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100 फास्ट ट्रैक कोर्ट, 7 मिनट में पुलिस रिस्पॉन्स और हर महीने सहयोग शिविर,सीएम सम्राट चौधरी ने किए बड़े ऐलान

बोधगया में नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य में 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को पटना में राज्य स्तरीय सहयोग शिविर आयोजित होगा। इसमें उन लोगों की शिकायतों पर सुनवाई होगी, जिनके आवेदनों का निस्तारण प्रखंड स्तर पर हो चुका है, लेकिन वे फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं, पहले और तीसरे मंगलवार को प्रखंड स्तर पर सहयोग कार्यक्रम जारी रहेगा तथा 30 दिनों में आवेदन का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में कानून का राज और मजबूत होगा। न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के बेहतर समन्वय से समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानूनों के क्रियान्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। राज्य के थानों को आधुनिक संसाधनों, सीसीटीवी, डिजिटल उपकरणों और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था से सुसज्जित किया जा रहा है। फॉरेंसिक लैब और मोबाइल फॉरेंसिक वैन की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि 112 आपातकालीन सेवा का औसत रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट से घटाकर 7–8 मिनट करने का लक्ष्य तय किया गया है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्पीडी ट्रायल, फास्ट ट्रैक कोर्ट और समयबद्ध न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से बिहार में सुशासन और कानून का राज और अधिक मजबूत होगा।

फर्जी नौकरी का जाल बेनकाब: सीएचसी में भर्ती का सपना दिखाकर ठगी की साजिश, दो शातिर दबोचे

गया जिले के बोधगया में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं को जाल में फंसाने वाले गिरोह की एक और करतूत सामने आई है। बोधगया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फाइल मेंटेनेंस के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये ऐंठने की कोशिश कर रहे दो युवकों को डायल-112 पुलिस ने रंगेहाथ हिरासत में ले लिया। आरोपियों के पास से बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के नाम का एक संदिग्ध फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है।

हिरासत में लिए गए दोनों युवक मधेपुरा जिले के खालपाड़ा थाना क्षेत्र के बाभनगामा गांव के रहने वाला हैं। वहीं पीड़ित युवक कैमूर जिले का निवासी है और वर्तमान में महाराष्ट्र के कल्याण में निजी कंपनी में कार्यरत है। उसे एक निजी एजेंसी के माध्यम से सीएचसी बोधगया में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था।
पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 1,160 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद जॉइनिंग के बाद 35 हजार रुपये देने की शर्त रखी गई और बदले में 22 हजार रुपये मासिक वेतन वाली सरकारी नौकरी का दावा किया गया। निर्धारित तिथि पर जब पीड़ित सीएचसी पहुंचा और अस्पताल कर्मियों से जानकारी ली, तब उसे पूरे मामले पर संदेह हुआ। उसने तत्काल डायल-112 को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। तलाशी के दौरान बरामद फर्जी पहचान पत्र की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं और क्या इससे पहले भी युवाओं को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया गया है। संबंधित एजेंसी की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गया में 51 लाख की जमीन ठगी का खुलासा: फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने का झांसा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

गया जिले के बोधगया थाना पुलिस ने जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर 51 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
गया एसएसपी सुशील कुमार ने गुरुवार शाम 6 बजे प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वादी ने लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि विपिन कुमार ने भूमि बेचने का भरोसा दिलाकर उससे 51 लाख रुपये ले लिए।
बाद में जांच के दौरान सामने आया कि जमीन से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार कर बिक्री का झूठा आश्वासन दिया गया और वादी के साथ धोखाधड़ी की गई।
शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए बोधगया थाना पुलिस ने आरोपी विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।

