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गुरारू में अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बंदौल और क्रांति नगर गांव के बीच लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है। शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।शव मिलने की सूचना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह शव को देखा और इसकी सूचना गुरारू थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार शव के पास से कोई पहचान पत्र या अन्य ऐसा सामान नहीं मिला है, जिससे मृतक की पहचान हो सके।

गुरारू थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि बंदौल और क्रांति नगर गांव के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि मृतक की पहचान हो सके और उसके परिजन सामने आ सकें। पहचान होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

नीट यूजी पुनर्परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बनकर बैठा ANMMCH का MBBS छात्र गिरफ्तार, प्रिंसिपल बोलीं- ऐसे छात्रों से कॉलेज की छवि हो रही धूमिल

देशभर में 21 जून रविवार को आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। परीक्षा केंद्र पर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहे एक युवक को बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ा गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के यादव नगर निवासी अर्पित सिंह के रूप में हुई है, जो गया के ANMMCH में MBBS फाइनल ईयर का छात्र है।
परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसकी पहचान को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। जांच करने पर पता चला कि वह वास्तविक अभ्यर्थी नहीं है, बल्कि किसी अन्य उम्मीदवार के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। छात्र का नाम कॉलेज रिकॉर्ड में अर्पित सिंह के नाम से दर्ज है। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो दिनों से अपने हॉस्टल से गायब था।

इस मामले पर ANMMCH की प्रिंसिपल डॉ. लता शुक्ला द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि उन्हें पहली बार इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन छात्र के हॉस्टल तक गया था, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। उसके रूममेट से भी पूछताछ की गई, लेकिन उसे छात्र के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
प्रिंसिपल ने कहा कि गिरफ्तार छात्र का मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज पुलिस, आईबी और जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा दिया गया हैं। उन्होंने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से कॉलेज की प्रतिष्ठा और छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

सड़क हादसे में घायल दसवीं के छात्र ने तोड़ा दम, शनिवार को हुआ था हादसा

गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव निवासी रामजी दास के 18 वर्षीय पुत्र संजीत कुमार की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। संजीत दसवीं कक्षा का छात्र था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
शनिवार की शाम भलुहार-मटुआ मार्ग के पास एक अज्ञात बाइक सवार ने संजीत को जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल गुरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उसे गया स्थित मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को संजीत ने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात बाइक सवार की पहचान तथा हादसे की जांच शुरू कर दी है।

अतिक्रमण की शिकायत लेकर पहुंचे युवक का सीओ से विवाद,वीडियो बनाते ही भड़के सीओ! वीडियो वायरल”

बोधगया अंचल कार्यालय में शनिवार को उस समय अचानक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जब अपनी समस्या को लेकर पहुंचे एक फरियादी और अंचलाधिकारी के बीच नोकझोंक हो गई। बताया जा रहा है कि फरियादी अतिक्रमण से जुड़े मामले में पिछले चार वर्षों से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत के समाधान की मांग कर रहा था।

इसी दौरान फरियादी कार्यालय में अपनी बात रखते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगा। वीडियो बनाते देख अंचलाधिकारी नाराज हो गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भी मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि फरियादी लंबे समय से अतिक्रमण संबंधी मामले के समाधान के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। वहीं प्रशासनिक पक्ष की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

NEET पुनर्परीक्षा को लेकर गया में हाई अलर्ट, 12 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; कोचिंग और फोटोकॉपी दुकानें रहेंगी बंद

