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नाम भी, जिम्मेदारी भी: गया की मंथन वाटिका में हर पौधे के साथ जुड़ा IAS अधिकारी का नाम

गया शहर के ब्रह्मयोनि पहाड़ के नीचे स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) परिसर में विकसित ‘मंथन वाटिका’ इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है। इस वाटिका की सबसे खास बात यह है कि यहां लगाए गए प्रत्येक पौधे के साथ किसी न किसी आईएएस अधिकारी का नेम प्लेट लगा हुआ है। बंजर पड़ी जमीन पर विकसित की गई यह वाटिका अब हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहचान बन गई है।
वाटिका में करीब 200 से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों पर बिहार के विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, आयुक्त, सचिव समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम अंकित हैं। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों की सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का भी संदेश दे रही है।
दिसंबर 2025 में गया स्थित बिपार्ड में बिहार सरकार द्वारा सभी आईएएस अधिकारियों के लिए एक विशेष ‘मंथन कार्यक्रम’ आयोजित किया गया था। इस दौरान राज्य के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी व्यापक चर्चा हुई थी। चर्चा के बाद ब्रह्मयोनि पहाड़ के नीचे स्थित बंजर भूमि पर सामूहिक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें सभी अधिकारियों ने अपने नाम का एक-एक पौधा लगाया और उसके पास अपना नेम प्लेट भी स्थापित किया।
इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आम लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था। आज यह मंथन वाटिका पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है।
मंथन वाटिका देखने पहुंचे स्थानीय निवासी सुशांत कुमार ने कहा कि यह पहल बेहद सराहनीय है। उन्होंने बताया कि तेजी से घटते वन क्षेत्र और बढ़ते तापमान के बीच इस तरह का वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में ये पौधे बड़े होकर लोगों को छाया, स्वच्छ हवा और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेंगे। साथ ही अधिकारियों के नाम जुड़े होने से यह पहल लोगों को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करेगी।

वहीं गया नगर निगम के नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया ने बताया कि मंथन कार्यक्रम के दौरान बिहार के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई थी। इसी सोच के तहत सभी आईएएस अधिकारियों ने वृक्षारोपण कर समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पर्याप्त जल और बेहतर पर्यावरण देना है तो प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण और जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी बनाना होगा। मंथन वाटिका इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है।
आज यह मंथन वाटिका न सिर्फ हरियाली की नई पहचान बन चुकी है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि जब प्रशासन और समाज साथ आएं तो बंजर जमीन भी पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन सकती है।

बोधगया में योग करते दिखे जीतन राम मांझी, बोले-प्रधानमंत्री मोदी की पहल से योग को मिली वैश्विक पहचान

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बोधगया के जयप्रकाश उद्यान में आयोजित भव्य योग शिविर में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया और कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि समाज और देश में शांति, सौहार्द तथा सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है। आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। योगाभ्यास के बाद उन्होंने उपस्थित लोगों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया।

जीतन राम मांझी ने कहा कि योग गुरु द्वारा कराए गए सभी अभ्यासों को उन्होंने पूरी लगन से करने का प्रयास किया। योग करने के बाद उन्हें काफी अच्छा और ऊर्जावान महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश और दुनिया को ऐसा मार्ग दिखाया है, जिससे लोगों का तन और मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। आज विश्व के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है, जो भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें तो समाज में तनाव कम होगा, आपसी भाईचारा बढ़ेगा और शांति का वातावरण मजबूत होगा। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने स्वस्थ और निरोग जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया।

NEET-UG पुनर्परीक्षा आज, गया में हाई अलर्ट, 12 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा; कोचिंग-फोटो कॉपी दुकानें रहेंगी बंद