बांकेबाजार अश्लील वीडियो कांड का मास्टरमाइंड मो. रेहान पटना में किया सरेंडर

गया के बांकेबाजार थाना क्षेत्र में मो.रेहान मोमोज और मोबाइल का दुकान चलाता था।दुकान पर आई नाबालिक लड़कियों को अपने झांसे में लेकर दुष्कर्म करने और फिर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया वायरल करने का काम किया करता था।अब तक दर्जनों नाबालिक लड़कियों के साथ दुष्कर्म कर उसका वीडियो बनाया है।जिसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है।नाबालिक लड़की के भाई को जब वायरल वीडियो की जानकारी हुई।जिसके बाद मो.रेहान के विरुद्ध बांकेबाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।प्राथमिकी दर्ज होते हीं वह फरार हो गया। मामला 29 जून को प्रकाश में आया।बांकेबाजार थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

गया एसएसपी सुशील कुमार ने गुरुवार को बताया कि बांकेबाजार थाना क्षेत्र में नाबालिक लड़कियों से दुष्कर्म कर वीडियो वायरल मामले का मुख्य अभियुक्त मो.रेहान की गिरफ्तारी के लिए गया पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही थी।दिल्ली,इलाहाबाद से लेकर जहां जहां उसकी सूचना मिली थी छापेमारी की गई।पटना के फुलवारीशरीफ थाना में मुख्य आरोपी मो.रेहान ने आत्मसमर्पण किया है।गया पुलिस की टीम रवाना हो गई है।वहां से लाकर गया कोर्ट में पेश किया जाएगा।लगातार छापेमारी की जा रही थी।एक अच्छी सफलता है

सुशील कुमार, एसएसपी गया
Bihar News: मॉर्निंग वॉक बनी आखिरी सफर! गया में तेज रफ्तार कार ने 65 वर्षीय महिला को रौंदा, मौके पर मौत

जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।कार को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। मानपुर थाना क्षेत्र के नौरंगा मोड़ स्थित फोरलेन मुख्य मार्ग पर यह हादसा हुआ। नौरंगा गांव निवासी देववंती देवी (65 वर्ष), पति रामदेव साहू रोज की तरह गुरुवार सुबह टहलने के लिए घर से निकली थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक अनियंत्रित कार ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया है।साथ ही दुर्घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।

गया में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदातः सगे फूफा ने मूक-बधिर किशोरी से दुष्कर्म के बाद की हत्या,हुआ गिरफ्तार

गया के अतरी थाना क्षेत्र में 13 वर्षीय विक्षिप्त एवं मूक-बधिर किशोरी से दुष्कर्म के बाद हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने मृतका के सगे फूफा मनोज मांझी को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले में स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

घटना 21 जून की देर रात की है। आरोपी मनोज मांझी अपने साले के घर आया था। आरोप है कि रात करीब दो बजे, जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे, वह किशोरी को घर से उठाकर खेत के बधार में ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद पहचान उजागर होने के डर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।अगले दिन 22 जून को नाबालिक का शव मिलते हीं पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।घटना की रात से हीं मनोज मांझी अपने घर से गायब था।अगले दिन वह वापस आया और घटना से पूरी तरह अनजान बनने का नाटक किया।पुलिस की दबिश बढ़ने के बाद वह फरार हो गया जिससे परिजनो का शक और गहरा गया।आरोपी मनोज मांझी को गया रेलवे जंक्शन से गिरफ्तार किया गया है

NEET सॉल्वर गैंग पर मगध मेडिकल कॉलेज ने लिया एक्शन, 2 छात्र सस्पेंड,कैंपस-हॉस्टल में नो एंट्री

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज ने NEET परीक्षा फर्जीवाड़े में नाम आने के बाद अपने दो छात्रों के खिलाफ कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। दोनों छात्रों को अगले आदेश तक निलंबित करते हुए कॉलेज कैंपस, हॉस्टल और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अदालत का अंतिम फैसला आने तक यह कार्रवाई प्रभावी रहेगी।

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने NEET परीक्षा फर्जीवाड़े में कथित संलिप्तता के आरोप में छात्र अर्पित सिंह और विवेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों छात्रों को कॉलेज परिसर, हॉस्टल और सभी शैक्षणिक गतिविधियों से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन पर हालिया NEET परीक्षा में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने (सॉल्वर) का आरोप है, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में माननीय न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक दोनों छात्रों का निलंबन जारी रहेगा। इस अवधि में उन्हें किसी भी परिस्थिति में कॉलेज परिसर या हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कॉलेज की प्राचार्य डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने बताया कि दोनों छात्रों का नाम सामने आने के बाद उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद किसी भी छात्र ने कॉलेज प्रशासन को कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनके प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।