21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा के शांतिपूर्ण, कदाचारमुक्त और सफल संचालन को लेकर गया जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर एसएसपी सुशील कुमार एवं डीडीसी शैलेश दास की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों को अभ्यर्थियों की सुविधा, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
गया जिले में NEET पुनर्परीक्षा के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें जगजीवन कॉलेज, गया इंजीनियरिंग कॉलेज खिजरसराय, आईआईएम बोधगया, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के विभिन्न ब्लॉक, गया कॉलेज के कई भवन, केंद्रीय विद्यालय संख्या-1 एवं 2 तथा महावीर इंटर कॉलेज शामिल हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परीक्षा के दिन सभी कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास संचालित फोटोकॉपी की दुकानों को भी बंद रखने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी ने कहा कि यह एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं तथा अधिकारियों को लगातार भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया गया है।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, मेडिकल सुविधा, एंबुलेंस, वेटिंग एरिया और अभिभावकों के लिए छायादार स्थान की व्यवस्था की जाएगी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बीएसआरटीसी की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक विशेष बसों का संचालन होगा।
जिला प्रशासन ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना की जानकारी देने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए दूरभाष संख्या 0631-2222253 जारी की गई है।

भूमाफियाओं के इशारे पर जमीन कब्जाने निकले तीन अपराधी लग्जरी वाहन से गिरफ्तार, हथियार और कारतूस बरामद

गया जिले में भूमि कब्जाने की साजिश रच रहे तीन अपराधियों को पुलिस ने हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। टाउन डीएसपी 2 धर्मेंद्र भारती ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया है। गिरफ्तार अपराधी भूमाफियाओं के इशारे पर किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने की तैयारी में थे। मामले की जांच करते हुए पुलिस इनके आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड नंबर की एक एसयूवी कार से कुछ युवक हथियार लेकर शहर की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर टाउन डीएसपी-2 धर्मेंद्र कुमार भारती के नेतृत्व में डेल्हा थाना पुलिस ने वाहन जांच अभियान चलाया। डेल्हा थाना क्षेत्र में कार को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान कार से एक देसी पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने कार में सवार तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. चांद मियां, एजाज मलिक और मो. फारूक के रूप में हुई है।

 

  • टाउन डीएसपी 2 धर्मेंद्र भारती

    यह पता लगाया जा रहा है कि वे किसके कहने पर हथियार लेकर आए थे और उनका उद्देश्य क्या था। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है तथा उनसे पूछताछ जारी है।वहीं मो.चाँद मियाँ पर शहर के सिविल लाइन थाना,चंदौती थाना में जमीन कब्जा करने से संबंधित प्राथमिकी दर्ज है।इसमें एक बंगाल का रहने वाला बताया है।तीनों अपराधी पंचानपुर जा रहे है।पुलिस कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।

थाने का मालखाना बना ‘लूटखाना’! 6,162 बोतल कफ सिरप गायब, 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, थानाध्यक्ष सस्पेंड

बिहार के सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जिस थाने में जब्त सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, वहीं से हजारों बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप चोरी कर बेच दिए गए। मामले का खुलासा होने के बाद चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है।

विशेष त्रि-सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जब्त 7,560 बोतल कफ सिरप में से जांच के लिए भेजी गई आठ बोतलों को छोड़कर मालखाने में 7,552 बोतलें मौजूद होनी चाहिए थीं। लेकिन जांच के दौरान वहां केवल 1,390 बोतलें ही मिलीं। यानी 6,162 बोतलें रहस्यमय तरीके से गायब थीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गायब माल को छिपाने के लिए मालखाने में 2,842 ऐसी बोतलें रखी गई थीं, जिनका निर्माण वर्ष 2026 में हुआ था। इनका ब्रांड और बैच नंबर जब्ती सूची में दर्ज बोतलों से पूरी तरह अलग था। यहीं से जांच टीम को बड़े खेल की भनक लगी।

मामले की गुप्त शिकायत डीजीपी तक पहुंचने के बाद सुपौल एसपी शरथ आरएस ने पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति में वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार और साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता को शामिल किया गया। 11 जून को सौंपी गई रिपोर्ट में मालखाने से कफ सिरप गायब होने के अलावा जब्त ट्रैक्टर के डायनमो, टायर और बैटरी बेचने तथा टोटो की बैटरी गायब करने जैसे गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि थाना परिसर के मुख्य सीसीटीवी कैमरे का 28 मई से पहले का पूरा फुटेज डिलीट कर दिया गया था। इससे आशंका जताई जा रही है कि सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी।

कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चौकीदार राहुल कुमार, अग्निशमन सिपाही रंजन राज, चालक मनीष कुमार और डायल-112 चालक अखिलेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और चोरी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूछताछ में खुली पूरी साजिश

पूछताछ में चौकीदार राहुल कुमार ने स्वीकार किया कि त्रिवेणीगंज निवासी आशीष के संपर्क में आने के बाद मालखाने से कफ सिरप निकालकर नशे के कारोबारियों को बेचा जाता था। थानाध्यक्ष के छुट्टी पर रहने के दौरान रात में माल बाहर निकाला जाता था। मामला उजागर होने लगा तो गायब स्टॉक की भरपाई दिखाने के लिए दूसरी कंपनी और अलग बैच नंबर की हजारों बोतलें मालखाने में रख दी गईं।
राहुल ने यह भी कबूल किया कि इससे पहले जब्त शराब, कफ सिरप, बाइक के पार्ट्स और टोटो की बैटरियां भी चोरी कर बेची गई थीं और उससे होने वाली कमाई आरोपियों के बीच बांटी जाती थी

सुपौल एसपी शरथ आरएस ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद त्रि-सदस्यीय टीम से जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया लापरवाही और गंभीर अनियमितता सामने आने पर थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया है। साथ ही चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस और चोरी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अनुसंधान के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: गया के नए सिटी एसपी बने अभिनव

बिहार सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 29 अधिकारियों का तबादला किया है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आईपीएस अधिकारी अभिनव को गया का नया सिटी एसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) नियुक्त किया गया है। उनके पदभार संभालने के साथ ही शहर की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर नई रणनीति की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्यव्यापी फेरबदल के तहत 13 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। गया के नगर पुलिस अधीक्षक रहे कोटा किरण कुमार को जहानाबाद का एसपी बनाया गया है। वहीं, सहरसा के एसपी हिमांशु को शेखपुरा, शिवहर के एसपी शुभांक मिश्रा को वैशाली और बांका के एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा को औरंगाबाद का एसपी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग को सहरसा, पटना पूर्वी के सिटी एसपी परिचय कुमार को कटिहार तथा पटना पश्चिमी के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह को खगड़िया का एसपी बनाया गया है।
गृह विभाग के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा पुलिसिंग में प्रभावशीलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लापरवाही और अनियमितता पर राजस्व कर्मचारी की दो वेतन वृद्धि रोकी गई,डीएम ने की कार्रवाई

गया जिले के अंचल कार्यालय डोभी में कार्यरत राजस्व कर्मचारी कुमार नाथ उपाध्याय के खिलाफ सरकारी कार्यों के समय पर निष्पादन नहीं करने और कार्यों में अनियमितता बरतने की शिकायत सही पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।
प्राप्त शिकायत पर गया डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर मामले की जांच एक जांच समिति के माध्यम से कराई गई। जांच प्रतिवेदन में राजस्व कर्मचारी पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए।

जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने संबंधित राजस्व कर्मचारी के विरुद्ध असंचयी प्रभाव से दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
डीएम शशांक शुभंकर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी

मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, एक बना डुप्लीकेट अभ्यर्थी तो दूसरा निकला हाईटेक नकलची

गया में मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान नकल और फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। बुधवार को परीक्षा के दौरान दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करने के आरोप में दो परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया।
शहर के एएन कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पहली पाली की परीक्षा के दौरान सहरसा निवासी आशीष कुमार को बबलू कुमार के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। जांच के दौरान उसकी पहचान फर्जी पाई गई, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
वहीं, रामरुचि कन्या प्लस-2 स्कूल परीक्षा केंद्र से नालंदा निवासी प्रिंस कुमार को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से नकल करते हुए पकड़ा गया। परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
दोनों मामलों में केंद्राधीक्षकों के बयान पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकल और फर्जी परीक्षा देने के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।