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BT एक्ट 1949 रद्द करने की मांग को लेकर बौद्ध भिक्षुओं ने किया भूख हड़ताल, आंदोलन के 500 दिन हुआ पूरा

विश्व प्रसिद्ध महाबोधि महाविहार को महाबोधि मंदिर के प्रबंधन से जुड़े बोधगया टेंपल एक्ट (बीटी एक्ट) 1949 को समाप्त कर महाविहार का पूर्ण नियंत्रण बौद्ध समाज को सौंपने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन शुक्रवार को 500वां दिन पूरा हो गया है। इस मौके पर बीटीएमसी गोलंबर पर बौद्ध भिक्षुओं ने एकदिवसीय भूख हड़ताल किया है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आकाश लामा ने कहा कि जिस प्रकार मंदिरों का प्रबंधन हिंदू, मस्जिदों का मुस्लिम और चर्चों का ईसाई समुदाय करता है, उसी प्रकार महाबोधि महाविहार का प्रबंधन भी पूरी तरह बौद्ध समाज को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान बीटी एक्ट 1949 के तहत गठित प्रबंधन समिति में बौद्धों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है और यह अधिनियम असंवैधानिक है। इसे निरस्त कर महाविहार का संचालन पूर्ण रूप से बौद्ध समुदाय को दिया जाए। बताया कि यह आंदोलन 12 फरवरी 2025 से लगातार जारी है।वर्ष 2012 में इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका।
भूख हड़ताल में देश के विभिन्न राज्यों से आए बौद्ध भिक्षुओं और अनुयायियों ने भाग लिया। वहीं पूरे विश्व में आज भूख हड़ताल किया गया है। मुहर्रम को देखते हुए प्रशासन ने भूख हड़ताल की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद प्रशासन ने धरनास्थल से भिक्षुओं को हटा दिया। इसके बावजूद आंदोलन जारी रखने की बात कही है कहा कि संघर्ष जारी रहेगा।

“थाना परिसर से ही गायब हुई जब्त बाइक! कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला वाहन, विधायक ने आईजी से जांच की मांग”

बोधगया यातायात थाना परिसर से जब्त एक मोटरसाइकिल के कथित रूप से गायब होने का मामला सामने आया है। बिहार विधानसभा में विरोधी दल के मुख्य सचेतक एवं बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मगध प्रक्षेत्र के आईजी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

विधायक ने अपने पत्र में बताया है कि बोधगया यातायात थाना कांड संख्या 32/24 के तहत जब्त की गई पैशन प्रो मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन संख्या BR02AU-5066) को 22 नवंबर 2024 को विधिवत जब्ती सूची बनाकर थाना परिसर में रखा गया था। बाद में गया के एसीजेएम-4 कोर्ट ने वाहन को मुक्त करते हुए वाहन स्वामी को सुपुर्द करने का आदेश दिया। इसके बावजूद न्यायालय के आदेश के लगभग आठ महीने बाद भी वाहन मालिक को उसकी बाइक नहीं मिल सकी।

आरोप है कि वाहन स्वामी ने कई बार थाना पहुंचकर अपनी मोटरसाइकिल की मांग की, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। बाद में बताया गया कि बाइक थाना परिसर में मौजूद नहीं है। संबंधित पुलिस पदाधिकारियों द्वारा भी वाहन के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने से वाहन के थाना परिसर से ही गायब होने की आशंका और गहरा गई है।
विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि यदि पुलिस अभिरक्षा में रखा गया वाहन ही सुरक्षित नहीं है तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आईजी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए न्यायालय के आदेश के अनुरूप वाहन मालिक को उसका वाहन उपलब्ध कराने तथा लापरवाही या अनियमि

तता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

थाना परिसर से जब्त बाइक का गायब होना बोधगया पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़ा करता है।आखिर पुलिस अभिरक्षा में बाइक गायब कैसे हो गई।

 

