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NEET पुनर्परीक्षा को लेकर गया में हाई अलर्ट, 12 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; कोचिंग और फोटोकॉपी दुकानें रहेंगी बंद

21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा के शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त और सफल संचालन को लेकर गया जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर एसएसपी सुशील कुमार एवं डीडीसी शैलेश दास की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
गया जिले में NEET पुनर्परीक्षा के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जगजीवन कॉलेज, गया इंजीनियरिंग कॉलेज खिजरसराय, आईआईएम बोधगया, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के विभिन्न ब्लॉक, गया कॉलेज के कई भवन, केंद्रीय विद्यालय संख्या-1 एवं 2 तथा महावीर इंटर कॉलेज शामिल हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास संचालित फोटोकॉपी की दुकानों को भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी ने कहा कि यह एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं तथा अधिकारियों को लगातार भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया है।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, मेडिकल सुविधा, एंबुलेंस, वेटिंग एरिया और अभिभावकों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था की जाएगी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बीएसआरटीसी की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक विशेष बसों का संचालन होगा।
जिला प्रशासन ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की जानकारी देने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए दूरभाष संख्या 0631-2222253 जारी की गई है।

भूमाफियाओं के इशारे पर जमीन कब्जाने निकले तीन अपराधी लग्जरी वाहन से गिरफ्तार, हथियार और कारतूस बरामद

गया जिले में भूमि कब्जाने की साजिश रच रहे तीन अपराधियों को पुलिस ने हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। टाउन डीएसपी 2 धर्मेंद्र भारती ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया है। गिरफ्तार अपराधी भूमाफियाओं के इशारे पर किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने की तैयारी में थे। मामले की जांच करते हुए पुलिस इनके आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड नंबर की एक एसयूवी कार से कुछ युवक हथियार लेकर शहर की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर टाउन डीएसपी-2 धर्मेंद्र कुमार भारती के नेतृत्व में डेल्हा थाना पुलिस ने वाहन जांच अभियान चलाया। डेल्हा थाना क्षेत्र में कार को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कार से एक देसी पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने कार में सवार तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. चांद मियां, एजाज मलिक और मो. फारूक के रूप में हुई है।

 

  • टाउन डीएसपी 2 धर्मेंद्र भारती

    यह पता लगाया जा रहा है कि वे किसके कहने पर हथियार लेकर आए थे और उनका उद्देश्य क्या था। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है तथा उनसे पूछताछ जारी है।वहीं मो.चाँद मियाँ पर शहर के सिविल लाइन थाना,चंदौती थाना में जमीन कब्जा करने से संबंधित प्राथमिकी दर्ज है।इसमें एक बंगाल का रहने वाला बताया है।तीनों अपराधी पंचानपुर जा रहे है।पुलिस कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।

सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन बेचने का खुला रास्ता, जानिए सरकार की नई व्यवस्था

बिहार में प्रस्तावित सैटलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर लागू जमीन बंदी के बीच राज्य सरकार ने बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। अब ऐसे भूस्वामी, जिन्हें आर्थिक जरूरत के कारण अपनी जमीन बेचनी है, उनकी जमीन बिहार राज्य आवास बोर्ड खरीदेगा। सरकार के इस फैसले से जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक से प्रभावित हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ आम लोगों के हितों की भी रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि जिन जमीन मालिकों को तत्काल धनराशि की आवश्यकता है, वे आवेदन देकर अपनी जमीन आवास बोर्ड को बेच सकेंगे। इसके लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी भूस्वामी को नुकसान नहीं होने देगी। जमीन खरीद की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होगी और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संकट से उबारने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों और जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो जमीन बंदी के कारण अपनी संपत्ति बेचने में असमर्थ थे।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्य और केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण पर रोक लागू नहीं होगी। सड़क, आवास, शहरी विकास और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और हस्तांतरण की अनुमति जारी रहेगी। वहीं, जिन विकास परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा है, उन्हें भी प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है।

AI आधारित तस्वीर

थाने का मालखाना बना ‘लूटखाना’! 6,162 बोतल कफ सिरप गायब, 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, थानाध्यक्ष सस्पेंड

बिहार के सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जिस थाने में जब्त सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, वहीं से हजारों बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप चोरी कर बेच दिए गए। मामले का खुलासा होने के बाद चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

