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गया कॉलेज में महिला प्रोफेसर से कथित मारपीट का मामला: सहायक प्राध्यापक शिवजी पांडेय पर एफआईआर, लंबे समय से प्रताड़ना का आरोप

गया कॉलेज में महिला सहायक प्राध्यापक के साथ कथित मारपीट का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। इस मामले में सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता आर्या ने रामपुर थाना में सहायक प्राध्यापक शिवजी पांडेय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्राथमिकी में डॉ. संगीता आर्या ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2025 में संस्कृत विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में शिवजी पांडेय की नियुक्ति होने के बाद से ही उनके साथ लगातार अभद्र व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक रवैया अपनाया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत भी की गई, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा डांट फटकार कर भगा दिया गया।
डॉ. संगीता आर्या के आवेदन पर सहायक प्राध्यापक शिवजी पांडेय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।

 

बोधगया में मॉनेस्ट्री की छत से गिरा बौद्ध भिक्षु, जीवक क्लीनिक की एम्बुलेंस ने दिखाई तत्परता

बोधगया स्थित वट पा बौद्ध मॉनेस्ट्री में मंगलवार की देर रात एक बौद्ध भिक्षु के साथ बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, भिक्षु रात में मॉनेस्ट्री की छत पर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह छत से नीचे गिर पड़े, जिसमें उन्हें गंभीर रूप से घायल हो गया है।
घटना के बाद मॉनेस्ट्री के सदस्यों ने बोधगया के जीवक क्लीनिक को सूचना दी। सूचना मिलते ही जीवक क्लीनिक की अत्याधुनिक एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल भिक्षु को प्राथमिक सहायता देते हुए बेहतर इलाज के लिए गया ले जाया गया। फिलहाल उनका इलाज गया के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

जीवक क्लीनिक द्वारा लंबे समय से बोधगया में निःशुल्क होमियोपैथी क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। यहां गया जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। इसके साथ ही क्लीनिक की अत्याधुनिक एम्बुलेंस आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

परैया थाना से फरार नाबालिग की रेल पटरी पर मिली लाश, मचा हड़कंप

गया जिले के परैया थाना की पुलिस अभिरक्षा से मंगलवार सुबह फरार हुए 13 वर्षीय नाबालिग की मौत हो गई। थाना से भागने के कुछ ही समय बाद उसका क्षत-विक्षत शव प्रभुआ गांव के समीप गया–डीडीयू रेलखंड पर मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि सोमवार को मध्य बिहार ग्रामीण बैंक, परैया में एक व्यक्ति के झोले से नकदी चोरी के आरोप में नाबालिग को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था। उसे पूछताछ के लिए थाना में रखा गया था, लेकिन मंगलवार सुबह वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर ही रही थी कि प्रभुआ गांव के पास रेल पटरी पर एक बच्चे का शव मिलने की सूचना मिली, जिसकी पहचान फरार नाबालिग के रूप में हुई।
घटना के बाद टिकारी एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल और सर्किल इंस्पेक्टर ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटना ने पुलिस अभिरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गया एयरपोर्ट पर हाईजैक अलर्ट? सुरक्षा एजेंसियां अचानक हुईं एक्टिव, मॉक ड्रिल ने परखी तैयारियां

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गया हवाई अड्डे पर मंगलवार को विमानपत्तन समिति की बैठक के साथ एंटी हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज किया गया। अचानक सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और हाईजैकिंग जैसे संवेदनशील विषय पर हुए अभ्यास ने कुछ देर के लिए उत्सुकता और संशय का माहौल बना दिया। हालांकि यह पूरी कार्रवाई किसी वास्तविक खतरे के बजाय सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को परखने के लिए नियमित अभ्यास का हिस्सा था।
बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), जिला प्रशासन, बिहार पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एयरलाइन ऑपरेटर और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान हाईजैकिंग जैसी आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली त्वरित कार्रवाई, समन्वय और सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के बाद आयोजित एंटी हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज में सीआईएसएफ के साथ बिहार पुलिस की एटीएस टीम ने भी हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, त्वरित प्रतिक्रिया और आपातकालीन व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
जिला प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी आदित्य कुमार पीयूष ने समिति की बैठक और मॉक एक्सरसाइज की अध्यक्षता की। वहीं, विमानपत्तन निदेशक अवधेश कुमार ने सफल आयोजन पर सभी विभागों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी को मजबूत बनाते हैं।

