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परैया थाना से फरार नाबालिग की रेल पटरी पर मिली लाश, मचा हड़कंप

गया जिले के परैया थाना की पुलिस अभिरक्षा से मंगलवार सुबह फरार हुए 13 वर्षीय नाबालिग की मौत हो गई। थाना से भागने के कुछ ही समय बाद उसका क्षत-विक्षत शव प्रभुआ गांव के समीप गया–डीडीयू रेलखंड पर मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि सोमवार को मध्य बिहार ग्रामीण बैंक, परैया में एक व्यक्ति के झोले से नकदी चोरी के आरोप में नाबालिग को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था। उसे पूछताछ के लिए थाना में रखा गया था, लेकिन मंगलवार सुबह वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर ही रही थी कि प्रभुआ गांव के पास रेल पटरी पर एक बच्चे का शव मिलने की सूचना मिली, जिसकी पहचान फरार नाबालिग के रूप में हुई।
घटना के बाद टिकारी एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल और सर्किल इंस्पेक्टर ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नाबालिग की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटना ने पुलिस अभिरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गया एयरपोर्ट पर हाईजैक अलर्ट? सुरक्षा एजेंसियां अचानक हुईं एक्टिव, मॉक ड्रिल ने परखी तैयारियां

यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गया हवाई अड्डे पर मंगलवार को विमानपत्तन समिति की बैठक के साथ एंटी हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज किया गया। अचानक सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और हाईजैकिंग जैसे संवेदनशील विषय पर हुए अभ्यास ने कुछ देर के लिए उत्सुकता और संशय का माहौल बना दिया। हालांकि यह पूरी कार्रवाई किसी वास्तविक खतरे के बजाय सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को परखने के लिए नियमित अभ्यास का हिस्सा था।
बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), जिला प्रशासन, बिहार पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एयरलाइन ऑपरेटर और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान हाईजैकिंग जैसी आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली त्वरित कार्रवाई, समन्वय और सुरक्षा प्रोटोकॉल की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के बाद आयोजित एंटी हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज में सीआईएसएफ के साथ बिहार पुलिस की एटीएस टीम ने भी हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, त्वरित प्रतिक्रिया और आपातकालीन व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
जिला प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी आदित्य कुमार पीयूष ने समिति की बैठक और मॉक एक्सरसाइज की अध्यक्षता की। वहीं, विमानपत्तन निदेशक अवधेश कुमार ने सफल आयोजन पर सभी विभागों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारी को मजबूत बनाते हैं।

फतेहपुर में जंगल से भटककर पहुंचे दो हाथी, ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट

गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के गन्नी पिपरा गांव के समीप जंगल से भटककर दो हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। हाथियों के आबादी वाले इलाके के नजदीक दिखाई देने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुटने लगे। हालांकि राहत की बात यह है कि समाचार लिखे जाने तक हाथियों ने किसी व्यक्ति या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है।

ग्रामीणों के अनुसार दोनों हाथी संभवतः अपने झुंड से बिछड़ गए हैं और रास्ता भटककर गांव के समीप पहुंच गए हैं। इस दौरान कुछ बच्चे और ग्रामीण हाथियों को देखने के लिए उनके करीब जाने और शोर-शराबा करने लगे, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना होने की आशंका बढ़ गई।

घटना की सूचना तत्काल गुरपा वन क्षेत्र के वन रेंजर रजनीश कुमार और फतेहपुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। वन रेंजर रजनीश कुमार ने बताया कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर भेजने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए स्थानीय लोगों से सहयोग करने की अपील भी की गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2016 में भी फतेहपुर क्षेत्र में हाथियों का एक झुंड पहुंचा था। उस समय हाथियों ने कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसी घटना को याद कर इस बार भी लोगों में भय और चिंता का माहौल है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के पास जाने, उन्हें उकसाने, फोटो या वीडियो बनाने के लिए नजदीक जाने तथा किसी प्रकार का शोर-शराबा करने से बचें। साथ ही बच्चों को हाथियों से दूर रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

गया-डोभी मुख्य सड़क मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, बाइक की आमने –सामने हुई टक्कर,एक की मौत, तीन गंभीर घायल

गया-डोभी मुख्य सड़क मार्ग पर हड्डी फैक्ट्री के समीप रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो बाइकों की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतना भीषण था कि एक बाइक सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गया भेजा गया है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। समाचार लिखे जाने तक मृतक और घायलों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है।

शराब के है शौकीन? गया के इस बाजार में खुलेआम बिक रही देशी महुआ शराब,शराब के शौकीनों की लगती है महफिल!

