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गया में ‘हेल्थ वॉर’! दो अस्पताल आमने-सामने, फर्जी डिग्री से लेकर इस्तीफे तक के दावों ने बढ़ाया विवाद

पटना में दो कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि अब गया में दो अस्पतालों के बीच टकराव सुर्खियों में है।
गया के एपी कॉलोनी स्थित अर्श सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ. नवनीत निश्चल और कविता निश्चल ने संयुक्त रूप से मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उसके हीं अस्पताल में काम करने वाले डॉ टी शर्मा का डिग्री फर्जी है।यह जानकारी अस्पताल को छोड़ने के बाद हुई है। वह पिछले 3 वर्षों से वहां कार्यरत थे। मरीजों का इलाज कर रहे थे।जब डॉक्टर टी शर्मा ने कथित रूप से भागने के बाद अस्पताल प्रबंधन को यह जानकारी हुई कि डिग्री फर्जी है। डॉ नवनीत निश्चल ने विदेश से डिग्री लेने पर सवाल उठाया है। फेक FMG का डिग्री बताया है।अर्श हॉस्पिटल के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है कि फर्जी डिग्री धारक को डॉक्टर के रूप में कार्य किया है। हॉस्पिटल के दुष्प्रचार के लिए मरीज के साथ छेड़खानी कराने का आरोप लगाया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

कविता निश्चल ने बताया कि नए डॉक्टर के आने पर उन्हें धमकी दी जा रही है। डॉ टी शर्मा को फर्जी डॉक्टर बताते हुए कहा कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। ऑनलाइन एमबीबीएस का कोई कोर्स नहीं होता है।इसी दौरान सोशल मीडिया पर प्रिस्क्रिप्शन वायरल होने लगा।अस्पताल की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया।संबंधित डिग्री की मांग करने के बाद वह यहां से भाग गए।मरीज की मौत हुई थी जिसमें मरीज के परिजनों को अपस्ताल प्रबंधन के खिलाफ भड़काया गया।मरीज की मौत में अस्पताल के द्वारा कोई लापरवाही नहीं थी।

वहीं डॉ टी शर्मा ने अर्श सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन के द्वारा लगाए गए आरोप को निराधार बताया है।कहा कि अगर हमारी डिग्री फर्जी है तो हमसे ज्यादा अस्पताल प्रबंधन दोषी है। सीईओ के रूप में नियुक्त थे।हजारों मरीजों की जान बचाई है।एक महिला मरीज की मौत के पूर्व हीं इस्तीफा दे चुके है।इसकी जानकारी नहीं है।उस वक्त कौन कौन डॉक्टर थे यह जांच का विषय है।छेड़खानी मामले में मरीज के परिजन ने खुद स्वीकार किया कि मारपीट कर जबरदस्ती थाना में आवेदन दिया गया है। दिल्ली मेडिकल काउंसिल से डिग्री की सत्यापन कराई जा चुकी है। दूसरा अस्पताल नहीं खुले इसे लेकर धमकी दी जा रही है।झूठा केस में फंसाने की धमकी को लेकर जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारी को आवेदन दे चुके है।कविता निश्चल की अपनी लोकल कंपनी की दवाई का प्रयोग करने के लिए हमेशा दवाब बनाया जाता था।कई डॉक्टरों ने अस्पताल प्रबंधन के इस रवैये से छोड़ चुके है।जिला प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटी है।जांच में सच सामने आएगा।

डॉ. टी.शर्मा
45 लाख की लूट का मास्टरमाइंड एनकाउंटर में दबोचा गया, गोली लगते ही उगल दिए सारे राज,2 अपराधियों के पैर में लगी गोली

गया जिले में ज्वेलर्स शॉप से हुई 45 लाख रुपये की नगदी और सोना लूटकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आमस थाना क्षेत्र में आधी रात हुई मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधियों को गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। घायल बदमाशों की निशानदेही पर लूटा गया सोना भी बरामद कर लिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

