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बोधगया में गूंजेगा भक्ति का स्वर, 1 जुलाई से शुरू होगा 8 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ

बोधगया प्रखंड के टीकाबीघा स्थित मौसा मोड़ के समीप पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति के तत्वावधान में 1 जुलाई से 8 जुलाई तक श्री शनि देव मंदिर, राम दरबार मंदिर एवं शिवलिंग संत नरहरी दास के प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व के इस आयोजन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।
महायज्ञ के यज्ञाचार्य मंत्रालय रामाचार्य वैदिक पाठशाला, विष्णुपद मार्ग, गयाजी होंगे, जबकि वृंदावन की पूज्य साध्वी डॉ. प्रज्ञा भारती प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करेंगी।
कार्यक्रम की शुरुआत 1 जुलाई को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। 2 जुलाई को मंडप प्रवेश एवं अग्नि प्रकट, 3 जुलाई को वैदिक पाठ आरंभ, 4 जुलाई को प्रतिष्ठान कर्मकांड, 5 जुलाई को हवन, 6 जुलाई को जलाधिवास एवं नगर भ्रमण तथा 7 जुलाई को भगवान की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। 8 जुलाई को शिव चर्चा, महाभंडारा एवं महाप्रसाद वितरण के साथ महायज्ञ का समापन किया जाएगा।

समिति के अनुसार 1 से 7 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा एवं शाम 7 बजे से 9 बजे तक रामलीला का मंचन होगा। श्रद्धालुओं और बच्चों के मनोरंजन के लिए डिज्नीलैंड मेले की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
आयोजन समिति ने जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।

रिपोर्ट:- सुदीप्तो नाग

नाम भी, जिम्मेदारी भी: गया की मंथन वाटिका में हर पौधे के साथ जुड़ा IAS अधिकारी का नाम

गया शहर के ब्रह्मयोनि पहाड़ के नीचे स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) परिसर में विकसित ‘मंथन वाटिका’ इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है। इस वाटिका की सबसे खास बात यह है कि यहां लगाए गए प्रत्येक पौधे के साथ किसी न किसी आईएएस अधिकारी का नेम प्लेट लगा हुआ है। बंजर पड़ी जमीन पर विकसित की गई यह वाटिका अब हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहचान बन गई है।
वाटिका में करीब 200 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों पर बिहार के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, आयुक्त, सचिव समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम अंकित हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का भी संदेश दे रही है।
दिसंबर 2025 में गया स्थित बिपार्ड में बिहार सरकार द्वारा सभी आईएएस अधिकारियों के लिए एक विशेष ‘मंथन कार्यक्रम’ आयोजित किया गया था। इस दौरान राज्य के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी व्यापक चर्चा हुई थी। चर्चा के बाद ब्रह्मयोनि पहाड़ के नीचे स्थित बंजर भूमि पर सामूहिक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें सभी अधिकारियों ने अपने नाम का एक-एक पौधा लगाया और उसके पास अपना नेम प्लेट भी स्थापित किया।
इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था। आज यह मंथन वाटिका पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है।
मंथन वाटिका देखने पहुंचे स्थानीय निवासी सुशांत कुमार ने कहा कि यह पहल बेहद सराहनीय है। उन्होंने बताया कि तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ते तापमान के बीच इस तरह का वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में ये पौधे बड़े होकर लोगों को छाया, स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेंगे। साथ ही अधिकारियों के नाम जुड़े होने से यह पहल लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करेगी।

वहीं गया नगर निगम के नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने बताया कि मंथन कार्यक्रम के दौरान बिहार के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई थी। इसी सोच के तहत सभी आईएएस अधिकारियों ने वृक्षारोपण कर समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पर्याप्त जल और बेहतर पर्यावरण देना है तो प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण और जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी बनाना होगा। मंथन वाटिका इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।
आज यह मंथन वाटिका न सिर्फ हरियाली की नई पहचान बन चुकी है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि जब प्रशासन और समाज साथ आएं तो बंजर जमीन भी पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन सकती है।

धनावा पहुंचे राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, कहा- जल्द लगेगी मगध सम्राट जरासंध की नई प्रतिमा

राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह ने रविवार को बोधगया प्रखंड के धनावा स्थित विखंडित मगध सम्राट जरासंध प्रतिमा स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मगध सम्राट जरासंध क्लब द्वारा होटल गीतांजलि बुद्ध रिजॉर्ट में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि विखंडित प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राज्य कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए जल्द ही राज्य सरकार से बातचीत की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर प्रतिनिधंडल सीएम से भी मुलाकात करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थल के समीप एक चौपाल और सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए वे पहले ही 15 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करा चुके हैं। सांसद ने बताया कि अपने सांसद निधि कोष से पूरे बिहार में लगभग 500 चौपाल बनाने की योजना है, जिसमें धनावा को भी शामिल किया गया है।
डॉ. भीम सिंह ने कहा कि मगध सम्राट जरासंध की प्रतिमा का मुद्दा समाज की अस्मिता से जुड़ा हुआ है और इस विषय पर सभी चंद्रवंशी समाज के लोगों एवं जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से भी चर्चा की जाएगी।
सांसद ने प्रतिमा विखंडित मामले की जांच पर कहा कि दोषियों की पहचान के लिए जिला पुलिस द्वारा एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन अब तक खुलासा नहीं हो सका है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