रिपोर्ट:- सुदीप्तो नाग

बोधगया में योग करते दिखे जीतन राम मांझी, बोले-प्रधानमंत्री मोदी की पहल से योग को मिली वैश्विक पहचान

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बोधगया के जयप्रकाश उद्यान में आयोजित भव्य योग शिविर में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया और कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि समाज और देश में शांति, सौहार्द तथा सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है। आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। योगाभ्यास के बाद उन्होंने उपस्थित लोगों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया।

जीतन राम मांझी ने कहा कि योग गुरु द्वारा कराए गए सभी अभ्यासों को उन्होंने पूरी लगन से करने का प्रयास किया। योग करने के बाद उन्हें काफी अच्छा और ऊर्जावान महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश और दुनिया को ऐसा मार्ग दिखाया है, जिससे लोगों का तन और मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। आज विश्व के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है, जो भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तो समाज में तनाव कम होगा, आपसी भाईचारा बढ़ेगा और शांति का वातावरण मजबूत होगा। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने स्वस्थ और निरोग जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया।

अतिक्रमण की शिकायत लेकर पहुंचे युवक का सीओ से विवाद,वीडियो बनाते ही भड़के सीओ! वीडियो वायरल”

बोधगया अंचल कार्यालय में शनिवार को उस समय अचानक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जब अपनी समस्या को लेकर पहुंचे एक फरियादी और अंचलाधिकारी के बीच नोकझोंक हो गई। बताया जा रहा है कि फरियादी अतिक्रमण से जुड़े मामले में पिछले चार वर्षों से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत के समाधान की मांग कर रहा था।

इसी दौरान फरियादी कार्यालय में अपनी बात रखते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगा। वीडियो बनाते देख अंचलाधिकारी नाराज हो गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भी मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि फरियादी लंबे समय से अतिक्रमण संबंधी मामले के समाधान के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। वहीं प्रशासनिक पक्ष की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आनंद मोहन का दावा: चेतन आनंद ने बचाई थी सरकार, एनडीए ने कोई कृपा नहीं की

गया के एक निजी होटल में शनिवार महाराणा प्रताप की 486 वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद आनंद मोहन शामिल हुए।
इस मौके पर पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि सीतामढ़ी में 28 जून को अश्वारोही प्रतिमा लगाने जा रहे है उसका निमंत्रण देने आए है।भविष्य में कार्य योजना है कि अपने पुराने साथियों के साथ बैठकर बिहार की मूलभूत समस्याओं पर बात की जाय।अंतिम दौर में अंतिम पाली जमकर खेली जाए इन जनसमस्याओं को लेकर।

सम्राट चौधरी के कार्यकाल पर कहा कि कार्यकाल पूरा करना चाहिए।जो एक गलत मैसेज गया नीतीश कुमार के अपदश्द करने के बाद।दूसरा गलत संदेश नहीं जाए।चुकी पिछड़ों और अतिपिछड़ों में आक्रोश है।वह बहुत हद तक सम्राट चौधरी के आने से बैलेंस हुआ है।भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से कहूँगा की जो कुछ हुआ अगर भरपाई करनी है तो छेड़छाड़ मुनासिब नहीं है।सावधान करूंगा कि आग से खेलने की कोशिश नहीं करें।सम्राट चौधरी को अपना कार्यकाल पूरा करने दें।

पुत्रमोह पर कहा कि जिसको कुछ मूल बातों से भागना है जवाब नहीं देना है तो ऐसे हीं आरोप लगेंगे।एनडीए ने कोई कृपा नहीं की थी।चेतन आनंद ने सरकार को बचाया था।शिवहर से वह एनडीए की सीट नहीं थी।मगध में औरंगाबाद से एनडीए का सीट सन्नाटा था। जीत पिछले 15 वर्षों में नहीं हुआ था।वहां जाकर हार का सन्नाटा तोड़ने का काम चेतन आनंद ने किया ।कुछ लोग पुत्रमोह और पत्नी मोह की बात करते है कार्यकर्ताओं के सवाल में हाल के दशकों में 1 उदाहरण दें कि कार्यकर्ताओं के सवाल पर जीती हुई सीट पर लात मारकर कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा हो गया हो।लवली आनंद ने वह किया।जिसको जो कहना है कहें।