देव स्नान के बाद 15 दिनों के लिए बंद हुआ श्री जगन्नाथ मंदिर का पट, 16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा

प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर न्यास समिति, बोधगया द्वारा आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ के वार्षिक उत्सव की शुरुआत देव स्नान पर्व के साथ हो गई। प्रेस वार्ता में न्यास समिति के सचिव राय मदन किशोर ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि देव स्नान के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का विशेष स्नान, पूजन एवं भोग अर्पण किया गया। इसके बाद भगवान को पुनः गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है। अब अगले 15 दिनों तक मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद रहेगा। इस अवधि को भगवान का “अनसर” अथवा “रुग्णावकाश” काल माना जाता है, जिसमें मान्यता के अनुसार देव स्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं।
राय मदन किशोर ने बताया कि 14 जुलाई को मंदिर का पट पुनः खोला जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान को 56 भोग अर्पित किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी होगा। 15 जुलाई को भजन संध्या एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों तथा आम श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जाएगा। 17 जुलाई की सुबह रथ वापसी (बहुदा यात्रा) संपन्न होगी, जिसके बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर गया कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक टी. के. नारायण ने रथयात्रा और भक्ति आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भक्ति आंदोलन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित समुदायों को धार्मिक गतिविधियों में समान भागीदारी दिलाना था। रथयात्रा इसी समावेशी परंपरा का प्रतीक है, जिसमें सभी लोग मिलकर भगवान के रथ को खींचते हैं।
उन्होंने बताया कि मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ जनमानस के दुख-दर्द को अपने ऊपर ले लेते हैं, इसलिए देव स्नान के बाद वे 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस दौरान पुजारी उन्हें औषधीय जड़ी-बूटियों से बने काढ़े एवं विशेष पौष्टिक भोग अर्पित करते हैं। स्वस्थ होने के बाद भगवान पुनः भक्तों को दर्शन देते हैं और समाज के कल्याण का संदेश प्रदान करते हैं।

रिपोर्ट:- सुदीप्तो नाग

फतेहपुर में जंगल से भटककर पहुंचे दो हाथी, ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट

गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के गन्नी पिपरा गांव के समीप जंगल से भटककर दो हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। हाथियों के आबादी वाले इलाके के नजदीक दिखाई देने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुटने लगे। हालांकि राहत की बात यह है कि समाचार लिखे जाने तक हाथियों ने किसी व्यक्ति या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है।

ग्रामीणों के अनुसार दोनों हाथी संभवतः अपने झुंड से बिछड़ गए हैं और रास्ता भटककर गांव के समीप पहुंच गए हैं। इस दौरान कुछ बच्चे और ग्रामीण हाथियों को देखने के लिए उनके करीब जाने और शोर-शराबा करने लगे, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बढ़ गई।

घटना की सूचना तत्काल गुरपा वन क्षेत्र के वन रेंजर रजनीश कुमार और फतेहपुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। वन रेंजर रजनीश कुमार ने बताया कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर भेजने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए स्थानीय लोगों से सहयोग करने की अपील भी की गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2016 में भी फतेहपुर क्षेत्र में हाथियों का एक झुंड पहुंचा था। उस समय हाथियों ने कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसी घटना को याद कर इस बार भी लोगों में भय और चिंता का माहौल है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के पास जाने, उन्हें उकसाने, फोटो या वीडियो बनाने के लिए नजदीक जाने तथा किसी प्रकार का शोर-शराबा करने से बचें। साथ ही बच्चों को हाथियों से दूर रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

गया-डोभी मुख्य सड़क मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, बाइक की आमने –सामने हुई टक्कर,एक की मौत, तीन गंभीर घायल

गया-डोभी मुख्य सड़क मार्ग पर हड्डी फैक्ट्री के समीप रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बाइकों की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतना भीषण था कि एक बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गया भेजा गया है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। समाचार लिखे जाने तक मृतक और घायलों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है।

महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन के 501 दिन पूरे, बीटी एक्ट 1949 हटाने को लेकर देशभर के बौद्ध अनुयायी बोधगया में जुटे

