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बाराचट्टी में पुल निर्माण के दौरान हादसा, मिट्टी में दबने से 1 मजदूर की मौत

गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में गुलसकरी नदी पर निर्माणाधीन पुल के कार्य के दौरान गुरुवार को दर्दनाक घटना हुई है। पुल निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से एक मजदूर की मौत हो गई है वहीं 2 मजदूर सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।
मृतक की पहचान सुरेंधा टोला निवासी गुड्डू मांझी के रूप में हुई है।
बेलहरिया गांव के समीप पुल निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान गुड्डू सहित चार मजदूर मिट्टी में दब गए। दो मजदूर किसी तरह सुरक्षित निकल आया। जबकि गुड्डू मांझी गहरी मिट्टी में फंस गया। उसे निकालने के लिए पोकलेन मशीन लगाई गई, लेकिन रेस्क्यू के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।घटना के वक्त थोड़ी देर के लिए अफरा तफरी मच गई।

घटना के बाद डोभी बीडीओ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। मृतक के परिजनों को कबीर अन्त्येष्टि योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई

दबे मजदूर को बाहर निकालते
“जिस बोधि वृक्ष के नीचे मिला था ज्ञान, उसकी सुरक्षा में जुटे FRI के वैज्ञानिक”

विश्व धरोहर महाबोधि महाविहार मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधि वृक्ष की सुरक्षा और दीर्घकालिक संरक्षण के लिए बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) ने गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की। बरसात के मौसम से पहले देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान (FRI) के वैज्ञानिकों की देखरेख में पवित्र बोधि वृक्ष और उसके समीप स्थित पेड़ पर पर्यावरण-अनुकूल कीट नियंत्रण (इको-फ्रेंडली) स्प्रे का छिड़काव किया गया।

नियमित वैज्ञानिक निरीक्षण के दौरान एफआरआई के वैज्ञानिक शैलेश पांडे और संतान भरथावल ने बोधि वृक्ष पर मिलीबग का हल्का संक्रमण पाया। जिसके संक्रमण के कारण कुछ पत्तियां पीली पड़ने लगी थीं। उन्होंने बताया कि यह समस्या मॉनसून के दौरान बढ़ सकती है, इसलिए समय रहते पर्यावरण-अनुकूल स्प्रे का उपयोग कर संक्रमण को फैलने से रोकने का निर्णय लिया गया। एहतियात के तौर पर पास के पेड़ पर भी स्प्रे किया गया, ताकि कीटों का प्रसार न हो।
यह अभियान एफआरआई के वैज्ञानिकों की निगरानी में चलाया गया। इस दौरान बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी, सदस्य डॉ. अरविंद कुमार सिंह, किरण लामा, महाबोधि महाविहार मंदिर के मुख्य भिक्षु भिक्खु चलिंदा, वरिष्ठ भिक्षु डॉ. मनोज, निवासी भिक्षु निमा लामा, मंदिर पर्यवेक्षक शिव शंकर सिंह सहित समिति के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
बीटीएमसी ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया केवल एक बचावकारी और वैज्ञानिक उपाय है। इसका उद्देश्य मॉनसून के दौरान कीटों के संक्रमण को रोकते हुए भगवान बुद्ध से जुड़े इस ऐतिहासिक एवं पवित्र बोधि वृक्ष की जीवन-शक्ति, हरियाली और दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित करना है। वृक्ष का नियमित वैज्ञानिक परीक्षण आगे भी जारी रहेगा, ताकि इसकी सुरक्षा और देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जा सके।

“पास करा दूंगा…” कहकर छात्रा से शर्मनाक हरकत का आरोप, ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षक को चप्पलों से पीटा

गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के आमस प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय हरिहरपुर में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक शिक्षक पर छात्राओं से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाने के बाद परिजन और ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शिक्षक की चप्पलों से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल की गई है।

