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धनावा पहुंचे राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, कहा- जल्द लगेगी मगध सम्राट जरासंध की नई प्रतिमा

राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह ने रविवार को बोधगया प्रखंड के धनावा स्थित विखंडित मगध सम्राट जरासंध प्रतिमा स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मगध सम्राट जरासंध क्लब द्वारा होटल गीतांजलि बुद्ध रिजॉर्ट में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में सांसद डॉ. भीम सिंह ने कहा कि विखंडित प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राज्य कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए जल्द ही राज्य सरकार से बातचीत की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर प्रतिनिधंडल सीएम से भी मुलाकात करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रतिमा स्थल के समीप एक चौपाल और सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए वे पहले ही 15 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करा चुके हैं। सांसद ने बताया कि अपने सांसद निधि कोष से पूरे बिहार में लगभग 500 चौपाल बनाने की योजना है, जिसमें धनावा को भी शामिल किया गया है।
डॉ. भीम सिंह ने कहा कि मगध सम्राट जरासंध की प्रतिमा का मुद्दा समाज की अस्मिता से जुड़ा हुआ है और इस विषय पर सभी चंद्रवंशी समाज के लोगों एवं जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से भी चर्चा की जाएगी।
सांसद ने प्रतिमा विखंडित मामले की जांच पर कहा कि दोषियों की पहचान के लिए जिला पुलिस द्वारा एसआईटी का गठन किया गया था, लेकिन अब तक खुलासा नहीं हो सका है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

पिकअप वैन से पहुंचे शातिर चोर, मिनटों में चार भैंस लादकर हुए फरार; CCTV में कैद हुई पूरी घटना

गया के डेल्हा थाना क्षेत्र के छोटकी डेल्हा मोहल्ले में अज्ञात चोरों ने घटना को अंजाम देते हुए चार भैंस की चोरी कर ली है। बताया जा रहा है कि चोर देर रात पिकअप वैन से पहुंचे और कुछ ही मिनटों में भैंसों को वाहन पर लादकर फरार हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पीड़ित सुनील यादव और पप्पू यादव ने डेल्हा थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक पिकअप वैन और संदिग्ध गतिविधियां कैद होने की बात सामने आई है।

“SSP खुद कर रहे हैं मॉनिटरिंग, बिहार पुलिस मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम”

बिहार पुलिस मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर गया पुलिस अलर्ट है। परीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग खुद एसएसपी द्वारा की जा रही है।
रविवार को आयोजित परीक्षा के दौरान एसएसपी सुशील कुमार ने जिले के कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों एवं सुरक्षा बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की सुविधाओं तथा विधि-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।

एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, कदाचार या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने तथा परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी कर्मियों को पूरी सतर्कता और सक्रियता के साथ ड्यूटी निभाने को कहा।
परीक्षा केंद्रों और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गया पुलिस ने अभ्यर्थियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

पति के अफेयर से तंग पत्नी चढ़ी मोबाइल टावर पर, बोली- ‘अब जीने का कोई मतलब नहीं’

गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में रविवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पति के कथित अवैध संबंध से परेशान एक विवाहिता मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला को टावर पर चढ़ा देख गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
महिला की पहचान मोहनपुर गांव निवासी सोनम शर्मा के रूप में हुई है। उसकी शादी वर्ष 2019 में विजयीपुर थाना क्षेत्र के खूटहां गांव में हुई थी। महिला का आरोप है कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध है। इस बात का उसने कई बार विरोध किया, लेकिन पति में कोई बदलाव नहीं आया।

महिला ने बताया कि जब भी वह इस मुद्दे पर पति से बात करती है, उसके साथ मारपीट की जाती है। उसने रिश्तेदारों और परिवार के अन्य लोगों को भी इसकी जानकारी दी, लेकिन किसी ने उसकी समस्या का समाधान नहीं किया। अपने पति की इसी हरकत से परेशान होकर आत्महत्या करने की नीयत से मोबाइल टावर पर चढ गई।

टॉवर पर महिला को चढ़े देख मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लोगों ने महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं थी। बाद में स्थानीय मुखिया की पहल पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस और ग्रामीणों ने काफी देर तक समझा-बुझाकर महिला को सुरक्षित नीचे उतारा।
पुलिस ने महिला को भरोसा दिलाया कि यदि उसके आरोप सही पाया जाता है तो पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गया के टनकुप्पा की ममता पारा मेडिकल परीक्षा में बनी स्टेट टॉपर,केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने दी बधाई

गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड के भटौरा पंचायत के गोइनिया गांव की मेधावी छात्रा ममता कुमारी बिहार पारा मेडिकल प्रतियोगिता परीक्षा 2026 में स्टेट टॉपर बनी है।उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग में पूरे प्रदेश में पहला रैंक प्राप्त किया है।परिणाम घोषित होते हीं पूरे प्रखंड में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।परिजनो के द्वारा ममता को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया। सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी ने बताया कि ममता के स्टेट टॉपर बनने की घोषणा के बाद केंद्रीय मंत्री सह गया सांसद जीतन राम मांझी ने छात्रा को फोन पर बधाई दी है साथ हीं आगे की उच्च शिक्षा से लेकर नौकरी प्राप्त करने तक हर सम्भव आर्थिक मदद करने का भरोसा दिलाया हैं।

गया में दर्दनाक सड़क हादसा,तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से कटा युवक का पैर, डिवाइडर में फंसा कटा पैर

गया शहर के विष्णुपद थाना क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर बाईपास रोड पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतना भीषण था कि युवक का एक पैर शरीर से अलग होकर सड़क के बीच बने डिवाइडर की ग्रिल में जा फंसा।
घायल युवक की पहचान विष्णुपद थाना क्षेत्र के घुघरीटांड निवासी हर्ष कुमार के रूप में हुई है।बताया जा रहा है कि हर्ष कुमार अपनी बाइक से जा रहा था। तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और उसका एक पैर कटकर डिवाइडर की ग्रिल में जा फंसा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक की मदद की। लोगों ने कटे हुए पैर को सुरक्षित ढंककर रखा और तत्काल पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी।

घटना की सूचना पर विष्णुपद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल हर्ष कुमार को इलाज के लिए तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। विष्णुपद थाना अध्यक्ष परमानंद लाल कर्ण ने बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

भिक्षु का नहीं, ‘आलोक’ का भी था इंतजार: विश्व शांति यात्रा का चर्चित साथी पहुंचा बोधगया

वियतनामी-अमेरिकी बौद्ध भिक्षु पन्नकारा थेरो शुक्रवार को बोधगया पहुंचे हैं, लेकिन इस बार लोगों की नजर सिर्फ भिक्षु पर ही नहीं बल्कि उनके खास साथी ‘आलोक’ पर भी है। यह वही भारतीय देसी नस्ल का कुत्ता है, जो एक पदयात्रा के दौरान भिक्षुओं के साथ जुड़ा और आज विश्व शांति व करुणा का प्रतीक बन चुका है।

बताया जाता है कि नेपाल और भारत में 112 दिवसीय धुतांग यात्रा के दौरान कोलकाता से बोधगया की ओर पदयात्रा करते समय एक आवारा कुत्ता भिक्षुओं के साथ चलने लगा। उसकी निष्ठा और लगाव को देखकर भिक्षु पन्नकारा थेरो ने उसे अपने साथ रख लिया और उसका नाम ‘आलोक’ रखा। धीरे-धीरे वह यात्रा दल का अभिन्न हिस्सा बन गया।
इसके बाद आलोक ने हजारों किलोमीटर लंबी कई शांति यात्राओं में भिक्षुओं का साथ दिया। वह अमेरिका तक पहुंचा और वहां आयोजित लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी विश्व शांति पदयात्रा में भी चर्चा का विषय बना। आज आलोक दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों के बीच करुणा, मित्रता और सह-अस्तित्व का प्रतीक माना जाता है।
जब पन्नकारा थेरो महाबोधि मंदिर पहुंचें, तब उनके साथ आलोक भी मौजूद रहा। बोधगया आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह विशेष आकर्षण का केंद्र बना।
भिक्षु पन्नकारा थेरो और उनके साथी भिक्षुओं का दल बोधगया से आगे कुशीनगर और लुंबिनी की यात्रा भी करेगा। इस दौरान वे विश्व शांति, जागरूकता और करुणामय प्रेम का संदेश फैलाएंगे। वहीं आलोक की मौजूदगी इस संदेश को और अधिक जीवंत बनाती है, क्योंकि उसकी कहानी बताती है कि करुणा और अपनापन किसी भी जीव को असाधारण बना सकता है