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद गया–बोधगया मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित खिरियावां साप्ताहिक बाजार में खुलेआम देशी महुआ शराब की बिक्री और सेवन किया जा रहा है। प्रत्येक शुक्रवार को लगने वाले इस बाजार में दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। यहां पशुओं की खरीद-बिक्री के साथ-साथ सब्जियां, फल, अनाज, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य सामान भी उपलब्ध हैं। लेकिन इन्हीं दुकानों और बाजार के पीछे खुलेआम महुआ शराब खुलेआम बेची जा रही है।जिसका वीडियो सामने आया है।
बाजार में दिन के उजाले में ही महुआ शराब परोसी जाती है और लोग बिना किसी भय के उसका सेवन करते नजर आ रहे हैं। इस अवैध कारोबार में महिलाओं के साथ-साथ नाबालिग बच्चों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यह वीडियो बिहार में शराबबंदी है तो यह बिहार की शराबबंदी नीति और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बाजार में प्रत्येक शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटती है, इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार जारी रहना प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठाता है।

“थाना परिसर से ही गायब हुई जब्त बाइक! कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला वाहन, विधायक ने आईजी से जांच की मांग”

बोधगया यातायात थाना परिसर से जब्त एक मोटरसाइकिल के कथित रूप से गायब होने का मामला सामने आया है। बिहार विधानसभा में विरोधी दल के मुख्य सचेतक एवं बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मगध प्रक्षेत्र के आईजी को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

विधायक ने अपने पत्र में बताया है कि बोधगया यातायात थाना कांड संख्या 32/24 के तहत जब्त की गई पैशन प्रो मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन संख्या BR02AU-5066) को 22 नवंबर 2024 को विधिवत जब्ती सूची बनाकर थाना परिसर में रखा गया था। बाद में गया के एसीजेएम-4 कोर्ट ने वाहन को मुक्त करते हुए वाहन स्वामी को सुपुर्द करने का आदेश दिया। इसके बावजूद न्यायालय के आदेश के लगभग आठ महीने बाद भी वाहन मालिक को उसकी बाइक नहीं मिल सकी।

आरोप है कि वाहन स्वामी ने कई बार थाना पहुंचकर अपनी मोटरसाइकिल की मांग की, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। बाद में बताया गया कि बाइक थाना परिसर में मौजूद नहीं है। संबंधित पुलिस पदाधिकारियों द्वारा भी वाहन के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने से वाहन के थाना परिसर से ही गायब होने की आशंका और गहरा गई है।
विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि यदि पुलिस अभिरक्षा में रखा गया वाहन ही सुरक्षित नहीं है तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आईजी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए न्यायालय के आदेश के अनुरूप वाहन मालिक को उसका वाहन उपलब्ध कराने तथा लापरवाही या अनियमि

तता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

थाना परिसर से जब्त बाइक का गायब होना बोधगया पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़ा करता है।आखिर पुलिस अभिरक्षा में बाइक गायब कैसे हो गई।

 

