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MLC बनाने का झांसा देकर शिक्षिका से कथित दुष्कर्म, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर 14.81 लाख की ठगी

गया की एक शिक्षिका को राजनीति में ऊंचा मुकाम दिलाने का सपना दिखाकर कथित तौर पर शोषण और ठगी का शिकार बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक साथी शिक्षक ने पहले उसे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी बनवाने का भरोसा दिलाया, फिर नशीला पदार्थ देकर उसका यौन शोषण किया और अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठ लिए। कोर्ट के आदेश पर अब कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

चाकंद क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित शिक्षिका ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसकी पहचान बक्सर निवासी शिक्षक प्रकाश से हुई थी। प्रकाश ने उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा और दावा किया कि उसकी पहुंच राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी ऊपर तक है। उसने शिक्षिका को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी बनवाने का भरोसा दिलाया और इसी बहाने उसे अपने संपर्क में रखा।

शिकायत के अनुसार फरवरी 2024 में संघ की बैठक के नाम पर शिक्षिका को वाराणसी बुलाया गया। वहां संगठन की जरूरतों का हवाला देते हुए उससे 1.50 लाख रुपये मांगे गए। भरोसा कर वह नकदी लेकर वाराणसी पहुंची। आरोप है कि होटल में ठहराने के बाद उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसी दौरान उसके साथ यौन शोषण किया गया और सहयोगियों की मदद से आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया गया।

पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद विरोध करने पर उसे जान से मारने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। इसके बाद लगातार उसे ब्लैकमेल किया जाता रहा। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी उसे अलग-अलग जगहों पर बुलाकर दबाव बनाते रहे और इसी दौरान उससे करीब 14 लाख 81 हजार रुपये वसूल लिए गए। इस घटनाक्रम से वह मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुई है।

इस मामले में न्यायालय के निर्देश के बाद कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बक्सर निवासी प्रकाश, गंगाराम और कृष्णा को नामजद आरोपी बनाया है। कोतवाली थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की जांच की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर कुमारी मनीषा सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बोधगया में फायर विभाग का एक्शन! होटल-अस्पतालों की जांच, 7 दिन में फायर ऑडिट नहीं तो होगी कार्रवाई

दिल्ली और मुजफ्फरपुर में अगलगी की घटना के बाद फायर विभाग अलर्ट मोड में है। बोधगया में अग्नि सुरक्षा को लेकर अग्निशमन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न होटल एवं अस्पतालों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी ऑडिट जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठान ऐसे पाए गए, जहां अब तक फायर ऑडिट नहीं कराया गया था। विभाग ने ऐसे संस्थानों को सात दिनों के अंदर फायर ऑडिट कराने का निर्देश दिया है।

जांच अभियान का नेतृत्व अनुमंडल अग्निशमालय पदाधिकारी विनोद कुमार ने किया। उनके साथ सब ऑफिसर अनंत कुमार, अग्निक अंजनी कुमारी, अग्निक धर्मेंद्र पाल तथा अग्निक चालक नीरज कुमार भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान टीम ने अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। होटल और अस्पताल प्रबंधन को आग से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह भी दी।

अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित सात दिनों की अवधि में फायर ऑडिट नहीं कराने वाले संस्थानों की सूची जिला अग्निशमन पदाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट– सुदीप्तो नाग

निरीक्षण करते फायर अधिकारी
चलती ट्रेन में मां से बिछड़ी 2 साल की नन्ही बच्ची, गया जंक्शन पर RPF ने किया रेस्क्यू; ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ बना सहारा

कभी-कभी कुछ क्षणों की लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, लेकिन समय पर की गई सतर्कता एक मासूम की जिंदगी को सुरक्षित भी कर देती है। ऐसा ही एक भावुक मामला गया जंक्शन पर सामने आया। जहां चलती ट्रेन में अपनी मां से बिछड़ गई दो वर्षीय नन्ही बच्ची को RPF ने सुरक्षित रेस्क्यू किया है।

शेखपुरा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन में यात्रा के दौरान तिलैया स्टेशन पर एक महिला अपना सामान उतार रही थी। इसी बीच ट्रेन खुल गई और महिला प्लेटफॉर्म पर ही रह गई, जबकि उसकी करीब दो साल की बच्ची ट्रेन में ही छूट गई। बच्ची इतनी छोटी थी कि वह अपना नाम और परिजनों की कोई जानकारी नहीं बता पा रही थी।
ट्रेन के गया पहुंचते ही RPF अधिकारियों और जवानों ने बच्ची को रेस्क्यू किया है।RPF की टीम ने रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द किया है।