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 की पुनर्परीक्षा के सफल एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर गया जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में सभी केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अधिकारियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि यह देश की प्रतिष्ठित परीक्षा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गया जिले में परीक्षा के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान और परीक्षा केंद्रों के आसपास की फोटो कॉपी दुकानें बंद रहेंगी। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी तथा अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, मेडिकल सुविधा, वेटिंग एरिया और अभिभावकों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को BSRTC बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी मिलेगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक विशेष बसें चलेंगी।
परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 28 स्टैटिक दंडाधिकारी, 12 महिला दंडाधिकारी, 12 गश्ती दल दंडाधिकारी और 4 जोनल दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। सभी केंद्रों पर जैमर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम सक्रिय रहेंगे।
एसएसपी ने कहा कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करेगा और किसी भी अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अतिक्रमण की शिकायत लेकर पहुंचे युवक का सीओ से विवाद,वीडियो बनाते ही भड़के सीओ! वीडियो वायरल”

बोधगया अंचल कार्यालय में शनिवार को उस समय अचानक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जब अपनी समस्या को लेकर पहुंचे एक फरियादी और अंचलाधिकारी के बीच नोकझोंक हो गई। बताया जा रहा है कि फरियादी अतिक्रमण से जुड़े मामले में पिछले चार वर्षों से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत के समाधान की मांग कर रहा था।

इसी दौरान फरियादी कार्यालय में अपनी बात रखते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगा। वीडियो बनाते देख अंचलाधिकारी नाराज हो गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भी मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि फरियादी लंबे समय से अतिक्रमण संबंधी मामले के समाधान के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। वहीं प्रशासनिक पक्ष की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आनंद मोहन का दावा: चेतन आनंद ने बचाई थी सरकार, एनडीए ने कोई कृपा नहीं की

गया के एक निजी होटल में शनिवार महाराणा प्रताप की 486 वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद आनंद मोहन शामिल हुए।
इस मौके पर पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि सीतामढ़ी में 28 जून को अश्वारोही प्रतिमा लगाने जा रहे है उसका निमंत्रण देने आए है।भविष्य में कार्य योजना है कि अपने पुराने साथियों के साथ बैठकर बिहार की मूलभूत समस्याओं पर बात की जाय।अंतिम दौर में अंतिम पाली जमकर खेली जाए इन जनसमस्याओं को लेकर।

सम्राट चौधरी के कार्यकाल पर कहा कि कार्यकाल पूरा करना चाहिए।जो एक गलत मैसेज गया नीतीश कुमार के अपदश्द करने के बाद।दूसरा गलत संदेश नहीं जाए।चुकी पिछड़ों और अतिपिछड़ों में आक्रोश है।वह बहुत हद तक सम्राट चौधरी के आने से बैलेंस हुआ है।भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से कहूँगा की जो कुछ हुआ अगर भरपाई करनी है तो छेड़छाड़ मुनासिब नहीं है।सावधान करूंगा कि आग से खेलने की कोशिश नहीं करें।सम्राट चौधरी को अपना कार्यकाल पूरा करने दें।

पुत्रमोह पर कहा कि जिसको कुछ मूल बातों से भागना है जवाब नहीं देना है तो ऐसे हीं आरोप लगेंगे।एनडीए ने कोई कृपा नहीं की थी।चेतन आनंद ने सरकार को बचाया था।शिवहर से वह एनडीए की सीट नहीं थी।मगध में औरंगाबाद से एनडीए का सीट सन्नाटा था। जीत पिछले 15 वर्षों में नहीं हुआ था।वहां जाकर हार का सन्नाटा तोड़ने का काम चेतन आनंद ने किया ।कुछ लोग पुत्रमोह और पत्नी मोह की बात करते है कार्यकर्ताओं के सवाल में हाल के दशकों में 1 उदाहरण दें कि कार्यकर्ताओं के सवाल पर जीती हुई सीट पर लात मारकर कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा हो गया हो।लवली आनंद ने वह किया।जिसको जो कहना है कहें।

थैली संस्कृति पर कहा कि यूथ फॉर डेमोक्रेसी कर आनंद मोहन निकलेंगे।जरूरी नहीं कि बड़ी सभा हो।गिरोह पार्टी के रूप ले लिया है।पार्टी,नेता के प्रति वफादारी नहीं हैं ऐसे लोगों को पकड़ पकड़ कर टिकट दिया गया फिर मेंबर बनाया गया।पहली बार जो जीतकर आया पार्टी के पुराने लोग इंतजार करते रह गए और पहली बार जितने वाले को मंत्री बना दिया गया।

