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दाखिल-खारिज से ई-नापी तक लापरवाही, बोधगया के तत्कालीन सीओ पर गिरी गाज,डीएम ने अनुशासनिक कार्रवाई की कि अनुशंसा

गया डीएम शशांक शुभंकर द्वारा बोधगया के तत्कालीन अंचल अधिकारी श्री चंद्र शेखर के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों, राजस्व कार्यों के निष्पादन में लगातार लापरवाही तथा लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण में विफल रहने के आरोपों के आधार पर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को आरोप पत्र भेजा गया है। बताया कि बोधगया अंचल में दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-नापी, अभियान बसेरा-2, आरओआर (ROR) सहित अन्य राजस्व मामलों के निष्पादन में लगातार शिथिलता बरती गई। इस संबंध में जिला पदाधिकारी द्वारा कई बार पत्राचार कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि विभिन्न तिथियों को आयोजित जिला एवं विभागीय समीक्षा बैठकों में भी अंचल अधिकारी को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कार्यों में संतोषजनक प्रगति नहीं पाई गई, जिससे प्रशासनिक कार्यों के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही परिलक्षित हुई।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि बोधगया अंचल में बड़ी संख्या में राजस्व संबंधी आवेदन लंबित हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दाखिल-खारिज के 2666 आवेदन लंबित हैं, जिनमें 860 आवेदन 120 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। इसके अतिरिक्त परिमार्जन लेफ्ट आउट के 2277, परिमार्जन प्लस के 1943, ई-नापी के 143, सहयोग पोर्टल के 156 तथा जन शिकायत के 124 मामले भी लंबित पाए गए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि आम नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा सरकारी कार्यों में शिथिलता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’—ऑनलाइन डिमांड से लेकर दाखिल-खारिज तक गड़बड़ी, DM ने गठित किया आरोप पत्र

गया डीएम शुभंकर ने नगर अंचल, गया के राजस्व अधिकारी राम कुमार रमन के विरुद्ध राजस्व कार्यों में गंभीर लापरवाही, लंबित मामलों के निष्पादन में उदासीनता तथा विभिन्न प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए आरोप पत्र गठित कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेज दिया है।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि राजस्व अधिकारी द्वारा राजस्व प्रशासन से संबंधित कार्यों के निष्पादन में गंभीर लापरवाही बरती गई है। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) वाद उनके लॉगिन में अनावश्यक रूप से लंबित रखे गए। इसके अतिरिक्त आम-खास सूचना से संबंधित 213 आवेदन तथा 120 दिनों से अधिक समय से लंबित कुल 388 आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं किया गया, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दाखिल-खारिज के कई मामलों में त्रुटिपूर्ण आदेश पारित किए गए, जो राजस्व मामलों के निष्पादन में अपेक्षित सतर्कता एवं विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने को दर्शाता है।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी, सदर द्वारा कराई गई जांच में भी राजस्व अधिकारी के स्तर पर भूमि संबंधी अनेक मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने तथा तथ्यों के अनुरूप जांच नहीं किए जाने की पुष्टि हुई है। जांच प्रतिवेदन में कई मामलों में गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
इसके अतिरिक्त जांच में राजस्व पदाधिकारी स्तर पर ऑनलाइन डिमांड में हेराफेरी का मामला भी प्रकाश में आया। यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में जमाबंदी रद्द होने के बावजूद डिमांड को कायम रखा गया, जो राजस्व अभिलेखों के संधारण में गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच प्रतिवेदनों के आधार पर संबंधित राजस्व अधिकारी की गंभीर लापरवाही प्रमाणित हुई। इसी आधार पर उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई हेतु राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेज दिया गया है।

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि राजस्व कार्यों में लापरवाही, अनियमितता एवं आम जनता के कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। ज़िला प्रशासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध राजस्व प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

गुरारू में बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की जिला बैठक, पत्रकार कल्याण ट्रस्ट गठन और राष्ट्रीय आयोजनों पर बनी रणनीति

बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, गया जिला इकाई की आम बैठक रविवार को गुरारू के डीहा स्टेडियम परिसर में जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पत्रकारों ने संगठन विस्तार, पत्रकार हितों की सुरक्षा और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान प्रशासन और पत्रकारों के बीच मैत्री क्रिकेट मैच का भी आयोजन किया गया, जिसने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बना दिया।
बैठक में सदस्यता अभियान को प्रखंड स्तर तक मजबूत करने, पत्रकारों की एकजुटता बढ़ाने और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। साथ ही गया में राष्ट्रीय सेमिनार, राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक और पत्रकारिता से जुड़े बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिए पहल करने का निर्णय लिया गया।
बैठक का प्रमुख विषय पत्रकार कल्याण ट्रस्ट और पत्रकार कोष का गठन रहा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह ने कहा कि आर्थिक संकट, दुर्घटना, बीमारी या अन्य आपात स्थितियों में पत्रकारों और उनके परिवारों की सहायता के लिए स्थायी कोष की आवश्यकता है। सदस्यों ने ट्रस्ट के गठन और उसकी कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति जताई।
बैठक के अंत में पत्रकारों के प्रशिक्षण, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी पर भी चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा ने सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन की आगामी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। कार्यक्रम में जिले के बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

‘दीनानाथ’ कौन हैं, जिनसे मांगा गया स्पष्टीकरण? महाबोधि महाविहार में ‘दीनानाथ’ की तलाश!

विश्व धरोहर महाबोधि महाविहार मंदिर में केयरटेकर को लेकर नया विवाद सामने आया है। मामला उस स्पष्टीकरण नोटिस से जुड़ा है, जिसमें बीटीएमसी (बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति) के अध्यक्ष सह गया जिलाधिकारी द्वारा बिना अनुमति विदेश यात्रा करने के आरोप में “दीनानाथ” नामक केयरटेकर से जवाब मांगा गया है। हालांकि, इस नोटिस के बाद संबंधित नाम को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बीटीएमसी और महाबोधि महाविहार में “दीनानाथ” नाम का कोई कर्मचारी या केयरटेकर कार्यरत नहीं है।महाबोधी महाविहार में “दीनानंद” नाम के एक बौद्ध भिक्षु केयरटेकर के रूप में कार्यरत हैं, जिनकी जिम्मेदारी मंदिर परिसर की देखरेख करना है। भिक्षु दीनानंद ने घुटने के इलाज के लिए विदेश जाने से पहले बीटीएमसी के सचिव को अवकाश का आवेदन दिया था। आवेदन पर सचिव स्तर से अनुमति मिलने के बाद वे इलाज के लिए विदेश गए और उपचार पूरा होने के बाद वापस महाबोधि महाविहार लौट आए। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि यदि यात्रा की अनुमति पहले ही दी जा चुकी थी, तो फिर बिना अनुमति विदेश जाने का आरोप लगाते हुए स्पष्टीकरण क्यों मांगा गया।स्पष्टीकरण नोटिस ने कई सवाल खड़े कर दिए है जब अवकाश पर भिक्षु दिनानंद तो स्पष्टीकरण दीनानाथ से क्यों.?अब बीटीएमसी भिक्षु दीनानाथ की तलाश में है।

इस पूरे मामले को लेकर यह भी चर्चा है कि नोटिस में नाम “दीनानाथ” दर्ज होने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। बीटीएमसी के द्वारा अवकाश की स्वीकृति दी गई थी।

13 साल पुराने सुमीरक यादव हत्याकांड में बड़ा फैसला, राजद के पूर्व विधायक रंजीत यादव समेत 4 आरोपी बरी