सरकारी लक्ष्य पूरा नहीं करने पर गिरी गाज, अतरी और फतेहपुर के किसान सलाहकार हटाए गए,डीएम ने की सख्त कार्रवाई

कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिलेभर में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में लापरवाही बरतने वाले दो किसान सलाहकारों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गया डीएम ने अतरी और फतेहपुर प्रखंड के दो किसान सलाहकारों को चयनमुक्त कर दिया है।

अतरी प्रखंड के किसान सलाहकार सुमित कुमार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 1828 लाभार्थी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन उन्होंने छह माह में केवल 711 किसानों की ही रजिस्ट्री कराई। वहीं 12 मई से 31 मई के बीच एक भी किसान की रजिस्ट्री नहीं की गई। चेतावनी और स्पष्टीकरण के बावजूद 8 जून को शून्य तथा 9 जून को मात्र दो किसानों की रजिस्ट्री किए जाने और स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने पर उन्हें चयनमुक्त कर दिया गया।

वहीं फतेहपुर प्रखंड के किसान सलाहकार प्रभात कुमार को 1467 किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य मिला था, लेकिन उन्होंने छह माह में केवल 519 किसानों की रजिस्ट्री कराई। 12 मई से 31 मई के बीच मात्र तीन किसानों तथा 17 फरवरी से 7 जून तक केवल सात किसानों की रजिस्ट्री किए जाने, 8 जून को शून्य और 9 जून को केवल तीन किसानों की रजिस्ट्री करने, साथ ही लगातार लापरवाही एवं विभागीय आदेशों की अवहेलना के कारण चयनमुक्त कर दिया गया।

जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार के इस महत्वपूर्ण अभियान को गंभीरता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

NEET UG 2026 री–एग्जाम को लेकर गया प्रशासन अलर्ट, 13 केंद्रों पर कड़ी निगरानी,हर केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर डीएम शशांक शुभंकर एवं एसएसपी सुशील कुमार की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था एवं विधि-व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया है।
डीएम ने बताया कि गया जिले में परीक्षा के लिए 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे तथा उनके साथ-साथ परीक्षा केंद्रों के आसपास की फोटोकॉपी दुकानों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

बैठक में अधिकारियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा अवधि में लगातार भ्रमणशील रहने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचने को कहा गया है।

परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए शुद्ध पेयजल, वेटिंग एरिया, मेडिकल सुविधा, एंबुलेंस, ORS एवं अन्य आवश्यक दवाओं की व्यवस्था सभी केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। भीषण गर्मी को देखते हुए अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्रों से 100 मीटर दूर छायादार स्थान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार के आदेशानुसार नीट परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को BSRTC बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
डीएम ने बताया कि परीक्षा के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रहेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना 0631-2222253 पर दी जा सकती है।

गया में एंबुलेंस ने दिया धोखा, अस्पताल पहुंचने से पहले मासूम की मौत; स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक घटना सामने आई है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक 11 वर्षीय छात्र को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज में देरी के कारण मासूम की जान चली गई।
मृतक की पहचान उज्ज्वल कुमार (11 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पलामू जिले के नौडीहा थाना क्षेत्र के तरीडीह गांव निवासी दामोदर मेहता का पुत्र था। वह इमामगंज थाना क्षेत्र के पाकरडीह गांव में अपनी मौसी के घर रहकर पढ़ाई करता था।

बताया जाता है कि उज्ज्वल क्रिकेट खेलकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में मिट्टी लदे एक ट्रैक्टर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने घायल छात्र को तत्काल एंबुलेंस की मदद से शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। सभी को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच जाएगी। तभी बांके बाजार के समीप पहुंचते ही एंबुलेंस अचानक खराब हो गई। वाहन बंद पड़ने के कारण अस्पताल पहुंचने में काफी देर हो गई। इस दौरान घायल छात्र की हालत लगातार बिगड़ती रही। परिवार का आरोप है कि यदि एंबुलेंस तकनीकी रूप से सही हालत में होती और समय पर अस्पताल पहुंच जाती तो उज्ज्वल की जान बच सकती थी।
इस घटना ने एक बार फिर जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।