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गया में खटकाचक मोड पर अनियंत्रित कार ने युवक को रौंदा,मौके पर हुआ मौत

गया के विष्णुपद थाना क्षेत्र के खटकाचक मोड पर मंगलवार को तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने एक युवक को रौंद दिया।युवक वहां पर मोमो खा रहा था।तभी अनियंत्रित कार ने रौंद डाला।जिसमे युवक की मौके पर हीं मौत हो गई।मृतक की पहचान रामप्रवेश प्रजापति के रूप में हुई है जो टीवी मैकेनिक का कार्य करता था।टक्कर इतना जबरदस्त था कि युवक को काफी दूर तक घसीटते हुए एक दुकान में जा घुसा।बताया जा रहा है कि मृतक अपनी स्कूटी खड़ा कर मोमो खा था था तभी झारखंड नंबर वेन्यू कार ने जोरदार टक्कर मार दी।जिसमे स्कूटी का परखच्चे उड़ गए।घटना के वक्त अफरातफरी का माहौल हो गया।वहीं कार में बैठे सभी लोग कार छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क जाम कर दिया।सड़क जाम की सूचना पर विष्णुपद थाना पुलिस और टाउन डीएसपी सरोज कुमार साह मौके पर पहुंचे।काफी आश्वासन के बाद सड़क जाम हटाया गया।वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है।

जयमाला में दूल्हे की हरकत बनी शादी टूटने की वजह, दुल्हन ने कहा- नहीं करूंगी विवाह

गया जिले के बोधगया के एक निजी होटल में एक शादी समारोह उस समय विवाद में बदल गया, जब जयमाला के दौरान दूल्हे के व्यवहार से नाराज दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों को बिना विवाह संपन्न किए ही अपने-अपने घर लौटना पड़ा।

लड़की पक्ष बिहार के आरा और लड़का पक्ष झारखंड के धनबाद का रहने वाला है। सुजाता बायपास रोड स्थित एक निजी होटल में सोमवार रात विवाह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और जयमाला की रस्म चल रही थी। इसी दौरान दूल्हे ने अचानक दुल्हन को गोद में उठा लिया। इस हरकत से दुल्हन असहज हो गई और उसने इसका विरोध किया। परिजनों ने भी दूल्हे को मर्यादित व्यवहार करने की सलाह दी।
बताया जाता है कि समझाने पर दूल्हा नाराज हो गया और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया। होटल में मौजूद लोगों और प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला तथा पुलिस को सूचना दी।

मामला बोधगया थाना पहुंचा,जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दी। दुल्हन ने दूल्हे के व्यवहार को विवाह योग्य नहीं बताते हुए शादी से इनकार कर दिया। अंततः बिना फेरे और बिना विवाह के ही दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

गुरारू में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बंदौल और क्रांति नगर गांव के बीच लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।शव मिलने की सूचना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह शव को देखा और इसकी सूचना गुरारू थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार शव के पास से कोई पहचान पत्र या अन्य ऐसा सामान नहीं मिला है, जिससे मृतक की पहचान हो सके।

गुरारू थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि बंदौल और क्रांति नगर गांव के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि मृतक की पहचान हो सके और उसके परिजन सामने आ सकें। पहचान होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

नीट यूजी पुनर्परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बनकर बैठा ANMMCH का MBBS छात्र गिरफ्तार, प्रिंसिपल बोलीं- ऐसे छात्रों से कॉलेज की छवि हो रही धूमिल

देशभर में 21 जून रविवार को आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे एक युवक को बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ा गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के यादव नगर निवासी अर्पित सिंह के रूप में हुई है, जो गया के ANMMCH में MBBS फाइनल ईयर का छात्र है।
परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसकी पहचान को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। जांच करने पर पता चला कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है, बल्कि किसी अन्य उम्मीदवार के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। छात्र का नाम कॉलेज रिकॉर्ड में अर्पित सिंह के नाम से दर्ज है। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो दिनों से अपने हॉस्टल से गायब था।

इस मामले पर ANMMCH की प्रिंसिपल डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि उन्हें पहली बार इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन छात्र के हॉस्टल तक गया था, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। उसके रूममेट से भी पूछताछ की गई, लेकिन उसे छात्र के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
प्रिंसिपल ने कहा कि गिरफ्तार छात्र का मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज पुलिस, आईबी और जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा दिया गया हैं। उन्होंने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से कॉलेज की प्रतिष्ठा और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

