बोधगया का जीवक क्लिनिक बना गरीबों के लिए उम्मीद की किरण, सैकड़ों मरीजों का मुफ्त इलाज और दवा वितरण
बोधगया के कटोरवा रोड स्थित जीवक क्लिनिक जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण साबित हो रहा है। यहां प्रतिदिन दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को नि:शुल्क चिकित्सा और दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शुक्रवार को भी क्लिनिक में बाराचट्टी, डोभी, मोहनपुर और बोधगया प्रखंड के सैकड़ों मरीज इलाज कराने पहुंचे। चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच कर उन्हें मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराईं।
जीवक क्लिनिक के चेयरमैन भंते डॉ. दीनानंद ने बताया कि जीवक क्लिनिक का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज के अभाव में किसी भी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े। मरीजों को जांच के बाद आवश्यक दवाइयां भी बिना किसी शुल्क के दी जाती हैं। साथ ही आपातकालीन स्थिति के लिए 24 घंटे एंबुलेंस सेवा भी संचालित है।
भंते डॉ. दीनानंद ने बताया कि क्लिनिक का नाम बौद्धकालीन महान आयुर्वेदाचार्य एवं शल्य चिकित्सक आचार्य जीवक के नाम पर रखा गया है। बौद्ध ग्रंथों में उनकी चिकित्सा पद्धति का विस्तृत वर्णन मिलता है। उन्होंने मगध सम्राट बिंबिसार की अनुमति से भगवान बुद्ध तथा अवंति नरेश चंद्रप्रयोत का भी उपचार किया था। आचार्य जीवक कभी किसी मरीज से शुल्क नहीं लेते थे। उसी सेवा और मानवता की भावना को आगे बढ़ाते हुए जीवक क्लिनिक में गरीबों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जीवक क्लिनिक आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां मिलने वाली मुफ्त चिकित्सा, दवा और एंबुलेंस सुविधा से सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।