थैली संस्कृति पर कहा कि यूथ फॉर डेमोक्रेसी कर आनंद मोहन निकलेंगे।जरूरी नहीं कि बड़ी सभा हो।गिरोह पार्टी के रूप ले लिया है।पार्टी,नेता के प्रति वफादारी नहीं हैं ऐसे लोगों को पकड़ पकड़ कर टिकट दिया गया फिर मेंबर बनाया गया।पहली बार जो जीतकर आया पार्टी के पुराने लोग इंतजार करते रह गए और पहली बार जितने वाले को मंत्री बना दिया गया।

नीतीश कुमार पर कहा कि यह मेरे ब्यान को कट पेस्ट किया है।हमने कहा कि निशांत कुमार की सारी सम्भावनाओं पर विराम लगा दिया गया।हमने कहा सीएम बनाओ डिप्टी सीएम मतलब चुप मंत्री।हमने डिप्टी सीएम का विरोध किया। टीम और जदयू कार्यकर्ता चाहती थी निशांत डिप्टी सीएम बने।तो लोगो ने मान नहीं रहा है।रातों रात निशांत मान भी जाते है और स्वास्थ्य मंत्री बन जाते है तो यह साज़िश थी।एक व्यक्ति को सीएम भी नहीं बनने दो और जन नेता भी नहीं बनने दो।अगर वह घूमते तो रिस्पोंस मिलता तो वह जन नेता होते।यह संभावना पर भी रोक लगाया।स्वास्थ्य मंत्री बनाकर 3 दिनों तक चैनल,फेसबुक पर ट्रॉल कराया कि बाप बेटा बीमार था इनको डॉक्टर की जरूरत थी इसलिए स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया।किसने यह चलवाया था।खोजिए जिसने ट्रोल करवाया वह हम पर दोष दे रहे है कि हमने कहा।हमने कभी नीतीश कुमार या जदयू के खिलाफ कभी अपने अभियान के दौरान नहीं कही है।जदयू में यह थैली संस्कृति पनप रही है।विसंगति फैली है। ढाई से तीन वर्षों में यह आई है नीतीश कुमार के मजबूरी का फायदा लेकर आया है।

जेपी आन्दोलन में निकले तो व्यवस्था परिवर्तन की बाते हुई थी सत्ता परिवर्तन की नहीं।आज रास्ते से सभी भटक गया।जेल में रहे यह सबको मालूम था।यह रोकने की साजिश थी।आज फिर निकले है तो रोकने की कोई साजिश हो सकती है।हम लड़ेंगे कि कहीं आने वाली पीढ़ी यह न कहे कि आनंद मोहन कायर हो गया।

बिहार में एनकाउंटर पर कहा कि किसी को भी हथियार लहराने का अधिकार लोकतंत्र नहीं देता है।लेकिन मैं हर बुलडोजर और एनकाउंटर संस्कृति का विरोधी हूं।फैसला कोर्ट करेगा।इस बात शासक जितना जल्दी समझ ले यह अच्छा है।निहत्था नहीं था।अगर निहत्था होता तो किसी की ताकत नहीं की किसी को गोली मार दें।जो विरोध कर रहे है या समर्थन कर रहे है उस पर मैं जो सही है वही बोल रहा हूं कि लोकतंत्र में रिवॉल्वर लहराने का हक नहीं है उसी तरह पुलिस को एनकाउंटर का हक नहीं है। तो फिर न्यायपालिका क्यों है।यादव है कि तिवारी है इसे लेकर हम नहीं बैठे है।
आज यह कोचिंग शिक्षा की असफलता का परिणाम है यह कोचिंग कल्चर है।फेल कर रहे है इसलिए कुकुरमुत्ते की तरह कोचिंग खुल रहे है।यह खेल जो हो रहा है वह गंदा है।चीन और पाकिस्तान को दस्तावेज बेचा है जो गद्दार की श्रेणी में आते है।उसमें कोई भारत का मुसलमान नहीं है।किसी बात पर हिंदू,मुस्लमान कनेक्शन लाना यह आनन्द मोहन का काम नहीं है।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने आप को कोई राजवंश के महाराजा से जोड़ते है तो दलित,पिछड़ा का रोना क्यों है।इसलिए महापुरुषों की घेराबंदी टूटनी चाहिये।यह संकीर्णता से उतनी चाहिए।

कोई जगतगुरु नहीं हुआ।अगर हिंदुस्तान जगतगुरु हुआ तो वह महात्मा बुद्ध थे।जब सुविधा,दूरसंचार नहीं थी उस वक्त बुद्ध ने दुनिया के दो तिहाई मुल्कों को अपने विचारों से ढकने का काम किया।उसके बाद महात्मा गांधी थे। जहां हम पैदा हुए उस समाज की दो धाराएं है।एक महाराणा प्रताप की तो दूसरी मान सिंह की है।लोग पुत्रमोह का आरोप लगाते है।जब मंत्रिमंडल की सुगबुगाहट नहीं थी।सत्ता परिवर्तन हुआ था।मुझे यहां बुलाया गया और गन पॉइंट पर इस्तीफा लिया गया।घेराबंदी जो है वह खुद का सृजन है।मगध में एक शासक पुष्यमित्र था जिसने धोखे से राजा बना था।उसी को सैकड़ो वर्षों के बाद दुहराया गया है।चाटुकार,चंडाल चौकरी लोगो ने अपरोक्ष रूप से सत्ता पर कब्जा कर लिया है।जदयू पर कब्जा किया गया एजेंट छोड़े गए है।जब तक नीतीश कुमार सचेत थे तब तक अडिग खड़ा रहा है। अतिपिछड़ों को सन्देश देना चाहते है कि 2 हीं सरकार पिछड़ों की है एक स्टालिन और दूसरा नीतीश सरकार।कोई दोषारोपण नहीं करूंगा।सभी को लगता है मंत्री बने।सभी दलों को यह होता है।इसे मै दोष नहीं दूंगा।यह दल के अंदर बैठे गद्दारों को दोष दूंगा जिसने यह कार्य को किया

सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन बेचने का खुला रास्ता, जानिए सरकार की नई व्यवस्था

बिहार में प्रस्तावित सैटलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर लागू जमीन बंदी के बीच राज्य सरकार ने बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। अब ऐसे भूस्वामी, जिन्हें आर्थिक जरूरत के कारण अपनी जमीन बेचनी है, उनकी जमीन बिहार राज्य आवास बोर्ड खरीदेगा। सरकार के इस फैसले से जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक से प्रभावित हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ आम लोगों के हितों की भी रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि जिन जमीन मालिकों को तत्काल धनराशि की आवश्यकता है, वे आवेदन देकर अपनी जमीन आवास बोर्ड को बेच सकेंगे। इसके लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी भूस्वामी को नुकसान नहीं होने देगी। जमीन खरीद की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होगी और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संकट से उबारने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों और जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो जमीन बंदी के कारण अपनी संपत्ति बेचने में असमर्थ थे।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्य और केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण पर रोक लागू नहीं होगी। सड़क, आवास, शहरी विकास और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और हस्तांतरण की अनुमति जारी रहेगी। वहीं, जिन विकास परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा है, उन्हें भी प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है।

AI आधारित तस्वीर

पूर्व सांसद आनंद मोहन 20 जून को गया दौरे पर, कार्यकर्ता सम्मेलन और क्षत्रिय सम्मेलन में होंगे शामिल, कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश

पूर्व सांसद आनंद मोहन 20 जून 2026 को गया जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान वे कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे तथा स्वागत समारोह में शामिल होंगे वहीं क्षत्रिय समाज के सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

जारी कार्यक्रम के अनुसार आनंद मोहन 20 जून को पटना के गर्दनीबाग से प्रस्थान करेंगे। फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं के द्वारा जहानाबाद-गया बॉर्डर पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद कंचनपुर में कार्यकर्ताओं द्वारा उनका माल्यार्पण किया जाएगा।

मानपुर स्थित देवरानी होटल में प्रखंड प्रमुख धर्मेंद्र कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।इस दौरान मिनट टू मिनट कार्यक्रम की जानकारी दी है।कहा कि आगमन से कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह और जोश है।

होटल देवरानी के सभागार में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा, जहां वे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। वजीरगंज में स्वागत समारोह में शामिल होंगे।
इसके बाद पहाड़पुर में आयोजित महायज्ञ में शामिल होंगे। उसके बाद नवादा जिले के सिरदल्ला में आयोजित क्षत्रिय सम्मेलन में भाग लेकर समाज के लोगों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रमों के समापन के बाद उनका रात्रि विश्राम मानपुर स्थित होटल देवरानी में होगा। फ्रेंड्स ऑफ आनंद के वरिष्ठ कार्यकर्ता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होंगे।

“नौकरी नहीं, लाठियां दे रही सरकार” : गया में राजद का हमला, महंगाई-बेरोजगारी पर घेरा,दिया धरना

बिहार में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बुधवार को गया के गांधी मैदान स्थित धरना स्थल पर धरना-प्रदर्शन किया। राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र और बिहार सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जनहित के सवालों पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया।
धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता, विधायक और पूर्व विधायक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और आरोप लगाया कि जनता महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही है, जबकि सरकार समस्याओं से ध्यान भटकाने में लगी है।
पूर्व विधायक विनय कुमार यादव, राजद नेत्री तनुश्री और वरिष्ठ नेता रौशन मांझी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि बिहार के युवाओं को रोजगार मांगने पर नौकरी के बजाय लाठियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है और बिजली, पानी, गैस जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।
उनकी पार्टी जनता की आवाज बनकर सड़कों पर संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने सरकार पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण, युवाओं को रोजगार, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई और आम जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

Bihar Police Exam 2026: रेलवे ने बढ़ाई सुविधा, 14 स्पेशल ट्रेनों का टाइम टेबल जारी

बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के मद्देनजर अभ्यर्थियों की सुविधा को लेकर रेलवे ने 16 और 17 जून को विभिन्न रूटों पर कुल 14 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया है।
16.06.2026 एवं 17.06.2026 को निम्नानुसार परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा ।
रेलवे ने तो टेबल जारी किया है।इन रूटों पर परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा

1. पाटलिपुत्र से 20.00 बजे किशनगंज के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार के रास्ते चलायी जाएगाी ।

2. पटना से 21.00 बजे नरकटियागंज के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, चकिया, बापूधाम मोतिहारी, बेतिया के रास्ते चलायी जाएगी ।

3. पाटलिपुत्र से 22.00 बजे अररिया के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार के रास्ते चलायी जाएगी ।

4. पाटलिपुत्र से 23.00 बजे नवगछिया के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया के रास्ते चलायी जाएगी ।

5. पटना से 23.30 बजे भभुआ के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन तारेगना, जहानाबाद, गया, डेहरी ऑन सोन, सासाराम के रास्ते चलायी जाएगी ।

दिनांक 17.06.2026 को चलायी जाने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेनें:

1. पटना से 07.15 बजे गया के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा ।

2. बक्सर से 13.30 बजे दानापुर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा ।

3. बक्सर से 18.00 बजे पटना के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा ।

4. किऊल से 12.30 बजे गया के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया शेखपुरा, नवादा चलायी जाएगी ।

