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गया में ‘पुलिस दीदी’ की एंट्री, मनचलों पर कसेगा शिकंजा

छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गया पुलिस ने शुक्रवार को नई पहल की शुरुआत की। पुलिस लाइन में एसएसपी सुशील कुमार ने ‘पुलिस दीदी’ योजना का शुभारंभ करते हुए स्कूटी और बाइक सवार महिला पुलिसकर्मियों के दस्ते को फ्लैग ऑफ किया। इसके साथ ही शहर के संवेदनशील और महिलाओं की अधिक आवाजाही वाले इलाकों में महिला पुलिसकर्मियों की विशेष पेट्रोलिंग शुरू हो गई।
एसएसपी सुशील कुमार ने शुक्रवार को बताया कि शहर में कई हॉट स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन स्थानों पर ‘पुलिस दीदी’ नियमित रूप से गश्त करेंगी। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, बाजारों और महिलाओं की आवाजाही वाले प्रमुख क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को परेशान करने वाले मनचलों पर नजर रखना तथा ऐसी गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करना है। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने की भी कोशिश की जा रही है।
‘पुलिस दीदी’ दस्ते को इस तरह तैनात किया गया है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों के साथ-साथ उन इलाकों पर भी नजर रख सकें, जहां महिलाओं और छात्राओं के साथ छेड़खानी या अन्य परेशानियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। पेट्रोलिंग के दौरान महिला पुलिसकर्मी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए संबंधित थाना पुलिस से समन्वय करेंगी।
पुलिस की इस पहल को रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं और बहनों की सुरक्षा को लेकर एक विशेष संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। ‘पुलिस दीदी’ के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ महिलाओं में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

बोधगया के पर्यटन विकास का बनेगा नया रोडमैप, लेजर शो से एयर कनेक्टिविटी तक पर मंथन

संसदीय पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी स्थायी समिति के सदस्यों ने बोधगया का दौरा कर स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों और हितधारकों के साथ संवाद किया। बैठक में बोधगया को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने, पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार करने और आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। समिति के अध्यक्ष संजय कुमार झा एवं सांसद राजीव प्रताप रुडी को विभिन्न स्थानीय एसोसिएशनों की ओर से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
बैठक में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय पर्यटन व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर सुझाव लिए गए। हितधारकों ने बोधगया में भगवान बुद्ध के जीवन पर आधारित लेजर शो शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा गया एयरपोर्ट का विकास व्यापारिक दृष्टिकोण से करने तथा मुंबई, चेन्नई और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ हवाई कनेक्टिविटी बेहतर करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि महाबोधि मंदिर आने वाले पर्यटकों को आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए महाबोधि मंदिर के करीब पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का सुझाव दिया गया। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।


बैठक में रणविजय सिंह, राहुल केशव, रंजन कुमार, मृत्युंजय राय, राजीव रंजन और अरुण रजा सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधि एवं हितधारक मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बोधगया के पर्यटन विकास को गति देने तथा सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।

भैंस किसकी? अब DNA टेस्ट खोलेगा मालिकाना हक का राज, IG विकास वैभव ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश

गया के अतरी थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव में भैंस के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद अब वैज्ञानिक जांच तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने भैंस के वास्तविक मालिक की पहचान के लिए DNA जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल को मामले की जांच तेज करते हुए निष्पक्ष तरीके से सभी तथ्यों की पड़ताल करने को कहा गया है।
मामले को लेकर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण नौरंगा पहुंचे और प्रकाश मांझी के परिजनों सहित ग्रामीणों से पूरे विवाद की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मंगलवार को ग्रामीणों के साथ आईजी विकास वैभव से मुलाकात कर निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की।
बताया गया कि मोहड़ा के सेवतर निवासी सूरज यादव की भैंस कुछ दिन पहले कहीं चली गई थी। बाद में भैंस अतरी के उपथू महाचक गांव पहुंची, जहां नौरंगा टोली में प्रकाश मांझी ने उसे अपने पास रखा। जानकारी मिलने पर सूरज यादव भैंस को लेने पहुंचे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मालिकाना हक को लेकर विवाद शुरू हो गया।
मामले में अतरी थाना में भैंस चोरी की शिकायत भी दर्ज कराई गई। पुलिस ने भैंस को थाना लाकर बाद में सूरज यादव को सौंप दिया। वहीं, प्रकाश मांझी पक्ष की ओर से दावा किया गया कि यह वही भैंस है, जो करीब चार वर्ष पहले चोरी हुई थी। इसी दावे के कारण विवाद और गहरा गया।