परिजनों ने बताया कि विद्यालय के शिक्षक पंकज पर तीसरी कक्षा की एक छात्रा ने हाथ पकड़ने और उसके साथ अशोभनीय हरकत करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि शिक्षक ने छात्रा को किसी से घटना की जानकारी नहीं देने के लिए कहा और परीक्षा में पास कराने का लालच भी दिया। बताया कि इसी तरह की हरकत तीन छात्राओं के साथ की गई है।

बुधवार को छात्रा ने रोते हुए अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे। मौके पर शिक्षक से जवाब-तलब किया गया, जहां वह लोगों से माफी मांगता नजर आया। हालांकि, इससे ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने शिक्षक की चप्पलों से पिटाई कर दी।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण आमस थाना पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।

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चोरी की नई कहानी: पुल और ट्रांसफॉर्मर के बाद अब रेलवे का हाईटेंशन वायर निशाने पर,35 मीटर ओवरहेड वायर भी काट ले गए

पटना-गया रेलखंड पर गुरुवार को चोरों ने मदारपुर रेलवे गुमटी के पास करीब 35 मीटर ओवरहेड (ओएचई) हाई-टेंशन वायर काटकर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे दी। घटना के कारण डाउन लाइन पर लगभग तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बाधित रहा। विद्युत आपूर्ति ठप होने से पलामू एक्सप्रेस, हटिया-पटना एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रास्ते में खड़ी रहीं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही पूर्व मध्य रेलवे की तकनीकी टीम और आरपीएफ मौके पर पहुंची। सीनियर तकनीशियन ने बताया कि दानापुर मंडल से सूचना मिलने के बाद टीम ने क्षतिग्रस्त लार्ज स्पैन वायर को बदलकर मरम्मत कार्य पूरा किया और परिचालन बहाल कराया। वायर कटने से सिग्नल प्रणाली भी प्रभावित हुई थी।

आरपीएफ ने कटे हुए वायर को घटनास्थल के पास एक गड्ढे से बरामद कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरी में शामिल गिरोह की पहचान की जा सके। स्थानीय लोगों ने स्टेशन और आरपीएफ पोस्ट के निकट हुई इस घटना को रेलवे सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

“गया में कार-ट्रक की भीषण टक्कर, आग की लपटों में जिंदा जले दो लोग; चालक गंभीर”

रिपोर्ट: सुदीप्तो नाग

बिहार के गया जिले में बुधवार की देर रात करीब 1.30बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार सवार दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से झुलस गया। हादसा बोधगया थाना क्षेत्र के सिजुआ गांव के समीप डोभी-पटना फोरलेन पर हुआ है। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।
कार और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर के बाद कार में बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। आग तेजी से फैलने के कारण दो लोगों की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं चालक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकालकर मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही बोधगया थाना पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस ने कार से दो जले हुए शव बरामद किए हैं, जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस को घटनास्थल से कार के अंदर शराब की खाली बोतलें भी मिली हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, खाद से लदा एक दस चक्का ट्रक सर्विस लेन की ओर से विपरीत दिशा में फोरलेन पर चढ़ रहा था, तभी तेज रफ्तार कार उससे टकरा गई।ट्रक चालक फरार है। पुलिस ट्रक चालक की तलाश में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।

पितृपक्ष मेले से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन प्लान, 21 कोषांग गठित; जानिए क्या-क्या होगा..?

पितृपक्ष मेला-2026 को सुरक्षित, स्वच्छ और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए गया जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले मेले के सफल संचालन को लेकर 21 कोषांगों का गठन किया गया है। प्रत्येक कोषांग में वरीय नोडल पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी और सदस्यों की नियुक्ति कर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
जिला परिषद सभागार में आयोजित पहली समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने की। बैठक में समाजसेवियों, पंडा-पुरोहितों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सुझाव लिए गए। डीएम ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी मेले को और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने जिलेवासियों से भी सुझाव आमंत्रित करते हुए ppmhasangam@gmail.com पर अपने सुझाव भेजने की अपील की।

