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बोधगया में रफ्तार का कहर: आमने-सामने भिड़ीं दो बाइकें, एक की मौत, चार घायल

रिपोर्ट:- पुरुषोत्तम कुमार, बोधगया: गया जिले के बोधगया थाना क्षेत्र स्थित रिवर साइड रोड पर शनिवार की दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। केन्दुई गांव के समीप बैंक ऑफ इंडिया के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकों पर सवार लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक की पहचान मगध विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के हरदासपुर निवासी बबन मिस्त्री के पुत्र प्रकाश मिस्त्री के रूप में हुई है। हालांकि परिजनों ने बताया कि प्रकाश मूल रूप से मुकरी गांव का रहने वाला था और इन दिनों अपने ननिहाल आया हुआ था।

घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष के सदस्य अशोक शर्मा ने बताया कि प्रकाश अपने दो साथियों के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर खिरियामा की ओर से बोधगया आ रहा था। जैसे ही उनकी बाइक बैंक ऑफ इंडिया के पास पहुंची, सामने से तेज रफ्तार में आ रही दूसरी बाइक ने सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्रकाश को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है।
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने खिरियामा गांव के समीप मुख्य सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

सड़क जाम की सूचना मिलते ही मगध मेडिकल थाना पुलिस और चंदौती प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। काफी मशक्कत के बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात सामान्य हो सका।

प्रशासन ने पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक के परिजनों को तत्काल 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है।

100 फास्ट ट्रैक कोर्ट, 7 मिनट में पुलिस रिस्पॉन्स और हर महीने सहयोग शिविर,सीएम सम्राट चौधरी ने किए बड़े ऐलान

बोधगया में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित होगा। इसमें उन लोगों की शिकायतों पर सुनवाई होगी, जिनके आवेदनों का निस्तारण प्रखंड स्तर पर हो चुका है, लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं, पहले और तीसरे मंगलवार को प्रखंड स्तर पर सहयोग कार्यक्रम जारी रहेगा तथा 30 दिनों में आवेदन का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में कानून का राज और मजबूत होगा। न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बेहतर समन्वय से समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानूनों के क्रियान्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। राज्य के थानों को आधुनिक संसाधनों, सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से सुसज्जित किया जा रहा है। फॉरेंसिक लैब और मोबाइल फॉरेंसिक वैन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि 112 आपातकालीन सेवा का औसत रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट से घटाकर 7–8 मिनट करने का लक्ष्य तय किया गया है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्पीडी ट्रायल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से बिहार में सुशासन और कानून का राज और अधिक मजबूत होगा।

फर्जी नौकरी का जाल बेनकाब: सीएचसी में भर्ती का सपना दिखाकर ठगी की साजिश, दो शातिर दबोचे

गया जिले के बोधगया में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को जाल में फंसाने वाले गिरोह की एक और करतूत सामने आई है। बोधगया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फाइल मेंटेनेंस के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने की कोशिश कर रहे दो युवकों को डायल-112 पुलिस ने रंगेहाथ हिरासत में ले लिया। आरोपियों के पास से बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के नाम का एक संदिग्ध फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है।

हिरासत में लिए गए दोनों युवक मधेपुरा जिले के खालपाड़ा थाना क्षेत्र के बाभनगामा गांव के रहने वाला हैं। वहीं पीड़ित युवक कैमूर जिले का निवासी है और वर्तमान में महाराष्ट्र के कल्याण में निजी कंपनी में कार्यरत है। उसे एक निजी एजेंसी के माध्यम से सीएचसी बोधगया में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था।
पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1,160 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद जॉइनिंग के बाद 35 हजार रुपये देने की शर्त रखी गई और बदले में 22 हजार रुपये मासिक वेतन वाली सरकारी नौकरी का दावा किया गया। निर्धारित तिथि पर जब पीड़ित सीएचसी पहुंचा और अस्पताल कर्मियों से जानकारी ली, तब उसे पूरे मामले पर संदेह हुआ। उसने तत्काल डायल-112 को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। तलाशी के दौरान बरामद फर्जी पहचान पत्र की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं और क्या इससे पहले भी युवाओं को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया गया है। संबंधित एजेंसी की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गरीबों का राशन गोदाम में ही ‘हजम’! पीडीएस डीलर को मिला 1 क्विंटल 13 किलो कम अनाज