विशेष त्रि-सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जब्त 7,560 बोतल कफ सिरप में से जांच के लिए भेजी गई आठ बोतलों को छोड़कर मालखाने में 7,552 बोतलें मौजूद होनी चाहिए थीं। लेकिन जांच के दौरान वहां केवल 1,390 बोतलें ही मिलीं। यानी 6,162 बोतलें रहस्यमय तरीके से गायब थीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गायब माल को छिपाने के लिए मालखाने में 2,842 ऐसी बोतलें रखी गई थीं, जिनका निर्माण वर्ष 2026 में हुआ था। इनका ब्रांड और बैच नंबर जब्ती सूची में दर्ज बोतलों से पूरी तरह अलग था। यहीं से जांच टीम को बड़े खेल की भनक लगी।

मामले की गुप्त शिकायत डीजीपी तक पहुंचने के बाद सुपौल एसपी शरथ आरएस ने पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति में वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार और साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता को शामिल किया गया। 11 जून को सौंपी गई रिपोर्ट में मालखाने से कफ सिरप गायब होने के अलावा जब्त ट्रैक्टर के डायनमो, टायर और बैटरी बेचने तथा टोटो की बैटरी गायब करने जैसे गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि थाना परिसर के मुख्य सीसीटीवी कैमरे का 28 मई से पहले का पूरा फुटेज डिलीट कर दिया गया था। इससे आशंका जताई जा रही है कि सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी।

कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चौकीदार राहुल कुमार, अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल-112 चालक अखिलेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और चोरी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूछताछ में खुली पूरी साजिश

पूछताछ में चौकीदार राहुल कुमार ने स्वीकार किया कि त्रिवेणीगंज निवासी आशीष के संपर्क में आने के बाद मालखाने से कफ सिरप निकालकर नशे के कारोबारियों को बेचा जाता था। थानाध्यक्ष के छुट्टी पर रहने के दौरान रात में माल बाहर निकाला जाता था। मामला उजागर होने लगा तो गायब स्टॉक की भरपाई दिखाने के लिए दूसरी कंपनी और अलग बैच नंबर की हजारों बोतलें मालखाने में रख दी गईं।
राहुल ने यह भी कबूल किया कि इससे पहले जब्त शराब, कफ सिरप, बाइक के पार्ट्स और टोटो की बैटरियां भी चोरी कर बेची गई थीं और उससे होने वाली कमाई आरोपियों के बीच बांटी जाती थी

सुपौल एसपी शरथ आरएस ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद त्रि-सदस्यीय टीम से जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया लापरवाही और गंभीर अनियमितता सामने आने पर थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया है। साथ ही चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस और चोरी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अनुसंधान के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: गया के नए सिटी एसपी बने अभिनव

बिहार सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 29 अधिकारियों का तबादला किया है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आईपीएस अधिकारी अभिनव को गया का नया सिटी एसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) नियुक्त किया गया है। उनके पदभार संभालने के साथ ही शहर की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर नई रणनीति की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्यव्यापी फेरबदल के तहत 13 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। गया के नगर पुलिस अधीक्षक रहे कोटा किरण कुमार को जहानाबाद का एसपी बनाया गया है। वहीं, सहरसा के एसपी हिमांशु को शेखपुरा, शिवहर के एसपी शुभांक मिश्रा को वैशाली और बांका के एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा को औरंगाबाद का एसपी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग को सहरसा, पटना पूर्वी के सिटी एसपी परिचय कुमार को कटिहार तथा पटना पश्चिमी के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह को खगड़िया का एसपी बनाया गया है।
गृह विभाग के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा पुलिसिंग में प्रभावशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लापरवाही और अनियमितता पर राजस्व कर्मचारी की दो वेतन वृद्धि रोकी गई,डीएम ने की कार्रवाई

गया जिले के अंचल कार्यालय डोभी में कार्यरत राजस्व कर्मचारी कुमार नाथ उपाध्याय के खिलाफ सरकारी कार्यों के समय पर निष्पादन नहीं करने और कार्यों में अनियमितता बरतने की शिकायत सही पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।
प्राप्त शिकायत पर गया डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर मामले की जांच एक जांच समिति के माध्यम से कराई गई। जांच प्रतिवेदन में राजस्व कर्मचारी पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने संबंधित राजस्व कर्मचारी के विरुद्ध असंचयी प्रभाव से दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
डीएम शशांक शुभंकर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

