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राष्ट्रीय गीत बजा तो सब खड़े हुए, लेकिन मंच पर बैठे रहे गया के 2 पूर्व MP और 1 पूर्व MLA, नहीं छोड़ी अपनी कुर्सी

गया जिले के खिजरसराय प्रखंड में एमएसएमई विभाग द्वारा प्रस्तावित टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग सेंटर के भूमि पूजन समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत के बजाए जाने पर गया के 2 पूर्व सांसद और 1 पूर्व विधायक अपनी कुर्सी पर हीं बैठे दिखे।बिहार मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत बजाया गया ।उस समय मंच पर उपस्थित लोग सम्मान में खड़े हो गए, वहीं मंच पर मौजूद गया के दो पूर्व सांसद और एक पूर्व विधायक अपनी कुर्सी पर हीं जमे रहे।

गया के पूर्व सांसद रामजी मांझी, हरि मांझी तथा अतरी विधानसभा के पूर्व विधायक कृष्णनंदन यादव मंच पर निर्धारित सीटों पर बैठे थे। राष्ट्रीय गीत शुरू होते ही मंच पर मौजूद सभी लोग खड़े हो गए, लेकिन ये तीनों जनप्रतिनिधि बैठे हुए दिखाई दिए।

एमएसएमई विभाग के इस कार्यक्रम में टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग सेंटर की आधारशिला रखे जाने की तैयारी की गई थी। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं और कार्यक्रम के लिए भव्य मंच भी तैयार किया गया था।सीएम के आगमन के पूर्व मंच पर राष्ट्रीय गीत बजाया गया।


जिसमें तीन जनप्रतिनिधि अपनी कुर्सी पर हीं बैठे दिखे।

विशेष रूप से सरकारी, आधिकारिक या स्कूल कार्यक्रमों में गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे औपचारिक आयोजनों में राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रगान बजाने या गायन पर खड़ा होने का प्रोटोकॉल है।

असम विमान हादसे में शहीद लेफ्टिनेंट शुभम को गया में दी गई अंतिम विदाई, एयरफोर्स जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के विमान दुर्घटनाग्रस्त में शहीद हुए जहानाबाद जिले के लेफ्टिनेंट शुभम का रविवार को गया के विष्णुपद श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के मौके पर बड़ी संख्या में लोग और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। 13 जून को भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें लेफ्टिनेंट शुभम शहीद हो गए थे।उनके पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया गया जहां से अंतिम संस्कार के लिए गया लाया गया। जहां विष्णुपद श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

“टिकट” वालों की छूटी ट्रेन, खिड़की से घुसे परीक्षार्थी, गया जंक्शन पर मचा घमासान

रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी तथा बिहार पुलिस मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा समाप्त होने के बाद रविवार को गया रेलवे जंक्शन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।भीड़ इतना ज्यादा था कि पूरा प्लेटफार्म खचाखच भीड़ से भर गया। घर लौटने के लिए बड़ी संख्या में परीक्षार्थी स्टेशन पहुंच गए, जिससे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ की टीम लगातार माइकिंग करती रही और यात्रियों से शांति बनाए रखने की अपील करती रही। इसके बावजूद ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही अभ्यर्थी सीट पाने के लिए टूट पड़े। कई कोचों में इतनी भीड़ हो गई कि यात्री दरवाजों से प्रवेश नहीं कर सके। कुछ अभ्यर्थी इमरजेंसी खिड़कियों के रास्ते अंदर घुसकर सीट कब्जा करने की कोशिश करते दिखें।

स्थिति ऐसी हो गई कि जिन यात्रियों ने पहले से आरक्षित टिकट ले रखा था, वे भी अपने कोच तक नहीं पहुंच सके। जनशताब्दी एक्सप्रेस से गया से पटना जाने वाली एक महिला यात्री ने बताया कि रिजर्वेशन होने के बावजूद वह ट्रेन में नहीं चढ़ सकीं। उन्होंने इसे रेलवे प्रशासन और सरकार की व्यवस्था की विफलता बताते हुए कहा कि पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए थी।

धनावा पहुंचे राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, कहा- जल्द लगेगी मगध सम्राट जरासंध की नई प्रतिमा

राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह ने रविवार को बोधगया प्रखंड के धनावा स्थित विखंडित मगध सम्राट जरासंध प्रतिमा स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मगध सम्राट जरासंध क्लब द्वारा होटल गीतांजलि बुद्ध रिजॉर्ट में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि विखंडित प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राज्य कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए जल्द ही राज्य सरकार से बातचीत की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर प्रतिनिधंडल सीएम से भी मुलाकात करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थल के समीप एक चौपाल और सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए वे पहले ही 15 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करा चुके हैं। सांसद ने बताया कि अपने सांसद निधि कोष से पूरे बिहार में लगभग 500 चौपाल बनाने की योजना है, जिसमें धनावा को भी शामिल किया गया है।
डॉ. भीम सिंह ने कहा कि मगध सम्राट जरासंध की प्रतिमा का मुद्दा समाज की अस्मिता से जुड़ा हुआ है और इस विषय पर सभी चंद्रवंशी समाज के लोगों एवं जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से भी चर्चा की जाएगी।
सांसद ने प्रतिमा विखंडित मामले की जांच पर कहा कि दोषियों की पहचान के लिए जिला पुलिस द्वारा एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन अब तक खुलासा नहीं हो सका है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

पिकअप वैन से पहुंचे शातिर चोर, मिनटों में चार भैंस लादकर हुए फरार; CCTV में कैद हुई पूरी घटना

गया के डेल्हा थाना क्षेत्र के छोटकी डेल्हा मोहल्ले में अज्ञात चोरों ने घटना को अंजाम देते हुए चार भैंस की चोरी कर ली है। बताया जा रहा है कि चोर देर रात पिकअप वैन से पहुंचे और कुछ ही मिनटों में भैंसों को वाहन पर लादकर फरार हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित सुनील यादव और पप्पू यादव ने डेल्हा थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक पिकअप वैन और संदिग्ध गतिविधियां कैद होने की बात सामने आई है।

“SSP खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग, बिहार पुलिस मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम”

बिहार पुलिस मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर गया पुलिस अलर्ट है। परीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग खुद एसएसपी द्वारा की जा रही है।
रविवार को आयोजित परीक्षा के दौरान एसएसपी सुशील कुमार ने जिले के कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं सुरक्षा बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधाओं तथा विधि-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।

एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, कदाचार या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने तथा परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी कर्मियों को पूरी सतर्कता और सक्रियता के साथ ड्यूटी निभाने को कहा।
परीक्षा केंद्रों और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गया पुलिस ने अभ्यर्थियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

पति के अफेयर से तंग पत्नी चढ़ी मोबाइल टावर पर, बोली- ‘अब जीने का कोई मतलब नहीं’

गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में रविवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पति के कथित अवैध संबंध से परेशान एक विवाहिता मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला को टावर पर चढ़ा देख गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
महिला की पहचान मोहनपुर गांव निवासी सोनम शर्मा के रूप में हुई है। उसकी शादी वर्ष 2019 में विजयीपुर थाना क्षेत्र के खूटहां गांव में हुई थी। महिला का आरोप है कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध है। इस बात का उसने कई बार विरोध किया, लेकिन पति में कोई बदलाव नहीं आया।

महिला ने बताया कि जब भी वह इस मुद्दे पर पति से बात करती है, उसके साथ मारपीट की जाती है। उसने रिश्तेदारों और परिवार के अन्य लोगों को भी इसकी जानकारी दी, लेकिन किसी ने उसकी समस्या का समाधान नहीं किया। अपने पति की इसी हरकत से परेशान होकर आत्महत्या करने की नीयत से मोबाइल टावर पर चढ गई।

टॉवर पर महिला को चढ़े देख मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लोगों ने महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं थी। बाद में स्थानीय मुखिया की पहल पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस और ग्रामीणों ने काफी देर तक समझा-बुझाकर महिला को सुरक्षित नीचे उतारा।
पुलिस ने महिला को भरोसा दिलाया कि यदि उसके आरोप सही पाया जाता है तो पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गया के टनकुप्पा की ममता पारा मेडिकल परीक्षा में बनी स्टेट टॉपर,केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दी बधाई

गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड के भटौरा पंचायत के गोइनिया गांव की मेधावी छात्रा ममता कुमारी बिहार पारा मेडिकल प्रतियोगिता परीक्षा 2026 में स्टेट टॉपर बनी है।उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग में पूरे प्रदेश में पहला रैंक प्राप्त किया है।परिणाम घोषित होते हीं पूरे प्रखंड में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।परिजनो के द्वारा ममता को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी ने बताया कि ममता के स्टेट टॉपर बनने की घोषणा के बाद केंद्रीय मंत्री सह गया सांसद जीतन राम मांझी ने छात्रा को फोन पर बधाई दी है साथ हीं आगे की उच्च शिक्षा से लेकर नौकरी प्राप्त करने तक हर सम्भव आर्थिक मदद करने का भरोसा दिलाया हैं।

गया में दर्दनाक सड़क हादसा,तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से कटा युवक का पैर, डिवाइडर में फंसा कटा पैर

गया शहर के विष्णुपद थाना क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर बाईपास रोड पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतना भीषण था कि युवक का एक पैर शरीर से अलग होकर सड़क के बीच बने डिवाइडर की ग्रिल में जा फंसा।
घायल युवक की पहचान विष्णुपद थाना क्षेत्र के घुघरीटांड निवासी हर्ष कुमार के रूप में हुई है।बताया जा रहा है कि हर्ष कुमार अपनी बाइक से जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और उसका एक पैर कटकर डिवाइडर की ग्रिल में जा फंसा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक की मदद की। लोगों ने कटे हुए पैर को सुरक्षित ढंककर रखा और तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।

घटना की सूचना पर विष्णुपद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल हर्ष कुमार को इलाज के लिए तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। विष्णुपद थाना अध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण ने बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

भिक्षु का नहीं, ‘आलोक’ का भी था इंतजार: विश्व शांति यात्रा का चर्चित साथी पहुंचा बोधगया

वियतनामी-अमेरिकी बौद्ध भिक्षु पन्नकारा थेरो शुक्रवार को बोधगया पहुंचे हैं, लेकिन इस बार लोगों की नजर सिर्फ भिक्षु पर ही नहीं बल्कि उनके खास साथी ‘आलोक’ पर भी है। यह वही भारतीय देसी नस्ल का कुत्ता है, जो एक पदयात्रा के दौरान भिक्षुओं के साथ जुड़ा और आज विश्व शांति व करुणा का प्रतीक बन चुका है।

बताया जाता है कि नेपाल और भारत में 112 दिवसीय धुतांग यात्रा के दौरान कोलकाता से बोधगया की ओर पदयात्रा करते समय एक आवारा कुत्ता भिक्षुओं के साथ चलने लगा। उसकी निष्ठा और लगाव को देखकर भिक्षु पन्नकारा थेरो ने उसे अपने साथ रख लिया और उसका नाम ‘आलोक’ रखा। धीरे-धीरे वह यात्रा दल का अभिन्न हिस्सा बन गया।
इसके बाद आलोक ने हजारों किलोमीटर लंबी कई शांति यात्राओं में भिक्षुओं का साथ दिया। वह अमेरिका तक पहुंचा और वहां आयोजित लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी विश्व शांति पदयात्रा में भी चर्चा का विषय बना। आज आलोक दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों के बीच करुणा, मित्रता और सह-अस्तित्व का प्रतीक माना जाता है।
जब पन्नकारा थेरो महाबोधि मंदिर पहुंचें, तब उनके साथ आलोक भी मौजूद रहा। बोधगया आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र बना।
भिक्षु पन्नकारा थेरो और उनके साथी भिक्षुओं का दल बोधगया से आगे कुशीनगर और लुंबिनी की यात्रा भी करेगा। इस दौरान वे विश्व शांति, जागरूकता और करुणामय प्रेम का संदेश फैलाएंगे। वहीं आलोक की मौजूदगी इस संदेश को और अधिक जीवंत बनाती है, क्योंकि उसकी कहानी बताती है कि करुणा और अपनापन किसी भी जीव को असाधारण बना सकता है