गुरुआ बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान में हुई करोड़ों की संपत्ति से जुड़ी सनसनीखेज लूट के बाद पुलिस लगातार अपराधियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि पुलिस को सूचना मिली कि लूटकांड में शामिल अपराधी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम सक्रिय हो गई और आमस थाना क्षेत्र के बनाही बालू घाट के पास घेराबंदी कर दी गई।

घेराबंदी के बाद अपराधियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया गया था। लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी और भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दो अपराधियों के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल होकर मौके पर ही धर दबोचे गए।

गिरफ्तार अपराधियों में मुख्य आरोपी सुजीत चौधरी और उसका साथी मल्लाह शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक सुजीत चौधरी के पैर में तीन गोलियां लगीं, जबकि उसके साथी के पैर में एक गोली लगी है। दोनों को तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच उनका इलाज चल रहा है।

अस्पताल में उपचार के दौरान हुई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गुरुआ बाजार डकैती में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में सोना बरामद किया है। हालांकि बरामद आभूषणों की कुल मात्रा और कीमत का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है।
मुठभेड़ के दौरान तीन अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

Bihar Police Exam 2026: रेलवे ने बढ़ाई सुविधा, 14 स्पेशल ट्रेनों का टाइम टेबल जारी

बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के मद्देनजर अभ्यर्थियों की सुविधा को लेकर रेलवे ने 16 और 17 जून को विभिन्न रूटों पर कुल 14 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया है।
16.06.2026 एवं 17.06.2026 को निम्नानुसार परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा ।
रेलवे ने तो टेबल जारी किया है।इन रूटों पर परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा

1. पाटलिपुत्र से 20.00 बजे किशनगंज के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार के रास्ते चलायी जाएगाी ।

2. पटना से 21.00 बजे नरकटियागंज के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, चकिया, बापूधाम मोतिहारी, बेतिया के रास्ते चलायी जाएगी ।

3. पाटलिपुत्र से 22.00 बजे अररिया के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार के रास्ते चलायी जाएगी ।

4. पाटलिपुत्र से 23.00 बजे नवगछिया के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन बेगूसराय, खगड़िया के रास्ते चलायी जाएगी ।

5. पटना से 23.30 बजे भभुआ के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल ट्रेन तारेगना, जहानाबाद, गया, डेहरी ऑन सोन, सासाराम के रास्ते चलायी जाएगी ।

दिनांक 17.06.2026 को चलायी जाने वाली परीक्षा स्पेशल ट्रेनें:

1. पटना से 07.15 बजे गया के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा ।

2. बक्सर से 13.30 बजे दानापुर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा ।

3. बक्सर से 18.00 बजे पटना के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा ।

4. किऊल से 12.30 बजे गया के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया शेखपुरा, नवादा चलायी जाएगी ।

5. गया से 17.30 बजे किऊल के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया नवादा, शेखपुरा चलायी जाएगी ।

6. बख्तियारपुर से 08.00 बजे राजगीर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया बिहारशरीफ, नालंदा चलायी जाएगी ।

7. राजगीर से 13.00 बजे बख्तियारपुर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया नालंदा, बिहारशरीफ चलायी जाएगी ।

8. बख्तियारपुर से 15.30 बजे राजगीर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया बिहारशरीफ, नालंदा चलायी जाएगी ।

9. राजगीर से 18.15 बजे बख्तियारपुर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। यह परीक्षा स्पेशल वाया नालंदा, बिहारशरीफ चलायी जाएगी ।

परीक्षा के दौरान संभावित अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने और अभ्यर्थियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह विशेष व्यवस्था की गई है।इन स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Heat Alert: गया में भीषण गर्मी का कहर: 20 जून तक कक्षा 8 तक के स्कूल बंद, डीएम का आदेश जारी

गया जिले में लगातार बढ़ते तापमान और लू की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डीएम शशांक शुभंकर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है।

जारी आदेश के अनुसार गया जिले के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों में कक्षा 8 तक की पढ़ाई 16 जून से 20 जून 2026 तक बंद रहेगी। कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं का संचालन सुबह 11 बजे तक आवश्यक सावधानियों के साथ जारी रहेगा। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आदेश का सख्ती से पालन करें।

जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को तेज धूप और लू से बचाएं तथा पर्याप्त पानी, ओ आर एस और अन्य आवश्यक सावधानियों का ध्यान रखें। प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को भी गर्मी से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।

‘जीरो टॉलरेंस’ का असर: रिश्वतखोरी के आरोप में चंदौती थाना के दारोगा निलंबित,आईजी विकास वैभव ने की कार्रवाई

मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने चंदौती थाना में दर्ज एक मारपीट मामले की जांच में अनियमितता और रिश्वत मांगने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। चंदौती थाना में पदस्थापित अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक ललन प्रसाद साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
चंदौती थाना कांड संख्या 221/26 की जांच के दौरान अनुसंधानकर्ता पर शिकायतकर्ता से पैसे मांगने का आरोप लगा था। आईओ ललन प्रसाद साह ने अभियुक्तों को राहत देने के नाम और प्रति अभियुक्त 2000 रुपए के अनुसार 6 अभियुक्तों के लिए 12 हजार रुपए की मांग की गई थी। इस मामले में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की गई, जिसमें संबंधित पुलिसकर्मी और अन्य व्यक्तियों के बीच कथित बातचीत सामने आई।

आईजी मगध क्षेत्र के समक्ष प्रस्तुत शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की प्रारंभिक जांच के बाद आरोपों को गंभीर मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई।

मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और आम नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार के प्रति विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गयाजी के खिजरसराय में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम, प्रौद्योगिकी केंद्र का किया शिलान्यास; सम्राट चौधरी

बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने संयुक्त रूप से आज गयाजी जिला स्थित खिजरसराय में प्रौद्योगिकी केंद्र का रिमोट का बटन दबाकर शिलान्यास किया तथा भूमि पूजन कर शुभारंभ किया। साथ ही कार्यक्रम के दौरान गयाजी-इस्लामपुर-खिजरसराय पथ के 20वें कि0मी0 से टेक्नोलॉजी सेंटर (देवगांव) तक पथ का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्ववाली सरकार की तीन योजनाओं की तीन जगहों पर खिजरसराय, आरा और पटना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिल रहा है। यहां 170 करोड़ की योजनावली प्रौद्योगिकी केंद्र का शिलान्यास कर काफी खुशी हो रही है। इस प्रौद्योगिकी केंद्र के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमीन उपलब्ध कराई थी। पहले एम०एस०एम०ई० मंत्रालय को लोग ठीक से जानते भी नहीं थे, लेकिन नरेंद्र मोदी की सरकार के दौरान इस विभाग में काफी काम हुये हैं। जीतन राम मांझी जी ने भी इस विभाग के मंत्री रहते हुए काफी कार्य किए हैं। बिहार में वर्ष 2022 में एम०एस०एम०ई० की संख्या 6 लाख ही थी जो अब बढ़कर 46 लाख से अधिक हो गयी है। इसमें 1 करोड़ 87 लाख लोगों को सीधा रोजगार प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बदल रहा है। राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने बिजली, सड़क, हर घर नल का जल सहित कई क्षेत्रों में विकास के कार्य किए। जीविका दीदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा। राज्य में बिजली क्रांति आई। जहां वर्ष 2005 तक 17 लाख परिवारों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध था। वहीं आज 2 करोड़ 22 लाख परिवार को सीधे बिजली कनेक्शन मिला हुआ है। इस देश में सबसे सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति करनेवाला राज्य बिहार है। हमलोग अपने उपभोक्ताओं को 23 हजार करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी दे रहे हैं। सभी लोगों को 125 यूनिट बिजली फ्री दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कल ही हमने पी०एम० सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की है जिससे गरीब भाई-बहनों को काफी फायदा होगा और इससे सोलरयुक्त बिजली को बढ़ावा मिलेगा। जिनके यहां सोलरयुक्त बिजली उत्पादन होगी 125 यूनिट के बाद 126वीं यूनिट से उस बिजली का पैसा भी उनके खाते में जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी जी ने जी०एस०टी० लागू की। जी०एस०टी० के लागू होने से आर्थिक क्षेत्र में काफी लाभ हो रहा है। जैसे ही उपभोक्ता कोई सामान खरीदता है वैसे ही देश की अर्थव्यवस्था में सीधा अपना योगदान देता है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ा है। हम लोगों का सपना है बिहार समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। बिहार की समृद्धि के लिए उद्योग के क्षेत्र में तेजी से काम करना होगा और प्रशासनिक तंत्र को दृढ़ता के साथ कार्य करना होगा। बिहार को आगे ले जाना है तो 24 घंटे में 20 घंटे काम करना होगा। क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से किसी प्रकार समझौता नहीं होगा। हमने पुलिस को कह दिया है कि जो अपराधी पुलिस को चैलेंज करेगा उसे 48 घंटे के अंदर जवाब दें। अपराधियों का गयाजी में पिंड दान होगा या जेल में रहेंगे। ढेर सारे अपराधी बिहार छोड़कर चले गए हैं जो बचे हुए हैं उनका पता बताइए, उनपर तुरंत कार्रवाई होगी। भ्रष्टाचार से लड़ना है, न खाना है न किसी को खाने देना है। जब सभी लोग मिलकर काम करेंगे तो बिहार समृद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल सहयोग शिविर का आयोजन है। हमने व्यवस्था कर दी है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए आवेदन देते हैं तो 10 दिन में समाधान नहीं होता है तो 11वें दिन संबद्ध पदाधिकारी को पहला नोटिस जाएगा। 20 दिन में नहीं करते हैं तो 21वें दिन दूसरा नोटिस जाएगा, 25 दिन में नहीं होता है तो 26वें दिन तीसरा नोटिस जाएगा और 30 दिन में आवेदन का निष्पादन नहीं करेगा तो 31वें दिन निलंबन का नोटिस जाएगा। आम लोगों की समस्या का समाधान हर हालत में करना है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग को धन्यवाद देते हैं कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। उद्योग विभाग में उद्योग लगाने के लिए जो आवेदन करेंगे अगर क्लीयरेंस नहीं होता है तो 31 वें दिन मुख्यमंत्री के आदेश से परमिट मिल जाएगा। हम बिहार की जनता के लिए तथा बिहार की समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बिहार समृद्ध होगा तो लोगों के बीच खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि हमने व्यवस्था कर दी है कि सभी सामाजिक पेंशनधारियों को हर महीने की 10 तारीख को उनके खाते में पेंशन की राशि चली जाएगी। 1 करोड़ 81 लाख बहनों के खाते में रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार की राशि भेजी जा चुकी है। 20 लाख रोजगार करनेवाली बहनों को चिह्नित कर उनके खाते में दूसरी किस्त की राशि भेजी जाएगी और जो भी बची हुई बहनें हैं उनके खाते में भी 10-10 हजार की राशि भेजी जाएगी। हम लोगों की कोशिश है कि जिस दिन प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री बिहार आएंगे, उस दिन इस कार्य को मूर्त रूप दिया जाएगा। सबका साथ, सबका विकास के लिए हमलोग कार्य कर रहे हैं। 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं। सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। इन स्कूलों
में ऐसी शिक्षा की गुणवत्ता होगी कि नेता और अफसर के बच्चे भी इसमें पढ़ेंगे। उस दिन मेरा सपना पूरा होगा। कहा कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को खिजरसराय और अतरी को मुख्यधारा में लाने के लिए धन्यवाद देते हैं। हम भगवान श्रीराम के वंशज लव-कुश हैं। माता सीता के श्राप से फल्गू नदी को मुक्त कराएंगे। इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाण सागर समझौता से प्राप्त पानी को हर हालत में फल्गू नदी में लाने का काम किया जाएगा। खिजरसराय में अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम खोलने के लिए 40 एकड़ जमीन राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि हमें 14 करोड़ बिहारियों की जिम्मेवारी मिली है। बिहारी देश में विभिन्न पदों पर तथा विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए देश की प्रगति में अपना योगदान दे रहे हैं। हम बिहार में ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि बिहारी लौटकर बिहार आएंगे और बिहार को सुंदर एवं समृद्ध बनाने में अपना योगदान देंगे। 170 करोड़ रुपये लागत की प्रौद्योगिकी केंद्र का शिलान्यास किया गया है। इसके बगल में सड़क, स्टेडियम बनाया जाएगा।