पूर्व सांसद आनंद मोहन 20 जून को गया दौरे पर, कार्यकर्ता सम्मेलन और क्षत्रिय सम्मेलन में होंगे शामिल, कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश

पूर्व सांसद आनंद मोहन 20 जून 2026 को गया जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस दौरान वे कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे तथा स्वागत समारोह में शामिल होंगे वहीं क्षत्रिय समाज के सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

जारी कार्यक्रम के अनुसार आनंद मोहन 20 जून को पटना के गर्दनीबाग से प्रस्थान करेंगे। फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं के द्वारा जहानाबाद-गया बॉर्डर पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद कंचनपुर में कार्यकर्ताओं द्वारा उनका माल्यार्पण किया जाएगा।

मानपुर स्थित देवरानी होटल में प्रखंड प्रमुख धर्मेंद्र कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।इस दौरान मिनट टू मिनट कार्यक्रम की जानकारी दी है।कहा कि आगमन से कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह और जोश है।

होटल देवरानी के सभागार में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होगा, जहां वे कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। वजीरगंज में स्वागत समारोह में शामिल होंगे।
इसके बाद पहाड़पुर में आयोजित महायज्ञ में शामिल होंगे। उसके बाद नवादा जिले के सिरदल्ला में आयोजित क्षत्रिय सम्मेलन में भाग लेकर समाज के लोगों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रमों के समापन के बाद उनका रात्रि विश्राम मानपुर स्थित होटल देवरानी में होगा। फ्रेंड्स ऑफ आनंद के वरिष्ठ कार्यकर्ता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल होंगे।

मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, एक बना डुप्लीकेट अभ्यर्थी तो दूसरा निकला हाईटेक नकलची

गया में मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान नकल और फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। बुधवार को परीक्षा के दौरान दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करने के आरोप में दो परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया।
शहर के एएन कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पहली पाली की परीक्षा के दौरान सहरसा निवासी आशीष कुमार को बबलू कुमार के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। जांच के दौरान उसकी पहचान फर्जी पाई गई, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
वहीं, रामरुचि कन्या प्लस-2 स्कूल परीक्षा केंद्र से नालंदा निवासी प्रिंस कुमार को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से नकल करते हुए पकड़ा गया। परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
दोनों मामलों में केंद्राधीक्षकों के बयान पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकल और फर्जी परीक्षा देने के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

2.5 करोड़ की जमीन ठगी का खेल! फर्जी दस्तावेज़ बनाकर बोधगया का रहने वाला आरोपी दबोचा गया

गया जिले में जमीन बेचने के नाम पर 2.5 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को गया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।एसएसपी सुशील कुमार ने बुधवार को प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि वादी ने मुफस्सिल थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपित ने भूमि बिक्री का झांसा देकर उससे 2 करोड़ 50 लाख रुपये ले लिए। बाद में पता चला कि संबंधित जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे गुमराह किया गया और रकम हड़प ली गई।
इस मामले में मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाया। इसी क्रम में कांड में संलिप्त आरोपी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी बोधगया थाना क्षेत्र के वास्तु विहार फेज-2 का निवासी बताया गया है। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में लोगों को दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही लेन-देन करना चाहिए, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

परीक्षा खत्म, गया जंक्शन पर ट्रेन आते हीं मची भगदड़ जैसी स्थिति, सीट के लिए खिड़की से ट्रेन में घुसे अभ्यर्थी

बिहार पुलिस मध्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा समाप्त हो

ने के बाद गया रेलवे जंक्शन पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने से पहले ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी खड़े दिखाई दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए RPF की टीम की तैनाती की गई थी।
प्लेटफार्म पर जैसे ही गया-पटना मेमू पैसेंजर ट्रेन पहुंची, सीट पर कब्जा जमाने की होड़ शुरू हो गई। सैकड़ो परीक्षार्थी एक साथ कोचों में चढ़ने लगे, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति ऐसी हो गई कि कई अभ्यर्थी कोच के दरवाजे के बजाय इमरजेंसी खिड़की के रास्ते अंदर प्रवेश करते नजर आए।
भर्ती परीक्षा के कारण एक साथ बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लौटने से गया जंक्शन पर देर तक असामान्य भीड़ बनी रही।