भिक्षु का नहीं, ‘आलोक’ का भी था इंतजार: विश्व शांति यात्रा का चर्चित साथी पहुंचा बोधगया

वियतनामी-अमेरिकी बौद्ध भिक्षु पन्नकारा थेरो शुक्रवार को बोधगया पहुंचे हैं, लेकिन इस बार लोगों की नजर सिर्फ भिक्षु पर ही नहीं बल्कि उनके खास साथी ‘आलोक’ पर भी है। यह वही भारतीय देसी नस्ल का कुत्ता है, जो एक पदयात्रा के दौरान भिक्षुओं के साथ जुड़ा और आज विश्व शांति व करुणा का प्रतीक बन चुका है।

बताया जाता है कि नेपाल और भारत में 112 दिवसीय धुतांग यात्रा के दौरान कोलकाता से बोधगया की ओर पदयात्रा करते समय एक आवारा कुत्ता भिक्षुओं के साथ चलने लगा। उसकी निष्ठा और लगाव को देखकर भिक्षु पन्नकारा थेरो ने उसे अपने साथ रख लिया और उसका नाम ‘आलोक’ रखा। धीरे-धीरे वह यात्रा दल का अभिन्न हिस्सा बन गया।
इसके बाद आलोक ने हजारों किलोमीटर लंबी कई शांति यात्राओं में भिक्षुओं का साथ दिया। वह अमेरिका तक पहुंचा और वहां आयोजित लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी विश्व शांति पदयात्रा में भी चर्चा का विषय बना। आज आलोक दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों के बीच करुणा, मित्रता और सह-अस्तित्व का प्रतीक माना जाता है।
जब पन्नकारा थेरो महाबोधि मंदिर पहुंचें, तब उनके साथ आलोक भी मौजूद रहा। बोधगया आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र बना।
भिक्षु पन्नकारा थेरो और उनके साथी भिक्षुओं का दल बोधगया से आगे कुशीनगर और लुंबिनी की यात्रा भी करेगा। इस दौरान वे विश्व शांति, जागरूकता और करुणामय प्रेम का संदेश फैलाएंगे। वहीं आलोक की मौजूदगी इस संदेश को और अधिक जीवंत बनाती है, क्योंकि उसकी कहानी बताती है कि करुणा और अपनापन किसी भी जीव को असाधारण बना सकता है

महाबोधी मंदिर पहुंचे पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, कहा- आत्मिक सुख की हुई अनुभूति,की पूजा अर्चना

बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को बोधगया पहुंचे। जहां भगवान बुद्ध के दर्शन कर राज्य व देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर यहां की व्यवस्थाओं और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।

महाबोधि मंदिर पहुंचने पर BTMC के सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी ने खादा भेंट कर पर्यटन मंत्री का स्वागत किया।

इसके बाद मंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर भगवान बुद्ध को पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलित कर प्रार्थना की। इस दौरान उपस्थित बौद्ध भिक्षुओं ने सूत्रपाठ एवं मंगलकामना की। मंत्री ने कहा कि महाबोधि मंदिर के पवित्र वातावरण में उन्हें आत्मिक शांति और आध्यात्मिक सुख की अनुभूति हुई।
मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधि वृक्ष के दर्शन के दौरान उन्होंने इसके धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। साथ ही आगंतुक सुविधाओं, परिसर की देखरेख और पर्यटन विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि बोधगया और गया को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने प्रस्तावित महाबोधि कॉरिडोर परियोजना को क्षेत्र के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।कहा कि महाबोधि मंदिर विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसके विकास से बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

इस मौके पर बीटीएमसी की ओर से उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट किया गया, बोधि वृक्ष का पत्ता, महाबोधि महाविहार की स्थापत्य एवं मूर्तिकला विरासत पर आधारित पुस्तक तथा अन्य प्रकाशन स्मृति चिन्ह में शामिल था।

“खरीद-फरोख्त और धर्म की राजनीति के सहारे चल रही भाजपा सरकार”–कहा कुमार सर्वजीत

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 20 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं और राबड़ी आवास खाली कराने के मुद्दे पर बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि टीएमसी के टूटने का सवाल नहीं है, बल्कि भाजपा विपक्षी दलों के नेताओं को खरीदने की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धनबल, सत्ता बल और हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों के सहारे राजनीति करती है।कहा कि यदि भाजपा इन मुद्दों का सहारा नहीं ले तो एक दिन भी देश में सरकार नहीं चला पाएगी।
राबड़ी आवास खाली कराने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार सर्वजीत ने कहा कि “मुद्दों से भटकाना भाजपा का परमसिद्ध अधिकार बन गया है। जनता के असली सवालों से ध्यान हटाने और सच्चाई को सामने नहीं आने देने के लिए भाजपा हमेशा लालू-राबड़ी का नाम उछालती रहती है।”

