Breaking News
मुहर्रम को लेकर गया शहर में कब से गायब रहेगी बिजली..? प्रशासन ने जारी किया शटडाउन शेड्यूल

मुहर्रम पर्व-2026 के दौरान ताजिया, अखाड़ा एवं जुलूसों के सुरक्षित संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सुरक्षा कारणों से गया शहरी क्षेत्र में निर्धारित समय के लिए विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम किसी भी संभावित विद्युत दुर्घटना को रोकने और जुलूस में शामिल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग के निर्देशानुसार 25 जून की रात 12:00 बजे से मुहर्रम जुलूस समाप्त होने तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इसके अलावा 26 जून 2026 को शाम 4:00 बजे से जुलूस समाप्त होने तक विद्युत आपूर्ति बाधित रखी जाएगी। इस दौरान ताजिया एवं अखाड़ा जुलूस जिन मार्गों से गुजरेंगे, वहां विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी अंचल अधिकारियों और विद्युत विभाग के पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जुलूस मार्गों का पूर्व निरीक्षण कर लटक रहे बिजली तारों की मरम्मत, तकनीकी खामियों को दूर करने तथा आवश्यक सुधार कार्य समय पर पूरा करने को कहा गया है। जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकेगा।

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित रहने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी पहले से कर लें और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। अधिकारियों ने कहा कि मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी विभाग पूरी तरह मुस्तैद हैं तथा हर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

मुहर्रम पर गया में हाई अलर्ट: 469 स्थानों पर दंडाधिकारी तैनात, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी

मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।डीएम शशांक शुभंकर और एसएसपी सुशील कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में गया प्रेक्षागृह में सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ ब्रीफिंग की गई। बैठक में पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिले के 469 संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर 469 दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनमें सदर अनुमंडल में 175, नीमचक बथानी में 57, टिकारी में 62 तथा शेरघाटी अनुमंडल में 175 अधिकारियों की तैनाती की गई है। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मुहर्रम जुलूस केवल प्रशासन द्वारा सत्यापित मार्गों से ही निकाले जाएंगे तथा किसी भी स्थिति में डीजे और हाई डेसिबल लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं होगा।
उन्होंने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने, अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। वहीं नगर निगम को शहर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और फॉगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल सर्जन को जुलूस मार्गों पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।

एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि केवल लाइसेंसधारी जुलूसों को ही अनुमति दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन, 100 से अधिक वीडियोग्राफर और 77 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा वॉच टावर, बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की भी व्यवस्था की गई है। जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत रहेगा, जिससे किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। प्रशासन ने सभी अधिकारियों को मुहर्रम समाप्त होने तक अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर रहने का निर्देश दिया है।

बोधगया में गूंजेगा भक्ति का स्वर, 1 जुलाई से शुरू होगा 8 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ

बोधगया प्रखंड के टीकाबीघा स्थित मौसा मोड़ के समीप पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति के तत्वावधान में 1 जुलाई से 8 जुलाई तक श्री शनि देव मंदिर, राम दरबार मंदिर एवं शिवलिंग संत नरहरी दास के प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व के इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।
महायज्ञ के यज्ञाचार्य मंत्रालय रामाचार्य वैदिक पाठशाला, विष्णुपद मार्ग, गयाजी होंगे, जबकि वृंदावन की पूज्य साध्वी डॉ. प्रज्ञा भारती प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करेंगी।
कार्यक्रम की शुरुआत 1 जुलाई को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। 2 जुलाई को मंडप प्रवेश एवं अग्नि प्रकट, 3 जुलाई को वैदिक पाठ आरंभ, 4 जुलाई को प्रतिष्ठान कर्मकांड, 5 जुलाई को हवन, 6 जुलाई को जलाधिवास एवं नगर भ्रमण तथा 7 जुलाई को भगवान की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। 8 जुलाई को शिव चर्चा, महाभंडारा एवं महाप्रसाद वितरण के साथ महायज्ञ का समापन किया जाएगा।

समिति के अनुसार 1 से 7 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा एवं शाम 7 बजे से 9 बजे तक रामलीला का मंचन होगा। श्रद्धालुओं और बच्चों के मनोरंजन के लिए डिज्नीलैंड मेले की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
आयोजन समिति ने जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