नीतीश कुमार पर कहा कि यह मेरे ब्यान को कट पेस्ट किया है।हमने कहा कि निशांत कुमार की सारी सम्भावनाओं पर विराम लगा दिया गया।हमने कहा सीएम बनाओ डिप्टी सीएम मतलब चुप मंत्री।हमने डिप्टी सीएम का विरोध किया। टीम और जदयू कार्यकर्ता चाहती थी निशांत डिप्टी सीएम बने।तो लोगो ने मान नहीं रहा है।रातों रात निशांत मान भी जाते है और स्वास्थ्य मंत्री बन जाते है तो यह साज़िश थी।एक व्यक्ति को सीएम भी नहीं बनने दो और जन नेता भी नहीं बनने दो।अगर वह घूमते तो रिस्पोंस मिलता तो वह जन नेता होते।यह संभावना पर भी रोक लगाया।स्वास्थ्य मंत्री बनाकर 3 दिनों तक चैनल,फेसबुक पर ट्रॉल कराया कि बाप बेटा बीमार था इनको डॉक्टर की जरूरत थी इसलिए स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया।किसने यह चलवाया था।खोजिए जिसने ट्रोल करवाया वह हम पर दोष दे रहे है कि हमने कहा।हमने कभी नीतीश कुमार या जदयू के खिलाफ कभी अपने अभियान के दौरान नहीं कही है।जदयू में यह थैली संस्कृति पनप रही है।विसंगति फैली है। ढाई से तीन वर्षों में यह आई है नीतीश कुमार के मजबूरी का फायदा लेकर आया है।

जेपी आन्दोलन में निकले तो व्यवस्था परिवर्तन की बाते हुई थी सत्ता परिवर्तन की नहीं।आज रास्ते से सभी भटक गया।जेल में रहे यह सबको मालूम था।यह रोकने की साजिश थी।आज फिर निकले है तो रोकने की कोई साजिश हो सकती है।हम लड़ेंगे कि कहीं आने वाली पीढ़ी यह न कहे कि आनंद मोहन कायर हो गया।

बिहार में एनकाउंटर पर कहा कि किसी को भी हथियार लहराने का अधिकार लोकतंत्र नहीं देता है।लेकिन मैं हर बुलडोजर और एनकाउंटर संस्कृति का विरोधी हूं।फैसला कोर्ट करेगा।इस बात शासक जितना जल्दी समझ ले यह अच्छा है।निहत्था नहीं था।अगर निहत्था होता तो किसी की ताकत नहीं की किसी को गोली मार दें।जो विरोध कर रहे है या समर्थन कर रहे है उस पर मैं जो सही है वही बोल रहा हूं कि लोकतंत्र में रिवॉल्वर लहराने का हक नहीं है उसी तरह पुलिस को एनकाउंटर का हक नहीं है। तो फिर न्यायपालिका क्यों है।यादव है कि तिवारी है इसे लेकर हम नहीं बैठे है।
आज यह कोचिंग शिक्षा की असफलता का परिणाम है यह कोचिंग कल्चर है।फेल कर रहे है इसलिए कुकुरमुत्ते की तरह कोचिंग खुल रहे है।यह खेल जो हो रहा है वह गंदा है।चीन और पाकिस्तान को दस्तावेज बेचा है जो गद्दार की श्रेणी में आते है।उसमें कोई भारत का मुसलमान नहीं है।किसी बात पर हिंदू,मुस्लमान कनेक्शन लाना यह आनन्द मोहन का काम नहीं है।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने आप को कोई राजवंश के महाराजा से जोड़ते है तो दलित,पिछड़ा का रोना क्यों है।इसलिए महापुरुषों की घेराबंदी टूटनी चाहिये।यह संकीर्णता से उतनी चाहिए।

