Breaking News
जीवक क्लीनिक में हर्षोल्लास से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, एकता–अखंडता का दिया संदेश

बोधगया के मस्तीपुर स्थित जीवक क्लीनिक में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डेंटल सर्जन डॉ. मंजीत प्रकाश द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संकल्प लिया।

समारोह में जीवक क्लीनिक से जुड़े बौद्ध भिक्षु दीनानंद, बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह सहित कई समाजसेवी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। झंडोत्तोलन के बाद परेड की सलामी ली गई। कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्राओं ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी है।
कार्यक्रम के अंत में बौद्ध भिक्षु दीनानंद ने स्कूली छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुरस्कार मिलने पर छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। समारोह में शामिल लोगों ने देश की प्रगति, शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान जीवक क्लीनिक परिसर में उत्सव और राष्ट्रभक्ति का माहौल बना रहा।

डोभी में जहरीली गैस से हुआ बड़ा हादसा, पिता-पुत्र समेत 4 की मौत; रेस्क्यू के दौरान फायरकर्मी भी बेहोश

गया जिले डोभी प्रखंड के गढ़ करमौनी गांव में शुक्रवार को पुराने कुएं में जहरीली गैस की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। कुएं में जहरीली गैस के कारण पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। हादसे की खबर गांव में तेजी से फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी गई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि एक ग्रामीण पुराने कुएं में मोटर ठीक करने के लिए उतरा था। कुएं के अंदर जाते ही जहरीली गैस के प्रभाव से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह पानी में छटपटाने लगा। पिता को परेशानी में देख उसका बेटा भी उसे बचाने के लिए कुएं में जा उतरा। इसके बाद दो अन्य लोग भी पिता-पुत्र को बचाने के प्रयास में कुएं में उतर गए। कुछ ही देर में जहरीली गैस के प्रभाव से चारों की हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। कुएं से शवों को बाहर निकालने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जहरीली गैस का असर इतना तेज था कि फायर ब्रिगेड के कर्मी भी बेहोश हो गया।जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

प्रशासनिक और राहत टीम ने काफी मशक्कत के बाद कुएं से 4 शवों को बाहर निकाल लिया गया है। स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया।

हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से राहत-बचाव कार्य जारी रखा गया है।मृतकों में विजय चौधरी,विकास चौधरी, दिलचंद मांझी और चमारी मांझी की मौत हो गई है। मृतकों में विजय चौधरी और विकास चौधरी दोनों पिता पुत्र हैं

गया में रफ्तार का कहर! किसान को टक्कर मारकर फरार हुआ वाहन, CCTV फुटेज से खुलेगा राज

गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र के राजा बीघा के पास गुरुवार को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की चपेट में आने से पैदल जा रहे एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान चिताबकला पंचायत के निम्हारा टोला निवासी राम प्रवेश यादव उर्फ पवन यादव के रूप में हुई है। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। वहीं पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसके आधार पर पुलिस वाहन और चालक की पहचान में जुटी है।
राम प्रवेश यादव अपने काम की निगरानी के लिए पैदल जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहा एक अज्ञात वाहन अनियंत्रित होकर उन्हें जोरदार टक्कर मार दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए गया लाया गया। लेकिन रास्ते में हीं मौत हो गई।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण और परिजन जुट गए। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को उचित सहायता देने तथा फरार वाहन और चालक की पहचान कर कार्रवाई की मांग को लेकर शेरघाटी-चेरकी– गया मुख्य मार्ग को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
जाम की सूचना मिलने पर अंचल अधिकारी उषा कुमारी, बीडीओ विनोद कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर नेयाज अहमद और थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और मृतक के परिजनों से बातचीत की तथा उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सीसीटीवी में हादसे से जुड़ी तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस वाहन की पहचान करने में जुटी है।
घटना के बाद राम प्रवेश यादव के परिवार में मातम पसरा है। वहीं, हादसे को लेकर ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

जमीन पर फर्जी कागजात से कब्जे का आरोप, 65 वर्षीय बुजुर्ग ने जिला प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