प्रशासन ने आवास, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, यातायात, सुरक्षा, सूचना प्रबंधन और आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर दिया है। होटल, धर्मशाला, विद्यालयों सहित अन्य भवनों में आवास की व्यवस्था की जाएगी, वहीं जरूरत पड़ने पर टेंट सिटी भी विकसित होगी। हर 200 से 500 मीटर पर पेयजल, पर्याप्त शौचालय और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी।

विष्णुपद मंदिर और प्रमुख घाटों पर 24 घंटे स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस और चिकित्सकों की तैनाती रहेगी। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी, अस्थायी पुलिस शिविर और व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वेबसाइट, मोबाइल ऐप, हेल्प डेस्क, खोया-पाया केंद्र और 24×7 कॉल सेंटर भी संचालित किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा में सभी तैयारियां पूरी कर पितृपक्ष मेला-2026 को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाया जाए।

दिल छू लेने वाली कहानी; 25 साल तक भीख मांगकर गुजारा, अपनों ने छोड़ा तो वेदा बनी सहारा

कहते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है, और इसका एक मार्मिक उदाहरण बोधगया में देखने को मिला। पिछले करीब 25 वर्षों से शहर के बाजारों में भीख मांगकर जीवन यापन करने वाली एक वृद्ध महिला को आखिरकार सुरक्षित आश्रय मिल गया। उम्र और बीमारी के कारण जब उनका शरीर जवाब देने लगा तो अपने भी उनसे दूर हो गए। वह सड़क किनारे लावारिस और असहाय अवस्था में पड़ी मिलीं।
इसकी सूचना मिलने पर वेदा ओल्ड एज होम की संचालिका वेदा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और वृद्ध महिला को अपने संरक्षण में लिया। महिला की तबीयत खराब होने के कारण पहले उनका चिकित्सकीय उपचार कराया जाएगा, इसके बाद उन्हें ओल्ड एज होम में रखा जाएगा, जहां उनके भोजन, इलाज और देखभाल की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
वेदा ने बताया कि उनका संस्थान पिछले लगभग 20 वर्षों से गया जिले में बेसहारा, अनाथ और उपेक्षित वृद्ध महिला-पुरुषों की सेवा कर रहा है। बोधगया वर्तमान में ओल्ड एज होम में 23 वृद्धजन रह रहे हैं, जिनकी भोजन, दवा और अन्य आवश्यक जरूरतों का नियमित रूप से ध्यान रखा जाता है।

उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कई बुजुर्ग हैं, जिन्हें परिवार का साथ नहीं मिल पाता और वे मजबूरी में सड़क पर जीवन बिताने को विवश हो जाते हैं। ऐसे लोगों को सम्मानजनक जीवन देना ही संस्था का उद्देश्य है। उन्होंने समाज के लोगों को यह संदेश दिया कि अपने बुजुर्ग परिवार की देखभाल करने की अपील की है।कई ऐसे परिजन है जिन्होंने अपने वृद्ध मां पिया को घर से निकाल दिया है।जिन्हें ओल्ड एज होम का सहारा लेना पड़ रहा है।

बोधगया की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब अपने साथ छोड़ देते हैं, तब भी संवेदनशील लोग और सामाजिक संस्थाएं किसी की जिंदगी में उम्मीद की नई किरण बन सकती हैं।

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बोधगया के मोचारीम में रोक के बावजूद धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू उठाव, ग्रामीणों ने जताया हादसे का खतरा