‘न सोना है, न सोने देना है’, 90% अपराधी भागे; CCC के खिलाफ सम्राट का अभियान

गया जिले के खिजरसराय में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, सुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए अब आराम का समय समाप्त हो गया है। दूसरे राज्यों से 15 साल का अंतर खत्म करने के लिए 24 घंटे में 20 घंटे काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता के खिलाफ सरकार की लड़ाई जारी रहेगी तथा तय समय सीमा में जनता के कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कहा कि यह उनके लिए हर्ष का विषय है कि एक ही दिन में गया में टेक्नोलॉजी सेंटर, आरा में एक्वा पार्क और पटना में डेयरी क्षेत्र से जुड़े एक कार्यालय का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि बिहार को लगातार विकास परियोजनाओं की सौगात मिल रही है
बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी। पहले बिहार में एमएसएमई क्षेत्र में सीमित काम होता था, लेकिन पिछले चार वर्षों में इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की संख्या छह लाख से बढ़कर 47 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बिहार में विकास नहीं होने की बात करते हैं, जबकि आंकड़े खुद इसकी सच्चाई बता रहे है।

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि बिहार को बदलने के लिए भ्रष्टाचार से लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति साफ है—न खाना है और न किसी को खाने देना है। क्राइम, कम्यूनलिज्म और करप्शन को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है। सुशासन तभी स्थापित होगा जब अपराधियों का या तो पिंडदान गयाजी में होगा या वे गया जेल में रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत अपराधी बिहार छोड़ चुके हैं और जो बचे हैं, उनके खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि किसी भी चुनौती का जवाब 48 घंटे के भीतर दिया जाए।

प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सहयोग कार्यक्रम में आने वाले आवेदनों पर 10 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को 11 वें दिन नोटिस दिया जाएगा। 21 और 25 दिनों पर क्रमशः दूसरा और तीसरा नोटिस जारी होगा। यदि 30 दिनों में भी काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया जाएगा।उन्होंने यह भी घोषणा की कि उद्योग लगाने के लिए यदि 30 दिनों में एनओसी जारी नहीं हुई तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर स्वतः एनओसी प्रदान कर दी जाएगी। कहा कि जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नए कॉलेज खोले जा रहे हैं। साथ ही सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं। इन स्कूलों में रात आठ बजे तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी ताकि विद्यार्थियों की निजी कोचिंग पर निर्भरता कम हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फल्गु नदी के पुनर्जीवन के लिए सरकार गंभीर है। इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाणसागर समझौते के तहत उपलब्ध जल को फल्गु नदी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने क्षेत्र में खेल स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा करते हुए कहा कि यदि 30 से 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाती है तो बिहार सरकार आधुनिक खेल स्टेडियम बनाने के लिए तैयार है।

 

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के करीब एक करोड़ लोग देश के विभिन्न हिस्सों में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपने राज्य लौटकर विकसित बिहार के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि बिहार की प्रतिभा पूरे देश में अपनी पहचान बना चुकी है और अब समय है कि इसी क्षमता का उपयोग राज्य के विकास में किया जाए।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि  अतरी में स्थापित टेक्नोलॉजी सेंटर को बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण संस्थान बताते हुए कहा कि यहां हजारों युवक-युवतियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कभी जिस इलाके को लोग जंगल कहकर उपेक्षित मानते थे, आज वहीं विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।

राष्ट्रीय गीत बजा तो सब खड़े हुए, लेकिन मंच पर बैठे रहे गया के 2 पूर्व MP और 1 पूर्व MLA, नहीं छोड़ी अपनी कुर्सी