“राबड़ी परिवार को संविधान तोड़ने की आदत, इसी वजह से सत्ता से दूर है राजद” – मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी

बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व तथा कला, संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी अपने एक दिवसीय दौरे पर गया सर्किट हाउस पहुंचे। जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद एनडीए कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने राजद और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी और उनके परिवार के लोगों को संविधान के विपरीत कार्य करने की आदत पड़ गई है। वे केवल संविधान और बाबा साहेब के नाम की दुहाई देते हैं, लेकिन संविधान और व्यवस्थाओं का सम्मान नहीं करते।
मंत्री ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा बनाई गई संवैधानिक व्यवस्था के तहत हर पद और व्यक्ति के लिए अलग-अलग अधिकार और सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित है। यदि कोई विधायक या विधान पार्षद मंत्री या सांसद जैसी सुरक्षा की मांग करता है, तो यह संविधान और शासन-प्रशासन पर अविश्वास को दर्शाता है।कहा कि राजद नेताओं के व्यवहार का असर उनके कार्यकर्ताओं पर भी पड़ता है। उनके अनुसार, कार्यकर्ता गांवों में गरीब, शोषित, पीड़ित और वंचित लोगों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण के कारण ही राजद आज सत्ता से कोसों दूर है।

बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए के कुछ सहयोगी दलों को टिकट नहीं मिलने के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष को इस मामले में बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि एनडीए के अंदर किसी को नाराजगी है तो वह स्वयं अपनी बात रख सकता है। विपक्ष का इस विषय पर टिप्पणी करना “हसुआ के विवाह में खुरपी के गीत” जैसा है। उन्होंने विपक्ष की आलोचना को बेवजह की बयानबाजी बताते हुए कहा कि यह पूरी तरह राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश है।

रेलवे ट्रैक पर मिला शिक्षक का शव, दोनों पैर बंधे मिले; हत्या कर सबूत मिटाने की आशंका

गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में एक सरकारी शिक्षक की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। बेलागंज और चाकंद रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के समीप शिक्षक का शव मिलने के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। शव के दोनों पैर गमछे से बंधा मिला है।
रविवार सुबह रेलवे ट्रैक के किनारे एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की स्थिति संदिग्ध होने के कारण पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है।

मृतक की पहचान बुनियादगंज थाना क्षेत्र के अलीपुर गांव निवासी मोहम्मद खैरूउद्दीन (36 वर्ष) के रूप में हुई है। वह शिक्षा विभाग में शिक्षक थे और नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-48 स्थित पठान टोली प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने पहले शिक्षक की हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है

 

AIआधारित तस्वीर

गयाजी एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने पहुंचा RPF जवान, स्कैनर ने खोल दी पोल; बैग से मिले कारतूस

गयाजी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार को सुरक्षा जांच के दौरान एक RPF जवान के बैग से दो जिंदा कारतूस बरामद होने से हड़कंप मच गया। जवान इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली जाने की तैयारी में था, तभी स्कैनिंग के दौरान उसके बैग में संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।
सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत बैग की तलाशी ली, जिसमें दो जिंदा कारतूस मिले। इसके बाद जवान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। घटना की सूचना मगध मेडिकल थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम एयरपोर्ट पहुंची और मामले की जांच में जुट गई।
कारतूस जवान के निजी बैग से बरामद हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कारतूस बैग में कैसे पहुंचे और उन्हें ले जाने का उद्देश्य क्या था।

मगध मेडिकल थाना पुलिस ने जवान को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद कारतूसों की वैधता और उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

AI आधारित तस्वीर

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से ANMMCH की OPD ठप, घंटों भटकते रहे मरीज

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को ओपीडी सेवा ठप्प कर दी है।जिसके कारण अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने बताया कि हॉस्टल की जर्जर स्थिति, खराब सड़क, स्वच्छता की कमी, मेस की अव्यवस्था, पेयजल संकट और बिजली की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार प्रशासन को बताने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
मांगों के समर्थन में जूनियर डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए विभिन्न विभागों की ओपीडी सेवाओं को बाधित कर दिया। इसके कारण दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों को बिना उपचार लौटना पड़ा।

प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर्स

प्रदर्शन कर रही जूनियर डॉक्टर आर्या ने बताया कि छात्रों को हॉस्टल तक की व्यवस्था नहीं की गई।कई बार अस्पताल अधिक्षक के बाहर प्रदर्शन कर चुके है।सुबह से लेकर प्रदर्शन कर बैठे है।प्राचार्य के द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता है। ओपीडी बंद करा देना अच्छा नहीं लगता लेकिन मजबूर है।
23,24 बैच के छात्रों का मेस का बुरा है।जहां तहां बैठकर खाना खाना पड़ता है।खाने की सुविधा तक नहीं दी जाती। ऐसे में मरीजों को बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधा कैसे दे पाएंगे।शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे है।अगर मांग पूरी नहीं होगी तो अनिश्चितकालीन रखेंगे।

कॉलेज के प्राचार्य लता शुक्ला द्विवेदी ने बताया कि पुराना हॉस्टल टूटा है।गर्ल्स को किसी तरह ठहराया गया है।सुरक्षा को लेकर एक कमरे में 3 से 4 छात्राओं को ठहराया गया है।2022 से विभाग को लिखा गया है।जिसके कारण जूनियर डॉक्टरों आक्रोशित हो गए है।इंटर्न का कुछ हॉस्टल में जिसमे पास आउट के बाद भी अवैध रूप से कब्जा किए हुए है।जिसे प्रशासन के द्वारा हटाया जायेगा।हॉस्टल बनेगा तो मेस भी बनेगा।आम मरीजों को परेशानी हो रही है।कुछ मरीजों को इमरजेंसी में देखा जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी से बात कर इसे सुलझाया जाएगा।

महाबोधि मंदिर पहुंचे कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की कामना

 

बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने गयाजी प्रवास के दौरान विश्वप्रसिद्ध महाबोधि मंदिर पहुंचे।जहां गर्भगृह में भगवान बुद्ध के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस मौके पर उन्होंने शांति, सद्भाव, मानव कल्याण तथा बिहार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

महाबोधि मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के दौरान कृषि मंत्री ने भगवान बुद्ध के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी पूरी दुनिया को शांति, सह-अस्तित्व, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाने में प्रेरणास्रोत हैं।

मंत्री के मंदिर आगमन के दौरान बीटीएमसी सचिव डॉ महाश्वेता महारथी के द्वारा स्वागत किया गया तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया।साथ हीं कई भाजपा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मगध विश्वविद्यालय में NSS द्वारा निकाली गई प्रभात फेरी, वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस पर मगध विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने प्रभात फेरी निकालकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं वृक्षारोपण के प्रति जागरूक किया।
प्रभात फेरी विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण बचाने और हरियाली बढ़ाने से जुड़े नारे लगाए। स्वयंसेवकों ने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील की।
इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एनएसएस पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्रों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

खाते में 294 करोड़ 80 लाख रुपये देख युवक रह गया दंग, बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल

डिजिटल बैंकिंग के दौर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गया जिले के बोधगया प्रखंड अंतर्गत मस्तपुरा गांव निवासी एक युवक के बैंक खाते में अचानक 294 करोड़ 80 लाख रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा। खाते में इतनी बड़ी राशि देखकर युवक खुद हैरान है और पूरे इलाके में यह चर्चा का विषय बन गया है।
मस्तपुरा गांव निवासी विकास कुमार इलेक्ट्रिकल और प्लंबर मिस्त्री हैं ।उसने बताया कि उनका जियो पेमेंट्स बैंक का खाता पिछले लगभग पांच वर्षों से सक्रिय है। दो दिन पहले जब उन्होंने जियो फाइनेंस ऐप के माध्यम से अपना बैंक बैलेंस चेक किया तो खाते में 2,94,80,00,000 रुपये (294 करोड़ 80 लाख रुपये) का बैलेंस दिख रहा है।
पहली बार बैलेंस देखने पर उन्हें लगा कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी होगी, लेकिन गुरुवार शाम दोबारा बैलेंस जांचने पर भी वही राशि दिखाई दी। इसके बाद उनकी हैरानी और बढ़ गई।
विकास कुमार ने बताया कि खाते के संचालन के दौरान अब तक उनके खाते में अधिकतम 6 से 7 लाख रुपये तक का ही लेनदेन हुआ है। ऐसे में अचानक सैकड़ों करोड़ रुपये का बैलेंस दिखना उनके लिए किसी रहस्य से कम नहीं है। किसी संभावित बैंकिंग त्रुटि या तकनीकी समस्या की आशंका को देखते हुए उन्होंने खाते से राशि निकालने या किसी प्रकार का लेनदेन करने की कोशिश नहीं की।

घटना की जानकारी फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग विकास के घर पहुंचकर मामले की जानकारी लेने लगे। सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से फैलने लगा।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि खाते में दिखाई दे रही यह राशि किसी तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।