गया जिले के बोधगया प्रखंड के शेखवारा पंचायत स्थित मिर्चीहार गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अनाज आपूर्ति में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि गोदाम से ही पीडीएस विक्रेता को निर्धारित मात्रा से कम अनाज भेजा गया। इस घटना के बाद खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था और गोदाम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिर्चीहार गांव के पीडीएस विक्रेता रामस्वरूप मांझी ने बताया कि डोर-टू-स्टेप डिलीवरी वाहन से उनके दुकान के लिए अनाज की आपूर्ति की गई थी। जब दुकान पर अनाज का वजन कराया गया तो निर्धारित मात्रा से 1 क्विंटल 13 किलोग्राम कम अनाज निकला। उस समय डोर-टू-स्टेप वाहन का चालक कमलेश कुमार भी मौके पर मौजूद था। विक्रेता के अनुसार चालक ने भी माना कि अनाज का वजन कम है।
पीडीएस के माध्यम से सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को हर महीने निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। ऐसे में यदि गोदाम स्तर पर ही अनाज की कटौती हो रही है तो इसका सीधा असर उन लाभुकों पर पड़ेगा, जो पूरी तरह सरकारी राशन पर निर्भर हैं।

घटना ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच का विषय है कि गोदाम से निर्धारित मात्रा से कम भेजी गई अनाज कहां गया।

 

4 जुलाई घर से निकलने से पहले जरूर जान लें ट्रैफिक प्लान, बिहार सीएम के दौरे को लेकर कई मार्गों पर रहेगा प्रतिबंध

यदि आप 4 जुलाई को गया या बोधगया की ओर यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले जिला प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें। बिहार के मुख्यमंत्री के गया आगमन और बोधगया स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नए आपराधिक विधियों पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेने के मद्देनजर जिला प्रशासन एवं यातायात पुलिस ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। वीवीआईपी मूवमेंट को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए शनिवार की सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा।

मानपुर से बाईपास होते हुए बोधगया तक बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। हालांकि, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा खटकाचक, विपार्ड, 5 नंबर गेट, हवाई अड्डा मोड़, धनावां मोड़ (टेकुना फार्म) और दोमुहान से बोधगया कन्वेंशन सेंटर तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा। इस मार्ग पर भी केवल आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को अनुमति होगी।
आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किया है। प्रशासन ने लोगों से सिकड़िया मोड़–मगध मेडिकल कॉलेज–चेरकी रोड मार्ग का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंचने की अपील की है। इससे अनावश्यक जाम से बचा जा सकेगा और लोगों को यात्रा में कम परेशानी होगी।
जिला प्रशासन एवं यातायात पुलिस ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सभी लोग निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इससे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम जनजीवन भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।

गया में 51 लाख की जमीन ठगी का खुलासा: फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने का झांसा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

गया जिले के बोधगया थाना पुलिस ने जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर 51 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
गया एसएसपी सुशील कुमार ने गुरुवार शाम 6 बजे प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वादी ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विपिन कुमार ने भूमि बेचने का भरोसा दिलाकर उससे 51 लाख रुपये ले लिए।
बाद में जांच के दौरान सामने आया कि जमीन से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिक्री का झूठा आश्वासन दिया गया और वादी के साथ धोखाधड़ी की गई।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए बोधगया थाना पुलिस ने आरोपी विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।

बांकेबाजार अश्लील वीडियो कांड का मास्टरमाइंड मो. रेहान पटना में किया सरेंडर

गया के बांकेबाजार थाना क्षेत्र में मो.रेहान मोमोज और मोबाइल का दुकान चलाता था।दुकान पर आई नाबालिक लड़कियों को अपने झांसे में लेकर दुष्कर्म करने और फिर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया वायरल करने का काम किया करता था।अब तक दर्जनों नाबालिक लड़कियों के साथ दुष्कर्म कर उसका वीडियो बनाया है।जिसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है।नाबालिक लड़की के भाई को जब वायरल वीडियो की जानकारी हुई।जिसके बाद मो.रेहान के विरुद्ध बांकेबाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।प्राथमिकी दर्ज होते हीं वह फरार हो गया। मामला 29 जून को प्रकाश में आया।बांकेबाजार थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

