सांप ने काटा तो डॉक्टर नहीं, झाड़-फूंक के भरोसे रहे परिजन; तीन घंटे की देरी ने ले ली महिला की जान
गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के मंझयावा गांव में अंधविश्वास एक महिला की मौत का कारण बन गया। सांप के डंसने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए तांत्रिक के पास ले गए। करीब तीन घंटे तक तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का दौर चलता रहा, लेकिन महिला की हालत बिगड़ती गई। जब अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।
मृतका की पहचान मंझयावा गांव निवासी मंजीत यादव की पत्नी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। प्रियंका मंगलवार की देर शाम घर के पास खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान जहरीले सांप ने पैर में डंस लिया। शुरुआत में उसने इसे सामान्य कीड़े के काटने की घटना समझकर नजरअंदाज कर दिया।
तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल नहीं, तांत्रिक के पास पहुंचे।
परिजनों ने पैर में सांप के काटने जैसे निशान देखे, लेकिन उसे सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए एक तांत्रिक के पास पहुंच गए।
तीन घंटे तक चलता रहा झाड़-फूंक का दौर चलता रहा।इस दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही। जब स्थिति गंभीर हो गई, तब तांत्रिक ने ही उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
इसके बाद परिजन प्रियंका को फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गईं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