सड़क हादसे में घायल दसवीं के छात्र ने तोड़ा दम, शनिवार को हुआ था हादसा

गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव निवासी रामजी दास के 18 वर्षीय पुत्र संजीत कुमार की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। संजीत दसवीं कक्षा का छात्र था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
शनिवार की शाम भलुहार-मटुआ मार्ग के पास एक अज्ञात बाइक सवार ने संजीत को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल गुरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को संजीत ने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात बाइक सवार की पहचान तथा हादसे की जांच शुरू कर दी है।

नाम भी, जिम्मेदारी भी: गया की मंथन वाटिका में हर पौधे के साथ जुड़ा IAS अधिकारी का नाम

गया शहर के ब्रह्मयोनि पहाड़ के नीचे स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) परिसर में विकसित ‘मंथन वाटिका’ इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है। इस वाटिका की सबसे खास बात यह है कि यहां लगाए गए प्रत्येक पौधे के साथ किसी न किसी आईएएस अधिकारी का नेम प्लेट लगा हुआ है। बंजर पड़ी जमीन पर विकसित की गई यह वाटिका अब हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहचान बन गई है।
वाटिका में करीब 200 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों पर बिहार के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, आयुक्त, सचिव समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम अंकित हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का भी संदेश दे रही है।
दिसंबर 2025 में गया स्थित बिपार्ड में बिहार सरकार द्वारा सभी आईएएस अधिकारियों के लिए एक विशेष ‘मंथन कार्यक्रम’ आयोजित किया गया था। इस दौरान राज्य के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी व्यापक चर्चा हुई थी। चर्चा के बाद ब्रह्मयोनि पहाड़ के नीचे स्थित बंजर भूमि पर सामूहिक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें सभी अधिकारियों ने अपने नाम का एक-एक पौधा लगाया और उसके पास अपना नेम प्लेट भी स्थापित किया।
इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था। आज यह मंथन वाटिका पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है।
मंथन वाटिका देखने पहुंचे स्थानीय निवासी सुशांत कुमार ने कहा कि यह पहल बेहद सराहनीय है। उन्होंने बताया कि तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ते तापमान के बीच इस तरह का वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में ये पौधे बड़े होकर लोगों को छाया, स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेंगे। साथ ही अधिकारियों के नाम जुड़े होने से यह पहल लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करेगी।

वहीं गया नगर निगम के नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने बताया कि मंथन कार्यक्रम के दौरान बिहार के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई थी। इसी सोच के तहत सभी आईएएस अधिकारियों ने वृक्षारोपण कर समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पर्याप्त जल और बेहतर पर्यावरण देना है तो प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण और जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी बनाना होगा। मंथन वाटिका इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।
आज यह मंथन वाटिका न सिर्फ हरियाली की नई पहचान बन चुकी है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि जब प्रशासन और समाज साथ आएं तो बंजर जमीन भी पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन सकती है।

बोधगया में योग करते दिखे जीतन राम मांझी, बोले-प्रधानमंत्री मोदी की पहल से योग को मिली वैश्विक पहचान

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बोधगया के जयप्रकाश उद्यान में आयोजित भव्य योग शिविर में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया और कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि समाज और देश में शांति, सौहार्द तथा सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है। आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। योगाभ्यास के बाद उन्होंने उपस्थित लोगों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया।

जीतन राम मांझी ने कहा कि योग गुरु द्वारा कराए गए सभी अभ्यासों को उन्होंने पूरी लगन से करने का प्रयास किया। योग करने के बाद उन्हें काफी अच्छा और ऊर्जावान महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश और दुनिया को ऐसा मार्ग दिखाया है, जिससे लोगों का तन और मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। आज विश्व के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है, जो भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तो समाज में तनाव कम होगा, आपसी भाईचारा बढ़ेगा और शांति का वातावरण मजबूत होगा। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने स्वस्थ और निरोग जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया।

NEET-UG पुनर्परीक्षा आज, गया में हाई अलर्ट, 12 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा; कोचिंग-फोटो कॉपी दुकानें रहेंगी बंद

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर गया जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में सभी केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अधिकारियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि यह देश की प्रतिष्ठित परीक्षा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गया जिले में परीक्षा के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान और परीक्षा केंद्रों के आसपास की फोटो कॉपी दुकानें बंद रहेंगी। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी तथा अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, मेडिकल सुविधा, वेटिंग एरिया और अभिभावकों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को BSRTC बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी मिलेगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक विशेष बसें चलेंगी।
परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 28 स्टैटिक दंडाधिकारी, 12 महिला दंडाधिकारी, 12 गश्ती दल दंडाधिकारी और 4 जोनल दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। सभी केंद्रों पर जैमर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम सक्रिय रहेंगे।
एसएसपी ने कहा कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करेगा और किसी भी अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अतिक्रमण की शिकायत लेकर पहुंचे युवक का सीओ से विवाद,वीडियो बनाते ही भड़के सीओ! वीडियो वायरल”