रिपोर्ट:– सुदीप्तो नाग

बरसात के मौसम में बालू खनन और उठाव पर रोक के बावजूद बोधगया थाना क्षेत्र के मोचारीम महादलित टोला के समीप नदी से अवैध बालू खनन और परिवहन धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक निगरानी के अभाव में बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और रात होते ही जेसीबी मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन कर ट्रैक्टरों के जरिए परिवहन किया जा रहा है।
ग्रामीण शांति देवी, रूबी देवी, शीतल देवी और नवल किशोर ने बताया कि बरसात के दौरान बालू उठाव पर रोक लागू होने के बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि अवैध खनन के कारण नदी में कई स्थानों पर बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। अब बारिश के कारण नदी में पानी भरने से ये गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे लोगों के डूबने का खतरा बढ़ गया है। पूर्व में भी ऐसे गड्ढों में डूबने से कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद अवैध बालू उठाव पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से नियमित निगरानी नहीं होने के कारण बालू माफिया बेखौफ होकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि मोचारीम क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही रात के समय विशेष निगरानी, छापेमारी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन नहीं रोका गया तो बरसात के दौरान किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

Investment Scam के नाम पर 2.91 करोड़ की साइबर ठगी, गया से 47 सिम कार्ड के साथ 1 आरोपी गिरफ्तार

गया पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निवेश (इन्वेस्टमेंट) स्कैम से जुड़े मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 47 सिम कार्ड बरामद किए हैं। यह कार्रवाई NCRP पोर्टल पर दर्ज 22 साइबर शिकायतों की जांच के दौरान की गई, जिनमें कुल 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया था।
एसएसपी के निर्देश पर साइबर थाना गया और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार पटना की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर डोभी थाना क्षेत्र के अमारूत गांव में छापेमारी कर आरोपी गौतम कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 11 मोबाइल नंबर एक पीओएस एजेंट के माध्यम से जारी किए गए थे।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और कम शिक्षित लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी कराता था। इसके बाद उनकी जानकारी और सहमति के बिना एक सिम के स्थान पर 2 से 3 अतिरिक्त सिम भी सक्रिय करा देता था। इन अतिरिक्त सिम कार्डों को साइबर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन ठगी में किया जाता था।

पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी के दौरान 43 नए एयरटेल सिम, 2 नए जियो सिम और 2 पुराने जियो सिम समेत कुल 47 सिम कार्ड बरामद किए। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 103/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।वहीं गिरोह के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

Gaya News: घर में चोरी, पुल की चोरी के बाद अब एक रात में छह ट्रांसफॉर्मर और लाखों की चोरी! सिंचाई पर पड़ा संकट

गया जिले के टिकारी अनुमंडल क्षेत्र में चोरों ने एक ही रात में छह कृषि बिजली ट्रांसफॉर्मरों को निशाना बनाकर बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। बदमाश ट्रांसफॉर्मरों को पोल से उतारकर उनमें लगी तांबे की क्वायल और तेल निकाल ले गए। इस वारदात से किसानों के खेतों तक बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे सिंचाई कार्य प्रभावित हो गया।
पंचानपुर थाना क्षेत्र के सवासिन, सहबाजपुर और रूपन बिगहा गांव के बधार तथा टिकारी थाना क्षेत्र के पंचदेवता गांव में कृषि फीडर के तहत लगाए गए ट्रांसफॉर्मरों में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। सुबह जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो इलाके में हड़कंप मच गया।

इस चोरी से करीब साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही पंचानपुर एसएचओ पद्माकर उपाध्याय और टिकारी थाना के प्रभारी एसएचओ हिमांशु पप्पू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थलों का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। दोनों थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

कनीय विद्युत अभियंता हिमांशु कुमार ने टिकारी और पंचानपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, ट्रांसफॉर्मर लगाने वाली एजेंसी ने भी एक ट्रांसफॉर्मर से क्वायल और तेल चोरी होने के मामले में अलग से मामला दर्ज कराया है। बिजली विभाग ने पुलिस से जल्द चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।
एक माह पहले पुरा थाना क्षेत्र के मुसी गुलरियाचक गांव में भी कृषि ट्रांसफॉर्मर से तेल और तांबे की क्वायल चोरी की इसी तरह की वारदात हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से किसानों में चिंता और विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल बढ़ गए हैं।