रिपोर्ट:- सुदीप्तो नाग

गया में खटकाचक मोड पर अनियंत्रित कार ने युवक को रौंदा,मौके पर हुआ मौत

गया के विष्णुपद थाना क्षेत्र के खटकाचक मोड पर मंगलवार को तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने एक युवक को रौंद दिया।युवक वहां पर मोमो खा रहा था।तभी अनियंत्रित कार ने रौंद डाला।जिसमे युवक की मौके पर हीं मौत हो गई।मृतक की पहचान रामप्रवेश प्रजापति के रूप में हुई है जो टीवी मैकेनिक का कार्य करता था।टक्कर इतना जबरदस्त था कि युवक को काफी दूर तक घसीटते हुए एक दुकान में जा घुसा।बताया जा रहा है कि मृतक अपनी स्कूटी खड़ा कर मोमो खा था था तभी झारखंड नंबर वेन्यू कार ने जोरदार टक्कर मार दी।जिसमे स्कूटी का परखच्चे उड़ गए।घटना के वक्त अफरातफरी का माहौल हो गया।वहीं कार में बैठे सभी लोग कार छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क जाम कर दिया।सड़क जाम की सूचना पर विष्णुपद थाना पुलिस और टाउन डीएसपी सरोज कुमार साह मौके पर पहुंचे।काफी आश्वासन के बाद सड़क जाम हटाया गया।वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है।

जयमाला में दूल्हे की हरकत बनी शादी टूटने की वजह, दुल्हन ने कहा- नहीं करूंगी विवाह

गया जिले के बोधगया के एक निजी होटल में एक शादी समारोह उस समय विवाद में बदल गया, जब जयमाला के दौरान दूल्हे के व्यवहार से नाराज दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों को बिना विवाह संपन्न किए ही अपने-अपने घर लौटना पड़ा।

लड़की पक्ष बिहार के आरा और लड़का पक्ष झारखंड के धनबाद का रहने वाला है। सुजाता बायपास रोड स्थित एक निजी होटल में सोमवार रात विवाह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और जयमाला की रस्म चल रही थी। इसी दौरान दूल्हे ने अचानक दुल्हन को गोद में उठा लिया। इस हरकत से दुल्हन असहज हो गई और उसने इसका विरोध किया। परिजनों ने भी दूल्हे को मर्यादित व्यवहार करने की सलाह दी।
बताया जाता है कि समझाने पर दूल्हा नाराज हो गया और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया। होटल में मौजूद लोगों और प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला तथा पुलिस को सूचना दी।

मामला बोधगया थाना पहुंचा,जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दी। दुल्हन ने दूल्हे के व्यवहार को विवाह योग्य नहीं बताते हुए शादी से इनकार कर दिया। अंततः बिना फेरे और बिना विवाह के ही दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

गुरारू में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बंदौल और क्रांति नगर गांव के बीच लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।शव मिलने की सूचना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह शव को देखा और इसकी सूचना गुरारू थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार शव के पास से कोई पहचान पत्र या अन्य ऐसा सामान नहीं मिला है, जिससे मृतक की पहचान हो सके।

गुरारू थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि बंदौल और क्रांति नगर गांव के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि मृतक की पहचान हो सके और उसके परिजन सामने आ सकें। पहचान होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

नीट यूजी पुनर्परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बनकर बैठा ANMMCH का MBBS छात्र गिरफ्तार, प्रिंसिपल बोलीं- ऐसे छात्रों से कॉलेज की छवि हो रही धूमिल

देशभर में 21 जून रविवार को आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे एक युवक को बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ा गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के यादव नगर निवासी अर्पित सिंह के रूप में हुई है, जो गया के ANMMCH में MBBS फाइनल ईयर का छात्र है।
परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसकी पहचान को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। जांच करने पर पता चला कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है, बल्कि किसी अन्य उम्मीदवार के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। छात्र का नाम कॉलेज रिकॉर्ड में अर्पित सिंह के नाम से दर्ज है। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो दिनों से अपने हॉस्टल से गायब था।