5. गया से 17.30 बजे किऊल के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया नवादा, शेखपुरा चलायी जाएगी ।

6. बख्तियारपुर से 08.00 बजे राजगीर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया बिहारशरीफ, नालंदा चलायी जाएगी ।

7. राजगीर से 13.00 बजे बख्तियारपुर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया नालंदा, बिहारशरीफ चलायी जाएगी ।

8. बख्तियारपुर से 15.30 बजे राजगीर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया बिहारशरीफ, नालंदा चलायी जाएगी ।

9. राजगीर से 18.15 बजे बख्तियारपुर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया नालंदा, बिहारशरीफ चलायी जाएगी ।

परीक्षा के दौरान संभावित अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने और अभ्यर्थियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह विशेष व्यवस्था की गई है।इन स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

गयाजी के खिजरसराय में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम, प्रौद्योगिकी केंद्र का किया शिलान्यास; सम्राट चौधरी

बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने संयुक्त रूप से आज गयाजी जिला स्थित खिजरसराय में प्रौद्योगिकी केंद्र का रिमोट का बटन दबाकर शिलान्यास किया तथा भूमि पूजन कर शुभारंभ किया। साथ ही कार्यक्रम के दौरान गयाजी-इस्लामपुर-खिजरसराय पथ के 20वें कि0मी0 से टेक्नोलॉजी सेंटर (देवगांव) तक पथ का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्ववाली सरकार की तीन योजनाओं की तीन जगहों पर खिजरसराय, आरा और पटना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिल रहा है। यहां 170 करोड़ की योजनावली प्रौद्योगिकी केंद्र का शिलान्यास कर काफी खुशी हो रही है। इस प्रौद्योगिकी केंद्र के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमीन उपलब्ध कराई थी। पहले एम०एस०एम०ई० मंत्रालय को लोग ठीक से जानते भी नहीं थे, लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार के दौरान इस विभाग में काफी काम हुये हैं। जीतन राम मांझी जी ने भी इस विभाग के मंत्री रहते हुए काफी कार्य किए हैं। बिहार में वर्ष 2022 में एम०एस०एम०ई० की संख्या 6 लाख ही थी जो अब बढ़कर 46 लाख से अधिक हो गयी है। इसमें 1 करोड़ 87 लाख लोगों को सीधा रोजगार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बदल रहा है। राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने बिजली, सड़क, हर घर नल का जल सहित कई क्षेत्रों में विकास के कार्य किए। जीविका दीदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा। राज्य में बिजली क्रांति आई। जहां वर्ष 2005 तक 17 लाख परिवारों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध था। वहीं आज 2 करोड़ 22 लाख परिवार को सीधे बिजली कनेक्शन मिला हुआ है। इस देश में सबसे सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति करनेवाला राज्य बिहार है। हमलोग अपने उपभोक्ताओं को 23 हजार करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी दे रहे हैं। सभी लोगों को 125 यूनिट बिजली फ्री दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कल ही हमने पी०एम० सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की है जिससे गरीब भाई-बहनों को काफी फायदा होगा और इससे सोलरयुक्त बिजली को बढ़ावा मिलेगा। जिनके यहां सोलरयुक्त बिजली उत्पादन होगी 125 यूनिट के बाद 126वीं यूनिट से उस बिजली का पैसा भी उनके खाते में जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी जी ने जी०एस०टी० लागू की। जी०एस०टी० के लागू होने से आर्थिक क्षेत्र में काफी लाभ हो रहा है। जैसे ही उपभोक्ता कोई सामान खरीदता है वैसे ही देश की अर्थव्यवस्था में सीधा अपना योगदान देता है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ा है। हम लोगों का सपना है बिहार समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। बिहार की समृद्धि के लिए उद्योग के क्षेत्र में तेजी से काम करना होगा और प्रशासनिक तंत्र को दृढ़ता के साथ कार्य करना होगा। बिहार को आगे ले जाना है तो 24 घंटे में 20 घंटे काम करना होगा। क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से किसी प्रकार समझौता नहीं होगा। हमने पुलिस को कह दिया है कि जो अपराधी पुलिस को चैलेंज करेगा उसे 48 घंटे के अंदर जवाब दें। अपराधियों का गयाजी में पिंड दान होगा या जेल में रहेंगे। ढेर सारे अपराधी बिहार छोड़कर चले गए हैं जो बचे हुए हैं उनका पता बताइए, उनपर तुरंत कार्रवाई होगी। भ्रष्टाचार से लड़ना है, न खाना है न किसी को खाने देना है। जब सभी लोग मिलकर काम करेंगे तो बिहार समृद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल सहयोग शिविर का आयोजन है। हमने व्यवस्था कर दी है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए आवेदन देते हैं तो 10 दिन में समाधान नहीं होता है तो 11वें दिन संबद्ध पदाधिकारी को पहला नोटिस जाएगा। 20 दिन में नहीं करते हैं तो 21वें दिन दूसरा नोटिस जाएगा, 25 दिन में नहीं होता है तो 26वें दिन तीसरा नोटिस जाएगा और 30 दिन में आवेदन का निष्पादन नहीं करेगा तो 31वें दिन निलंबन का नोटिस जाएगा। आम लोगों की समस्या का समाधान हर हालत में करना है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग को धन्यवाद देते हैं कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। उद्योग विभाग में उद्योग लगाने के लिए जो आवेदन करेंगे अगर क्लीयरेंस नहीं होता है तो 31 वें दिन मुख्यमंत्री के आदेश से परमिट मिल जाएगा। हम बिहार की जनता के लिए तथा बिहार की समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बिहार समृद्ध होगा तो लोगों के बीच खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि हमने व्यवस्था कर दी है कि सभी सामाजिक पेंशनधारियों को हर महीने की 10 तारीख को उनके खाते में पेंशन की राशि चली जाएगी। 1 करोड़ 81 लाख बहनों के खाते में रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार की राशि भेजी जा चुकी है। 20 लाख रोजगार करनेवाली बहनों को चिह्नित कर उनके खाते में दूसरी किस्त की राशि भेजी जाएगी और जो भी बची हुई बहनें हैं उनके खाते में भी 10-10 हजार की राशि भेजी जाएगी। हम लोगों की कोशिश है कि जिस दिन प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री बिहार आएंगे, उस दिन इस कार्य को मूर्त रूप दिया जाएगा। सबका साथ, सबका विकास के लिए हमलोग कार्य कर रहे हैं। 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं। सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। इन स्कूलों
में ऐसी शिक्षा की गुणवत्ता होगी कि नेता और अफसर के बच्चे भी इसमें पढ़ेंगे। उस दिन मेरा सपना पूरा होगा। कहा कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को खिजरसराय और अतरी को मुख्यधारा में लाने के लिए धन्यवाद देते हैं। हम भगवान श्रीराम के वंशज लव-कुश हैं। माता सीता के श्राप से फल्गू नदी को मुक्त कराएंगे। इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाण सागर समझौता से प्राप्त पानी को हर हालत में फल्गू नदी में लाने का काम किया जाएगा। खिजरसराय में अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम खोलने के लिए 40 एकड़ जमीन राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि हमें 14 करोड़ बिहारियों की जिम्मेवारी मिली है। बिहारी देश में विभिन्न पदों पर तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए देश की प्रगति में अपना योगदान दे रहे हैं। हम बिहार में ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि बिहारी लौटकर बिहार आएंगे और बिहार को सुंदर एवं समृद्ध बनाने में अपना योगदान देंगे। 170 करोड़ रुपये लागत की प्रौद्योगिकी केंद्र का शिलान्यास किया गया है। इसके बगल में सड़क, स्टेडियम बनाया जाएगा।