मिला 1 क्विंटल 13 किलो कम अनाज

गया जिले के बोधगया प्रखंड के शेखवारा पंचायत स्थित मिर्चीहार गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अनाज आपूर्ति में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि गोदाम से ही पीडीएस विक्रेता को निर्धारित मात्रा से कम अनाज भेजा गया। इस घटना के बाद खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था और गोदाम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिर्चीहार गांव के पीडीएस विक्रेता रामस्वरूप मांझी ने बताया कि डोर-टू-स्टेप डिलीवरी वाहन से उनके दुकान के लिए अनाज की आपूर्ति की गई थी। जब दुकान पर अनाज का वजन कराया गया तो निर्धारित मात्रा से 1 क्विंटल 13 किलोग्राम कम अनाज निकला। उस समय डोर-टू-स्टेप वाहन का चालक कमलेश कुमार भी मौके पर मौजूद था। विक्रेता के अनुसार चालक ने भी माना कि अनाज का वजन कम है।
पीडीएस के माध्यम से सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को हर महीने निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। ऐसे में यदि गोदाम स्तर पर ही अनाज की कटौती हो रही है तो इसका सीधा असर उन लाभुकों पर पड़ेगा, जो पूरी तरह सरकारी राशन पर निर्भर हैं।

घटना ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच का विषय है कि गोदाम से निर्धारित मात्रा से कम भेजी गई अनाज कहां गया।

 

4 जुलाई घर से निकलने से पहले जरूर जान लें ट्रैफिक प्लान, बिहार सीएम के दौरे को लेकर कई मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध

यदि आप 4 जुलाई को गया या बोधगया की ओर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले जिला प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें। बिहार के मुख्यमंत्री के गया आगमन और बोधगया स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नए आपराधिक विधियों पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेने के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं यातायात पुलिस ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। वीवीआईपी मूवमेंट को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए शनिवार की सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा।

मानपुर से बाईपास होते हुए बोधगया तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। हालांकि, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा खटकाचक, विपार्ड, 5 नंबर गेट, हवाई अड्डा मोड़, धनावां मोड़ (टेकुना फार्म) और दोमुहान से बोधगया कन्वेंशन सेंटर तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। इस मार्ग पर भी केवल आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को अनुमति होगी।
आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किया है। प्रशासन ने लोगों से सिकड़िया मोड़–मगध मेडिकल कॉलेज–चेरकी रोड मार्ग का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंचने की अपील की है। इससे अनावश्यक जाम से बचा जा सकेगा और लोगों को यात्रा में कम परेशानी होगी।
जिला प्रशासन एवं यातायात पुलिस ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सभी लोग निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इससे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम जनजीवन भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।