कोई जगतगुरु नहीं हुआ।अगर हिंदुस्तान जगतगुरु हुआ तो वह महात्मा बुद्ध थे।जब सुविधा,दूरसंचार नहीं थी उस वक्त बुद्ध ने दुनिया के दो तिहाई मुल्कों को अपने विचारों से ढकने का काम किया।उसके बाद महात्मा गांधी थे। जहां हम पैदा हुए उस समाज की दो धाराएं है।एक महाराणा प्रताप की तो दूसरी मान सिंह की है।लोग पुत्रमोह का आरोप लगाते है।जब मंत्रिमंडल की सुगबुगाहट नहीं थी।सत्ता परिवर्तन हुआ था।मुझे यहां बुलाया गया और गन पॉइंट पर इस्तीफा लिया गया।घेराबंदी जो है वह खुद का सृजन है।मगध में एक शासक पुष्यमित्र था जिसने धोखे से राजा बना था।उसी को सैकड़ो वर्षों के बाद दुहराया गया है।चाटुकार,चंडाल चौकरी लोगो ने अपरोक्ष रूप से सत्ता पर कब्जा कर लिया है।जदयू पर कब्जा किया गया एजेंट छोड़े गए है।जब तक नीतीश कुमार सचेत थे तब तक अडिग खड़ा रहा है। अतिपिछड़ों को सन्देश देना चाहते है कि 2 हीं सरकार पिछड़ों की है एक स्टालिन और दूसरा नीतीश सरकार।कोई दोषारोपण नहीं करूंगा।सभी को लगता है मंत्री बने।सभी दलों को यह होता है।इसे मै दोष नहीं दूंगा।यह दल के अंदर बैठे गद्दारों को दोष दूंगा जिसने यह कार्य को किया

अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा का संकल्प, गया पुलिस केंद्र में दीक्षांत समारोह संपन्न

गया पुलिस लाइन केंद्र में सिपाहियों के बुनियादी प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद शनिवार को दीक्षांत परेड समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में प्रशिक्षु सिपाहियों ने अनुशासन, ऊर्जा और समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव रहे। इस अवसर पर गया एसएसपी सुशील कुमार,सीटी एसपी कोटा किरण कुमार,पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) सहित कई वरीय पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।

दीक्षांत परेड के दौरान प्रशिक्षु सिपाहियों ने शानदार मार्च पास्ट और परेड का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि ने सभी प्रशिक्षुओं को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा की शपथ दिलाई तथा उन्हें सत्य और न्याय के मार्ग पर चलकर समाज एवं देश की सेवा करने का संदेश दिया।
समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित रहे, जिससे पुलिस केंद्र का माहौल उत्साह और गौरव से भर गया। प्रशिक्षण अवधि के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत किया गया।

उर्वरक वितरण में गड़बड़ी पड़ी भारी! अनियमितता मिली तो सीधे होगा लाइसेंस रद्द, 2 एफआईआर और 16 लाइसेंस रद्द

गया जिले में उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यूरिया और डीएपी के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग कर बिक्री करने वाले थोक एवं खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर सीधे लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
18 जून को आयोजित “खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जनकल्याण चौपाल एवं संवाद” कार्यक्रम में किसानों और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं ने शिकायत की कि यूरिया एवं डीएपी की आपूर्ति के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग की जा रही है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला कृषि पदाधिकारी ने संबंधित कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारियों और थोक उर्वरक विक्रेताओं से स्पष्टीकरण मांगा है।
कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि बैठक के बाद भी यदि टैगिंग की शिकायतें मिलती हैं तो संबंधित कंपनी और थोक विक्रेता को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 15110.555 मीट्रिक टन यूरिया, 3455.70 मीट्रिक टन डीएपी, 10136.870 मीट्रिक टन एनपीके, 6621.875 मीट्रिक टन एसएसपी तथा 1526.80 मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है। किसानों से डीएपी के विकल्प के रूप में अन्य मिश्रित उर्वरकों के उपयोग की भी अपील की गई है।
उन्होंने किसानों से उर्वरकों की कमी को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। उर्वरक दुकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और अब तक उर्वरक वितरण में अनियमितता के मामलों में 2 प्राथमिकी दर्ज तथा 16 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। विभाग ने साफ किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