बोधगया अंचल कार्यालय में शनिवार को उस समय अचानक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जब अपनी समस्या को लेकर पहुंचे एक फरियादी और अंचलाधिकारी के बीच नोकझोंक हो गई। बताया जा रहा है कि फरियादी अतिक्रमण से जुड़े मामले में पिछले चार वर्षों से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत के समाधान की मांग कर रहा था।

इसी दौरान फरियादी कार्यालय में अपनी बात रखते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगा। वीडियो बनाते देख अंचलाधिकारी नाराज हो गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भी मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि फरियादी लंबे समय से अतिक्रमण संबंधी मामले के समाधान के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। वहीं प्रशासनिक पक्ष की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आनंद मोहन का दावा: चेतन आनंद ने बचाई थी सरकार, एनडीए ने कोई कृपा नहीं की

गया के एक निजी होटल में शनिवार महाराणा प्रताप की 486 वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद आनंद मोहन शामिल हुए।
इस मौके पर पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि सीतामढ़ी में 28 जून को अश्वारोही प्रतिमा लगाने जा रहे है उसका निमंत्रण देने आए है।भविष्य में कार्य योजना है कि अपने पुराने साथियों के साथ बैठकर बिहार की मूलभूत समस्याओं पर बात की जाय।अंतिम दौर में अंतिम पाली जमकर खेली जाए इन जनसमस्याओं को लेकर।

सम्राट चौधरी के कार्यकाल पर कहा कि कार्यकाल पूरा करना चाहिए।जो एक गलत मैसेज गया नीतीश कुमार के अपदश्द करने के बाद।दूसरा गलत संदेश नहीं जाए।चुकी पिछड़ों और अतिपिछड़ों में आक्रोश है।वह बहुत हद तक सम्राट चौधरी के आने से बैलेंस हुआ है।भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से कहूँगा की जो कुछ हुआ अगर भरपाई करनी है तो छेड़छाड़ मुनासिब नहीं है।सावधान करूंगा कि आग से खेलने की कोशिश नहीं करें।सम्राट चौधरी को अपना कार्यकाल पूरा करने दें।

पुत्रमोह पर कहा कि जिसको कुछ मूल बातों से भागना है जवाब नहीं देना है तो ऐसे हीं आरोप लगेंगे।एनडीए ने कोई कृपा नहीं की थी।चेतन आनंद ने सरकार को बचाया था।शिवहर से वह एनडीए की सीट नहीं थी।मगध में औरंगाबाद से एनडीए का सीट सन्नाटा था। जीत पिछले 15 वर्षों में नहीं हुआ था।वहां जाकर हार का सन्नाटा तोड़ने का काम चेतन आनंद ने किया ।कुछ लोग पुत्रमोह और पत्नी मोह की बात करते है कार्यकर्ताओं के सवाल में हाल के दशकों में 1 उदाहरण दें कि कार्यकर्ताओं के सवाल पर जीती हुई सीट पर लात मारकर कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा हो गया हो।लवली आनंद ने वह किया।जिसको जो कहना है कहें।

थैली संस्कृति पर कहा कि यूथ फॉर डेमोक्रेसी कर आनंद मोहन निकलेंगे।जरूरी नहीं कि बड़ी सभा हो।गिरोह पार्टी के रूप ले लिया है।पार्टी,नेता के प्रति वफादारी नहीं हैं ऐसे लोगों को पकड़ पकड़ कर टिकट दिया गया फिर मेंबर बनाया गया।पहली बार जो जीतकर आया पार्टी के पुराने लोग इंतजार करते रह गए और पहली बार जितने वाले को मंत्री बना दिया गया।

नीतीश कुमार पर कहा कि यह मेरे ब्यान को कट पेस्ट किया है।हमने कहा कि निशांत कुमार की सारी सम्भावनाओं पर विराम लगा दिया गया।हमने कहा सीएम बनाओ डिप्टी सीएम मतलब चुप मंत्री।हमने डिप्टी सीएम का विरोध किया। टीम और जदयू कार्यकर्ता चाहती थी निशांत डिप्टी सीएम बने।तो लोगो ने मान नहीं रहा है।रातों रात निशांत मान भी जाते है और स्वास्थ्य मंत्री बन जाते है तो यह साज़िश थी।एक व्यक्ति को सीएम भी नहीं बनने दो और जन नेता भी नहीं बनने दो।अगर वह घूमते तो रिस्पोंस मिलता तो वह जन नेता होते।यह संभावना पर भी रोक लगाया।स्वास्थ्य मंत्री बनाकर 3 दिनों तक चैनल,फेसबुक पर ट्रॉल कराया कि बाप बेटा बीमार था इनको डॉक्टर की जरूरत थी इसलिए स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया।किसने यह चलवाया था।खोजिए जिसने ट्रोल करवाया वह हम पर दोष दे रहे है कि हमने कहा।हमने कभी नीतीश कुमार या जदयू के खिलाफ कभी अपने अभियान के दौरान नहीं कही है।जदयू में यह थैली संस्कृति पनप रही है।विसंगति फैली है। ढाई से तीन वर्षों में यह आई है नीतीश कुमार के मजबूरी का फायदा लेकर आया है।