गया एसएसपी सुशील कुमार ने गुरुवार को बताया कि बांकेबाजार थाना क्षेत्र में नाबालिक लड़कियों से दुष्कर्म कर वीडियो वायरल मामले का मुख्य अभियुक्त मो.रेहान की गिरफ्तारी के लिए गया पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही थी।दिल्ली,इलाहाबाद से लेकर जहां जहां उसकी सूचना मिली थी छापेमारी की गई।पटना के फुलवारीशरीफ थाना में मुख्य आरोपी मो.रेहान ने आत्मसमर्पण किया है।गया पुलिस की टीम रवाना हो गई है।वहां से लाकर गया कोर्ट में पेश किया जाएगा।लगातार छापेमारी की जा रही थी।एक अच्छी सफलता है

सुशील कुमार, एसएसपी गया
Bihar News: मॉर्निंग वॉक बनी आखिरी सफर! गया में तेज रफ्तार कार ने 65 वर्षीय महिला को रौंदा, मौके पर मौत

जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।कार को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। मानपुर थाना क्षेत्र के नौरंगा मोड़ स्थित फोरलेन मुख्य मार्ग पर यह हादसा हुआ। नौरंगा गांव निवासी देववंती देवी (65 वर्ष), पति रामदेव साहू रोज की तरह गुरुवार सुबह टहलने के लिए घर से निकली थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक अनियंत्रित कार ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है।साथ ही दुर्घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।

गया में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदातः सगे फूफा ने मूक-बधिर किशोरी से दुष्कर्म के बाद की हत्या,हुआ गिरफ्तार

गया के अतरी थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय विक्षिप्त एवं मूक-बधिर किशोरी से दुष्कर्म के बाद हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने मृतका के सगे फूफा मनोज मांझी को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले में स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

घटना 21 जून की देर रात की है। आरोपी मनोज मांझी अपने साले के घर आया था। आरोप है कि रात करीब दो बजे, जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे, वह किशोरी को घर से उठाकर खेत के बधार में ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद पहचान उजागर होने के डर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।अगले दिन 22 जून को नाबालिक का शव मिलते हीं पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।घटना की रात से हीं मनोज मांझी अपने घर से गायब था।अगले दिन वह वापस आया और घटना से पूरी तरह अनजान बनने का नाटक किया।पुलिस की दबिश बढ़ने के बाद वह फरार हो गया जिससे परिजनो का शक और गहरा गया।आरोपी मनोज मांझी को गया रेलवे जंक्शन से गिरफ्तार किया गया है

NEET सॉल्वर गैंग पर मगध मेडिकल कॉलेज ने लिया एक्शन, 2 छात्र सस्पेंड,कैंपस-हॉस्टल में नो एंट्री

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज ने NEET परीक्षा फर्जीवाड़े में नाम आने के बाद अपने दो छात्रों के खिलाफ कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। दोनों छात्रों को अगले आदेश तक निलंबित करते हुए कॉलेज कैंपस, हॉस्टल और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अदालत का अंतिम फैसला आने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी।

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने NEET परीक्षा फर्जीवाड़े में कथित संलिप्तता के आरोप में छात्र अर्पित सिंह और विवेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों छात्रों को कॉलेज परिसर, हॉस्टल और सभी शैक्षणिक गतिविधियों से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन पर हालिया NEET परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने (सॉल्वर) का आरोप है, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में माननीय न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक दोनों छात्रों का निलंबन जारी रहेगा। इस अवधि में उन्हें किसी भी परिस्थिति में कॉलेज परिसर या हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कॉलेज की प्राचार्य डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने बताया कि दोनों छात्रों का नाम सामने आने के बाद उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद किसी भी छात्र ने कॉलेज प्रशासन को कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनके प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।

जानकारी के अनुसार, NEET परीक्षा के दौरान दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले गिरोह की जांच में दोनों छात्रों की कथित भूमिका सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में CBI की टीम भी मगध मेडिकल कॉलेज पहुंची थी और आरोपी छात्र अर्पित सिंह से मामले में लंबी पूछताछ की थी।

गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने आरोपी के हॉस्टल कमरे की तलाशी ली, जहां से एक टैबलेट सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। इन सामग्रियों की जांच एजेंसियां गहन पड़ताल कर रही हैं।