गया के चंदौती थाना क्षेत्र के अराडीह गांव निवासी 65 वर्षीय अनिल कुमार सिंह ने पैतृक जमीन पर कथित रूप से फर्जी कागजात और केवाला तैयार कर कब्जा करने, जमीन की खरीद-बिक्री करने तथा धमकी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी, जिला निबंधन पदाधिकारी, गया तथा पुलिस महानिरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र के समक्ष आवेदन देकर संबंधित जमीन की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन के अनुसार अनिल कुमार सिंह, स्वर्गीय हरिहर प्रसाद सिंह के पुत्र हैं और ग्राम नेयाजीपुर, पोस्ट कुजापी, थाना चंदौती के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दादी स्वर्गीय धनवंती कुंवर, पति स्वर्गीय राधे शरण सिंह के नाम पर कई एकड़ जमीन का खतियान था। उनके पिता हरिहर प्रसाद सिंह के तीन पुत्र थे, जिनमें अनिल कुमार सिंह स्वयं तथा उनके दो भाई स्वर्गीय अशोक कुमार सिंह और स्वर्गीय अजय कुमार सिंह शामिल थे। दोनों भाइयों की मृत्यु हो चुकी है।
अनिल सिंह का आरोप है कि उनकी दादी ने अपनी कुछ जमीन तीनों पोतों की पत्नियों के बीच अलग-अलग दान की थी। आवेदन में बताया गया है कि इसी क्रम में मीना देवी, पत्नी स्वर्गीय अजय कुमार सिंह तथा अन्य संबंधित पक्षों को जमीन मिली थी। आरोप है कि बाद में दान में प्राप्त जमीन के विवरण और वास्तविक स्थिति से अलग जमीन को फर्जी तरीके से दस्तावेजों में दर्शाकर बेचने का प्रयास किया गया।
आवेदक ने विशेष रूप से खाता संख्या 47, प्लॉट संख्या 632 तथा अन्य प्लॉटों का उल्लेख करते हुए दावा किया है कि उनके हिस्से की जमीन को भी विवादित तरीके से बिक्री के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदन में प्लॉट संख्या 378 का भी जिक्र है। उनका कहना है कि इसी प्लॉट को लेकर अलग-अलग लोगों द्वारा दस्तावेज तैयार कर खरीद-बिक्री की गई, जिससे एक ही जमीन पर कई दावेदार सामने आ गए हैं।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा जाली केवाला और अन्य कागजात तैयार कर जमीन पर अपना अधिकार जताने की कोशिश की जा रही है। अनिल सिंह ने वर्ष 2024 में प्लॉट संख्या 378 की कथित बिक्री का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि जमीन की खरीद-बिक्री के माध्यम से उनके हिस्से की संपत्ति पर भी अधिकार जताने और कब्जा करने की कोशिश हो रही है।
अनिल सिंह ने आवेदन में वर्ष 2017 में गया व्यवहार न्यायालय में चले बंटवारा मुकदमे का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार बंटवारा मुकदमा संख्या 532/2017 में संबंधित पक्षों के दावों पर न्यायालय में मामला चला था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद विवादित जमीन की खरीद-बिक्री और कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस महानिरीक्षक, मगध प्रक्षेत्र को दिए आवेदन में उन्होंने स्वयं को बुजुर्ग और लाचार बताते हुए आरोप लगाया है कि विरोधी पक्ष कथित रूप से दबंगों के माध्यम से उनकी जमीन से बेदखल करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने जमीन को लेकर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
आवेदक ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से संबंधित भूमि के कागजात, खतियान, दानपत्र और बिक्री दस्तावेजों की जांच कराने, विवादित जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

गया एयरपोर्ट पर मॉक ड्रिल से मचा हड़कंप, आग बुझाने से लेकर यात्रियों के रेस्क्यू तक का अभ्यास

DGCA एवं AAI के प्रावधानों के आलोक में गया जी एयरपोर्ट पर आंशिक आपातकालीन अभ्यास (Partial Emergency Exercise) किया गया। अभ्यास का आयोजन विमान दुर्घटना/आपातकालीन स्थिति की काल्पनिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया, जिसमें यात्रियों एवं विमान कर्मियों की सुरक्षित निकासी, जरूरतमंद यात्रियों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने तथा अग्निशमन विभाग द्वारा समयबद्ध तरीके से आग पर नियंत्रण पाने से संबंधित गतिविधियों का अभ्यास किया गया।

इस आंशिक आपातकालीन अभ्यास के दौरान एयरपोर्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (ARFF) विभाग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), CISF, मेडिकल टीम, एयरपोर्ट ऑपरेशंस, एयरलाइन/ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी तथा अन्य संबंधित स्टेकहोल्डर्स ने भाग लिया। सूचना प्राप्त होते ही अग्निशमन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार क्रैश फायर टेंडर एवं आवश्यक अग्निशमन एवं बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य का प्रदर्शन किया गया।

