रिश्वत मांगना पड़ा भारी! गया के आईजी विकास वैभव का बड़ा एक्शन, दरोगा निलंबित; विभागीय जांच शुरू
बिहार के गया जिले में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए खिजरसराय थाना कांड के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता एसआई तेजनारायण चौबे को निलंबित कर दिया है। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
आईजी कार्यालय के अनुसार, 21 मई 2026 को खिजरसराय थाना क्षेत्र के सरेया बिगहा निवासी नागा यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि खिजरसराय थाना कांड में नाम हटाने के बदले एसआई तेजनारायण चौबे ने भय और दबाव बनाकर अवैध धनराशि की मांग की। शिकायतकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग और पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई थी।
मामले की जांच अंचल पुलिस निरीक्षक, खिजरसराय से कराई गई। जांच में ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर आईजी विकास वैभव ने तत्काल प्रभाव से एसआई को निलंबित कर उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया है।
आईजी ने स्पष्ट किया कि मगध पुलिस भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