रिपोर्ट:- सुदीप्तो नाग

गया में खटकाचक मोड पर अनियंत्रित कार ने युवक को रौंदा,मौके पर हुआ मौत

गया के विष्णुपद थाना क्षेत्र के खटकाचक मोड पर मंगलवार को तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने एक युवक को रौंद दिया।युवक वहां पर मोमो खा रहा था।तभी अनियंत्रित कार ने रौंद डाला।जिसमे युवक की मौके पर हीं मौत हो गई।मृतक की पहचान रामप्रवेश प्रजापति के रूप में हुई है जो टीवी मैकेनिक का कार्य करता था।टक्कर इतना जबरदस्त था कि युवक को काफी दूर तक घसीटते हुए एक दुकान में जा घुसा।बताया जा रहा है कि मृतक अपनी स्कूटी खड़ा कर मोमो खा था था तभी झारखंड नंबर वेन्यू कार ने जोरदार टक्कर मार दी।जिसमे स्कूटी का परखच्चे उड़ गए।घटना के वक्त अफरातफरी का माहौल हो गया।वहीं कार में बैठे सभी लोग कार छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क जाम कर दिया।सड़क जाम की सूचना पर विष्णुपद थाना पुलिस और टाउन डीएसपी सरोज कुमार साह मौके पर पहुंचे।काफी आश्वासन के बाद सड़क जाम हटाया गया।वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है।

जयमाला में दूल्हे की हरकत बनी शादी टूटने की वजह, दुल्हन ने कहा- नहीं करूंगी विवाह

गया जिले के बोधगया के एक निजी होटल में एक शादी समारोह उस समय विवाद में बदल गया, जब जयमाला के दौरान दूल्हे के व्यवहार से नाराज दुल्हन ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों को बिना विवाह संपन्न किए ही अपने-अपने घर लौटना पड़ा।

लड़की पक्ष बिहार के आरा और लड़का पक्ष झारखंड के धनबाद का रहने वाला है। सुजाता बायपास रोड स्थित एक निजी होटल में सोमवार रात विवाह की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और जयमाला की रस्म चल रही थी। इसी दौरान दूल्हे ने अचानक दुल्हन को गोद में उठा लिया। इस हरकत से दुल्हन असहज हो गई और उसने इसका विरोध किया। परिजनों ने भी दूल्हे को मर्यादित व्यवहार करने की सलाह दी।
बताया जाता है कि समझाने पर दूल्हा नाराज हो गया और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया। होटल में मौजूद लोगों और प्रबंधन ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला तथा पुलिस को सूचना दी।

मामला बोधगया थाना पहुंचा,जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दी। दुल्हन ने दूल्हे के व्यवहार को विवाह योग्य नहीं बताते हुए शादी से इनकार कर दिया। अंततः बिना फेरे और बिना विवाह के ही दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

गुरारू में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बंदौल और क्रांति नगर गांव के बीच लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।शव मिलने की सूचना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह शव को देखा और इसकी सूचना गुरारू थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार शव के पास से कोई पहचान पत्र या अन्य ऐसा सामान नहीं मिला है, जिससे मृतक की पहचान हो सके।

गुरारू थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि बंदौल और क्रांति नगर गांव के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि मृतक की पहचान हो सके और उसके परिजन सामने आ सकें। पहचान होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

नीट यूजी पुनर्परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बनकर बैठा ANMMCH का MBBS छात्र गिरफ्तार, प्रिंसिपल बोलीं- ऐसे छात्रों से कॉलेज की छवि हो रही धूमिल

देशभर में 21 जून रविवार को आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे एक युवक को बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ा गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के यादव नगर निवासी अर्पित सिंह के रूप में हुई है, जो गया के ANMMCH में MBBS फाइनल ईयर का छात्र है।
परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसकी पहचान को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। जांच करने पर पता चला कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है, बल्कि किसी अन्य उम्मीदवार के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। छात्र का नाम कॉलेज रिकॉर्ड में अर्पित सिंह के नाम से दर्ज है। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो दिनों से अपने हॉस्टल से गायब था।

इस मामले पर ANMMCH की प्रिंसिपल डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि उन्हें पहली बार इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन छात्र के हॉस्टल तक गया था, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। उसके रूममेट से भी पूछताछ की गई, लेकिन उसे छात्र के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
प्रिंसिपल ने कहा कि गिरफ्तार छात्र का मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज पुलिस, आईबी और जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा दिया गया हैं। उन्होंने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से कॉलेज की प्रतिष्ठा और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।