गया जिले के खिजरसराय प्रखंड में एमएसएमई विभाग द्वारा प्रस्तावित टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग सेंटर के भूमि पूजन समारोह के दौरान राष्ट्रीय गीत के बजाए जाने पर गया के 2 पूर्व सांसद और 1 पूर्व विधायक अपनी कुर्सी पर हीं बैठे दिखे।बिहार मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत बजाया गया ।उस समय मंच पर उपस्थित लोग सम्मान में खड़े हो गए, वहीं मंच पर मौजूद गया के दो पूर्व सांसद और एक पूर्व विधायक अपनी कुर्सी पर हीं जमे रहे।

गया के पूर्व सांसद रामजी मांझी, हरि मांझी तथा अतरी विधानसभा के पूर्व विधायक कृष्णनंदन यादव मंच पर निर्धारित सीटों पर बैठे थे। राष्ट्रीय गीत शुरू होते ही मंच पर मौजूद सभी लोग खड़े हो गए, लेकिन ये तीनों जनप्रतिनिधि बैठे हुए दिखाई दिए।

एमएसएमई विभाग के इस कार्यक्रम में टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग सेंटर की आधारशिला रखे जाने की तैयारी की गई थी। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं और कार्यक्रम के लिए भव्य मंच भी तैयार किया गया था।सीएम के आगमन के पूर्व मंच पर राष्ट्रीय गीत बजाया गया।


जिसमें तीन जनप्रतिनिधि अपनी कुर्सी पर हीं बैठे दिखे।

विशेष रूप से सरकारी, आधिकारिक या स्कूल कार्यक्रमों में गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, ऐसे औपचारिक आयोजनों में राष्ट्रीय गीत या राष्ट्रगान बजाने या गायन पर खड़ा होने का प्रोटोकॉल है।

असम विमान हादसे में शहीद लेफ्टिनेंट शुभम को गया में दी गई अंतिम विदाई, एयरफोर्स जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर

असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के विमान दुर्घटनाग्रस्त में शहीद हुए जहानाबाद जिले के लेफ्टिनेंट शुभम का रविवार को गया के विष्णुपद श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के मौके पर बड़ी संख्या में लोग और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। 13 जून को भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें लेफ्टिनेंट शुभम शहीद हो गए थे।उनके पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया गया जहां से अंतिम संस्कार के लिए गया लाया गया। जहां विष्णुपद श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

“टिकट” वालों की छूटी ट्रेन, खिड़की से घुसे परीक्षार्थी, गया जंक्शन पर मचा घमासान

रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी तथा बिहार पुलिस मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा समाप्त होने के बाद रविवार को गया रेलवे जंक्शन पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।भीड़ इतना ज्यादा था कि पूरा प्लेटफार्म खचाखच भीड़ से भर गया। घर लौटने के लिए बड़ी संख्या में परीक्षार्थी स्टेशन पहुंच गए, जिससे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ की टीम लगातार माइकिंग करती रही और यात्रियों से शांति बनाए रखने की अपील करती रही। इसके बावजूद ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही अभ्यर्थी सीट पाने के लिए टूट पड़े। कई कोचों में इतनी भीड़ हो गई कि यात्री दरवाजों से प्रवेश नहीं कर सके। कुछ अभ्यर्थी इमरजेंसी खिड़कियों के रास्ते अंदर घुसकर सीट कब्जा करने की कोशिश करते दिखें।

स्थिति ऐसी हो गई कि जिन यात्रियों ने पहले से आरक्षित टिकट ले रखा था, वे भी अपने कोच तक नहीं पहुंच सके। जनशताब्दी एक्सप्रेस से गया से पटना जाने वाली एक महिला यात्री ने बताया कि रिजर्वेशन होने के बावजूद वह ट्रेन में नहीं चढ़ सकीं। उन्होंने इसे रेलवे प्रशासन और सरकार की व्यवस्था की विफलता बताते हुए कहा कि पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए थी।