अभ्यास के दौरान यात्रियों एवं क्रू को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, काल्पनिक घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच आपातकालीन संचार एवं समन्वय व्यवस्था की जांच की गई।

एयरपोर्ट अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के आंशिक आपातकालीन अभ्यास DGCA/AAI द्वारा निर्धारित प्रावधानों एवं Airport Emergency Plan के अनुरूप समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं। इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य वास्तविक आपातकालीन परिस्थिति के दौरान उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए संबंधित विभागों एवं एजेंसियों की तैयारियों, प्रतिक्रिया समय, समन्वय एवं कार्यक्षमता का परीक्षण करना है।

अभ्यास के दौरान विभिन्न स्थानों पर तैनात अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया तथा पाई गई कमियों एवं सुधार के क्षेत्रों को चिन्हित किया गया। संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में किसी वास्तविक आपातकालीन स्थिति के दौरान यात्रियों एवं एयरपोर्ट कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई की जा सके।

अभ्यास के सफल आयोजन में शामिल सभी विभागों, एजेंसियों एवं कर्मचारियों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। अंत में एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा अभ्यास में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया।

तिरंगा यात्रा को लेकर गया में बदलेगा ट्रैफिक प्लान, 12 अगस्त को 3 घंटे कई मार्गों पर वाहनों की नो-एंट्री

12 अगस्त 2026 को समाहरणालय परिसर से गांधी मैदान तक आयोजित होने वाली घर-घर तिरंगा वितरण यात्रा एवं गांधी मैदान के दक्षिणी फ्लैंक में प्रस्तावित मानव श्रृंखला के मद्देनजर गया शहरी क्षेत्र में यातायात के सुचारू संचालन के लिए विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। कार्यक्रम में लगभग 5,000 की संख्या में वरीय पदाधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है।
अनुमंडल पदाधिकारी सदर द्वारा बताया गया कि 12 अगस्त 2026 को अपराह्न 3:30 बजे से 6:30 बजे तक, आपातकालीन वाहनों को छोड़कर, निम्न मार्गों पर वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा—

पीरमंसूर चौक से गेवाल बिगहा मोड़ की ओर जाने वाले वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

जिला स्कूल से काशीनाथ मोड़ एवं गांधी मैदान की ओर वाहनों का परिचालन नहीं होगा।

गांधी मैदान के 7 नंबर गेट/चर्च के पीछे से गांधी मैदान की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

गेवाल बिगहा से गांधी मैदान की ओर वाहनों का परिचालन नहीं होगा।

काशीनाथ मोड़ एवं एपीआर मोड़ से गांधी मैदान की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

दिघ्घी तालाब से समाहरणालय की ओर वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित रहेगा।

यह है

वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था

यातायात व्यवस्था के तहत रेलवे स्टेशन से सिकरिया मोड़ की ओर जाने वाले वाहनों को करीमगंज एवं मिर्जा गालिब मार्ग होते हुए सिकरिया मोड़ की ओर परिचालित किया जाएगा।

गांधी मैदान से समाहरणालय की ओर जाने वाले वाहनों का परिचालन सड़क की दक्षिणी लेन से पूर्व की भांति किया जाएगा।

वहीं, पीरमंसूर चौक से आने वाले वाहनों को कोयरीबाड़ी, नादरा गंज, दिघ्घी तालाब मोड़, हरिदास सेमिनरी एवं गेवाल बिगहा होते हुए परिचालित किया जाएगा।

पुलिस उपाधीक्षक यातायात ने आम नागरिकों से अपील की है कि तिरंगा यात्रा के दौरान निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करें तथा अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाएं। आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

लाभुकों को कम अनाज देने पर सख्ती: आमस और बोधगया के दो पीडीएस डीलरों पर गिरी गाज,2 एमओ से 24 घंटे में स्पष्टीकरण

जिले में जन वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच की जा रही है।
इसी क्रम में आमस प्रखंड के ग्राम पंचायत आमस के जन वितरण प्रणाली विक्रेता मोहन सिंह के विरुद्ध लाभुकों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिए जाने की शिकायत पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, गया द्वारा औचक जांच की गई। जांच के दौरान कुछ लाभुकों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिए जाने की पुष्टि हुई। लाभुकों के बयान के आधार पर विक्रेता की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही सामने आई। मामले में जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा अनुज्ञप्ति रद्द करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
इसी प्रकार बोधगया प्रखंड के ग्राम पंचायत बकरौर के जन वितरण प्रणाली विक्रेता लखन पासवान के विरुद्ध भी कम मात्रा में खाद्यान्न वितरण की शिकायत प्राप्त हुई थी। जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा की गई जांच में कुछ लाभुकों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिए जाने की पुष्टि हुई। लाभुकों के बयान के आधार पर विक्रेता की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर अनुज्ञप्ति रद्द करने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।

उक्त दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी, गया द्वारा प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, आमस एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, बोधगया से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र के जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं का नियमित अनुश्रवण एवं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करना संबंधित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही प्रथम दृष्टया गंभीर कर्तव्यहीनता को दर्शाती है।
दोनों प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निर्देश दिया गया है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा है कि जन वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता, निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न वितरण अथवा लाभुकों के अधिकारों में कटौती को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत प्राप्त होने पर जांच कर दोषी पाए जाने वाले जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं एवं संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गया में इंटरनेशनल साइबर गैंग का पर्दाफाश, विदेशी नागरिकों को लगाते थे करोड़ों की चपत,9 शातिर गिरफ्तार

गया पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। रामपुर थाना क्षेत्र के व्हाइट हाउस रोड स्थित एक अपार्टमेंट में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पश्चिम बंगाल के नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिकों को अपना निशाना बनाकर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
गया एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। ये एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों को झांसे में लेते थे।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी खुद को फ्लिपकार्ट और अमेज़ॅन जैसी प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि के रूप में पेश करते थे। तकनीकी सहायता, ऑर्डर कैंसिलेशन, रिफंड और अकाउंट अपडेट जैसे बहाने बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान वे पीड़ितों से बैंकिंग , एनी डेस्क और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर उनके खातों से रकम उड़ा लेते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, 22 एटीएम कार्ड सहित कई अन्य सामग्री बरामद की है

पत्नी ने प्रेमी संग रची दिव्यांग पति की हत्या की साजिश, 4 गिरफ्तार

गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र में दिव्यांग राजदेव भारती हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। ग्रामीण एसपी दिव्यांजली ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस हत्याकांड के पीछे प्रेम प्रसंग और अवैध संबंध की कहानी सामने आई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी का राजा आलम के साथ प्रेम संबंध था और इसी संबंध के चलते पति की हत्या की साजिश रची गई।
मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी राजा आलम को रास्ते से पति को हटाने के लिए उकसाया। इसके बाद आरोपी राजा आलम ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजदेव भारती की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद मामले को छिपाने की भी कोशिश की गई, लेकिन वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है।
ग्रामीण एसपी दिव्यांजली ने बताया कि इस मामले में अब तक रोहित कुमार, राजा आलम, मोहम्मद मुन्ना तथा मृतक की पत्नी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बोधगया एसएफसी गोदाम में डीलरों की मौजूदगी से उठे सवाल, विभागीय निर्देशों की उड़ती दिखी धज्जियां

बोधगया स्थित राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) गोदाम में डीलरों के प्रवेश पर रोक संबंधी विभागीय निर्देशों के बावजूद मंगलवार को कई डीलरों की मौजूदगी ने पूरे मामले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोदाम परिसर में झिकटीया पंचायत के जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलर उदय कुमार, पैक्स अध्यक्ष बिंदेश्वर चौधरी समेत कई अन्य लोगों को देखा गया। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद डीलर गोदाम परिसर में किस उद्देश्य से पहुंचे।
कुछ दिन पहले ही बोधगया की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) अर्चना आनंद ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा था कि किसी भी डीलर को एसएफसी गोदाम आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया था कि सभी डीलर अपनी-अपनी उचित मूल्य की दुकानों पर ही मौजूद रहेंगे और एसएफसी गोदाम से खाद्यान्न सीधे संबंधित दुकानों तक पहुंचाया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक भीड़ रोकना, पारदर्शिता बनाए रखना और वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाना था।
इसके बावजूद मंगलवार को गोदाम में कई डीलरों की मौजूदगी ने विभागीय निर्देशों के अनुपालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।बताया जा रहा है कि यदि खाद्यान्न की आपूर्ति सीधे दुकानों तक होनी थी, तो डीलरों का गोदाम पहुंचना समझ से परे है। लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि कहीं विभागीय आदेशों का पालन नहीं हो रहा या फिर किसी विशेष कारण से डीलरों को गोदाम बुलाया गया था।

ऐसे में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब लोगों की नजर विभाग की प्रतिक्रिया पर टिकी है कि आखिर डीलरों की मौजूदगी के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और क्या विभाग इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।