जमीन कब्जा और मारपीट मामले में प्रॉपर्टी डीलर भगत यादव गिरफ्तार, बेटे की तलाश में जुटी डोभी पुलिस

गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के बजौरा गांव में जमीन पर कब्जा करने, मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र कुमार सुमन उर्फ भगत यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे गया स्थित उसके आवास से दबोचा। मामले में उसका बेटा आर्यन कुमार उर्फ मोनू यादव फरार बताया जा रहा है। ग्रामीण एसपी दिव्यांजली जायसवाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी कर रही है।
मामला करीब 15 दिन पहले दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। पीड़ित पक्ष ने भगत यादव, उसके बेटे और अन्य लोगों पर जमीन पर जबरन कब्जा करने और मारपीट करने का आरोप लगाया था। गुप्त सूचना के आधार पर भगत यादव के गया स्थित आवास पर छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया।

बजौरा गांव में भूदान यज्ञ समिति की ओर से खाता नंबर 576 और प्लॉट नंबर 2142 में करीब एक एकड़ 50 डिसमिल जमीन का पर्चा उनके पिता और ससुर डोमर मांझी के नाम से मिला है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि वे लंबे समय से जमीन पर दखल-कब्जे में हैं और वहां खेती भी करते आ रहे हैं।

आरोप है कि इसी जमीन के बगल में प्लॉट नंबर 2141 पर भगत यादव और उसके बेटे का ईंट बनाने का प्लांट है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्लांट की ईंटें उनकी जमीन पर रखी जा रही थीं और पत्थर समेत अन्य निर्माण सामग्री भी गिराई गई थी। कई बार जमीन खाली करने को कहने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया।

पीड़ित पक्ष के लोग जमीन से ईंट और अन्य सामग्री हटाने पहुंचे थे। इसी दौरान भगत यादव, उसके बेटे और अन्य लोगों के साथ विवाद हुआ और गाली-गलौज व मारपीट की गई। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। अब भगत यादव की गिरफ्तारी के बाद फरार बेटे की तलाश की जा रही है।

भगत यादव की पत्नी डोभी प्रखंड के प्रमुख सुनीता देवी है। भगत यादव खुद भी निर्दलीय विधानसभा से चुनाव लड़ चुके है ।

न दस्तावेज, न हिसाब… गया स्टेशन पर 10 लाख कैश के साथ युवक डिटेन, आयकर विभाग को सौंपा

गया रेलवे स्टेशन पर श्रावण माह की भीड़ को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की संयुक्त टीम द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक को भारी मात्रा में नगदी के साथ पकड़ा गया। युवक के पास से 10 लाख 3 हजार 170 रुपये नगद बरामद किया गया। नगदी के संबंध में मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के बाद उसे आयकर विभाग को सौंप दिया गया।
RPF इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने रविवार को प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि RPF पोस्ट गया और जीआरपी की संयुक्त टीम रेलवे परिसर में संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या-1 के दक्षिणी हिस्से में किलोमीटर संख्या 470/09 के पास एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में नजर आया। टीम ने उसे रोककर पूछताछ की।
पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम मो. नसरुल्लाह (37), पिता मो. मोख्तार आलम, निवासी रोड नंबर-08, न्यू करीमगंज, थाना सिविल लाइन, गया बताया। इसके बाद उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग से भारतीय मुद्रा में कुल 10,03,170 रुपये बरामद हुए।
युवक से इतनी बड़ी रकम अपने पास रखने अथवा उसे ले जाने से संबंधित वैध कागजात मांगे गए, लेकिन वह मौके पर कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद कार्रवाई करते हुए युवक को डिटेन कर मामले की सूचना आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग को दी गई।
सूचना मिलने पर पटना स्थित आयकर कार्यालय से आयकर निरीक्षक सिद्धीकांत चौधरी RPF पोस्ट गया पहुंचे। आवश्यक कार्रवाई के बाद डिटेन किए गए मो. नसरुल्लाह और उसके कब्जे से बरामद 10 लाख 3 हजार 170 रुपये को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए आयकर विभाग के अधिकारी को सुपुर्द कर दिया गया।आयकर विभाग की इस मामले की जांच और पूछताछ करने में जुटी है।

बिहार पर्यटन को देशभर में नई पहचान दिलाने की पहल, 50 ट्रैवल पार्टनर्स ने जाना गया-बोधगया का आध्यात्मिक वैभव

बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं देशभर के ट्रैवल पार्टनर्स को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से ABTO (Association of Buddhist Tour Operators) द्वारा बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से 18 से 20 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय FAM Trip का सफल आयोजन किया गया।

इस FAM Trip में भारत के विभिन्न राज्यों से आए करीब 50 टूर ऑपरेटर्स एवं ट्रैवल पार्टनर्स ने भाग लिया। प्रतिभागियों को बोधगया, गया, राजगीर और नालंदा के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया गया तथा बिहार के पर्यटन की संभावनाओं से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का विशेष उद्देश्य आगामी पितृपक्ष मेला को सफल बनाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आए ट्रैवल पार्टनर्स को गया-बोधगया की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता, पर्यटन सुविधाओं और स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी देना था।

कार्यक्रम को सफल बनाने में ABTO के General Secretary  कौलेश कुमार , कार्यक्रम संयोजक रामजी शर्मा, सुदामा प्रसाद , मनीष मिश्रा , अरुण राजा , राहुल कश्यप , मृत्युंजय कुमार , सहेंद्र जी , वैभव जी , धीरज जी एवं ABTO बिहार के सदस्यों एवं बिहार के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पूरे कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग दिया।

इसके अलावा बिहार पर्यटन विभाग, बोधगया के श्री मनमोहन जी, बोधगया के 10 से अधिक होटल एवं करीब 15 ट्रैवल पार्टनर्स ने भी आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

ABTO के पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह के FAM Trip के माध्यम से देशभर के ट्रैवल एजेंट एवं टूर ऑपरेटर्स को बिहार के पर्यटन स्थलों की वास्तविक जानकारी मिलती है, जिससे आने वाले समय में बिहार में घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

तीन दिवसीय इस आयोजन ने न केवल ट्रैवल इंडस्ट्री के लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर दिया, बल्कि बिहार पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत तरीके से प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

‘अधिकारी सहयोग करें तो हो सकती है पूर्ण नशाबंदी, महादलितों की जमीन पर कब्जा हटाने को चले अभियान’ : जीतन राम मांझी

गया के गहलौर में आयोजित दशरथ मांझी महोत्सव में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नशाबंदी और महादलित समाज की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर सरकार और प्रशासन से गंभीर पहल की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर पदाधिकारी सहयोग करें तो नशाबंदी को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। सरकार नीति बनाए या नहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी की नीति बनाई है और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इसका पालन कर रहे हैं।कहा कि गुजरात में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मस्थल है और वहां भी नशाबंदी लागू है। वैसा हीं अपना कर तो देखिए।शराब और अन्य नशे से समाज को आर्थिक और सामाजिक क्षति हो रही है। उन्होंने कहा कि नशे की वजह से गरीब परिवारों की मेहनत की कमाई बर्बाद होती है और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ती हैं। उन्होंने समाज के लोगों से संकल्प लेकर नशे को अलविदा कहने की अपील की।
खुद का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके माता-पिता मजदूरी कर उन्हें पढ़ाया-लिखाया। उन्होंने कहा कि जीवन में संघर्ष करते हुए उन्होंने राजनीति का पहाड़ काटने का काम किया और आज केंद्रीय मंत्री के पद तक पहुंचे हैं। दशरथ मांझी ने भी अपने जीवन में संघर्ष और मेहनत को प्राथमिकता दी तथा कभी नशे की लत की बात नहीं की। ऐसे में समाज को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने महादलित समाज की जमीन पर दूसरे लोगों के कब्जे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि महादलितों की जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए सरकार को अभियान चलाने की जरूरत है। जिला प्रशासन को इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य करना चाहिए और गरीबों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यदि अधिकारी इस दिशा में गंभीरता से काम नहीं करेंगे तो कहा कि हम है मंत्री इस मामले को दूसरे रूप में उठाकर दशरथ मांझी के सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी का सपना केवल एक पहाड़ काटना नहीं था, बल्कि समाज के वंचित और गरीब लोगों के जीवन में बदलाव लाना भी था।

अशोक धाम भगदड़ पर मंत्री संतोष सुमन का बड़ा बयान: अफवाहों से बचें श्रद्धालु, सरकार करेगी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में भगदड़ के दौरान सात श्रद्धालुओं की मौत की घटना पर बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने गहरा दुख जताया है। गया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सोमवार को उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए घटना को बेहद दुखद बताया।
मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि अशोक धाम में हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरह की घटनाओं से सभी को सबक लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कई बार अफवाहों के कारण श्रद्धालुओं में अचानक अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को अफवाहों पर ध्यान देने से बचना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में धैर्य बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी ओर से लगातार प्रयास कर रही है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।
संतोष कुमार सुमन ने कहा कि इस घटना से श्रद्धालुओं को भी सबक लेना चाहिए। धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के दौरान संयम और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित रहें और ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मंत्री ने अशोक धाम हादसे में जान गंवाने वाले सात श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार और पूरा समाज पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।