जानकारी के अनुसार, NEET परीक्षा के दौरान दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने वाले गिरोह की जांच में दोनों छात्रों की कथित भूमिका सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में CBI की टीम भी मगध मेडिकल कॉलेज पहुंची थी और आरोपी छात्र अर्पित सिंह से मामले में लंबी पूछताछ की थी।

गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने आरोपी के हॉस्टल कमरे की तलाशी ली, जहां से एक टैबलेट सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। इन सामग्रियों की जांच एजेंसियां गहन पड़ताल कर रही हैं।

गया महिला थानाध्यक्ष खुशबू कुमारी निलंबित, एफआईआर दर्ज नहीं करने पर आईजी विकास वैभव की बड़ी कार्रवाई

प्राथमिकी दर्ज नहीं करने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में गया महिला थाना की थानाध्यक्ष खुशबू कुमारी के खिलाफ मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने बड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर गया पुलिस केंद्र मुख्यालय में योगदान देने का आदेश दिया गया है। आवेदिका मनीषा कुमारी ने शिकायत की थी कि ससुराल वालों ने उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार कर घर से निकाल दिया। आरोप है कि मामले में महिला थानाध्यक्ष ने ससुराल पक्ष से प्रभावित होकर एफआईआर दर्ज नहीं की। इतना ही नहीं, पीड़िता को गया में मामला दर्ज करने के बजाय जमशेदपुर जाकर प्राथमिकी दर्ज कराने की सलाह दी गई।
मामले की जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही और मनमाने रवैये की पुष्टि होने पर आईजी ने तत्काल अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया।

गया कॉलेज में महिला प्रोफेसर से कथित मारपीट का मामला: सहायक प्राध्यापक शिवजी पांडेय पर एफआईआर, लंबे समय से प्रताड़ना का आरोप

गया कॉलेज में महिला सहायक प्राध्यापक के साथ कथित मारपीट का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। इस मामले में सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता आर्या ने रामपुर थाना में सहायक प्राध्यापक शिवजी पांडेय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्राथमिकी में डॉ. संगीता आर्या ने आरोप लगाया है कि दिसंबर 2025 में संस्कृत विभाग में सहायक प्राध्यापक के रूप में शिवजी पांडेय की नियुक्ति होने के बाद से ही उनके साथ लगातार अभद्र व्यवहार, मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक रवैया अपनाया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार कॉलेज के प्राचार्य से शिकायत भी की गई, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा डांट फटकार कर भगा दिया गया।
डॉ. संगीता आर्या के आवेदन पर सहायक प्राध्यापक शिवजी पांडेय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई।

 

बोधगया में मॉनेस्ट्री की छत से गिरा बौद्ध भिक्षु, जीवक क्लीनिक की एम्बुलेंस ने दिखाई तत्परता

बोधगया स्थित वट पा बौद्ध मॉनेस्ट्री में मंगलवार की देर रात एक बौद्ध भिक्षु के साथ बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, भिक्षु रात में मॉनेस्ट्री की छत पर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह छत से नीचे गिर पड़े, जिसमें उन्हें गंभीर रूप से घायल हो गया है।
घटना के बाद मॉनेस्ट्री के सदस्यों ने बोधगया के जीवक क्लीनिक को सूचना दी। सूचना मिलते ही जीवक क्लीनिक की अत्याधुनिक एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल भिक्षु को प्राथमिक सहायता देते हुए बेहतर इलाज के लिए गया ले जाया गया। फिलहाल उनका इलाज गया के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

जीवक क्लीनिक द्वारा लंबे समय से बोधगया में निःशुल्क होमियोपैथी क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। यहां गया जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। इसके साथ ही क्लीनिक की अत्याधुनिक एम्बुलेंस आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।