बोधगया में महाबोधी महाविहार मुक्ति राष्ट्रीय आंदोलन समिति के बैनर तले महाबोधी महाविहार मुक्ति आंदोलन के 501वें दिन बोधगया में तीन दिवसीय बैठक एक निजी होटल में आयोजित की गई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए बौद्ध अनुयायियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान महाबोधी महाविहार के प्रबंधन को पूरी तरह बौद्ध समुदाय को सौंपने तथा बीटी एक्ट 1949 (बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949) को रद्द करने की मांग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि महाबोधी महाविहार बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र तीर्थस्थल है, इसलिए इसका प्रबंधन का अधिकार बौद्ध समाज के पास होना चाहिए। इसी मांग को लेकर पिछले कई महीनों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी है और अब यह 501वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आकाश लामा ने बताया कि आंदोलन को देशभर के बौद्ध समाज का लगातार समर्थन मिल रहा है। बैठक में आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा तथा निर्णय लिया जाएगा। आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। बैठक के बाद प्रधानमंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर महाबोधी महाविहार से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकृष्ट कराया जाएगा । बीटी एक्ट 1949 को निरस्त करने और महाबोधी मंदिर का प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपने की मांग दोहराई गई है।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।केंद्र और राज्य सरकार से इस विषय पर शीघ्र पहल करते हुए बौद्ध समाज की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की।

विश्व बैंक की टीम ने गयाजी-बोधगया की विकास परियोजनाओं का किया निरीक्षण, ₹5,000 करोड़ निवेश से बदलेगी शहरों की तस्वीर

बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम (BUTP) के अंतर्गत विश्व बैंक की उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गयाजी एवं बोधगया में संचालित तथा प्रस्तावित विभिन्न शहरी विकास एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान गया नगर निगम के नगर आयुक्त-सह-अपर समाहर्ता आदित्य कुमार पीयूष ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए शहर के विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी है।
निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को शहर सौंदर्यीकरण, ठोस अपशिष्ट एवं स्वच्छता प्रबंधन, भूमिगत जल निकासी और सीवरेज नेटवर्क के विस्तार, नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, प्रमुख बाजारों एवं चौक-चौराहों को पैदल यात्री अनुकूल बनाने तथा आधुनिक शहरी अवसंरचना विकसित करने की योजनाओं की जानकारी दी गई।

विश्व बैंक की टीम ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नव-निर्मित विरासत स्तंभ, मिर्जा गालिब गोलंबर के समीप प्रस्तावित वेंडिंग ज़ोन, विष्णुपद कॉरिडोर, रिवरफ्रंट डेवलपमेंट मार्ग तथा बोधगया के विभिन्न विकास स्थलों का निरीक्षण किया। इसके अलावा गयाजी और बोधगया के बीच प्रस्तावित मगध सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना का भी अवलोकन किया। एयरोसिटी मॉडल पर विकसित होने वाली यह परियोजना क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने, निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बताया गया कि बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम के तहत विश्व बैंक अगले पांच वर्षों में राज्य में लगभग ₹5,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रथम चरण में पटना, गयाजी और मुजफ्फरपुर को राज्य के पहले अर्बन एक्सियल नोड के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
गया नगर निगम ने विश्वास जताया कि विश्व बैंक के इस निरीक्षण और प्रस्तावित निवेश से गयाजी एवं बोधगया में आधुनिक, टिकाऊ, स्वच्छ और नागरिक-अनुकूल शहरी विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी, जिससे दोनों शहरों का समग्र एवं सतत विकास सुनिश्चित होगा।

गया में किन्नर समाज ने बैठाया ताजिया, गंगा-जमुनी तहजीब की पेश की अनूठी मिसाल

मुहर्रम के अवसर पर शहर के रामशिला में किन्नर समाज ने सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए ताजिया बैठाया। किन्नर समाज द्वारा पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ ताजिया स्थापित किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय किन्नर सदाबहार विकास समिति के सचिव सुरेश किन्नर उर्फ सुरेश हिजड़ा ने बताया कि उनका समाज पिछले कई वर्षों से मुहर्रम के अवसर पर ताजिया बैठाकर रस्मों का निर्वहन करते आ रहे है।

किन्नर समाज हमेशा से सर्वधर्म समभाव की भावना में विश्वास रखता है। जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ समाज हिंदू धर्म के सभी प्रमुख पर्व-त्योहारों को मनाता है, उसी तरह इस्लाम धर्म के पवित्र अवसरों और शहादत के दिनों को भी पूरे सम्मान के साथ याद करता है। उन्होंने कहा कि कर्बला के शहीदों का बलिदान पूरी मानवता के लिए सत्य, न्याय और इंसानियत का संदेश देता है।
मुहर्रम के मौके पर सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल पेश करती है।बिना किसी भेदभाव के लोगों को एकता और आपसी सम्मान का संदेश देती है।