‘शराबबंदी के पक्षधर रहे तेजस्वी अब क्यों उठा रहे सवाल?’ मंत्री संतोष सुमन ने घेरा

गया में माउंटेन मैन दशरथ मांझी के 19 महापरिनिर्वाण दिवस पर लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने सोमवार को बाइक रैली को हरि झंडी दिखाकर गहलौर के लिए रवाना किया।इस मौके पर राजद के 19 अगस्त को मार्च पर उन्होंने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव में तेजस्वी यादव तीसरे नंबर पर पहुंचे है ।शायद वह नींद में थे।अब जागे है नींद से जागकर सड़क पर उतरने की बात कर रहे है।हमेशा से कहता रहता हूं अगर नेता है समाजसेवा करने आए है तो अच्छी तरह से आइये। अधमने ढंग से मत आइए।चुनाव में नजर आएंगे और उसके बाद चले जाएंगे विदेश घूमने के लिए तो जनता कैसे आपको करेगी।जनता भूल जाएगी और वह विलुप्त हो जाएंगे।तेजस्वी यादव को कहेंगे कि थोड़ा सब्र और धैर्य करें और अपने उग्र कार्यकर्ताओं को जो उग्रता का परिचय देते है थोड़ा उन्हें सब्र करने के लिए कहें।उग्रता के कारण कहीं उल्टा न पड़ जाये।अपने कार्यकर्ताओं को भी समझाने की जरूरत है।

तेजस्वी यादव के द्वारा शराबबंदी पर सरकार नाकाम रही दिए गए ब्यान पर कहा कि जिस समय शराबबंदी हुई थी उस समय तेजस्वी यादव हाथ उठाए थे और फिर डिप्टी सीएम भी रहे।अगर उन्हें इस तरह की कुछ बात लगती थी तो उस समय बात उठानी चाहिए थी।आज उनके पास कुछ नहीं है सब कुछ खो चुके है।अब सड़क पर निकलने की बात कर रहे है।अब बोलेंगे तभी तो दिखेंगे।हमारी सरकार हर तरह से कोशिश कर रही है।विधि व्यवस्था हो या शराबबंदी इसे कड़ाई से पालन कर रही है।शराबबंदी पर कहा कि शराब के बदले बच्चों के किताब पर मजदूरों के खर्च होंगे तो निश्चित रूप से शराबबंदी गरीबों के लिए वरदान है।तेजस्वी इसलिए बोल रहे है कि इसके पक्षधर रहे है।जो सप्लाई का चैन है उनके कार्यकर्ता द्वारा चलाया जा रहा है तो इससे नुकसान हो रहा है इसलिए वह बोल रहे है

दो दिन से लापता पहली कक्षा के छात्र का नदी में मिला शव, हत्या की आशंका से मचा हड़कंप

बोधगया थाना क्षेत्र के बतसपुर गांव से 14 अगस्त की शाम से लापता पहली कक्षा के छात्र अनिकेत कुमार गिरी का शव रविवार को मुहाने नदी से बरामद हुआ है। बच्चे का शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही बोधगया थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

अनिकेत कुमार गिरी 14 अगस्त की शाम करीब 7 बजे साइकिल से अपने घर पहुंचा था। उसने अपनी साइकिल घर में लगाई और परिजनों से बाहर जाने की बात कही। इसके बाद वह अचानक लापता हो गया। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने बोधगया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।
बच्चे की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर 15 अगस्त को परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया था। पुलिस की ओर से भी बच्चे की तलाश की जा रही थी। रविवार को मुहाने नदी में अनिकेत का शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक के चचेरे भाई संतोष कुमार गौतम ने बताया कि 14 अगस्त से ही अनिकेत की लगातार तलाश की जा रही थी। पुलिस भी अपने स्तर से खोजबीन में जुटी थी। उन्होंने आशंका जताई कि बच्चे की हत्या कर शव को मुहाने नदी में फेंका गया है। बच्चे के चेहरे और गले पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, चोट के निशान की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बताया गया कि अनिकेत पास के ही स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता था। उसकी मौत की खबर से गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।