जेपी आन्दोलन में निकले तो व्यवस्था परिवर्तन की बाते हुई थी सत्ता परिवर्तन की नहीं।आज रास्ते से सभी भटक गया।जेल में रहे यह सबको मालूम था।यह रोकने की साजिश थी।आज फिर निकले है तो रोकने की कोई साजिश हो सकती है।हम लड़ेंगे कि कहीं आने वाली पीढ़ी यह न कहे कि आनंद मोहन कायर हो गया।

बिहार में एनकाउंटर पर कहा कि किसी को भी हथियार लहराने का अधिकार लोकतंत्र नहीं देता है।लेकिन मैं हर बुलडोजर और एनकाउंटर संस्कृति का विरोधी हूं।फैसला कोर्ट करेगा।इस बात शासक जितना जल्दी समझ ले यह अच्छा है।निहत्था नहीं था।अगर निहत्था होता तो किसी की ताकत नहीं की किसी को गोली मार दें।जो विरोध कर रहे है या समर्थन कर रहे है उस पर मैं जो सही है वही बोल रहा हूं कि लोकतंत्र में रिवॉल्वर लहराने का हक नहीं है उसी तरह पुलिस को एनकाउंटर का हक नहीं है। तो फिर न्यायपालिका क्यों है।यादव है कि तिवारी है इसे लेकर हम नहीं बैठे है।
आज यह कोचिंग शिक्षा की असफलता का परिणाम है यह कोचिंग कल्चर है।फेल कर रहे है इसलिए कुकुरमुत्ते की तरह कोचिंग खुल रहे है।यह खेल जो हो रहा है वह गंदा है।चीन और पाकिस्तान को दस्तावेज बेचा है जो गद्दार की श्रेणी में आते है।उसमें कोई भारत का मुसलमान नहीं है।किसी बात पर हिंदू,मुस्लमान कनेक्शन लाना यह आनन्द मोहन का काम नहीं है।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने आप को कोई राजवंश के महाराजा से जोड़ते है तो दलित,पिछड़ा का रोना क्यों है।इसलिए महापुरुषों की घेराबंदी टूटनी चाहिये।यह संकीर्णता से उतनी चाहिए।

कोई जगतगुरु नहीं हुआ।अगर हिंदुस्तान जगतगुरु हुआ तो वह महात्मा बुद्ध थे।जब सुविधा,दूरसंचार नहीं थी उस वक्त बुद्ध ने दुनिया के दो तिहाई मुल्कों को अपने विचारों से ढकने का काम किया।उसके बाद महात्मा गांधी थे। जहां हम पैदा हुए उस समाज की दो धाराएं है।एक महाराणा प्रताप की तो दूसरी मान सिंह की है।लोग पुत्रमोह का आरोप लगाते है।जब मंत्रिमंडल की सुगबुगाहट नहीं थी।सत्ता परिवर्तन हुआ था।मुझे यहां बुलाया गया और गन पॉइंट पर इस्तीफा लिया गया।घेराबंदी जो है वह खुद का सृजन है।मगध में एक शासक पुष्यमित्र था जिसने धोखे से राजा बना था।उसी को सैकड़ो वर्षों के बाद दुहराया गया है।चाटुकार,चंडाल चौकरी लोगो ने अपरोक्ष रूप से सत्ता पर कब्जा कर लिया है।जदयू पर कब्जा किया गया एजेंट छोड़े गए है।जब तक नीतीश कुमार सचेत थे तब तक अडिग खड़ा रहा है। अतिपिछड़ों को सन्देश देना चाहते है कि 2 हीं सरकार पिछड़ों की है एक स्टालिन और दूसरा नीतीश सरकार।कोई दोषारोपण नहीं करूंगा।सभी को लगता है मंत्री बने।सभी दलों को यह होता है।इसे मै दोष नहीं दूंगा।यह दल के अंदर बैठे गद्दारों को दोष दूंगा जिसने यह कार्य को किया