सीज़िप्स-2026 में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर मंथन, देशभर के 500 विशेषज्ञ जुटे
सीज़िप्स-2026 में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर मंथन, देशभर के 500 विशेषज्ञ जुटे
आईजी विकास वैभव बोले- मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भ्रांतियां दूर करना जरूरी, सम्मेलन को मिला 12 सीएमई क्रेडिट घंटे का अनुमोदन
बोधगया।ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के 51वें वार्षिक सम्मेलन ‘सीज़िप्स-2026’ का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को बोधगया स्थित आईटीसी वेलकम के सभागार में हुआ। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय अकादमिक सम्मेलन में देशभर से करीब 500 मनोचिकित्सक, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता और युवा चिकित्सक शामिल हुए। सम्मेलन में मानसिक स्वास्थ्य की बदलती चुनौतियों, आधुनिक उपचार पद्धतियों और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव, डॉ. टीएसएस राव, ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा, मानद सचिव डॉ. रंजन भट्टाचार्य, आयोजन अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह और आयोजन सचिव डॉ. निस्का सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘द मेडिकल माइंडस्केप–माइंड बियॉन्ड माइंड’ रखी गई है।
इस अवसर पर आईजी विकास वैभव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व दिया जाना चाहिए। समाज में मानसिक बीमारियों को लेकर व्याप्त झिझक और भ्रांतियों को दूर करना जरूरी है। लोगों को मानसिक परेशानियों के प्रति जागरूक करने के साथ जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन नई जानकारियों के आदान-प्रदान और बेहतर उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नशे की लत से लेकर सिजोफ्रेनिया तक पर चर्चा
आयोजन सचिव डॉ. निस्का सिन्हा ने बताया कि सम्मेलन में युवाओं में नशे की लत, नशामुक्ति उपचार में नई प्रगति, एडीएचडी, प्रसवोत्तर मानसिक बीमारियों की शुरुआत एवं पुनरावृत्ति तथा मनोविकृति और सिजोफ्रेनिया के सटीक उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। सम्मेलन के अंतिम दिन जैव-चिह्नों के आधार पर सटीक मनोचिकित्सा, न्यूरोमॉड्यूलेशन और तंत्रिका-विज्ञान एवं मनोचिकित्सा के आधुनिक संबंधों पर भी चर्चा होगी।
डॉ. तनमैनी दास बनीं नई अध्यक्ष
सम्मेलन के दौरान ओडिशा की डॉ. तनमैनी दास को ईस्ट जोन इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी का नया अध्यक्ष चुना गया। निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने उन्हें मेडल पहनाकर बधाई दी।
12 सीएमई क्रेडिट घंटे की मिली मान्यता
डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार चिकित्सा पंजीकरण परिषद ने सीज़िप्स-2026 को 12 सीएमई क्रेडिट घंटे की मान्यता दी है। यह मान्यता एक अक्टूबर 2026 को जारी आदेश संख्या 6158 के तहत प्रदान की गई है। इससे पात्र चिकित्सकों को निरंतर चिकित्सा शिक्षा के निर्धारित क्रेडिट घंटे प्राप्त होंगे। सम्मेलन का समापन सम्मान समारोह, पुरस्कार वितरण और समापन कार्यक्रम के साथ होगा।