गया की अदालत ने करीब 13 वर्ष पुराने बहुचर्चित जदयू कार्यकर्ता सुमीरक यादव हत्याकांड में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधायक रंजीत यादव समेत चार आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। एडीजे-3 अजित कुमार की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।साक्ष्य के अभाव के आधार पर सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
शुक्रवार को कांड की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पूर्व विधायक रंजीत यादव, उनके भाई विवेक यादव, साला पंकज यादव और दीपू को बरी करने का आदेश दिया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध नहीं होते हैं। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता बनवारी प्रसाद, ताज अली और अमरेंद्र कुमार ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अरुण कुमार शर्मा और शकील अहमद ने दलीलें पेश की।

यह मामला वर्ष 2013 में अतरी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा था। अभियोजन के अनुसार, 26 फरवरी 2013 को जदयू कार्यकर्ता सुमीरक यादव पार्टी कार्यालय से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के भाई विजय यादव के बयान पर नीमचक बथानी थाना में कांड वर्ष 2013 दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस ने राजद के पूर्व विधायक कुंती देवी और उनके परिवार के कई सदस्यों को इस मामले में आरोपी बनाया था। वर्ष 2021 में एडीजे-3 की अदालत ने कुंती देवी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में बीमारी के दौरान जेल में उनका निधन हो गया।
रणजीत यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता पटना हाईकोर्ट के निर्देश के बाद साफ हुआ था। उनकी याचिका खारिज होने के बाद स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई शुरू हुई। लंबे समय तक गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई के बाद अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया।
अदालत के इस निर्णय के बाद पीड़ित परिवार में निराशा का माहौल देखा गया, जबकि पूर्व विधायक रणजीत यादव के समर्थकों ने फैसले का स्वागत किया। अदालत परिसर के बाहर समर्थकों ने राहत जताते हुए इसे न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास की जीत बताया। यह फैसला गया के चर्चित राजनीतिक मामलों में से एक माने जाने वाले इस हत्याकांड के लंबे न्यायिक सफर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।

गया में मंदिर-मठों की जमीन होगी पूरी तरह सुरक्षित, अवैध कब्जा और फर्जी जमाबंदी पर होगी सख्त कार्रवाई: डीएम

गया जिले के मंदिरों और मठों की भूमि की सुरक्षा और विधिवत अभिलेखीकरण को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंतों, पुजारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विशेष सर्वेक्षण के दौरान मंदिर एवं मठों की सभी भूमि का सही पंजीकरण सुनिश्चित करना तथा अतिक्रमण और अवैध जमाबंदी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करना था।

बैठक में डीएम ने कहा कि मंदिर एवं मठों की भूमि धार्मिक और सार्वजनिक संपत्ति है, इसलिए उसका विधिवत रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है। उन्होंने सभी महंतों और पुजारियों से अपने संस्थानों से संबंधित सभी उपलब्ध अभिलेख, खाता, खेसरा, थाना, मौजा एवं अन्य भूमि विवरण शीघ्र जिला बंदोबस्त कार्यालय में जमा कराने की अपील की, ताकि विशेष सर्वेक्षण में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि कई स्थानों से मंदिर और मठों की जमीन पर अवैध कब्जे तथा निजी व्यक्तियों के नाम पर जमाबंदी की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों की विधिक समीक्षा कर अपर समाहर्ता (राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा और नियमानुसार अवैध जमाबंदी रद्द कराने की कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर एवं मठों की सभी भूमि का बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड में विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
बैठक में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी ने जानकारी दी कि पूर्ववर्ती सर्वे में मंदिर या मठ के नाम दर्ज भूमि को वर्तमान विशेष सर्वेक्षण में भी उसी नाम से दर्ज किया जाएगा। यदि किसी भूमि को लेकर विवाद लंबित है तो संबंधित मंदिर या मठ को नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाएगा। बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारी, जिला बंदोबस्त कार्यालय के पदाधिकारी तथा जिले के विभिन्न मंदिरों एवं मठों के महंत और पुजारी उपस्थित रहे।

रिश्वत मांगना पड़ा भारी! गया के आईजी विकास वैभव का बड़ा एक्शन, दरोगा निलंबित; विभागीय जांच शुरू