NEET पुनर्परीक्षा को लेकर गया में हाई अलर्ट, 12 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; कोचिंग और फोटोकॉपी दुकानें रहेंगी बंद

21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा के शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त और सफल संचालन को लेकर गया जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर एसएसपी सुशील कुमार एवं डीडीसी शैलेश दास की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
गया जिले में NEET पुनर्परीक्षा के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जगजीवन कॉलेज, गया इंजीनियरिंग कॉलेज खिजरसराय, आईआईएम बोधगया, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के विभिन्न ब्लॉक, गया कॉलेज के कई भवन, केंद्रीय विद्यालय संख्या-1 एवं 2 तथा महावीर इंटर कॉलेज शामिल हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास संचालित फोटोकॉपी की दुकानों को भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी ने कहा कि यह एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं तथा अधिकारियों को लगातार भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया है।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, मेडिकल सुविधा, एंबुलेंस, वेटिंग एरिया और अभिभावकों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था की जाएगी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बीएसआरटीसी की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक विशेष बसों का संचालन होगा।
जिला प्रशासन ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की जानकारी देने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए दूरभाष संख्या 0631-2222253 जारी की गई है।

भूमाफियाओं के इशारे पर जमीन कब्जाने निकले तीन अपराधी लग्जरी वाहन से गिरफ्तार, हथियार और कारतूस बरामद

गया जिले में भूमि कब्जाने की साजिश रच रहे तीन अपराधियों को पुलिस ने हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। टाउन डीएसपी 2 धर्मेंद्र भारती ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया है। गिरफ्तार अपराधी भूमाफियाओं के इशारे पर किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने की तैयारी में थे। मामले की जांच करते हुए पुलिस इनके आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड नंबर की एक एसयूवी कार से कुछ युवक हथियार लेकर शहर की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर टाउन डीएसपी-2 धर्मेंद्र कुमार भारती के नेतृत्व में डेल्हा थाना पुलिस ने वाहन जांच अभियान चलाया। डेल्हा थाना क्षेत्र में कार को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कार से एक देसी पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने कार में सवार तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. चांद मियां, एजाज मलिक और मो. फारूक के रूप में हुई है।

 

  • टाउन डीएसपी 2 धर्मेंद्र भारती

    यह पता लगाया जा रहा है कि वे किसके कहने पर हथियार लेकर आए थे और उनका उद्देश्य क्या था। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है तथा उनसे पूछताछ जारी है।वहीं मो.चाँद मियाँ पर शहर के सिविल लाइन थाना,चंदौती थाना में जमीन कब्जा करने से संबंधित प्राथमिकी दर्ज है।इसमें एक बंगाल का रहने वाला बताया है।तीनों अपराधी पंचानपुर जा रहे है।पुलिस कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।

सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन बेचने का खुला रास्ता, जानिए सरकार की नई व्यवस्था

बिहार में प्रस्तावित सैटलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर लागू जमीन बंदी के बीच राज्य सरकार ने बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। अब ऐसे भूस्वामी, जिन्हें आर्थिक जरूरत के कारण अपनी जमीन बेचनी है, उनकी जमीन बिहार राज्य आवास बोर्ड खरीदेगा। सरकार के इस फैसले से जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक से प्रभावित हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ आम लोगों के हितों की भी रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि जिन जमीन मालिकों को तत्काल धनराशि की आवश्यकता है, वे आवेदन देकर अपनी जमीन आवास बोर्ड को बेच सकेंगे। इसके लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी भूस्वामी को नुकसान नहीं होने देगी। जमीन खरीद की प्रक्रिया तय नियमों के तहत होगी और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक संकट से उबारने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों और जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो जमीन बंदी के कारण अपनी संपत्ति बेचने में असमर्थ थे।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्य और केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण पर रोक लागू नहीं होगी। सड़क, आवास, शहरी विकास और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और हस्तांतरण की अनुमति जारी रहेगी। वहीं, जिन विकास परियोजनाओं पर पहले से काम चल रहा है, उन्हें भी प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है।

AI आधारित तस्वीर