कुमार सर्वजीत बोधगया विधायक
बोधगया में फायर विभाग का एक्शन! होटल-अस्पतालों की जांच, 7 दिन में फायर ऑडिट नहीं तो होगी कार्रवाई

दिल्ली और मुजफ्फरपुर में अगलगी की घटना के बाद फायर विभाग अलर्ट मोड में है। बोधगया में अग्नि सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न होटल एवं अस्पतालों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी ऑडिट जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठान ऐसे पाए गए, जहां अब तक फायर ऑडिट नहीं कराया गया था। विभाग ने ऐसे संस्थानों को सात दिनों के अंदर फायर ऑडिट कराने का निर्देश दिया है।

जांच अभियान का नेतृत्व अनुमंडल अग्निशमालय पदाधिकारी विनोद कुमार ने किया। उनके साथ सब ऑफिसर अनंत कुमार, अग्निक अंजनी कुमारी, अग्निक धर्मेंद्र पाल तथा अग्निक चालक नीरज कुमार भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान टीम ने अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। होटल और अस्पताल प्रबंधन को आग से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह भी दी।

अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित सात दिनों की अवधि में फायर ऑडिट नहीं कराने वाले संस्थानों की सूची जिला अग्निशमन पदाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट– सुदीप्तो नाग

निरीक्षण करते फायर अधिकारी
महाबोधि मंदिर में सिक्किम हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति व पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के परिजनों ने किया दर्शन, विश्व शांति की कामना

विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में शनिवार को सिक्किम उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति भास्कर राज प्रधान तथा पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय के परिजनों एवं अन्य अतिथियों ने भगवान बुद्ध के समक्ष श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर विश्व शांति, मानव कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की।
न्यायमूर्ति भास्कर राज प्रधान अपने परिवार एवं सहयोगी कर्मियों के साथ बोधगया पहुंचे थे। वहीं मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय के परिवार के सदस्य एवं अतिथि भी गया भ्रमण के दौरान महाबोधि मंदिर पहुंचे। दोनों शिष्टमंडलों ने एक साथ महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
महाबोधि मंदिर परिसर पहुंचने पर बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी एवं केयरटेकर भिक्षु दीनानंद ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद मंदिर के गर्भगृह में भगवान बुद्ध के समक्ष पूजा-अर्चना एवं मंगल सूत्रपाठ कराया गया तथा सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की गई।
दर्शन के बाद अतिथियों ने पवित्र बोधि वृक्ष सहित महाबोधि मंदिर परिसर के विभिन्न पवित्र स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा, शांत वातावरण और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए विजिटर बुक में अपने विचार भी दर्ज किए।
कार्यक्रम के अंत में बीटीएमसी द्वारा अतिथियों को भगवान बुद्ध की प्रतिमा, पवित्र बोधि वृक्ष का पत्ता, महाबोधि महाविहार से संबंधित पुस्तिका तथा मंदिर में अर्पित चीवर स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किया।

महाबोधि मंदिर पहुंचे कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की कामना

 

बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने गयाजी प्रवास के दौरान विश्वप्रसिद्ध महाबोधि मंदिर पहुंचे।जहां गर्भगृह में भगवान बुद्ध के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस मौके पर उन्होंने शांति, सद्भाव, मानव कल्याण तथा बिहार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

महाबोधि मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के दौरान कृषि मंत्री ने भगवान बुद्ध के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी पूरी दुनिया को शांति, सह-अस्तित्व, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाने में प्रेरणास्रोत हैं।

मंत्री के मंदिर आगमन के दौरान बीटीएमसी सचिव डॉ महाश्वेता महारथी के द्वारा स्वागत किया गया तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया।साथ हीं कई भाजपा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

गया के विष्णुपद मंदिर पहुंचे कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, विकसित भारत और समृद्ध बिहार की कामना

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा गया के विष्णुपद मंदिर गुरुवार को पहुंचे।इस मौके पर कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान विष्णु के चरणों में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया और मंदिर परिसर में स्थापित अन्य देवी-देवताओं के भी दर्शन किए। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन के लोगों ने भी उनका स्वागत किया।प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि मगध की यह धरती केवल आस्था का केंद्र हीं नहीं बल्कि भारत के गौरवशाली इतिहास,ज्ञान,संस्कृति और अखंड राष्ट्रचेतना का प्रेरणास्थल रहा है। जाति,वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर विकसित भारत,समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने की कामना की है।