बिहार के गया जिले में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए खिजरसराय थाना कांड के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता एसआई तेजनारायण चौबे को निलंबित कर दिया है। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
आईजी कार्यालय के अनुसार, 21 मई 2026 को खिजरसराय थाना क्षेत्र के सरेया बिगहा निवासी नागा यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि खिजरसराय थाना कांड में नाम हटाने के बदले एसआई तेजनारायण चौबे ने भय और दबाव बनाकर अवैध धनराशि की मांग की। शिकायतकर्ता ने अपने दावे के समर्थन में ऑडियो रिकॉर्डिंग और पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई थी।
मामले की जांच अंचल पुलिस निरीक्षक, खिजरसराय से कराई गई। जांच में ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर आईजी विकास वैभव ने तत्काल प्रभाव से एसआई को निलंबित कर उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, गया निर्धारित किया है।
आईजी ने स्पष्ट किया कि मगध पुलिस भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

गया में 30 फीट गहरे बोरवेल में गिरा मासूम, 7 घंटे बाद सुरक्षित निकाला गया

गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत कठौतिया केवाल पंचायत के रघुनाथ नगर गांव में गुरुवार शाम करीब तीन वर्षीय पीयूष कुमार (पिता–दिनेश कुमार) खेलते-खेलते लगभग 30 से 35 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रशासन ने तत्काल बोरवेल में पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई, ताकि बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती रहे। वहीं पटना से एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम और एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से रेस्क्यू अभियान में जुट गई। करीब सात घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के दौरान प्रशासन, आपदा राहत बल और स्थानीय लोगों के समन्वय से आखिरकार मासूम पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के सकुशल बाहर आते ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों ने राहत की सांस ली। परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने प्रशासन व रेस्क्यू टीम का आभार जताया।

गया में बड़ा हादसा: 30 फीट गहरे बोरवेल में फंसा 3 वर्षीय बच्चा, ऑपरेशन रेस्क्यू जारी

गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत गुरपा थाना क्षेत्र के रंगून नगर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेलते-खेलते एक 3 वर्षीय मासूम बच्चा करीब 30 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।घटना की जानकारी के बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
गुरपा थाना पुलिस तथा बचाव दल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे है। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बचाव दल बोरवेल के आसपास आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करते हुए पाइप से ऑक्सीजन की मदद से बच्चे तक पहुंचाया गया है।
घटना के बाद बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण भी लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू टीम का सहयोग कर रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगाने और बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की है। समाचार लिखे जाने तक मासूम को बाहर निकालने का प्रयास जारी है।

गया में भाजपा स्टीकर लगी थार का कहर: स्कूटी और टोटो को मारी टक्कर, 3 घायल; गुस्साई भीड़ ने वाहन में की तोड़फोड़

शहर के जयप्रकाश झरना के समीप गुरुवार को तेज रफ्तार थार वाहन ने पहले स्कूटी सवार दो लोगों को जोरदार टक्कर मार दी, इसके बाद अनियंत्रित होकर एक टोटो से भी जा भिड़ी। हादसे में स्कूटी सवार दो लोग और टोटो चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
हादसे के बाद मौके पर आक्रोशित लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने भाजपा का स्टीकर लगी थार के शीशे तोड़कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही टाउन डीएसपी, सिविल लाइन थाना पुलिस और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित किया। हंगामे के कारण कुछ देर के लिए मुख्य सड़क पर आवागमन बाधित रहा। बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त थार को सिविल लाइन थाना पहुंचाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

घटना का वक्त का स्थानीय लोगो के द्वारा मोबाइल में वीडियो बनाया।जिसमे दिख रहा है कि वाहन कोई महिला चला रही थी।जो आयुष कुमार की गर्लफ्रेंड बताई जा रही है।घटना के बाद सड़क पर घायलों को स्थानीय लोगो के द्वारा इलाज के लिए भेजा गया।