इस मामले पर ANMMCH की प्रिंसिपल डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि उन्हें पहली बार इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन छात्र के हॉस्टल तक गया था, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। उसके रूममेट से भी पूछताछ की गई, लेकिन उसे छात्र के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
प्रिंसिपल ने कहा कि गिरफ्तार छात्र का मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज पुलिस, आईबी और जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा दिया गया हैं। उन्होंने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से कॉलेज की प्रतिष्ठा और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

सड़क हादसे में घायल दसवीं के छात्र ने तोड़ा दम, शनिवार को हुआ था हादसा

गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव निवासी रामजी दास के 18 वर्षीय पुत्र संजीत कुमार की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। संजीत दसवीं कक्षा का छात्र था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
शनिवार की शाम भलुहार-मटुआ मार्ग के पास एक अज्ञात बाइक सवार ने संजीत को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल गुरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को संजीत ने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात बाइक सवार की पहचान तथा हादसे की जांच शुरू कर दी है।

नाम भी, जिम्मेदारी भी: गया की मंथन वाटिका में हर पौधे के साथ जुड़ा IAS अधिकारी का नाम

गया शहर के ब्रह्मयोनि पहाड़ के नीचे स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) परिसर में विकसित ‘मंथन वाटिका’ इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है। इस वाटिका की सबसे खास बात यह है कि यहां लगाए गए प्रत्येक पौधे के साथ किसी न किसी आईएएस अधिकारी का नेम प्लेट लगा हुआ है। बंजर पड़ी जमीन पर विकसित की गई यह वाटिका अब हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहचान बन गई है।
वाटिका में करीब 200 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों पर बिहार के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, आयुक्त, सचिव समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम अंकित हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का भी संदेश दे रही है।
दिसंबर 2025 में गया स्थित बिपार्ड में बिहार सरकार द्वारा सभी आईएएस अधिकारियों के लिए एक विशेष ‘मंथन कार्यक्रम’ आयोजित किया गया था। इस दौरान राज्य के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी व्यापक चर्चा हुई थी। चर्चा के बाद ब्रह्मयोनि पहाड़ के नीचे स्थित बंजर भूमि पर सामूहिक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें सभी अधिकारियों ने अपने नाम का एक-एक पौधा लगाया और उसके पास अपना नेम प्लेट भी स्थापित किया।
इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था। आज यह मंथन वाटिका पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है।
मंथन वाटिका देखने पहुंचे स्थानीय निवासी सुशांत कुमार ने कहा कि यह पहल बेहद सराहनीय है। उन्होंने बताया कि तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ते तापमान के बीच इस तरह का वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में ये पौधे बड़े होकर लोगों को छाया, स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेंगे। साथ ही अधिकारियों के नाम जुड़े होने से यह पहल लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करेगी।

वहीं गया नगर निगम के नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने बताया कि मंथन कार्यक्रम के दौरान बिहार के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई थी। इसी सोच के तहत सभी आईएएस अधिकारियों ने वृक्षारोपण कर समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पर्याप्त जल और बेहतर पर्यावरण देना है तो प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण और जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी बनाना होगा। मंथन वाटिका इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।
आज यह मंथन वाटिका न सिर्फ हरियाली की नई पहचान बन चुकी है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि जब प्रशासन और समाज साथ आएं तो बंजर जमीन भी पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन सकती है।

बोधगया में योग करते दिखे जीतन राम मांझी, बोले-प्रधानमंत्री मोदी की पहल से योग को मिली वैश्विक पहचान

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बोधगया के जयप्रकाश उद्यान में आयोजित भव्य योग शिविर में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया और कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि समाज और देश में शांति, सौहार्द तथा सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है। आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। योगाभ्यास के बाद उन्होंने उपस्थित लोगों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया।

जीतन राम मांझी ने कहा कि योग गुरु द्वारा कराए गए सभी अभ्यासों को उन्होंने पूरी लगन से करने का प्रयास किया। योग करने के बाद उन्हें काफी अच्छा और ऊर्जावान महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश और दुनिया को ऐसा मार्ग दिखाया है, जिससे लोगों का तन और मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। आज विश्व के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है, जो भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तो समाज में तनाव कम होगा, आपसी भाईचारा बढ़ेगा और शांति का वातावरण मजबूत होगा। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने स्वस्थ और निरोग जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया।